रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल हत्याकांड में टीआई बने पुजारी, पुलिस ने बनाई भजन मंडली; जानिए कैसे सफल हुआ ये ऑपरेशन
राकेश अग्रवाल हत्याकांड में भोपाल पुलिस ने एक महीने तक आरोपी की रेकी की। आगरा में भजन मंडली बनकर पुलिस ने वरुण कुमार वाल्मीकि को पकड़ा।
भोपाल के रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल हत्याकांड में आरोपी वरुण कुमार वाल्मीकि की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की जांच का दिलचस्प तरीका सामने आया है। भोपाल पुलिस की 10 टीमों ने करीब एक महीने तक आरोपी की रेकी की। उसे पकड़ने के लिए पुलिसकर्मियों ने आगरा में भेष बदला और भजन मंडली तक बना ली। इस दौरान टीमों ने अपनी पहचान छिपाकर आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी, ताकि उसे पुलिस की मौजूदगी का शक न हो।
आगरा में बदला पुलिसकर्मियों का भेष
आरोपी वरुण कुमार वाल्मीकि की तलाश में भोपाल पुलिस की टीमें करीब एक महीने तक आगरा में अलग-अलग जगहों पर सक्रिय रहीं। पुलिसकर्मी आम लोगों की तरह इलाके में रहते और आते-जाते रहे। उन्होंने अपनी पहचान छिपाकर रखी, जिससे आरोपी को उनकी गतिविधियों पर संदेह न हो। इस पूरी कार्रवाई में पुलिस की 10 टीमें अलग-अलग तरीके से निगरानी कर रही थीं।
पुजारी बने रातीबड़ टीआई
इस कार्रवाई में रातीबड़ थाना प्रभारी रासबिहारी शर्मा ने मुख्य पुजारी का रूप धारण किया था। वहीं, अन्य पुलिसकर्मियों ने भजन मंडली बनाई। इस भेष में वे इलाके में घूमते और लोगों के बीच सामान्य तरीके से रहते थे। इससे पुलिस को बिना किसी का ध्यान खींचे आरोपी पर नजर रखने में मदद मिली।
भजन गाकर आरोपी तक पहुंची पुलिस
पुलिसकर्मियों की भजन मंडली में 'मैंने तेरे ही भरोसे, हनुमान ने पार लगाई पुलिस की नैया' जैसे भजन भी गाए गए। भजन मंडली के रूप में पुलिसकर्मी लगातार अपनी गतिविधियां जारी रखे हुए थे। इस दौरान उनका मकसद आरोपी की लोकेशन और उसकी गतिविधियों की जानकारी जुटाना था। करीब एक महीने तक चली इस निगरानी के बाद पुलिस को आरोपी तक पहुंचने में सफलता मिली।
झुग्गी से पकड़ा गया आरोपी
लगातार निगरानी और तलाश के बाद पुलिस ने आरोपी वरुण कुमार वाल्मीकि को आगरा में बस स्टैंड के पीछे बनी एक झुग्गी से पकड़ लिया। पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे हिरासत में लिया। इस तरह भजन मंडली और पुजारी के भेष में की गई कार्रवाई आरोपी तक पहुंचने में अहम साबित हुई।




-1.jpeg&w=3840&q=75)
