MP में 'मुरासु' का असर: आज 5 जिलों में बारिश का अलर्ट, तापमान में होगी गिरावट; धनतेरस से मौसम होगा साफ
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के भोपाल केंद्र की चेतावनी के अनुसार, 4 नवंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है। पश्चिमी मध्य प्रदेश के लिए फिलहाल कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।

MP Weather Update: मध्य प्रदेश में नवंबर की शुरुआत के साथ ही मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की संभावना है, वहीं पूर्वी मध्य प्रदेश में रात के तापमान में गिरावट आने से ठंड का असर बढ़ सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, 4 नवंबर को दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में बादल छाने और हल्की बारिश होने के आसार हैं।
इन जिलों में बारिश की संभावना
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश के सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी और अनूपपुर में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। कुछ अन्य इलाकों में भी बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। हालांकि, बारिश की संभावना पूरे प्रदेश में एक जैसी नहीं है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के भोपाल केंद्र की चेतावनी के अनुसार, 4 नवंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है। पश्चिमी मध्य प्रदेश के लिए फिलहाल कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।
पूर्वी मध्य प्रदेश में दो डिग्री तक गिर सकता है पारा
बारिश की संभावना के बीच प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में रात का तापमान नीचे जाने के संकेत हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ इलाकों में न्यूनतम तापमान करीब दो डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। इससे सुबह और रात के समय ठंड ज्यादा महसूस होगी।
हालांकि, दिन में तेज धूप निकलने के कारण गर्माहट बनी रह सकती है। यानी लोगों को दिन में हल्की गर्मी और रात में ठंड का सामना करना पड़ सकता है। नवंबर के पहले सप्ताह में तापमान का यह अंतर मौसम को लगातार बदलता हुआ महसूस करा सकता है।
भोपाल-इंदौर में बारिश की कम संभावना
राजधानी भोपाल और इंदौर में 4 नवंबर को बारिश की संभावना कम बताई गई है। यहां दिन के समय धूप निकल सकती है, जबकि रात के तापमान में गिरावट से ठंड बढ़ने का अहसास होगा।
जबलपुर समेत पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में मौसम का असर अलग-अलग रह सकता है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों को अपने जिले के मौसम की जानकारी लेते रहना चाहिए।
तूफान मुरासु का भी दिख रहा असर
मध्य प्रदेश के मौसम में बदलाव के पीछे दक्षिण भारत की ओर सक्रिय मौसमी प्रणाली का असर भी बताया जा रहा है। तूफान ‘मुरासु’ के कारण देश के मध्य और पूर्वी हिस्सों में मौसम की गतिविधियां बढ़ी हैं। इसके प्रभाव से मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में बादल, बारिश और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। हालांकि, प्रदेश में भारी बारिश जैसी स्थिति के बजाय हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना अधिक है।
किसानों और आम लोगों को सावधानी की सलाह
गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति में खुले मैदानों में रहने से बचना चाहिए। किसानों को भी मौसम का पूर्वानुमान देखकर खेतों में काम करने की सलाह दी जाती है। बारिश के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में होने वाले बदलाव पर नजर रखना जरूरी है। खासकर पूर्वी मध्य प्रदेश में रात की ठंड बढ़ने के संकेत हैं।


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