Strait of Hormuz : तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर तेज हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान के एक मालवाहक जहाज को अपने कब्जे में ले लिया है। टॉस्का नामक यह जहाज होर्मुज स्ट्रेट को पार करने की कोशिश कर रहा था, जिसे अमेरिकी डेस्ट्रॉयर USS स्प्रूअन्स ने रोका।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) ने बताया कि जहाज ने चेतावनियों को नजरअंदाज किया, जिसके बाद अमेरिकी मरीन ने कार्रवाई करते हुए उसे अपने नियंत्रण में ले लिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि जहाज पूरी तरह अमेरिकी नियंत्रण में है और इसकी जांच की जा रही है।
अमेरिका ने ईरानी व्यापारिक जहाज पर की फायरिंग
दूसरी तरफ ईरान ने इस कार्रवाई को सीजफायर का उल्लंघन बताया है। ईरान के हजरत खातम अल-अनबिया सैन्य मुख्यालय के अनुसार, अमेरिका ने ओमान की खाड़ी में ईरान के एक व्यापारिक जहाज पर फायरिंग की, जिससे उसका नेविगेशन सिस्टम खराब हो गया। तस्नीम मीडिया के मुताबिक, यह जहाज चीन से ईरान जा रहा था। ईरान ने इस घटना को समुद्री डकैती करार दिया है और जल्द जवाब देने की बात कही है।
होर्मुज स्ट्रेट में दो भारतीय जहाजों पर फायरिंग
पिछले 24 घंटों में कई बड़े घटनाक्रम सामने आए हैं। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में दो भारतीय जहाजों पर फायरिंग की। कुल 14 जहाजों को रोका गया, जिनमें से 13 वापस लौट गए।
इस घटना पर भारत ने कड़ा विरोध जताते हुए ईरानी राजदूत को तलब किया। इसके साथ ही ईरान ने अमेरिका पर सीजफायर उल्लंघन का आरोप लगाते हुए होर्मुज स्ट्रेट को फिर से बंद कर दिया है।
Share Market Today : सेंसेक्स 500 अंक चढ़ा, निफ्टी 24,353 के पार बंद
शांति वार्ता के दूसरे दौर शामिल होने से ईरान का इंकार
इस बीच, पाकिस्तान के इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता के दूसरे दौर पर भी संशय गहरा गया है। ईरान ने इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया है। अमेरिका की मांगों और शर्तों को इसका मुख्य कारण बताया गया है। वहीं, अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का पाकिस्तान दौरा भी टल गया है।
राष्ट्रपति ट्रम्प ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कहा कि वेंस इस्लामाबाद नहीं जाएंगे। ट्रम्प ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि शांति समझौते के लिए यह आखिरी मौका है और वह पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा जैसी गलती नहीं दोहराएंगे।
अमेरिका UAE को दे सकता है आर्थिक सहायता
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भी संभावित युद्ध के असर को लेकर चिंतित है। रिपोर्ट के मुताबिक, UAE ने अमेरिका के साथ आर्थिक सहयोग को लेकर शुरुआती बातचीत शुरू की है। यदि हालात बिगड़ते हैं, तो अमेरिका UAE को आर्थिक सहायता दे सकता है, ताकि उसकी अर्थव्यवस्था पर अचानक दबाव न पड़े।
हालांकि, अभी तक UAE की ओर से कोई आधिकारिक मांग नहीं की गई है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन लंबा युद्ध आर्थिक संकट पैदा कर सकता है।
ईरान की आंतरिक राजनीति में भी बदलाव
ईरान की आंतरिक राजनीति में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने देश की सेना और बातचीत प्रक्रिया पर अपना नियंत्रण मजबूत कर लिया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, मेजर जनरल अहमद वहिदी अब मुजतबा खामेनेई के बाद सबसे प्रभावशाली नेता बनकर उभरे हैं। उनका प्रभाव विदेश मंत्री और संसद अध्यक्ष से भी ज्यादा बताया जा रहा है।
Manipur Violence 2026 : क्या हो रहा मणिपुर में? इम्फाल में कर्फ्यू! मशाल लिए हजारों लोग सड़कों पर
अमेरिकी नौसैनिक कर रहे सीजफायर का उल्लंघन
ईरान और अमेरिका के बीच जारी सीजफायर 22 अप्रैल को समाप्त होने वाला है। इससे पहले ही ईरान ने बातचीत से दूरी बना ली है। ईरान का आरोप है कि अमेरिका की अव्यवहारिक शर्तें, बार-बार रुख बदलना और विरोधाभासी बयानबाजी बातचीत में बाधा बन रही है। ईरान ने यह भी कहा कि अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी सीजफायर समझौते का उल्लंघन है और इससे हालात और बिगड़ रहे हैं।
मुफ्त में नहीं दी जाएगी होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा
ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ (Mohammad Reza Aref) ने स्पष्ट कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा मुफ्त में नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर ईरान के तेल निर्यात पर रोक लगाई जाती है, तो अन्य देशों को भी सुरक्षित रास्ता नहीं मिल सकता। उन्होंने दो टूक कहा कि या तो सभी के लिए तेल बाजार खुला रहेगा या फिर सभी को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।
कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल
इस बढ़ते तनाव का असर वैश्विक बाजारों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बिगड़ते हालात के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड 6 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर करीब 96 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया है।
इसके चलते भारत सहित कई देशों में पेट्रोल की कीमतें बढ़ गई हैं। नई दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपए प्रति लीटर, बांग्लादेश में 90.95 रुपए, पाकिस्तान में 122.42 रुपए, भूटान में 97.88 रुपए, चीन में 130.11 रुपए और श्रीलंका में 134.86 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गया है।