Hormuz Strait Closed : तेहरान। होर्मुज स्ट्रेट पर एक बार फिर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। ईरान ने शनिवार को ऐलान किया कि इस अहम समुद्री रास्ते पर दोबारा सख्त सैन्य नियंत्रण लागू कर दिया गया है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के प्रवक्ता इब्राहिम जुलफागरी ने कहा कि हालात अब पहले जैसे कड़े नियंत्रण में आ गए हैं और जब तक अमेरिका प्रतिबंध नहीं हटाता, तब तक यह स्थिति जारी रहेगी।
जहाजों पर फायरिंग, बढ़ी चिंता
समुद्री यात्रा सेवा टैंकर ट्रैकर्स के अनुसार, होर्मुज से गुजरने की कोशिश कर रहे कम से कम दो जहाजों पर फायरिंग की गई। इस घटना ने तेल टैंकरों और उनके चालक दल की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।
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हर जहाज को लेनी होगी अनुमति
ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने कहा कि अब इस रास्ते से गुजरने वाले हर व्यापारिक जहाज को IRGC की नौसेना से अनुमति लेनी होगी। यानी होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह सैन्य निगरानी में रहेगा।
थोड़ी राहत के बाद फिर बढ़ा तनाव
16 अप्रैल को लेबनान और इजरायल के बीच युद्धविराम के बाद कुछ समय के लिए इस रास्ते को खोला गया था। उस दौरान आठ तेल टैंकर यहां से गुजरे भी, जिससे उम्मीद जगी थी कि सप्लाई सामान्य हो सकती है। हालांकि कई जहाज बीच रास्ते से ही लौटते दिखे, जिससे साफ था कि स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हुई थी।
अमेरिका पर लगाए गंभीर आरोप
ईरान ने अमेरिका पर ‘समुद्री लूट’ और नाकेबंदी का आरोप लगाया है। ईरान का कहना है कि अमेरिका उसके जहाजों को रोक रहा है, इसलिए वह भी अन्य देशों के जहाजों को नियंत्रित कर रहा है। इस पूरे तनाव के पीछे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त नीति को वजह बताया जा रहा है।
तेल सप्लाई पर गहरा असर
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के अनुसार, यह स्थिति वैश्विक तेल सप्लाई के लिए बड़ा संकट बन गई है। हर दिन एक करोड़ बैरल से ज्यादा तेल प्रभावित हो रहा है, जबकि दुनिया की गैस सप्लाई में करीब 20 प्रतिशत की कमी आई है। इसका सीधा असर पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों पर पड़ रहा है।
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वैश्विक अर्थव्यवस्था पर खतरा
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के कुल तेल सप्लाई का लगभग 20 प्रतिशत रास्ता है। ऐसे में इसका बंद होना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर खतरा माना जा रहा है।
पिछले कुछ समय से जारी तनाव और नाकेबंदी के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल रहा है और कई देशों में ईंधन आपूर्ति प्रभावित हुई है।
राहत की उम्मीद फिर टूटी
हाल ही में होर्मुज के खुलने की खबर से दुनिया को राहत मिली थी, लेकिन अब दोबारा सख्ती लागू होने से स्थिति फिर से गंभीर हो गई है। आने वाले दिनों में अगर तनाव कम नहीं हुआ, तो इसका असर सीधे आम लोगों की जेब पर पड़ सकता है।