MP Congress Crisis : भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल लगातार तेज होती जा रही है। बीजेपी द्वारा तीसरी सीट पर उम्मीदवार उतारे जाने के बाद कांग्रेस खेमे में भी गतिविधियां बढ़ गई हैं। क्रॉस वोटिंग की अटकलों के बीच कांग्रेस ने अपने विधायकों को एकजुट रखने की कवायद शुरू कर दी है। इसी बीच पार्टी की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन ने नामांकन दाखिल किया, लेकिन उनके नाम पर पार्टी के भीतर विरोध भी सामने आ गया।
नामांकन के दौरान कांग्रेस ने दिखाई पूरी ताकत
सोमवार को मीनाक्षी नटराजन ने विधानसभा पहुंचकर अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस दौरान उनके साथ प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत कई वरिष्ठ नेता और विधायक मौजूद रहे। नामांकन के दौरान कांग्रेस नेतृत्व अतिरिक्त सतर्क नजर आया और पूरी प्रक्रिया पर करीबी नजर रखी गई।
एक-एक विधायक पर रखी गई नजर
नामांकन दाखिल करने के दौरान कांग्रेस नेताओं ने किसी भी तरह की चूक से बचने की कोशिश की। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने स्वयं मोर्चा संभाला और विधायकों को एक-एक कर रिटर्निंग ऑफिसर के पास भेजा। राज्यसभा चुनाव को लेकर पार्टी की गंभीरता इस दौरान साफ दिखाई दी।
नामांकन के बाद मीनाक्षी नटराजन का बड़ा दावा
नामांकन पत्र जमा करने के बाद मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि यह केवल चुनाव नहीं बल्कि विचारधाराओं की लड़ाई है। उन्होंने भरोसा जताया कि कांग्रेस के सभी विधायक एकजुट हैं और पार्टी मजबूती के साथ चुनाव मैदान में उतरी है।
उम्मीदवारी के विरोध में वरिष्ठ नेता का इस्तीफा
राज्यसभा उम्मीदवार घोषित होने के बाद पार्टी के भीतर असंतोष की खबरें भी सामने आने लगी हैं। भोपाल के वरिष्ठ कांग्रेस नेता नरेश ज्ञानचंदानी ने मीनाक्षी नटराजन की उम्मीदवारी का विरोध करते हुए पार्टी से इस्तीफा दे दिया। वे लंबे समय से कांग्रेस से जुड़े रहे हैं और हुजूर विधानसभा सीट से पार्टी के टिकट पर चुनाव भी लड़ चुके हैं। उनके इस्तीफे ने कांग्रेस के अंदर चल रही नाराजगी की चर्चाओं को और हवा दे दी है।
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बीजेपी पर लगाए गंभीर आरोप
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि तीसरी राज्यसभा सीट के लिए उसके पास पर्याप्त संख्या बल नहीं है, फिर भी उम्मीदवार उतारा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायकों की खरीद-फरोख्त के जरिए लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।
क्रॉस वोटिंग की चर्चाओं पर कांग्रेस का जवाब
राज्यसभा चुनाव को लेकर प्रदेश में क्रॉस वोटिंग की चर्चाएं तेज हैं, लेकिन कांग्रेस नेतृत्व लगातार यह दावा कर रहा है कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है। जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस का कोई विधायक पार्टी लाइन से अलग नहीं जाएगा और सभी मिलकर चुनाव लड़ेंगे।
‘हर हाल में राज्यसभा भेजेंगे’
जीतू पटवारी ने विश्वास जताया कि कांग्रेस अपने उम्मीदवार को राज्यसभा भेजने में सफल रहेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी मजबूती के साथ चुनाव मैदान में है और सभी विधायक एकजुट होकर मीनाक्षी नटराजन के समर्थन में खड़े हैं।