Rahul Gandhi Citizenship : राहुल के केस से हटे जज सुभाष विद्यार्थी, रिश्वत का लगा आरोप

Rahul Gandhi Citizenship : लखनऊ। कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की कथित दोहरी नागरिकता से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। जस्टिस सुभाष विद्यार्थी (Subhash Vidyarthi) ने सोमवार को इस मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया। जज ने यह फैसला याचिकाकर्ता की सोशल मीडिया पोस्ट पर नाराजगी जताते हुए लिया। सोशल मीडिया पोस्ट बनी वजह याचिकाकर्ता ने एक पोस्ट में लिखा था कि यदि किसी ने पैसा लिया है तो उसे वापस कर दे, अन्यथा जेल जाना होगा। हालांकि पोस्ट में जज का नाम नहीं लिया गया था, लेकिन इसे अदालत पर टिप्पणी के रूप में देखा गया। इसी को लेकर जज ने कड़ी आपत्ति जताई। Rahul Gandhi FIR : राहुल गांधी पर FIR दर्ज करने का आदेश, दोहरी नागरिकता केस में बढ़ी मुश्किलें पहले FIR का आदेश, फिर बदला फैसला दरअसल, 17 अप्रैल को जज ने राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने और मामले की जांच CBI से कराने का आदेश दिया था। लेकिन अगले ही दिन उन्होंने अपना आदेश बदलते हुए कहा कि राहुल गांधी को नोटिस जारी किए बिना फैसला देना उचित नहीं है। आदेश बदलने के बाद किए गए पोस्ट आदेश बदलने के बाद याचिकाकर्ता विग्नेश शिशिर ने 18 अप्रैल को एक घंटे के भीतर X पर दो पोस्ट किए। पहली पोस्ट में उन्होंने केस की स्थिति स्वीकार होने की बात कही। दूसरी पोस्ट में उन्होंने रिश्वत और इंटरसेप्ट कॉल का जिक्र करते हुए चेतावनी दी, हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया। कोर्ट में जज और याचिकाकर्ता के बीच बहस सुनवाई के दौरान जज सुभाष विद्यार्थी ने याचिकाकर्ता से सवाल किया कि पीठ पीछे कीचड़ उछालना कैसे उचित है और क्या अदालत के खिलाफ बोलना सही है। इस पर याचिकाकर्ता ने कहा कि पोस्ट अदालत के लिए नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए थी जो उन पर दबाव बना रहे थे। जज ने टिप्पणी की कि आवेदक ने राजनीतिक फायदे के लिए कोर्ट का इस्तेमाल किया। Sonia Gandhi FIR : राहुल के बाद अब सोनिया गांधी के खिलाफ FIR की मांग,कोर्ट ने लिखित में मांगा जवाब कोर्ट की छवि खराब करने का आरोप जज ने कहा कि सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट अदालत की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आवेदक जनता से राय मांग रहा है कि क्या इस बेंच के सामने मामला जारी रखना चाहिए, जो उचित नहीं है। इसके बाद जज ने खुद को इस केस से अलग कर लिया। 2019 में सुप्रीम कोर्ट खारिज कर चुका है याचिका इससे पहले साल 2019 में SCने राहुल गांधी की नागरिकता से जुड़ी इसी तरह की याचिका खारिज कर दी थी। तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई (Ranjan Gogoi) ने कहा था कि किसी कंपनी द्वारा किसी फॉर्म में राहुल गांधी को ब्रिटिश नागरिक बताने से वे ब्रिटिश नागरिक नहीं हो जाते। राहुल गांधी पर पहले से चल रहे मामले राहुल गांधी के खिलाफ उत्तर प्रदेश में कई मामले चल रहे हैं। सुल्तानपुर में मानहानि केस, लखनऊ में वीर सावरकर से जुड़ा मामला और हाथरस में एक अन्य मानहानि केस शामिल है। इन मामलों में अलग-अलग अदालतों में सुनवाई जारी है। Modi-Rahul Viral Video : संसद परिसर में राहुल गांधी से मिले PM नरेंद्र मोदी, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल मोदी सरनेम केस में जा चुकी थी सांसदी मोदी सरनेम केस में गुजरात की एक अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद 24 मार्च 2023 को राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता रद्द कर दी गई थी। हालांकि बाद में सुप्रीम कोर्ट ने 4 अगस्त 2023 को उनकी सजा पर रोक लगा दी, जिसके बाद 7 अगस्त को उनकी सदस्यता बहाल कर दी गई। FIR के बाद क्या होगी प्रक्रिया हाईकोर्ट के एडवोकेट अखंड सिंह के अनुसार, FIR दर्ज होने के बाद पुलिस जांच शुरू करेगी, जिसमें नागरिकता और पासपोर्ट से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जाएगी। राहुल गांधी को नोटिस भेजकर पूछताछ की जा सकती है। जांच के आधार पर गिरफ्तारी या राहत तय होगी। अंत में पुलिस चार्जशीट दाखिल कर सकती है या क्लोजर रिपोर्ट दे सकती है। अगर मामला ट्रायल तक जाता है तो कोर्ट में सबूत और गवाहों के आधार पर फैसला होगा।
MP Poster War : महिला आरक्षण को लेकर पोस्टर वार शुरू, राहुल- ममता समेत विपक्ष को बताया ‘परजीवी’

MP Poster War : मध्य प्रदेश। भोपाल में महिला आरक्षण के मुद्दे को लेकर सियासत तेज हो गई है। यह मुद्दा अब सदन से निकलकर सड़कों तक पहुंच चुका है। राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जिससे माहौल गर्माता जा रहा है। पोस्टर वार से बढ़ा विवाद महिला आरक्षण (women’s reservation) को लेकर राजधानी में पोस्टर वार शुरू हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने इस मुद्दे पर पोस्टर लगाकर विपक्ष पर निशाना साधा है। इन पोस्टरों के जरिए राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की गई है। बीजेपी का विपक्ष पर तीखा हमला बीजेपी द्वारा लगाए गए पोस्टरों में विपक्षी नेताओं को निशाने पर लिया गया है। पोस्टर में विपक्षी नेताओं को “परजीवी” बताया गया है, जिससे राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है। Bhopal Nari Aakrosh Rally : भोपाल में महिला आरक्षण बिल गिरने के विरोध में पद यात्रा, सीएम बोले- अपना अपमान कभी नहीं भूलती नारी इन नेताओं को बनाया गया निशाना पोस्टर में राहुल गांधी (Rahul Gandhi), अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) , एम. के. स्टालिन (M. K. Stalin) और ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) को महिलाओं के आरक्षण को “खाने वाला” बताया गया है। इससे राजनीतिक बयानबाजी और अधिक आक्रामक हो गई है। बीजेपी मीडिया विभाग ने लगाया पोस्टर यह पोस्टर भाजपा मीडिया विभाग के सह प्रभारी अंशुल तिवारी द्वारा लगाया गया है। पोस्टर को बीजेपी कार्यालय के बाहर लगाया गया है, जहां से यह चर्चा का विषय बन गया है।
Lenskart Controversy : एक्टिविस्ट नाजिया खान ने हिंदू वर्कर्स को लगाया तिलक, ड्रेस कोड विवाद के बाद एक और वीडियो वायरल

Lenskart Controversy : मुंबई। आईवियर रिटेल कंपनी लेंसकार्ट (Lenskart) इन दिनों अपने ड्रेस कोड विवाद और एक वायरल वीडियो के चलते चर्चा में है। पहले कंपनी के कथित ड्रेस कोड को लेकर धार्मिक प्रतीकों पर भेदभाव के आरोप लगे, फिर शोरूम में तिलक लगाने का वीडियो सामने आने के बाद यह मामला और गरमा गया। कंपनी ने अब सफाई जारी कर अपनी पॉलिसी स्पष्ट की है। क्या था पूरा ड्रेस कोड विवाद? विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब सोशल मीडिया पर एक कथित ड्रेस कोड डॉक्यूमेंट वायरल हुआ। इसमें कर्मचारियों के लिए बिंदी, तिलक और कलावा जैसे धार्मिक प्रतीकों पर पाबंदी की बात कही गई थी। वहीं हिजाब और पगड़ी की अनुमति दी गई थी, जिससे अलग-अलग धार्मिक प्रतीकों के साथ असमान व्यवहार के आरोप लगे। डॉक्यूमेंट में यह भी कहा गया था कि सिंदूर सीमित मात्रा में लगाया जाए और हिजाब का रंग काला होना चाहिए। इन निर्देशों को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ी। Pachpadra Refinery Fire : राजस्थान की पचपदरा रिफाइनरी में लगी आग, कल PM मोदी करने वाले हैं उद्घाटन कर्मचारियों ने लगाए गंभीर आरोप पुणे के कुछ पूर्व कर्मचारियों ने दावा किया कि धार्मिक प्रतीकों को लेकर उन्हें नुकसान उठाना पड़ा। एक पूर्व मैनेजर के अनुसार, कलावा पहनने पर ऑडिट अंक काटे गए। वहीं दूसरे कर्मचारी ने आरोप लगाया कि इस मुद्दे को उठाने के बाद उन्हें कोई जवाब नहीं मिला और बाद में नौकरी पर भी असर पड़ा। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि सार्वजनिक रूप से नहीं हुई है। कंपनी की सफाई और नई गाइडलाइन विवाद बढ़ने के बाद लेंसकार्ट ने आधिकारिक बयान जारी किया। कंपनी ने कहा कि वायरल दस्तावेज एक पुरानी ट्रेनिंग फाइल थी, न कि आधिकारिक HR पॉलिसी। कंपनी ने स्पष्ट किया कि बिंदी, तिलक, सिंदूर, कलावा, कड़ा, हिजाब, पगड़ी जैसे सभी धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों का सम्मान किया जाता है। Bhopal Engineer Rape : सुसाइड की धमकी देकर GF को बुलाया फिर किया रेप, वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करता था मोहम्मद आकिब साथ ही कहा गया कि कर्मचारी अपनी आस्था और पहचान के साथ काम पर आ सकते हैं। लेंसकार्ट ने यह भी कहा कि अगर किसी को ठेस पहुंची है तो उसे खेद है और अब नई स्टाइल गाइड को पारदर्शी तरीके से लागू किया जा रहा है। CEO का बयान: गलती मानी, जिम्मेदारी ली कंपनी के संस्थापक और CEO पीयूष बंसल (Peyush Bansal) ने कहा कि विवादित लाइन पहले ही हटा दी गई थी। उन्होंने माना कि इसे समय रहते पहचान नहीं पाए, जिसकी जिम्मेदारी वे लेते हैं। उन्होंने दोहराया कि कंपनी सभी सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं का सम्मान करती है। तिलक वीडियो ने बढ़ाया विवाद इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें नाज़िया इलाही खान (Nazia Elahi Khan) एक लेंसकार्ट शोरूम में जाकर कर्मचारियों को तिलक लगाती नजर आईं। इस वीडियो ने पूरे विवाद को और हवा दे दी। वीडियो के सामने आने के बाद कार्यस्थल पर धार्मिक गतिविधियों की सीमा को लेकर बहस तेज हो गई। Nashik NGO Conversion : नागपुर में नासिक TCS जैसा केस! NGO की आड़ में धर्मांतरण का खेल, महिलाएं निशाने पर विरोध और राजनीतिक प्रतिक्रिया पूर्व महापौर आशु वर्मा सोमवार दोपहर को आरडीसी स्थित लेंसकार्ट के शोरूम पर पहुंचे। उन्होंने यहां मौजूद प्रबंधक और कर्मचारियों को इकट्ठा कर दो टूक कहा कि लेंसकार्ट प्रबंधन के हिंदू कर्मचारियों पर तिलक लगाकर, कलावा बांधकर या अन्य कोई धार्मिक प्रतीकों के साथ प्रतिष्ठान और कार्यालय पर प्रतिबंध लगाकर सनातनियों को छेड़ने का काम किया है। यह कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। कंपनी ने विवादित ड्रेस कोड किया रद्द बढ़ते विरोध के बीच कंपनी ने विवादित ड्रेस कोड को रद्द करने की बात कही। कंपनी ने दोहराया कि वह पेशेवर माहौल के साथ-साथ भारत की सांस्कृतिक विविधता का सम्मान करती है और आगे भी नीतियों की समीक्षा जारी रखेगी।
Pachpadra Refinery Fire : PM मोदी के पहुंचने से पहले ही धूं-धूं कर जल गई रिफाइनरी, कई किलोमीटर दूर तक दिखा धुएं का गुबार

Pachpadra Refinery Fire : राजस्थान। बाड़मेर जिले के बालोतरा स्थित पचपदरा रिफाइनरी में उद्घाटन से एक दिन पहले सोमवार दोपहर करीब 2 बजे CDU (क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट) में अचानक आग लग गई। आग लगने के साथ ही रिफाइनरी परिसर से घना धुआं उठता दिखाई दिया, जिससे आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया। घटना के तुरंत बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। धुआं उठते ही एक्टिव हुआ फायर सेफ्टी सिस्टम प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार CDU यूनिट से अचानक धुआं उठने लगा, जिसके बाद वहां मौजूद कर्मचारियों ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए फायर सेफ्टी सिस्टम चालू कर दिया। शुरुआती स्तर पर सिस्टम के जरिए आग को नियंत्रित करने की कोशिश की गई, ताकि वह रिफाइनरी के अन्य हिस्सों में न फैल सके। Lenskart Controversy : एक्टिविस्ट नाजिया खान ने हिंदू वर्कर्स को लगाया तिलक, ड्रेस कोड विवाद के बाद एक और वीडियो वायरल दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और आग बुझाने के प्रयास शुरू कर दिए गए। खास बात यह रही कि प्रधानमंत्री की प्रस्तावित सभा के लिए तैनात दमकल वाहन भी तुरंत रिफाइनरी परिसर की ओर रवाना कर दिए गए। दमकल कर्मियों ने तेजी से मोर्चा संभालते हुए आग पर काबू पाने की कोशिश की। एहतियात के तौर पर क्षेत्र खाली कराया सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे रिफाइनरी क्षेत्र को तुरंत खाली करा लिया गया। वहां मौजूद सभी कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, जिसे राहत की खबर माना जा रहा है। दो घंटे बाद आग पर पाया गया काबू रिफाइनरी में करीब दो घंटे तक आग की लपटें उठती रहीं। दावा किया जा रहा है कि दो घंटे बाद आग पर लगभग काबू पा लिया गया है। आग बुझाने के लिए करीब 10 से 12 फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने एक साथ यूनिट पर पानी डाला, जिसके बाद स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण में आई। Pachpadra Refinery Fire : PM मोदी के पहुंचने से पहले ही धूं-धूं कर जल गई रिफाइनरी, कई किलोमीटर दूर तक दिखा धुएं का गुबार आसमान में छाया काले धुएं का गुबार CDU यूनिट में लगी आग के कारण आसमान में काले धुएं का गुबार साफ देखा गया। घटना के बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके में सतर्कता बढ़ा दी है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त संसाधन भी तैनात किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाने के बाद ही इसके कारणों और हुए नुकसान का सही आकलन किया जा सकेगा। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता आग को बुझाने और स्थिति को सामान्य करने पर है। कल प्रस्तावित है प्रधानमंत्री का दौरा गौरतलब है कि 21 अप्रैल मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन करने के लिए बालोतरा आने वाले हैं। इस दौरे को लेकर पहले से ही क्षेत्र में व्यापक तैयारियां और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। आग की इस घटना के बाद सुरक्षा और प्रबंधन को लेकर प्रशासन की सतर्कता और बढ़ गई है। Bhopal Engineer Rape : सुसाइड की धमकी देकर GF को बुलाया फिर किया रेप, वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करता था मोहम्मद आकिब सभा स्थल से भी भेजे गए दमकल वाहन प्रधानमंत्री की सभा की तैयारियों के तहत पहले से तैनात दमकल वाहन भी रिफाइनरी के भीतर भेजे गए। ऐसे में यह घटना उद्घाटन से ठीक पहले एक बड़ी सुरक्षा चुनौती के रूप में देखी जा रही है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आईं सामने पचपदरा रिफाइनरी में आग लगने की घटना पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गेहलोत (Ashok Gehlot) ने चिंता जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि इस खबर से उन्हें चिंता हुई है। उन्होंने इसे राजस्थानियों के लिए गर्व की परियोजना बताया और कहा कि उद्घाटन से ठीक पहले ऐसी घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। साथ ही उन्होंने सभी लोगों की सलामती की प्रार्थना की है। Nashik NGO Conversion : नागपुर में नासिक TCS जैसा केस! NGO की आड़ में धर्मांतरण का खेल, महिलाएं निशाने पर नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि यह केवल एक हादसा नहीं बल्कि सरकार की गंभीर लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने इस घटना की पूरी जांच की मांग की है।
Bhopal Nari Aakrosh Rally : भोपाल में महिला आरक्षण बिल गिरने के विरोध में पद यात्रा, सीएम बोले- अपना अपमान कभी नहीं भूलती नारी

Bhopal Nari Aakrosh Rally : भोपाल। महिला आरक्षण विधेयक को लेकर देश की राजनीति में घमासान तेज हो गया है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बीजेपी ने ‘जन आक्रोश महिला पदयात्रा’ निकालकर विरोध दर्ज कराया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंच से विपक्ष पर जमकर निशाना साधा और महिलाओं के अधिकारों को लेकर सख्त संदेश दिया। भोपाल में निकली जन आक्रोश पदयात्रा भोपाल में एमवीएम कॉलेज ग्राउंड से शुरू हुई यह पदयात्रा लोक भवन होते हुए रोशनपुरा चौराहे तक पहुंची। इस पदयात्रा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, मंत्री, सांसद और महिला मोर्चा की कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुईं। कार्यक्रम का समापन काले गुब्बारे उड़ाकर किया गया। Bhopal Engineer Rape : सुसाइड की धमकी देकर GF को बुलाया फिर किया रेप, वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करता था मोहम्मद आकिब सीएम मोहन यादव का विपक्ष पर हमला मुख्यमंत्री मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने अपने संबोधन में कहा कि बहनों के अधिकार दिलाने के लिए देश के महापुरुषों और नेताओं ने लंबी लड़ाई लड़ी है, लेकिन विपक्ष इसे भूल गया है। उन्होंने कहा कि “नारी सब कुछ भूल सकती है, लेकिन अपना अपमान कभी नहीं भूलती।” उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं के अधिकारों को कुचलने वालों को सजा दिलवाई जाएगी। कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप सीएम यादव ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि संसद में महिला आरक्षण बिल गिरने पर विपक्ष ने जश्न मनाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेत्रियों को इस पर शर्म आनी चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी और उनके परिवार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यह उनकी पुरानी सोच का हिस्सा है। Bike Taxi Driver ने राइड के बाद लेडी कस्टमर से की ऑनलाइन छेड़छाड़, चैट हुई वायरल प्रियंका गांधी पर भी साधा निशाना मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रियंका गांधी “मैं नारी हूं, लड़ सकती हूं” जैसे बड़े-बड़े बयान देती हैं, लेकिन जब महिलाओं के अधिकारों की बात आई, तो वे पीछे हट गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने महिलाओं के हक के साथ अन्याय किया है। विधानसभा में निंदा प्रस्ताव लाने की घोषणा सीएम यादव ने ऐलान किया कि महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ हुई घटनाओं के विरोध में मध्य प्रदेश विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाएगा और निंदा प्रस्ताव पारित किया जाएगा। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष का आह्वान बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने महिलाओं से अपील की कि वे अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएं और कांग्रेस नेताओं से सवाल पूछें। उन्होंने कहा कि महिलाओं का अपमान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। Bhopal AIIMS Cockroach Video : भोपाल AIIMS में अव्यवस्थाओं की फिर खुली पोल, वार्ड के बाहर कॉकरोच का डेरा महिला मोर्चा ने दी कड़ी प्रतिक्रिया बीजेपी महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी परांजपे ने कहा कि संसद में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ गिराना महिलाओं के अपमान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि अब महिलाएं इसका जवाब देंगी और “याचना नहीं, रण होगा”। पंचायत राज्यमंत्री राधा सिंह, मंत्री प्रतिमा बागरी और सांसद लता वानखेड़े ने भी कांग्रेस और विपक्षी दलों पर महिलाओं के अधिकारों के विरोध का आरोप लगाया। नेताओं ने कहा कि यह बिल महिलाओं को पंचायत से संसद तक पहुंचाने का रास्ता था। Bhopal Ticket Scam : भोपाल रेलवे स्टेशन पर टिकट स्कैम! ‘ब्रोकर को प्राथमिकता’ के आरोप, वीडियो वायरल महिला आरक्षण बिल की पूरी टाइमलाइन 1996: देवगौड़ा सरकार पहली बार महिला आरक्षण बिल लेकर आई। सहयोगी दलों के विरोध के चलते इसे स्टैंडिंग कमेटी को भेज दिया गया। 1998: अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने बिल पेश करने की कोशिश की, लेकिन भारी हंगामे के कारण सफल नहीं हो सके। एक बार तो संसद में बिल की कॉपी भी फाड़ दी गई। 2000 – 2003: अटल सरकार ने कई बार बिल पेश करने की कोशिश की, लेकिन राजनीतिक सहमति नहीं बन पाई। 2008: मनमोहन सिंह सरकार ने राज्यसभा में बिल पेश किया। इस दौरान भी काफी विरोध हुआ और इसे कमेटी के पास भेजा गया। 2010: 9 मार्च को राज्यसभा में बिल दो-तिहाई बहुमत से पास हुआ, लेकिन लोकसभा में पेश नहीं हो सका और बिल लैप्स हो गया। 2023: मोदी सरकार ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के रूप में बिल पेश किया। लोकसभा और राज्यसभा दोनों में पास हुआ और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह कानून बन गया (106वां संविधान संशोधन)।
Bhopal Engineer Rape : सुसाइड की धमकी देकर GF को बुलाया फिर किया रेप, वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करता था मोहम्मद आकिब

Bhopal Engineer Rape : मध्य प्रदेश। भोपाल के अशोका गार्डन इलाके में एक युवती के साथ कथित रूप से धोखे, धमकी और शोषण का मामला सामने आया है। आरोपी युवक पर आरोप है कि उसने आत्महत्या की धमकी देकर युवती को अपने कमरे पर बुलाया और फिर उसे डराकर दुष्कर्म किया। मामले की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और जांच शुरू कर दी है। सुसाइड की धमकी देकर बुलाया पीड़िता के मुताबिक, आरोपी ने वीडियो कॉल पर गले में फंदा लगाकर आत्महत्या करने की धमकी दी। उसने कहा कि यदि वह आधे घंटे में नहीं पहुंची तो वह अपनी जान दे देगा। इस धमकी से घबराकर युवती आरोपी के कमरे पर पहुंची। Rapido Driver Allegation : अकेली रहती हो? राइड के बाद Rapido कैप्टेन ने Whatsapp पर किया मैसेज कमरे पर बुलाकर किया दुष्कर्म युवती के पहुंचने के बाद आरोपी ने उसे डरा-धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोप है कि इस दौरान उसने पीड़िता के दो आपत्तिजनक वीडियो भी बना लिए, जिन्हें बाद में ब्लैकमेल के लिए इस्तेमाल किया गया। वीडियो वायरल करने की धमकी घटना के बाद आरोपी ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर युवती पर दबाव बनाया और कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया। लगातार धमकी और प्रताड़ना से परेशान होकर युवती ने आखिरकार पुलिस का सहारा लिया। थाने में दर्ज हुई FIR, आरोपी हिरासत में रविवार को पीड़िता अशोका गार्डन थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर सोमवार सुबह आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया है। आगे की कार्रवाई जारी है। MP Wind System : MP में डिजिटल मौसम क्रांति! 23634 पंचायत में रेन गेज और 444 तहसील में लगेंगे वेदर स्टेशन शादी में हुई थी पहचान पुलिस के अनुसार, 23 वर्षीय पीड़िता निशातपुरा थाना क्षेत्र की रहने वाली है और बीकॉम फाइनल ईयर की छात्रा है। उसकी आरोपी से मुलाकात जून 2025 में उसके भाई की शादी में हुई थी। वहीं से दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई, जो बाद में प्रेम संबंध में बदल गई। आरोपी है डेटा इंजीनियर आरोपी मोहम्मद आकिब खान एक डेटा इंजीनियर है और निजी कंपनी में कार्यरत है। शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत थी, लेकिन बाद में आरोपी का व्यवहार बदल गया। Gold-Silver-Stock Market Today : वैश्विक तनाव से बाजारों में हलचल! सोना-चांदी फिसले और दबाव में शेयर बाजार रिश्ता खत्म करने पर बढ़ी परेशानी जब पीड़िता ने आरोपी से दूरी बनाने की कोशिश की, तब उसने आत्महत्या की धमकी देकर उसे मानसिक रूप से दबाव में लिया। इसी के बाद घटना को अंजाम दिया गया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Bike Taxi Driver ने राइड के बाद लेडी कस्टमर से की ऑनलाइन छेड़छाड़, चैट हुई वायरल

Rapido Driver Allegation : देश। गाजियाबाद में एक महिला द्वारा लगाए गए आरोपों ने ऐप-आधारित बाइक टैक्सी सेवाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। महिला ने दावा किया है कि राइड पूरी होने के बाद ड्राइवर ने उसे निजी मैसेज भेजे, जिससे यूजर्स के डाटा और प्राइवेसी को लेकर चिंता बढ़ गई है। सोशल मीडिया पर शेयर किया अनुभव महिला अनुष्का ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट के जरिए अपनी आपबीती साझा की। उसने अपनी राइड का एक छोटा वीडियो क्लिप और मैसेज के स्क्रीनशॉट पोस्ट किए। वीडियो में उसने लिखा कि उसने सामान्य रूप से बाइक बुक की थी, लेकिन बाद में उसे अप्रत्याशित अनुभव का सामना करना पड़ा। ड्राइवर पर अनुचित मैसेज भेजने का आरोप अनुष्का के मुताबिक, राइड पूरी होने के बाद ड्राइवर ने व्हाट्सऐप पर उसे मैसेज भेजे। उसने खुद को वही ड्राइवर बताया जिसने उसे छोड़ा था। बातचीत के दौरान उसने महिला की तारीफ की, उसकी उम्र पूछी और यह भी जानने की कोशिश की कि वह अकेली रहती है या नहीं। इसके अलावा उसने मिलने का प्रस्ताव भी रखा। Nashik NGO Conversion : नागपुर में नासिक TCS जैसा केस! NGO की आड़ में धर्मांतरण का खेल, महिलाएं निशाने पर महिला ने तुरंत किया ब्लॉक मैसेज मिलने के तुरंत बाद अनुष्का ने ड्राइवर को ब्लॉक कर दिया। उसने अपने पोस्ट में इस पूरी घटना को शेयर करते हुए सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। Rapido की प्रतिक्रिया इस मामले पर कंपनी ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। कंपनी ने ड्राइवर के व्यवहार को “अनैतिक” और “पूरी तरह से अस्वीकार्य” बताया है और कहा है कि इस तरह के मामलों को गंभीरता से लिया जाता है। TCS Religious Conversion : नासिक TCS मामले में बड़ा अपडेट, HR हेड धर्मांतरण का बनाती थी दबाव वायरल वीडियो से बढ़ी चिंता यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। इसके बाद यूजर्स के कॉन्टैक्ट डिटेल्स के गलत इस्तेमाल और राइड के बाद सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो गई है। डाटा प्राइवेसी और सुरक्षा पर सवाल इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या राइड खत्म होने के बाद भी ड्राइवरों के पास ग्राहकों की जानकारी सुरक्षित रहती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में कंपनियों को अपने सुरक्षा सिस्टम को और मजबूत करना होगा। Mumbai Obscene Videos : अयान अहमद ने किया 180 लड़कियों का रेप, बनाए 350 अश्लील वीडियो सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान जरूरी यह घटना बताती है कि तकनीक के साथ-साथ सुरक्षा और प्राइवेसी का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है। कंपनियों को ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करते हुए यूजर्स का भरोसा बनाए रखना होगा। View this post on Instagram A post shared by Anushka_Official☀️ (@aanu_shka3)
Nashik NGO Conversion : नागपुर में नासिक TCS जैसा केस! NGO की आड़ में धर्मांतरण का खेल, महिलाएं निशाने पर

Nashik NGO Conversion : नासिक। महाराष्ट्र में धर्मांतरण और महिलाओं के उत्पीड़न से जुड़े दो मामलों ने प्रशासन और जांच एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। नासिक में TCS यौन शोषण और धर्मान्तरण मामले के बाद अब नागपुर में एक NGO संचालक पर गंभीर आरोप लगे हैं। दोनों घटनाओं में महिलाओं ने जबरन धर्म परिवर्तन के दबाव और शोषण के आरोप लगाए हैं, जिसके बाद पुलिस और अन्य एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। नागपुर में NGO की आड़ में आरोप नागपुर के मानकापुर इलाके में ‘फिकर फाउंडेशन’ और ‘पढ़े हम, पढ़ाए हम’ नाम से NGO चलाने वाले रियाज काजी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस मामले में महिलाओं की शिकायत के बाद कार्रवाई की गई। Nashik TCS Conversion : फरार आरोपी निदा खान ने मांगी अग्रिम जमानत, बोली- मैं प्रेग्नेंट हूँ… महिलाओं ने खोली पोल NGO में काम करने वाली महिलाओं ने आरोप लगाया कि रियाज काजी उन पर इस्लामिक पहनावा अपनाने और विशेष रीति-रिवाजों का पालन करने का दबाव बनाता था। विरोध करने पर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था और छेड़छाड़ की जाती थी। इन बयानों के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है। फंडिंग की भी हो रही जांच पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि NGO को फंडिंग कहां से मिल रही थी। जांच एजेंसियों को शक है कि कहीं इसके पीछे कोई बाहरी नेटवर्क तो नहीं है। इसी पहलू को ध्यान में रखते हुए मामले की गहराई से जांच की जा रही है। Nashik TCS Case : धर्मांतरण नहीं देश के खिलाफ सुनियोजित खेल.. नासिक TCS केस पर सुप्रीम कोर्ट पहुंची याचिका नासिक केस से मिलते-जुलते आरोप इससे पहले नासिक में एक आईटी कंपनी की यूनिट से जुड़ा मामला सामने आया था, जिसमें एक महिला ने आरोप लगाया कि उसे शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण किया गया और बाद में धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाला गया। उस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। ATS भी जांच में शामिल नागपुर के मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) भी जांच में शामिल हो गई है। पुलिस और ATS की टीमें आरोपी से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस तरह की गतिविधियां किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ी हैं या नहीं। TCS Religious Conversion : नासिक TCS मामले में बड़ा अपडेट, HR हेड धर्मांतरण का बनाती थी दबाव पुलिस ने गिरफ्तारी की पुष्टि की मानकापुर पुलिस थाने के इंस्पेक्टर हरीश कालसेकर ने रियाज काजी की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच जारी है और सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी। शिकायत के बाद सामने आया मामला इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब NGO में काम करने वाली महिलाओं ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उनकी शिकायत के आधार पर ही पुलिस आरोपी तक पहुंच सकी। अब यह भी जांच की जा रही है कि अब तक कितनी महिलाएं इस तरह के दबाव का सामना कर चुकी हैं। Amravati Video Scandal : अमरावती स्कैंडल में अब तक 4 आरोपी अरेस्ट, अयान का घर जमींदोज; ऐसे फंसाता था लड़कियों को आगे और खुलासों की उम्मीद पुलिस ने संकेत दिया है कि जांच के दौरान और भी तथ्य सामने आ सकते हैं। मानकापुर पुलिस द्वारा प्रेस बयान में इस मामले से जुड़े और खुलासे किए जाने की संभावना है। फिलहाल दोनों मामलों में जांच जारी है और एजेंसियां हर पहलू की पड़ताल कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही इन मामलों की सच्चाई पूरी तरह सामने आ पाएगी।
MP Wind System : MP में डिजिटल मौसम क्रांति! 23634 पंचायत में रेन गेज और 444 तहसील में लगेंगे वेदर स्टेशन

MP Wind System : भोपाल। मध्य प्रदेश में खेती-किसानी और प्राकृतिक आपदाओं की निगरानी अब पूरी तरह हाईटेक होने जा रही है। राज्य सरकार ने एक महत्वाकांक्षी योजना के तहत प्रदेश की सभी 23,634 ग्राम पंचायतों और 444 तहसीलों को आधुनिक मौसम उपकरणों से जोड़ने का फैसला लिया है। इस पहल से अब हर 15 मिनट में मौसम और बारिश का सटीक डेटा सीधे सरकार तक पहुंचेगा। हर पंचायत में रेन गेज, हर तहसील में वेदर स्टेशन सरकार की योजना के अनुसार, सभी ग्राम पंचायतों में ऑटोमैटिक रेन गेज (ARG) और हर तहसील में ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन (AWS) लगाए जाएंगे। इसके लिए कृषि विभाग ने निविदा जारी कर कार्यान्वयन भागीदारों से आवेदन मांगे हैं। यह सिस्टम ‘विंड्स’ (WINDS) प्लेटफॉर्म के जरिए डेटा को रियल-टाइम में अपडेट करेगा। Bhopal Jail Inmate Suicide : भोपाल सेंट्रल जेल में बंदी की संदिग्ध मौत, फंदे से लटका मिला शव हर 15 मिनट में मिलेगा सटीक मौसम डेटा इस सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह हर 15 मिनट में बारिश, तापमान, हवा की गति और नमी जैसी जानकारियां रिकॉर्ड कर सीधे केंद्रीय सर्वर पर भेजेगा। इससे सूखा, अतिवृष्टि और अन्य प्राकृतिक घटनाओं की सटीक और समय पर जानकारी मिल सकेगी। परियोजना पर 100 से 120 करोड़ का खर्च इस परियोजना पर करीब 100 से 120 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। एक रेन गेज की लागत 35,000 से 40,000 रुपए और वेदर स्टेशन की लागत 1.5 लाख से 2 लाख रुपए तक होगी। केंद्र सरकार इस योजना में 50 प्रतिशत राशि ‘वायबिलिटी गैप फंडिंग’ के तहत देगी, जबकि बाकी खर्च राज्य सरकार और एजेंसियां मिलकर उठाएंगी। क्यों जरूरी था यह सिस्टम अभी तक मौसम की जानकारी जिला या ब्लॉक स्तर तक ही सीमित रहती थी, जिससे गांव स्तर पर सटीक स्थिति का पता नहीं चल पाता था। कई बार एक ही तहसील में कहीं सूखा तो कहीं भारी बारिश होती है, लेकिन सही डेटा के अभाव में इसका आकलन नहीं हो पाता था। इससे किसानों को फसल बीमा के दावों में परेशानी होती थी। Char Dham Yatra 2026 : चारधाम यात्रा के पहले ही दिन 2 श्रद्धालुओं की मौत, प्रशासन ने जारी की चेतावनी फसल बीमा में मिलेगी बड़ी राहत इस नए सिस्टम से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों के नुकसान का सटीक आकलन संभव होगा। अब गांव स्तर के डेटा के आधार पर बीमा क्लेम तय होंगे, जिससे किसानों को समय पर और सही मुआवजा मिल सकेगा। कैसे काम करेगा यह सिस्टम यह पूरा सिस्टम सौर ऊर्जा से संचालित होगा और इसमें आधुनिक सेंसर व सिम कार्ड आधारित टेलीमेट्री तकनीक का उपयोग होगा। सभी उपकरण वायरलेस माध्यम से डेटा सीधे WINDS के सर्वर पर भेजेंगे, जिससे किसी मानवीय हस्तक्षेप की जरूरत नहीं होगी और डेटा पूरी तरह पारदर्शी रहेगा। किसानों और आम जनता को फायदा इस योजना से किसानों को अपने क्षेत्र के अनुसार मौसम की सटीक सलाह मिलेगी, जिससे वे बुवाई और सिंचाई का सही समय तय कर सकेंगे। वहीं, आम लोगों को आकाशीय बिजली, तेज बारिश या बाढ़ जैसी आपदाओं की पहले से चेतावनी मिल सकेगी। MP Teachers Protest : TET अनिवार्यता के खिलाफ MP के हजारों शिक्षकों का प्रदर्शन, पंडाल फुल तो पेड़ों की छांव में धरना! भोपाल सहित कई जिलों में बड़े पैमाने पर स्थापना भोपाल जिले में 3 तहसीलों और 231 ग्राम पंचायतों, रायसेन में 12 तहसीलों और 533 पंचायतों, राजगढ़ में 9 तहसीलों और 634 पंचायतों, सीहोर में 10 तहसीलों और 543 पंचायतों तथा विदिशा में 12 तहसीलों और 591 पंचायतों में ये उपकरण लगाए जाएंगे। संभागवार तहसील और ग्राम पंचायतें जिनमें वर्षामापी यंत्र स्थापित होंगे नर्मदापुरम संभाग बैतूल जिला तहसील की संख्या: 11 ग्राम पंचायतों की संख्या: 566 हरदा जिला तहसील की संख्या: 6 ग्राम पंचायतों की संख्या: 226 नर्मदापुरम जिला तहसील की संख्या: 10 ग्राम पंचायतों की संख्या: 440 चंबल संभाग भिंड जिला तहसील की संख्या: 10 ग्राम पंचायतों की संख्या: 447 मुरैना जिला तहसील की संख्या: 8 ग्राम पंचायतों की संख्या: 493 श्योपुर जिला तहसील की संख्या: 5 ग्राम पंचायतों की संख्या: 240 ग्वालियर संभाग अशोकनगर जिला तहसील की संख्या: 8 ग्राम पंचायतों की संख्या: 377 दतिया जिला तहसील की संख्या: 6 ग्राम पंचायतों की संख्या: 290 गुना जिला तहसील की संख्या: 8 ग्राम पंचायतों की संख्या: 441 ग्वालियर जिला तहसील की संख्या: 9 ग्राम पंचायतों की संख्या: 316 शिवपुरी जिला तहसील की संख्या: 11 ग्राम पंचायतों की संख्या: 620 सागर संभाग छतरपुर जिला तहसील की संख्या: 13 ग्राम पंचायतों की संख्या: 562 दमोह जिला तहसील की संख्या: 8 ग्राम पंचायतों की संख्या: 481 निवाड़ी जिला तहसील की संख्या: 3 ग्राम पंचायतों की संख्या: 136 पन्ना जिला तहसील की संख्या: 9 ग्राम पंचायतों की संख्या: 395 सागर जिला तहसील की संख्या: 14 ग्राम पंचायतों की संख्या: 811 टीकमगढ़ जिला तहसील की संख्या: 9 ग्राम पंचायतों की संख्या: 324 जबलपुर संभाग बालाघाट जिला तहसील की संख्या: 12 ग्राम पंचायतों की संख्या: 696 छिंदवाड़ा जिला तहसील की संख्या: 12 ग्राम पंचायतों की संख्या: 680 पांडुर्णा जिला तहसील की संख्या: 2 ग्राम पंचायतों की संख्या: 131 डिंडोरी जिला तहसील की संख्या: 3 ग्राम पंचायतों की संख्या: 368 जबलपुर जिला तहसील की संख्या: 12 ग्राम पंचायतों की संख्या: 553 कटनी जिला तहसील की संख्या: 9 ग्राम पंचायतों की संख्या: 410 मंडला जिला तहसील की संख्या: 6 ग्राम पंचायतों की संख्या: 496 नरसिंहपुर जिला तहसील की संख्या: 6 ग्राम पंचायतों की संख्या: 460 सिवनी जिला तहसील की संख्या: 9 ग्राम पंचायतों की संख्या: 650 शहडोल संभाग अनूपपुर जिला तहसील की संख्या: 4 ग्राम पंचायतों की संख्या: 286 शहडोल जिला तहसील की संख्या: 6 ग्राम पंचायतों की संख्या: 397 उमरिया जिला तहसील की संख्या: 7 ग्राम पंचायतों की संख्या: 242 रीवा संभाग रीवा जिला तहसील की संख्या: 9 ग्राम पंचायतों की संख्या: 572 मऊगंज जिला तहसील की संख्या: 3 ग्राम पंचायतों की संख्या: 257 सतना जिला तहसील की संख्या: 8 ग्राम पंचायतों की संख्या: 451 मैहर जिला तहसील की संख्या: 3 ग्राम पंचायतों की संख्या: 278 सीधी जिला तहसील की संख्या: 8 ग्राम पंचायतों की संख्या: 402 सिंगरौली जिला तहसील की संख्या: 8 ग्राम पंचायतों की संख्या: 331 इंदौर संभाग अलीराजपुर जिला तहसील की संख्या: 5 ग्राम पंचायतों की संख्या: 288 बड़वानी जिला तहसील
Char Dham Yatra 2026 : चारधाम यात्रा के पहले ही दिन 2 श्रद्धालुओं की मौत, प्रशासन ने जारी की चेतावनी

Char Dham Yatra 2026 : उत्तरकाशी। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा (Char Dham Yatra 2026) की शुरुआत के साथ ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है, लेकिन पहले ही दिन दो अलग-अलग हादसों में दो श्रद्धालुओं की मौत ने चिंता बढ़ा दी है। दोनों घटनाएं उत्तरकाशी जिले के यमुनोत्री धाम मार्ग पर हुईं, जिसके बाद प्रशासन ने यात्रियों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। यमुनोत्री मार्ग पर दो अलग-अलग हादसे चारधाम यात्रा के पहले दिन ही उत्तरकाशी जिले में दो दुखद घटनाएं सामने आईं। एक महिला श्रद्धालु की घोड़े से गिरने के कारण मौत हो गई, जबकि एक बुजुर्ग श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ने से जान चली गई। दोनों घटनाओं ने यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। Crude Oil Prices : होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ा तनाव! कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, WTI और ब्रेंट दोनों में तेज तेजी इंदौर की महिला की गिरने से मौत मध्य प्रदेश के इंदौर की रहने वाली 40 वर्षीय प्रतिमा मिश्रा अपने पति धर्मेंद्र मिश्रा के साथ चारधाम यात्रा पर आई थीं। यमुनोत्री पैदल मार्ग पर ‘19 कैंची’ के पास घोड़े से गिरने के कारण उनके सिर में गंभीर चोट आई। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें ‘ब्रॉट डेड’ घोषित कर दिया। सोमवार, 20 अप्रैल 2026 को पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। महाराष्ट्र के बुजुर्ग की तबीयत बिगड़ने से मौत दूसरी घटना में महाराष्ट्र के नासिक निवासी 67 वर्षीय उदम ताम्बे की पैदल चढ़ाई के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगी। परिजनों और प्रशासन की मदद से उन्हें जानकीचट्टी अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। बीपी और ऑक्सीजन की कमी बनी वजह डॉक्टर हरदेव सिंह के अनुसार, प्रारंभिक जांच में बुजुर्ग की मौत का कारण सांस संबंधी बीमारी और ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी माना जा रहा है। वहीं, पुलिस के अनुसार उन्हें हाई ब्लड प्रेशर की समस्या भी थी, जो स्थिति बिगड़ने का कारण बन सकती है। Strait of Hormuz : चीन से आ रहे ईरानी जहाज पर अमेरिका का कब्जा, ईरान बोला – जल्दी देंगे इसका जवाब कपाट खुलते ही शुरू हुई यात्रा चारधाम यात्रा की शुरुआत रविवार को हुई थी। गंगोत्री धाम के कपाट दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर और यमुनोत्री धाम के कपाट 12 बजकर 35 मिनट पर खोले गए। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की आवाजाही तेज हो गई। प्रशासन की अपील: स्वास्थ्य जांच जरूरी एसएचओ सुभाष चंद ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि ऊंचाई वाले और दुर्गम रास्तों पर जाने से पहले अपनी स्वास्थ्य जांच जरूर कराएं। खासतौर पर सांस, दमा या हृदय रोग से पीड़ित लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। यात्रियों को दी गई अहम सलाह प्रशासन ने यात्रियों से कहा है कि यात्रा के दौरान जल्दबाजी न करें और बीच-बीच में आराम लेते रहें। शरीर को ऊंचाई के अनुसार ढलने का समय देना बेहद जरूरी है, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। Bhopal Jail Inmate Suicide : भोपाल सेंट्रल जेल में बंदी की संदिग्ध मौत, फंदे से लटका मिला शव गंगोत्री धाम: आस्था का प्रमुख केंद्र गंगोत्री धाम उत्तरकाशी जिले में समुद्र तल से लगभग 3,200 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। इसे मां गंगा का अवतरण स्थल माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, यहां स्नान और दर्शन से पापों का नाश होता है। यमुनोत्री धाम: मां यमुना का उद्गम स्थल यमुनोत्री धाम भी उत्तरकाशी जिले में स्थित है और इसकी ऊंचाई लगभग 3,293 मीटर है। इसे मां यमुना का उद्गम स्थल माना जाता है। यहां सूर्यकुंड में प्रसाद पकाने की परंपरा भी काफी प्रसिद्ध है। केदारनाथ धाम 22 अप्रैल को खुलेगा केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल 2026 को सुबह 8 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। यह धाम समुद्र तल से 3,562 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक प्रमुख स्थल माना जाता है। बद्रीनाथ धाम 23 अप्रैल को खुलेगा बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को सुबह 6 बजे खोले जाएंगे। यह मंदिर अलकनंदा नदी के किनारे स्थित है और हिंदू धर्म के चार धामों में से एक प्रमुख धाम है। MP Teachers Protest : TET अनिवार्यता के खिलाफ MP के हजारों शिक्षकों का प्रदर्शन, पंडाल फुल तो पेड़ों की छांव में धरना! सतर्कता के साथ करें यात्रा चारधाम यात्रा आस्था और श्रद्धा का प्रतीक है, लेकिन कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए यात्रियों को विशेष सावधानी बरतनी जरूरी है। प्रशासन की सलाह का पालन करके ही सुरक्षित और सफल यात्रा संभव है।