MP Teachers Protest : भोपाल। मध्य प्रदेश में माध्यमिक शिक्षक (वर्ग-2) और प्राथमिक शिक्षक (वर्ग-3) भर्ती 2025 में पदों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर हजारों अभ्यर्थी राजधानी भोपाल पहुंचे। अभ्यर्थियों ने नियुक्ति प्रक्रिया में पद वृद्धि और लंबित मांगों के समाधान को लेकर प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी जनजातीय कार्य विभाग कार्यालय से लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) तक पैदल मार्च के लिए एकत्र हुए और सरकार तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश की।
नाममात्र पदों पर भर्ती का आरोप
अभ्यर्थियों का कहना है कि शिक्षक भर्ती 2025 में घोषित पदों की संख्या बेहद कम है, जबकि प्रदेश में शिक्षकों के हजारों पद रिक्त हैं। उनका आरोप है कि सीमित पदों के कारण बड़ी संख्या में पात्र और योग्य उम्मीदवार चयन प्रक्रिया से बाहर हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लंबे समय से वे पद वृद्धि की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
पहले भी कई बार हो चुके हैं प्रदर्शन
अभ्यर्थियों के अनुसार पद वृद्धि की मांग को लेकर पिछले कई महीनों से लगातार आंदोलन किए जा रहे हैं। विभिन्न चरणों में धरना-प्रदर्शन, अनिश्चितकालीन आंदोलन, भूख हड़ताल और ज्ञापन सौंपकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की गई। अभ्यर्थियों का दावा है कि उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखीं, लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया है।
शिक्षकों के हजारों पद रिक्त होने का दावा
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है। विधानसभा में प्रस्तुत आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग में बड़ी संख्या में शिक्षक पद खाली पड़े हैं। उनका तर्क है कि यदि रिक्त पदों के अनुरूप भर्ती की जाए तो शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और युवाओं को रोजगार का अवसर भी मिलेगा।
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वर्ग-2 भर्ती में 10 हजार पद करने की मांग
अभ्यर्थियों ने मांग की है कि माध्यमिक शिक्षक (वर्ग-2) भर्ती में प्रत्येक विषय के लिए पर्याप्त पद बढ़ाए जाएं। उनका कहना है कि संपूर्ण वर्ग-2 भर्ती में कम से कम 10 हजार पदों तक वृद्धि की जानी चाहिए और इसके बाद द्वितीय काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र अभ्यर्थियों को अवसर मिल सके।
प्राथमिक शिक्षक भर्ती में 25 हजार पदों की मांग
प्रदर्शनकारियों ने प्राथमिक शिक्षक (वर्ग-3) भर्ती 2025 में भी पदों की संख्या बढ़ाने की मांग उठाई। उनका कहना है कि वर्तमान में घोषित पदों की संख्या बढ़ाकर कम से कम 25 हजार की जाए। साथ ही चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए दूसरी काउंसलिंग जल्द शुरू की जाए, ताकि रिक्त पदों पर नियुक्तियां हो सकें।
विशेष शिक्षक पदों को अलग करने की मांग
अभ्यर्थियों ने मांग की कि प्राथमिक शिक्षक भर्ती में शामिल विशेष शिक्षक पदों के लिए अलग भर्ती प्रक्रिया संचालित की जाए। उनका कहना है कि विशेष शिक्षकों के पदों की अलग विज्ञप्ति जारी कर सामान्य प्राथमिक शिक्षक पदों को अलग रखा जाए, ताकि दोनों श्रेणियों के अभ्यर्थियों को समान अवसर मिल सके।
DPI तक मार्च कर सौंपेंगे ज्ञापन
आंदोलन के दौरान अभ्यर्थियों ने लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) तक पैदल मार्च निकालने का निर्णय लिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन अधिकारियों को सौंपेंगे और सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग करेंगे। उनका कहना है कि यदि जल्द सकारात्मक पहल नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
सरकार के फैसले पर टिकी निगाहें
शिक्षक भर्ती से जुड़े हजारों अभ्यर्थियों की नजर अब राज्य सरकार के अगले कदम पर है। अभ्यर्थियों का कहना है कि पद वृद्धि और नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाकर सरकार शिक्षा व्यवस्था और रोजगार दोनों क्षेत्रों में सकारात्मक संदेश दे सकती है। फिलहाल राजधानी भोपाल में चल रहा यह आंदोलन शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर बढ़ती नाराजगी का संकेत माना जा रहा है।