Abhijeet Deepke Attack : जयपुर में प्रदर्शन के दौरान CJP संस्थापक अभिजीत दीपके पर हमला, थप्पड़बाजी का वीडियो वायरल

Abhijeet Deepke Attack : जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में रविवार को आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। अभिजीत दिपके (Abhijeet Deepke) NEET पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और बढ़ती बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे। यह कार्यक्रम जयपुर के शहीद स्मारक पर आयोजित किया गया था, जहां बड़ी संख्या में छात्र, युवा और अन्य लोग मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान अचानक हुई इस घटना ने वहां मौजूद लोगों को हैरान कर दिया और कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। समर्थकों के कंधे पर मंच की ओर बढ़ रहे थे दीपके प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अभिजीत दिपके अपने समर्थकों के कंधों पर बैठकर मंच की ओर बढ़ रहे थे। इसी दौरान भीड़ में मौजूद कुछ लोग उनके करीब पहुंचे। देखते ही देखते एक युवक ने अचानक उन पर हमला कर दिया और लगातार कई थप्पड़ मार दिए। घटना इतनी तेजी से हुई कि शुरुआत में लोगों को समझ ही नहीं आया कि आखिर क्या हो रहा है। कुछ ही देर में वहां मौजूद लोगों ने स्थिति को संभालने की कोशिश की और हमलावर को पकड़ लिया। Raisen Minor Girl Recovered : 14 साल की नाबालिग को शादी का झांसा देकर भोपाल ले गया मुस्तफा, हिंदू संगठन ने लगाया लव जिहाद का आरोप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ वीडियो इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में साफ दिखाई देता है कि अभिजीत दिपके समर्थकों के बीच मंच की ओर जा रहे हैं। तभी कुछ लोग आगे आते हैं और उनमें से एक युवक अचानक उन पर थप्पड़ों की बौछार कर देता है। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोग सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि कुछ लोग घटना की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान मोबाइल चोरी की शिकायतें भी आईं सामने विरोध प्रदर्शन के दौरान केवल हमला ही नहीं हुआ, बल्कि कई लोगों ने मोबाइल फोन चोरी होने की शिकायत भी की। कार्यक्रम स्थल से लगातार लोगों को अपने मोबाइल और अन्य सामान सुरक्षित रखने की घोषणा की जाती रही। चोरी की घटनाओं की खबर सामने आने के बाद प्रदर्शन स्थल पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई। लोगों ने अपने सामान की जांच शुरू कर दी और कई लोग अपने खोए हुए मोबाइल फोन की तलाश करते दिखाई दिए। Ram Mandir Donation : राम मंदिर दान विवाद पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, जनिए FIR और कोर्ट मॉनिटरिंग में क्या उठी मांग समर्थकों ने हमलावरों को पकड़कर पुलिस को सौंपा अभिजीत दिपके पर हमला होने के तुरंत बाद उनके समर्थक सक्रिय हो गए। उन्होंने कथित हमलावरों को पकड़ लिया और उनके साथ हाथापाई भी हुई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने करीब छह लोगों को हिरासत में लिया है। अधिकारियों के अनुसार हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है और उनकी पहचान की प्रक्रिया जारी है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है ताकि घटना के पीछे की वजह स्पष्ट हो सके। हमलावर ने लगाए गंभीर आरोप पुलिस हिरासत में लिए गए एक युवक ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि वह राष्ट्रवादी विचारधारा से जुड़ा हुआ है। युवक ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में शामिल कुछ लोगों की सोच जिहादी मानसिकता वाली है। उसने यह भी कहा कि उसके अनुसार पेपर लीक का मुद्दा केवल एक बहाना है। हालांकि पुलिस ने इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है और मामले की जांच जारी है। MP Transfers : MP में तबादलों की समय-सीमा बढ़ेगी! आज खत्म हो रही डेडलाइन, कई विभाग नहीं निकाल पाए आदेश प्रदर्शन को लेकर पहले भी हुआ था विवाद जानकारी के अनुसार कॉकरोच जनता पार्टी ने पहले से ही जयपुर में प्रदर्शन करने की योजना बनाई थी। दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद पार्टी ने देशभर में आंदोलन चलाने का ऐलान किया था। जयपुर में कार्यक्रम आयोजित करने को लेकर पुलिस और आयोजकों के बीच अनुमति संबंधी चर्चा भी हुई थी। बाद में प्रशासन ने कुछ शर्तों के साथ कार्यक्रम आयोजित करने की मंजूरी दे दी थी। प्रशासन ने रखी थीं विशेष शर्तें पुलिस प्रशासन ने आयोजन की अनुमति देते समय स्पष्ट किया था कि कार्यक्रम में 800 से अधिक लोग शामिल नहीं होंगे। इसके साथ ही कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को प्रभावित नहीं करने की शर्त भी रखी गई थी। MP Nikay Chunav 2026 : मप्र में निकाय चुनाव की तैयारी तेज! महापौर- नगर पालिका अध्यक्ष पदों का आरक्षण तय करेंगे आयुक्त पार्टी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कार्यक्रम से पहले अधिक से अधिक लोगों से शामिल होने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि यह आंदोलन छात्रों, युवाओं और अभिभावकों की आवाज को मजबूत करने तथा शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को आगे बढ़ाने के लिए आयोजित किया जा रहा है। यहां देखिये सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो
Raisen Minor Girl Recovered : 14 साल की नाबालिग को शादी का झांसा देकर भोपाल ले गया मुस्तफा, हिंदू संगठन ने लगाया लव जिहाद का आरोप

Raisen Minor Girl Recovered : मध्य प्रदेश। रायसेन में एक नाबालिग लड़की को शादी का झांसा देकर अपने साथ ले जाने का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, 14 वर्षीय नाबालिग को एक युवक ने प्रेम संबंधों का भरोसा देकर अपने प्रभाव में लिया और उसे घर से दूर ले गया। घटना औबेदुल्लागंज थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। मामले की जानकारी मिलने के बाद परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर जांच शुरू की गई। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस हुई सक्रिय परिजनों ने आरोप लगाया कि 20 वर्षीय शेख मुस्तफा ने उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और युवती की तलाश शुरू कर दी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी लड़की को अपने साथ लेकर गया था और बाद में उसे भोपाल में छोड़कर अपने गांव मेंदुआ लौट आया था। MP Teachers Protest : शिक्षक भर्ती 2025 में पद वृद्धि की मांग, हजारों अभ्यर्थियों ने निकाला अर्धनग्न होकर निकाला मार्च नाबालिग सुरक्षित बरामद पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नाबालिग लड़की को सुरक्षित बरामद कर लिया। इसके बाद आरोपी युवक की तलाश शुरू की गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शेख मुस्तफा को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। हिंदू संगठन ने जताई आपत्ति घटना को लेकर कुछ हिंदू संगठनों ने इसे लव जिहाद की कोशिश बताया है। संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस नाबालिग के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही है। MP Transfers : MP में तबादलों की समय-सीमा बढ़ेगी! आज खत्म हो रही डेडलाइन, कई विभाग नहीं निकाल पाए आदेश पुलिस कर रही विस्तृत जांच औबेदुल्लागंज थाना पुलिस ने बताया कि मामले में आवश्यक धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। नाबालिग को सुरक्षित उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले से जुड़ी सभी परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।
Ram Mandir Donation : राम मंदिर दान विवाद पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, जनिए FIR और कोर्ट मॉनिटरिंग में क्या उठी मांग

Ram Mandir Donation Controversy : नई दिल्ली। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि के कथित दुरुपयोग को लेकर मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। मुख्य न्यायाधीश को भेजे गए एक प्रस्तुतीकरण में FIR दर्ज कराने, स्वतंत्र जांच एजेंसी से जांच करवाने और पूरी प्रक्रिया की निगरानी अदालत के स्तर पर करने की मांग की गई है। मामले ने राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर नई बहस छेड़ दी है। सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग अधिवक्ता अनूप प्रकाश अवस्थी ने भारत के मुख्य न्यायाधीश को संबोधित एक प्रस्तुतीकरण सौंपा है। इसमें मांग की गई है कि राम जन्मभूमि मंदिर में दान और चढ़ावे के कथित दुरुपयोग से जुड़े आरोपों की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी, जैसे CBI, से कराई जाए। साथ ही जांच की निगरानी सीधे सुप्रीम कोर्ट द्वारा किए जाने की भी मांग रखी गई है। MP Teachers Protest : शिक्षक भर्ती 2025 में पद वृद्धि की मांग, हजारों अभ्यर्थियों ने निकाला अर्धनग्न होकर निकाला मार्च भक्तों के भरोसे का हवाला प्रस्तुतीकरण में कहा गया है कि करोड़ों श्रद्धालु अपनी आस्था के साथ मंदिर में दान और चढ़ावा अर्पित करते हैं। ऐसे में यदि दान प्रबंधन को लेकर कोई आरोप सामने आते हैं तो उनकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होना जरूरी है, ताकि लोगों का विश्वास बना रहे। FIR नहीं होने पर उठाए सवाल याचिका में यह भी कहा गया है कि राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, लेकिन अब तक FIR दर्ज नहीं किए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। प्रस्तुतीकरण के अनुसार, औपचारिक आपराधिक प्रक्रिया शुरू न होने से जांच की निष्पक्षता को लेकर लोगों के मन में संदेह पैदा हो सकता है। ट्रस्ट पर सीधे आरोप नहीं, लेकिन जांच की मांग प्रस्तुतीकरण में स्पष्ट किया गया है कि इसका उद्देश्य किसी व्यक्ति, संस्था या मंदिर ट्रस्ट पर पहले से कोई निष्कर्ष निकालना नहीं है। हालांकि, आरोपों की गंभीरता और राम मंदिर की राष्ट्रीय आस्था से जुड़ी अहमियत को देखते हुए अधिक पारदर्शिता की जरूरत बताई गई है। MP Transfers : MP में तबादलों की समय-सीमा बढ़ेगी! आज खत्म हो रही डेडलाइन, कई विभाग नहीं निकाल पाए आदेश आय से अधिक संपत्ति के आरोपों का भी जिक्र दस्तावेज में उन रिपोर्टों का उल्लेख किया गया है, जिनमें दान प्रबंधन से जुड़े कुछ लोगों के पास आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति होने के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इसमें यह भी कहा गया है कि इन आरोपों की सच्चाई केवल निष्पक्ष जांच के बाद ही सामने आ सकती है। राजनीतिक बयानबाजी से गरमाया मामला राम मंदिर दान विवाद ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने आरोप लगाया था कि मंदिर के चढ़ावे की करोड़ों रुपये की राशि गायब हुई है। इसके बाद उन्होंने मामले में न्यायिक हस्तक्षेप और पारदर्शी जांच की मांग की थी। Cyber Security Workshop : मनमोहन सिंह को जीरो बजट अकाउंट का ज्ञान नहीं! CM ने पूर्व PM पर कसा करारा तंज अब निगाहें सुप्रीम कोर्ट पर मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचने के बाद अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि अदालत इस प्रस्तुतीकरण पर क्या रुख अपनाती है। यदि कोर्ट इस मामले में हस्तक्षेप करता है तो राम मंदिर से जुड़े दान प्रबंधन और पारदर्शिता को लेकर नई बहस शुरू हो सकती है।
MP Teachers Protest : शिक्षक भर्ती 2025 में पद वृद्धि की मांग, हजारों अभ्यर्थियों ने निकाला अर्धनग्न होकर निकाला मार्च

MP Teachers Protest : भोपाल। मध्य प्रदेश में माध्यमिक शिक्षक (वर्ग-2) और प्राथमिक शिक्षक (वर्ग-3) भर्ती 2025 में पदों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर हजारों अभ्यर्थी राजधानी भोपाल पहुंचे। अभ्यर्थियों ने नियुक्ति प्रक्रिया में पद वृद्धि और लंबित मांगों के समाधान को लेकर प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी जनजातीय कार्य विभाग कार्यालय से लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) तक पैदल मार्च के लिए एकत्र हुए और सरकार तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश की। नाममात्र पदों पर भर्ती का आरोप अभ्यर्थियों का कहना है कि शिक्षक भर्ती 2025 में घोषित पदों की संख्या बेहद कम है, जबकि प्रदेश में शिक्षकों के हजारों पद रिक्त हैं। उनका आरोप है कि सीमित पदों के कारण बड़ी संख्या में पात्र और योग्य उम्मीदवार चयन प्रक्रिया से बाहर हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लंबे समय से वे पद वृद्धि की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। MP Transfers : MP में तबादलों की समय-सीमा बढ़ेगी! आज खत्म हो रही डेडलाइन, कई विभाग नहीं निकाल पाए आदेश पहले भी कई बार हो चुके हैं प्रदर्शन अभ्यर्थियों के अनुसार पद वृद्धि की मांग को लेकर पिछले कई महीनों से लगातार आंदोलन किए जा रहे हैं। विभिन्न चरणों में धरना-प्रदर्शन, अनिश्चितकालीन आंदोलन, भूख हड़ताल और ज्ञापन सौंपकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की गई। अभ्यर्थियों का दावा है कि उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखीं, लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया है। शिक्षकों के हजारों पद रिक्त होने का दावा प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है। विधानसभा में प्रस्तुत आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग में बड़ी संख्या में शिक्षक पद खाली पड़े हैं। उनका तर्क है कि यदि रिक्त पदों के अनुरूप भर्ती की जाए तो शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और युवाओं को रोजगार का अवसर भी मिलेगा। Bengal Politics : आखिर NCPI ही क्यों? TMC के 20 बागी सांसदों ने चुना अलग रास्ता, जानिए पूरी रणनीति वर्ग-2 भर्ती में 10 हजार पद करने की मांग अभ्यर्थियों ने मांग की है कि माध्यमिक शिक्षक (वर्ग-2) भर्ती में प्रत्येक विषय के लिए पर्याप्त पद बढ़ाए जाएं। उनका कहना है कि संपूर्ण वर्ग-2 भर्ती में कम से कम 10 हजार पदों तक वृद्धि की जानी चाहिए और इसके बाद द्वितीय काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र अभ्यर्थियों को अवसर मिल सके। प्राथमिक शिक्षक भर्ती में 25 हजार पदों की मांग प्रदर्शनकारियों ने प्राथमिक शिक्षक (वर्ग-3) भर्ती 2025 में भी पदों की संख्या बढ़ाने की मांग उठाई। उनका कहना है कि वर्तमान में घोषित पदों की संख्या बढ़ाकर कम से कम 25 हजार की जाए। साथ ही चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए दूसरी काउंसलिंग जल्द शुरू की जाए, ताकि रिक्त पदों पर नियुक्तियां हो सकें। विशेष शिक्षक पदों को अलग करने की मांग अभ्यर्थियों ने मांग की कि प्राथमिक शिक्षक भर्ती में शामिल विशेष शिक्षक पदों के लिए अलग भर्ती प्रक्रिया संचालित की जाए। उनका कहना है कि विशेष शिक्षकों के पदों की अलग विज्ञप्ति जारी कर सामान्य प्राथमिक शिक्षक पदों को अलग रखा जाए, ताकि दोनों श्रेणियों के अभ्यर्थियों को समान अवसर मिल सके। CM Bhimnagar Visit : EV से भीमनगर की गलियों में पहुंचे CM, टॉपर चांदनी विश्वकर्मा और परिवार संग ली सेल्फी DPI तक मार्च कर सौंपेंगे ज्ञापन आंदोलन के दौरान अभ्यर्थियों ने लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) तक पैदल मार्च निकालने का निर्णय लिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन अधिकारियों को सौंपेंगे और सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग करेंगे। उनका कहना है कि यदि जल्द सकारात्मक पहल नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। सरकार के फैसले पर टिकी निगाहें शिक्षक भर्ती से जुड़े हजारों अभ्यर्थियों की नजर अब राज्य सरकार के अगले कदम पर है। अभ्यर्थियों का कहना है कि पद वृद्धि और नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाकर सरकार शिक्षा व्यवस्था और रोजगार दोनों क्षेत्रों में सकारात्मक संदेश दे सकती है। फिलहाल राजधानी भोपाल में चल रहा यह आंदोलन शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर बढ़ती नाराजगी का संकेत माना जा रहा है।
MP Transfers : MP में तबादलों की समय-सीमा बढ़ेगी! आज खत्म हो रही डेडलाइन, कई विभाग नहीं निकाल पाए आदेश

MP Transfers : भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा तबादलों के लिए निर्धारित 15 जून की समय-सीमा समाप्त हो गई है। हालांकि प्रदेश के कई विभाग अब तक तबादला प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए हैं। ऐसे में सरकार तबादलों की अवधि एक सप्ताह तक बढ़ाने पर विचार कर रही है। सूत्रों के अनुसार इस संबंध में आदेश सोमवार को जारी किए जा सकते हैं। यदि समय-सीमा बढ़ाई जाती है तो लंबित मामलों का निपटारा करने के लिए विभागों को अतिरिक्त समय मिल जाएगा। केवल कुछ विभागों ने जारी किए तबादला आदेश राज्य सरकार ने 1 जून से 15 जून तक तबादले करने की अनुमति प्रदान की थी। इस अवधि के दौरान स्वास्थ्य विभाग के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) और लोक निर्माण विभाग जैसे कुछ विभागों ने ही तबादला आदेश जारी किए। इसके विपरीत कई बड़े विभाग तय समय में प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके, जिसके चलते हजारों प्रस्ताव अभी भी लंबित बताए जा रहे हैं। MP Conversion : भाई के दोस्त पर युवती का गंभीर आरोप, दुष्कर्म के बाद कराया गर्भपात, धर्म परिवर्तन कराने के बाद निकाह मुख्यमंत्री ने दिए थे सख्त निर्देश तबादला नीति को 20 मई को हुई कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी गई थी। इसके बाद 22 मई को सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी कर सभी विभागों को 15 जून तक तबादला प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी कई बार स्पष्ट कहा था कि इस बार तबादलों की समय-सीमा नहीं बढ़ाई जाएगी और विभागों को निर्धारित अवधि में प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके बावजूद कई विभाग लक्ष्य हासिल नहीं कर सके। Ceasefire Deal Update : अमेरिका-ईरान शांति समझौते पर सहमति! होर्मुज स्ट्रेट खुलेगा, नई वार्ता का रास्ता साफ शिक्षा, पंचायत और राजस्व विभाग में प्रक्रिया जारी सूत्रों के मुताबिक स्कूल शिक्षा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, राजस्व तथा जनजातीय कार्य विभागों में अभी भी तबादलों की प्रक्रिया जारी है। इन विभागों में बड़ी संख्या में आवेदन और प्रस्ताव लंबित हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने तो जुलाई तक तबादलों की प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से पूरा करने की अलग व्यवस्था भी बनाई है। इससे स्पष्ट है कि कई विभागों को निर्धारित अवधि से अधिक समय की आवश्यकता है। CM Bhimnagar Visit : EV से भीमनगर की गलियों में पहुंचे CM, टॉपर चांदनी विश्वकर्मा और परिवार संग ली सेल्फी सामान्य प्रशासन विभाग कर रहा विचार प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार सामान्य प्रशासन विभाग ने लंबित प्रस्तावों और विभागों की मांग को देखते हुए तबादला अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया है। इस संबंध में मुख्यमंत्री स्तर पर भी चर्चा हो चुकी है। बताया जा रहा है कि विभागों को एक सप्ताह का अतिरिक्त समय देने पर सहमति बन गई है। अंतिम निर्णय और आधिकारिक आदेश जारी होने के बाद ही नई समय-सीमा स्पष्ट होगी। Ladli Behna Yojana : लाड़ली बहनों के खाते में पहुंची राशि, सीएम मोहन यादव देवरी को लेकर की बड़ी घोषणा कर्मचारियों और अधिकारियों की नजर फैसले पर प्रदेशभर के अधिकारी और कर्मचारी अब सरकार के अगले फैसले का इंतजार कर रहे हैं। कई विभागों में तबादलों से संबंधित प्रस्ताव अभी स्वीकृति की प्रक्रिया में हैं। ऐसे में समय-सीमा बढ़ने से हजारों कर्मचारियों को राहत मिल सकती है। वहीं प्रशासनिक दृष्टि से भी विभागों को लंबित मामलों का निपटारा करने का अवसर मिलेगा।
Bengal Politics : आखिर NCPI ही क्यों? TMC के 20 बागी सांसदों ने चुना अलग रास्ता, जानिए पूरी रणनीति

Bengal Politics : कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में टीएमसी के 20 बागी सांसदों के फैसले ने नई बहस छेड़ दी है। ममता बनर्जी के नेतृत्व से अलग होने के बाद जहां राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा थी कि ये सांसद सीधे बीजेपी का दामन थाम सकते हैं, वहीं उन्होंने एक अलग और कम चर्चित राजनीतिक विकल्प चुनकर सभी को चौंका दिया। इन सांसदों ने सीधे किसी बड़े दल में शामिल होने के बजाय त्रिपुरा की छोटी राजनीतिक पार्टी NCPI (नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया) में विलय का फैसला किया है। सीधे BJP में शामिल होने की बजाय NCPI का क्यों चुना रास्ता? राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह कदम सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि कानूनी नजरिए से भी बेहद महत्वपूर्ण है। दल-बदल कानून और संसदीय नियमों को देखते हुए बागी सांसदों के सामने अपनी सदस्यता बचाने की बड़ी चुनौती थी। ऐसे में NCPI जैसा पंजीकृत लेकिन कम प्रभाव वाला दल उनके लिए एक सुरक्षित विकल्प बनकर सामने आया। इस रणनीति के जरिए सांसद न केवल अपनी संसदीय स्थिति मजबूत रखना चाहते हैं, बल्कि किसी संभावित कानूनी विवाद से भी दूरी बनाए रखना चाहते हैं। CM Bhimnagar Visit : EV से भीमनगर की गलियों में पहुंचे CM, टॉपर चांदनी विश्वकर्मा और परिवार संग ली सेल्फी कानूनी पेचीदगियों से बचने की कोशिश सूत्रों के मुताबिक बागी सांसदों की शुरुआती योजना टीएमसी संसदीय दल से अलग होकर अपना अलग समूह बनाने की थी और संसद में स्वतंत्र रूप से काम करने की थी। हालांकि, दल-बदल विरोधी कानून और संसद के नियमों के कारण यह रास्ता आसान नहीं था। ऐसे में NCPI में विलय का विकल्प सामने आया, जिसने उन्हें एक वैध राजनीतिक मंच उपलब्ध कराया। माना जा रहा है कि इस कदम से सांसदों को संसद में अपनी सामूहिक पहचान बनाए रखने में मदद मिलेगी। राजनीतिक रणनीति या संसदीय गणित? विश्लेषकों का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम को केवल राजनीतिक विद्रोह के तौर पर नहीं देखा जा सकता। इसके पीछे संसदीय गणित और कानूनी रणनीति दोनों शामिल हैं। एक ओर बागी सांसद अपने लिए अलग राजनीतिक स्पेस तैयार करना चाहते हैं, वहीं दूसरी ओर वे किसी बड़े दल में तत्काल शामिल होकर विवादों में पड़ने से भी बचना चाहते हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि यह पूरा घटनाक्रम एक सोची-समझी राजनीतिक योजना का हिस्सा है, जबकि बागी खेमे का दावा है कि उनका उद्देश्य केवल स्वतंत्र राजनीतिक पहचान बनाना है। MP Conversion : भाई के दोस्त पर युवती का गंभीर आरोप, दुष्कर्म के बाद कराया गर्भपात, धर्म परिवर्तन कराने के बाद निकाह बागी सांसदों का क्या कहना है? बागी खेमे से जुड़े नेताओं का कहना है कि उनका फैसला विचारधारा से ज्यादा व्यावहारिक जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया है। उनका मानना है कि वे सामूहिक रूप से आगे बढ़ना चाहते हैं और ऐसी राजनीतिक व्यवस्था चाहते हैं, जहां उन्हें अनावश्यक कानूनी और प्रक्रियागत अड़चनों का सामना न करना पड़े। इसी वजह से NCPI उनके लिए सबसे उपयुक्त विकल्प साबित हुई। विधानसभा और लोकसभा की बगावत में बड़ा अंतर राजनीतिक पर्यवेक्षकों के अनुसार लोकसभा के मौजूदा घटनाक्रम और पहले हुए विधानसभा स्तर के विद्रोह में बड़ा फर्क है। विधानसभा में बागी नेताओं ने खुद को “असली टीएमसी” बताकर नेतृत्व को चुनौती दी थी, जिससे मामला कानूनी विवादों में उलझ गया था। लेकिन इस बार लोकसभा के बागी सांसदों ने पार्टी संगठन, चुनाव चिह्न या नेतृत्व पर दावा करने की बजाय अलग राजनीतिक रास्ता अपनाया है। उनका फोकस संगठन पर कब्जा करने के बजाय संसदीय स्तर पर स्वतंत्र पहचान बनाने पर दिखाई दे रहा है। Ceasefire Deal Update : अमेरिका-ईरान शांति समझौते पर सहमति! होर्मुज स्ट्रेट खुलेगा, नई वार्ता का रास्ता साफ आगे क्या होगा? टीएमसी के 20 सांसदों का NCPI में विलय पश्चिम बंगाल की राजनीति के लिए एक बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि यह कदम केवल कानूनी सुरक्षा तक सीमित रहता है या फिर राज्य और राष्ट्रीय राजनीति में नए समीकरण भी तैयार करता है। फिलहाल इतना तय है कि बागी सांसदों ने पारंपरिक राजनीतिक रास्ते की बजाय एक अलग रणनीति अपनाकर सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
MP Conversion : भाई के दोस्त पर युवती का गंभीर आरोप, दुष्कर्म के बाद कराया गर्भपात, धर्म परिवर्तन कराने के बाद निकाह

MP Conversion : रतलाम। मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में एक 19 वर्षीय युवती ने अपने भाई के दोस्त पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती का दावा है कि आरोपी ने पहले उसके साथ दुष्कर्म किया, फिर धमकियों के दम पर लंबे समय तक उसका शोषण करता रहा। शिकायत में दो बार गर्भपात कराने, धर्म परिवर्तन करवाकर निकाह करने और बाद में मारपीट व प्रताड़ना देने के आरोप भी लगाए गए हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। भाई की दोस्ती के जरिए बढ़ाई पहचान पीड़िता के अनुसार आरोपी समीर उसके भाई का करीबी दोस्त है। घर पर लगातार आने-जाने के कारण उसकी पहचान परिवार से हो गई थी। युवती का आरोप है कि इसी विश्वास का फायदा उठाकर आरोपी ने उसके करीब आने की कोशिश की। CM Bhimnagar Visit : EV से भीमनगर की गलियों में पहुंचे CM, टॉपर चांदनी विश्वकर्मा और परिवार संग ली सेल्फी 11 वींमें पढ़ाई के दौरान दुष्कर्म का आरोप शिकायत में बताया गया है कि वर्ष 2023 में, जब वह 11वीं कक्षा की छात्रा थी, तब आरोपी उसे अपने घर ले गया और वहां उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपी कथित तौर पर उसे डराकर और धमकाकर लगातार शोषण करता रहा। गर्भवती होने पर कराया गर्भपात युवती का आरोप है कि वह पहली बार गर्भवती हुई तो आरोपी ने उसे गर्भपात की दवाइयां दीं। साथ ही चाकू दिखाकर धमकी दी कि यदि उसने किसी को कुछ बताया तो उसे और उसके भाई को नुकसान पहुंचाया जाएगा। डर की वजह से वह लंबे समय तक किसी को कुछ नहीं बता सकी। Cyber Security Workshop : मनमोहन सिंह को जीरो बजट अकाउंट का ज्ञान नहीं! CM ने पूर्व PM पर कसा करारा तंज दूसरी बार गर्भ ठहरने पर कराया निकाह पीड़िता का कहना है कि दूसरी बार गर्भवती होने पर आरोपी उसे अपने साथ दूसरी जगह ले गया और वहां धर्म परिवर्तन करवाकर निकाह कर लिया। युवती का दावा है कि उस समय वह नाबालिग थी। निकाह के बाद उसे परिवार से दूर रखा गया और परिजनों से मिलने पर रोक लगा दी गई। बच्चे के जन्म के बाद बढ़ी प्रताड़ना युवती ने एक बच्चे को जन्म दिया, जो वर्तमान में करीब नौ महीने का है। शिकायत के मुताबिक, बच्चे के जन्म के बाद आरोपी का व्यवहार बदल गया और उसने मारपीट शुरू कर दी। युवती का आरोप है कि आरोपी अक्सर उसे जान से मारने की धमकी देता था। परिवार को बताई आपबीती लगातार प्रताड़ना झेलने के बाद युवती ने अपने परिजनों को पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद वह अपने मायके पहुंची। आरोप है कि आरोपी ने उसके परिवार को भी धमकाना शुरू कर दिया। MP Nikay Chunav 2026 : मप्र में निकाय चुनाव की तैयारी तेज! महापौर- नगर पालिका अध्यक्ष पदों का आरक्षण तय करेंगे आयुक्त बच्चे को छीनने और भाई को धमकाने का आरोप पीड़िता का कहना है कि 10 जून को आरोपी ने बच्चे को उससे अलग करने की कोशिश की। आसपास मौजूद लोगों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। इसके अलावा उसके भाई को भी गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है। पुलिस जांच में जुटी लगातार मिल रही धमकियों और कथित प्रताड़ना से परेशान होकर युवती ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों की पड़ताल के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
CM Bhimnagar Visit : EV से भीमनगर की गलियों में पहुंचे CM, टॉपर चांदनी विश्वकर्मा और परिवार संग ली सेल्फी

CM Bhimnagar Visit : भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 12वीं बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्रा चांदनी विश्वकर्मा के घर पहुंचकर उन्हें बधाई दी। मुख्यमंत्री ईवी वाहन से भीमनगर की गलियों में पहुंचे और चांदनी के परिवार से आत्मीय मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने छात्रा की सफलता की सराहना करते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। चांदनी और परिवार से की आत्मीय चर्चा मुख्यमंत्री ने चांदनी विश्वकर्मा और उनके परिजनों से बातचीत कर उनकी सफलता की यात्रा के बारे में जानकारी ली। उन्होंने परिवार के साथ समय बिताया और यादगार पल के रूप में सेल्फी भी ली। मुख्यमंत्री का यह सहज और आत्मीय अंदाज स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। Cyber Security Workshop : मनमोहन सिंह को जीरो बजट अकाउंट का ज्ञान नहीं! CM ने पूर्व PM पर कसा करारा तंज कठिन परिस्थितियों में हासिल की बड़ी सफलता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि चांदनी विश्वकर्मा ने विषम परिस्थितियों के बावजूद मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर यह उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियां कभी भी प्रतिभा की राह नहीं रोक सकतीं, यदि व्यक्ति अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित हो। लाखों विद्यार्थियों के लिए बनी प्रेरणा मुख्यमंत्री ने कहा कि चांदनी की उपलब्धि केवल उनके परिवार की नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उनकी सफलता मध्य प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों को मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। उन्होंने छात्रों से शिक्षा को जीवन का सबसे बड़ा साधन मानकर निरंतर प्रयास करने का संदेश भी दिया। MP Nikay Chunav 2026 : मप्र में निकाय चुनाव की तैयारी तेज! महापौर- नगर पालिका अध्यक्ष पदों का आरक्षण तय करेंगे आयुक्त शिक्षा के क्षेत्र में प्रतिभाओं को मिलेगा प्रोत्साहन मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि चांदनी भविष्य में भी अपनी प्रतिभा के बल पर नई ऊंचाइयों को छुएंगी और प्रदेश का नाम रोशन करेंगी।
Cyber Security Workshop : मनमोहन सिंह को जीरो बजट अकाउंट का ज्ञान नहीं! CM ने पूर्व PM पर कसा करारा तंज

Cyber Security Workshop : मध्य प्रदेश। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित साइबर सुरक्षा और स्टेट डाटा सिक्योरिटी विषयक राज्य स्तरीय कंसल्टेटिव वर्कशॉप में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने साइबर सुरक्षा को वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल युग में डाटा की सुरक्षा अब केवल तकनीकी विषय नहीं रह गई है, बल्कि यह शासन, प्रशासन और आम नागरिकों के विश्वास से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बन चुकी है। पूर्व प्रधानमंत्री पर बिना नाम लिए साधा निशाना कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का नाम लिए बिना उन पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि देश में पहले ऐसे प्रधानमंत्री रहे हैं जिन्हें अर्थशास्त्र का बड़ा जानकार माना जाता था, लेकिन जीरो बैलेंस बैंक खातों के महत्व को वे भी नहीं समझ पाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनधन खातों और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से करोड़ों गरीबों तक सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पहुंचाया, जिससे भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण हुआ है। Ladli Behna Yojana : लाड़ली बहनों के खाते में पहुंची राशि, सीएम मोहन यादव देवरी को लेकर की बड़ी घोषणा साइबर सुरक्षा को बताया सीमा सुरक्षा से भी महत्वपूर्ण मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलती तकनीक और डिजिटल व्यवस्था के दौर में डाटा सुरक्षा का महत्व लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आज किसी व्यक्ति की जीवनभर की कमाई साइबर अपराधियों के कारण कुछ ही मिनटों में खत्म हो सकती है। यूपीआई जैसी डिजिटल भुगतान प्रणालियों को पूरी दुनिया ने स्वीकार किया है, इसलिए नागरिकों का भरोसा बनाए रखने के लिए साइबर सुरक्षा को मजबूत करना बेहद आवश्यक है। अधिकारियों को दी जवाबदेही की चेतावनी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि साइबर अपराध की चुनौती को हल्के में नहीं लिया जा सकता। उन्होंने कहा कि यह केवल चर्चा या औपचारिक बैठकों का विषय नहीं है, बल्कि पूरी जिम्मेदारी और जवाबदेही का मामला है। यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित विभाग को जवाब देना होगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में सभी विभागों को अपनी डिजिटल सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध रहना होगा। Ceasefire Deal Update : अमेरिका-ईरान शांति समझौते पर सहमति! होर्मुज स्ट्रेट खुलेगा, नई वार्ता का रास्ता साफ महू में बनेगा साइबर सिक्योरिटी रिसर्च सेंटर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मध्य प्रदेश सरकार महू में मिलिट्री कॉलेज ऑफ टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (MCTE) के सहयोग से अत्याधुनिक साइबर सिक्योरिटी रिसर्च सेंटर स्थापित करेगी। उन्होंने कहा कि यह केंद्र साइबर खतरों की पहचान, शोध, प्रशिक्षण और सुरक्षा रणनीतियों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सरकार का उद्देश्य राज्य को साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बनाना है। प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शिता का किया उल्लेख मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विशेषता यह है कि वे संभावित खतरों को समय रहते पहचान लेते हैं और समाज को पहले से सतर्क करते हैं। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में साइबर हमले किसी भी संस्था, व्यवसाय या सरकारी व्यवस्था को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में मजबूत साइबर प्रबंधन और तकनीकी तैयारी समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। MP Nikay Chunav 2026 : मप्र में निकाय चुनाव की तैयारी तेज! महापौर- नगर पालिका अध्यक्ष पदों का आरक्षण तय करेंगे आयुक्त 14 वर्षों में 77 गुना बढ़े साइबर अपराध कार्यशाला में एडीजी इंटेलिजेंस साई मनोहर ने साइबर अपराधों से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि पिछले 14 वर्षों में साइबर अपराधों में 77 गुना वृद्धि दर्ज की गई है। वर्तमान में मध्य प्रदेश में हर वर्ष लगभग 77 हजार साइबर शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के बाद ऑनलाइन गतिविधियों के बढ़ने से साइबर अपराधों में तेजी से वृद्धि हुई है। साइबर फ्रॉड से 137 करोड़ रुपये बचाए गए एडीजी साई मनोहर ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद साइबर हेल्पलाइन की क्षमता तीन गुना बढ़ाई गई है। इसका परिणाम यह रहा कि जहां पहले लगभग 52 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी रोकी जा रही थी, वहीं अब 137 करोड़ रुपये से अधिक की राशि साइबर ठगी से बचाई जा चुकी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं। डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी बनी बड़ी चुनौती कार्यशाला में बताया गया कि डिजिटल अरेस्ट जैसे नए साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। ठग खुद को सीबीआई, ईडी, पुलिस या सेना का अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं और उनसे पैसे ऐंठते हैं। विशेष रूप से बुजुर्ग, पेंशनभोगी और कम तकनीकी जानकारी रखने वाले लोग इनके निशाने पर रहते हैं। अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश पर भरोसा न करने की अपील की। New Army Chief : लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ अगले आर्मी चीफ, दो महीने पहले बने थे उप सेना प्रमुख मध्य प्रदेश में भी हुए साइबर हमले एडीजी ने बताया कि वर्ष 2023 में मध्य प्रदेश की कुछ डिजिटल प्रणालियों पर साइबर हमले हुए थे, जिन्हें समय रहते नियंत्रित कर लिया गया। हाल के महीनों में भी कुछ महत्वपूर्ण सरकारी डाटा प्रणालियों को निशाना बनाने की कोशिश की गई है। उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए विशेष अभियान और तकनीकी निगरानी लगातार बढ़ाई जा रही है। डेटा लीक पर लग सकती है भारी पेनाल्टी कार्यक्रम में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव एम. सेल्वेंद्रन ने कहा कि भविष्य में पर्सनल डाटा प्रोटेक्शन (PDP) कानून पूरी तरह लागू होने के बाद डाटा लीक की स्थिति में 250 करोड़ रुपये तक की पेनाल्टी लग सकती है। उन्होंने कहा कि सरकारी डाटा की सुरक्षा केवल तकनीकी आवश्यकता नहीं, बल्कि प्रशासनिक जिम्मेदारी भी है। इसलिए सभी विभागों को साइबर सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करना होगा। MP Third Child Rule : तीसरी संतान पर अफसर बर्खास्त! CM ने कहा था नहीं छिनेगी नौकरी; विभाग बोला- हमें नहीं पता साइबर सुरक्षा को संस्थागत रूप से मजबूत करने पर जोर कार्यशाला में सेना के अधिकारियों, साइबर विशेषज्ञों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। विशेषज्ञों ने साइबर हमलों से बचाव, डाटा सुरक्षा और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली को मजबूत
Ladli Behna Yojana : लाड़ली बहनों के खाते में पहुंची राशि, सीएम मोहन यादव देवरी को लेकर की बड़ी घोषणा

Ladli Behna Yojana : सागर। मध्य प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत 37वीं किस्त की राशि पात्र महिलाओं के बैंक खातों में भेज दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सागर जिले की देवरी विधानसभा क्षेत्र के केसली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रदेशभर की पात्र महिलाओं के खातों में 1500-1500 रुपये की राशि अंतरित की। इस दौरान CM मोहन यादव ने देवरी को ‘देवपुरी’ बनाने का ऐलान भी किया। महिलाओं के खातों में पहुंचे 1835 करोड़ रुपये राज्य सरकार के अनुसार, योजना की 37वीं किस्त के तहत प्रदेश की 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं के खातों में 1835 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि ट्रांसफर की गई। सरकार का दावा है कि इस योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे वे अपनी आवश्यक जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर भी बन रही हैं। योजना राज्य की सबसे बड़ी महिला कल्याण योजनाओं में शामिल है। MP Nikay Chunav 2026 : मप्र में निकाय चुनाव की तैयारी तेज! महापौर- नगर पालिका अध्यक्ष पदों का आरक्षण तय करेंगे आयुक्त पहली बार देवरी पहुंचे मुख्यमंत्री की कई बड़ी घोषणाएं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहली बार देवरी विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने देवरी नगर का नाम बदलकर ‘देवपुरी’ करने की घोषणा की। यह मांग स्थानीय विधायक बृजबिहारी पटेरिया ने मंच से रखी थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन को प्रस्ताव भेजा जाए, जिसके बाद नियमानुसार नाम परिवर्तन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। विधायक की मांग पर मिला विकास का भरोसा कार्यक्रम के दौरान विधायक बृजबिहारी पटेरिया ने बुंदेली अंदाज में मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए क्षेत्र के विकास से जुड़ी मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के दौरे से क्षेत्र की जनता को बड़ी उम्मीदें हैं। मुख्यमंत्री ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए हर संभव सहयोग दिया जाएगा और अधिकांश मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। Ceasefire Deal Update : अमेरिका-ईरान शांति समझौते पर सहमति! होर्मुज स्ट्रेट खुलेगा, नई वार्ता का रास्ता साफ विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन मुख्यमंत्री ने देवरी विधानसभा क्षेत्र के लिए लगभग 190.85 करोड़ रुपये की लागत वाले 53 विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें 122.02 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 28 नए कार्यों का भूमिपूजन किया गया, जबकि 68.83 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हुए 25 विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया। इन परियोजनाओं से सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है। केसली और गौरझामर को नगर पंचायत बनाने की घोषणा मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय विकास को गति देने के लिए केसली और गौरझामर को नगर पंचायत बनाने की घोषणा भी की। इसके अलावा क्षेत्र के प्रसिद्ध खांडेराव मंदिर के जीर्णोद्धार और भव्य निर्माण कार्य को मंजूरी दी गई। सांदीपनि विद्यालय के दूसरे चरण के निर्माण, स्थानीय स्कूलों के उन्नयन और शासकीय अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ाने की भी घोषणा की गई। इन फैसलों को क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। MP Third Child Rule : तीसरी संतान पर अफसर बर्खास्त! CM ने कहा था नहीं छिनेगी नौकरी; विभाग बोला- हमें नहीं पता नर्मदा जल परियोजना को लेकर उठी बड़ी मांग कार्यक्रम में दमोह लोकसभा क्षेत्र के सांसद राहुल सिंह ने नर्मदा जल परियोजना को मंजूरी देने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि यदि नर्मदा का पानी क्षेत्र तक पहुंचता है तो देवरी और केसली क्षेत्र के लगभग 190 गांवों को सिंचाई का लाभ मिलेगा। सांसद के अनुसार प्रस्तावित सिंदूर विरान संयुक्त सिंचाई परियोजना से सहजपुर और केसली विकासखंड के लगभग 35 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा विकसित हो सकती है, जिससे किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा। कांग्रेस पर साधा निशाना अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस पर भी राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए महिलाओं के मुद्दों पर पार्टी को घेरा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं का उद्देश्य गरीबों, किसानों, महिलाओं और युवाओं का सशक्तिकरण है, जबकि विपक्ष केवल राजनीतिक बयानबाजी कर रहा है। CM PHQ Meeting : PHQ में CM मोहन यादव की समीक्षा बैठक, बोले- मध्य प्रदेश ने नक्सलवाद खत्म कर रचा इतिहास क्षेत्र के विकास को मिलेगी नई रफ्तार मुख्यमंत्री के दौरे को देवरी विधानसभा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लाड़ली बहना योजना की राशि वितरण, देवरी को देवपुरी बनाने की घोषणा, नगर पंचायतों का गठन, मंदिर विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश तथा सिंचाई परियोजनाओं की संभावनाएं क्षेत्र के समग्र विकास को नई दिशा दे सकती हैं। अब स्थानीय लोगों की नजर इन घोषणाओं के क्रियान्वयन पर रहेगी।