Hafiz Saeed Warrant : नई दिल्ली। पहलगाम आतंकी हमले की जांच के दौरान राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को बड़ी कानूनी सफलता मिली है। जम्मू की विशेष NIA अदालत ने पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया है। यह आदेश 8 जुलाई को विशेष न्यायाधीश ने पारित किया। इससे पहले NIA ने मामले में हाफिज सईद के खिलाफ पूरक आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया था। एजेंसी का कहना है कि आरोपी जानबूझकर गिरफ्तारी से बच रहा है, इसलिए उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई आवश्यक है।
कई गंभीर धाराओं में दर्ज है मामला
पूरक आरोपपत्र में हाफिज सईद पर व्यक्तिगत रूप से और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) तथा उसके सहयोगी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) के प्रमुख के रूप में आरोप लगाए गए हैं। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी और हिरासत में पूछताछ निष्पक्ष, व्यापक और प्रभावी जांच के लिए जरूरी है। इसके बाद वारंट को आगे की कार्रवाई के लिए NIA के जम्मू कार्यालय भेज दिया गया।
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पहलगाम हमले में 26 लोगों की हुई थी हत्या
जांच एजेंसी के अनुसार, हाफिज सईद पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सरगोधा का रहने वाला है और इस मामले में फरार आरोपी है। उल्लेखनीय है कि 22 अप्रैल को दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी। मृतकों में अधिकांश पर्यटक शामिल थे।
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हाफिज सईद को भारत और अमेरिका पहले ही वैश्विक आतंकवादी घोषित कर चुके हैं। उसे वर्ष 2008 के मुंबई आतंकी हमलों का प्रमुख साजिशकर्ता भी माना जाता है। अब NIA इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया को तेज करने में जुटी है।