Iran Nuclear Dispute : वांशिगटन डीसी। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने साफ शब्दों में कहा है कि वे किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे। उनके मुताबिक, यह सिर्फ एक देश का नहीं बल्कि पूरी दुनिया की सुरक्षा का सवाल है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इसी वजह से अमेरिका को ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाना पड़ा।
परमाणु हथियार दुनिया के लिए खतरा
फ्लोरिडा में एक कार्यक्रम के दौरान डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने कहा कि अगर समय रहते कदम नहीं उठाए जाते, तो ईरान के पास परमाणु हथियार हो सकता था, जिससे इजराइल, मिडिल ईस्ट और यूरोप को भारी नुकसान उठाना पड़ता। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि “ऐसे लोगों के हाथ में परमाणु हथियार नहीं जाने दिए जा सकते,” और दावा किया कि अमेरिका ने एक बड़े खतरे को टाल दिया है।
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ईरान का प्रस्ताव फिर ठुकराया
डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने बताया कि उन्होंने ईरान की ओर से आए प्रस्ताव को एक बार फिर खारिज कर दिया है। इससे पहले भी 26 और 27 अप्रैल को ईरान ने बातचीत के लिए प्रस्ताव भेजे थे, लेकिन अमेरिका की ओर से उन्हें स्वीकार नहीं किया गया। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के अनुसार, नए प्रस्ताव में परमाणु मुद्दे का स्पष्ट जिक्र नहीं था, जिससे अमेरिका संतुष्ट नहीं है।
होर्मुज को लेकर टकराव
ईरान का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को तुरंत खोला जाना चाहिए और परमाणु मुद्दे पर बाद में बातचीत की जा सकती है। वहीं अमेरिका चाहता है कि दोनों मुद्दों पर एक साथ बातचीत हो। डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) पहले ही कह चुके हैं कि बातचीत से पहले ईरान को अपना एनरिच्ड यूरेनियम सौंपना होगा।
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संसद की मंजूरी पर बयान
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई के लिए उन्हें संसद की अनुमति लेने की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग इसकी मांग कर रहे हैं, वे देशहित के खिलाफ हैं।
जंग खत्म होने का दावा
व्हाइट हाउस ने संसद को जानकारी दी है कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध समाप्त हो चुका है। हालांकि, उस क्षेत्र में अमेरिकी सेना की मौजूदगी अब भी बनी हुई है।
कंपनियों के लिए चेतावनी
अमेरिका ने चेतावनी दी है कि जो कंपनियां ईरान को होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) से गुजरने के लिए भुगतान करती हैं, उन पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है—चाहे वह भुगतान किसी भी नाम से किया गया हो।
जहाजों की आवाजाही में भारी गिरावट
होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों का ट्रैफिक लगभग 90% तक घट गया है। जहां पहले रोज करीब 130 जहाज गुजरते थे, अब यह संख्या घटकर 10 से भी कम रह गई है।
संभावित हमले पर ब्रीफिंग
अमेरिका की यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के कमांडर ने राष्ट्रपति को ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य विकल्पों की जानकारी दी है।
बढ़ता तनाव, क्या आगे और टकराव?
अमेरिका और ईरान के बीच जारी इस तनाव ने वैश्विक राजनीति को फिर से गर्मा दिया है। परमाणु मुद्दा, तेल मार्ग और सैन्य रणनीति- तीनों ही इस विवाद के केंद्र में हैं। आने वाले दिनों में यह स्थिति किस दिशा में जाएगी, इस पर पूरी दुनिया की नजर टिकी हुई है।