Emergency Alert : भोपाल। 2 अप्रैल 2026 की सुबह करीब 11:30 बजे अचानक लाखों लोगों के मोबाइल फोन पर एक साथ तेज सायरन जैसी आवाज के साथ अलर्ट मैसेज आया। फोन कुछ सेकंड के लिए वाइब्रेट करने लगा, स्क्रीन फ्रीज हो गई और बीप की आवाज ने लोगों को चौंका दिया। कई लोगों को तो लगा कि उनका फोन खराब हो गया है या फटने वाला है। लेकिन जैसे ही आवाज बंद हुई, स्क्रीन पर एक मैसेज दिखाई दिया और उसे पढ़कर सुनाया भी गया। इस अनोखे अनुभव ने लोगों के बीच घबराहट और भ्रम दोनों पैदा कर दिए।
किसने भेजा था यह अलर्ट?
दरअसल, यह मैसेज राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) द्वारा भेजा गया था। यह इमरजेंसी मोबाइल अलर्ट सिस्टम की टेस्टिंग का हिस्सा था। 2 मई को इस सिस्टम की जांच के लिए देशभर में एक साथ यह अलर्ट भेजा गया, ताकि भविष्य में किसी आपदा की स्थिति में लोगों तक तुरंत सूचना पहुंचाई जा सके।
क्या है सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक?
NDMA ने इस सिस्टम को मोबाइल SMS के साथ जोड़कर सेल ब्रॉडकास्ट टेक्नोलॉजी का उपयोग किया है। इस तकनीक की खासियत यह है कि यह किसी खास इलाके में मौजूद सभी एक्टिव मोबाइल फोन पर एक साथ अलर्ट भेज सकती है। इससे इमरजेंसी के दौरान रियल-टाइम जानकारी लोगों तक पहुंचाना आसान हो जाता है, चाहे नेटवर्क कितना भी व्यस्त क्यों न हो।
देशभर में एक साथ हुआ परीक्षण
शनिवार को देश के सभी राज्यों की राजधानियों और दिल्ली-एनसीआर सहित कई इलाकों में एक साथ यह टेस्टिंग मैसेज भेजा गया। खास बात यह रही कि यह अलर्ट हिंदी, अंग्रेजी और कई क्षेत्रीय भाषाओं में भेजा गया, ताकि हर व्यक्ति इसे आसानी से समझ सके। मैसेज में साफ तौर पर लिखा गया था कि यह केवल एक परीक्षण है और लोगों को घबराने या कोई कार्रवाई करने की जरूरत नहीं है।
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सरकार की पहले से चेतावनी
सरकार ने इस टेस्टिंग से पहले ही लोगों को सूचित कर दिया था कि उन्हें ऐसा मैसेज मिल सकता है। साथ ही यह भी कहा गया था कि यह केवल सिस्टम की जांच है, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। इसके बावजूद अचानक आए इस अलर्ट ने कई लोगों को चौंका दिया।
क्या है ‘SACHET’ सिस्टम?
इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम को और मजबूत बनाने के लिए सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स ने ‘SACHET system’ नाम का एक इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म तैयार किया है। यह सिस्टम कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल (CAP) पर आधारित है। इसका उद्देश्य आपदा या आपात स्थिति में लोगों को तुरंत और सटीक जानकारी देना है। इसे देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया जा चुका है।
क्यों जरूरी है यह सिस्टम?
इस तरह के अलर्ट सिस्टम का मकसद लोगों को समय रहते सचेत करना है, ताकि प्राकृतिक आपदाओं या अन्य आपात स्थितियों में जान-माल का नुकसान कम किया जा सके। यह तकनीक भविष्य में भारत के आपदा प्रबंधन तंत्र को और मजबूत बनाएगी।
