MP Student Suicide : इंदौर में बीटेक छात्र ने हॉस्टल में लगाई फांसी, एक तरफा प्यार के चक्कर में दी जान

MP Student Suicide : इंदौर। मध्य प्रदेश में स्टूडेंट्स की आत्महत्या के मामले लगातार मामले सामने आ रहे हैं। इसी कड़ी में इंदौर के तेजाजी नगर थाना क्षेत्र स्थित एक हॉस्टल में छात्र ने फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। यह घटना उस समय सामने आई जब उसके रूममेट्स खाना खाकर लौटे और दरवाजा नहीं खुलने पर अंदर झांककर देखा तो छात्र फंदे पर लटका मिला। साथी छात्रों ने उसे तत्काल नीचे उतारकर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस के मुताबिक मृतक की पहचान उत्कर्ष श्रीवास्तव (21) निवासी लखनऊ के रूप में हुई है। वह सेज यूनिवर्सिटी से बीटेक थर्ड ईयर (6th सेमेस्टर) की पढ़ाई कर रहा था और हॉस्टल में रह रहा था। Bhopal Encroachment : भोपाल मानस भवन इलाके से हटाई आदिवासी बस्ती, विरोध कर रहे लोगों पर लाठी चार्ज पुलिस ने दोस्तों से की पूछताछ मृतक के दोस्तों से पूछताछ में पुलिस को बताया कि, तबीयत ठीक नहीं होने की वजह से उत्कर्ष कमरे में ही रुक गया था। जब साथी छात्र वापस लौटे तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी देर तक खटखटाने के बावजूद दरवाजा नहीं खुला तो उन्होंने ऊपर से झांककर देखा। अंदर उत्कर्ष फंदे पर लटका हुआ था। इसके बाद साथियों ने किसी तरह दरवाजा खुलवाया और उसे तुरंत नीचे उतारकर पहले प्राइवेट अस्पताल, फिर एमवाय अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने परिवार को सूचना दे दी है। Ishank Singh World Record : 7 साल के इशांक सिंह ने रचा इतिहास! 10 घंटे में 29 किमी पाक स्ट्रेट तैरकर बने दुनिया के सबसे यंग स्विमर डायरी में मिला सुसाइड नोट पुलिस को जांच के दौरान कमरे से एक डायरी मिली है, जिसमें छात्र अपनी निजी बातें लिखा करता था। इसी डायरी में सुसाइड नोट भी मिला है। पुलिस को पूछताछ में जानकारी मिली है कि छात्र के पिता नहीं है। छात्र जिनके साथ रूम में रहता था वो उसके जूनियर थे। डायरी में एक तरफा प्रेम की बात तेजाजी नगर टीआई देवेंद्र मरकाम के अनुसार, शुरुआती जांच में सामने आया है कि छात्र एक युवती से एकतरफा प्रेम करता था। डायरी में उसी का जिक्र है, हालांकि युवती का नाम स्पष्ट नहीं लिखा गया है। कुछ समय से वह मानसिक तनाव में भी था। डायरी में उत्कर्ष की कई तरह की बातें लिखी है। Sandeep Pathak : सांसद संदीप पाठक पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार! गैर जमानती धाराओं में मामला दर्ज एडिशनल डीसीपी प्रियंका डुडवे ने बताया कि छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। सुसाइड नोट के आधार पर मामला एकतरफा प्रेम से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
Bengal Repolling 2026 : गाल-फालता में पुलिस का लाठीचार्ज! 15 बूथों पर अब तक 86.11% मतदान दर्ज

Bengal Repolling 2026 : कोलकाता। पश्चिम बंगाल के डायमंड हार्बर और मगराहाट पश्चिम में शनिवार सुबह 7 बजे से 15 बूथों पर दोबारा मतदान जारी है, लेकिन इस बीच कई जगहों से हिंसा और टकराव की खबरें सामने आ रही हैं। 3 बजे तक 70% हुई वोटिंग जानकारी के मुताबिक, डायमंड हार्बर के 4 और मगराहाट पश्चिम के 11 बूथों पर री-पोलिंग कराई जा रही है। ये सभी बूथ दक्षिण 24 परगना जिले में आते हैं। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में 15 बूथों पर हो रहे पुनर्मतदान में शाम 5 बजे तक मगराहाट पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में लगभग 86.11% और डायमंड हार्बर विधानसभा क्षेत्र में 87.60% मतदान दर्ज किया है। दोपहर तीन बजे तक मगराहाट पश्चिम में 72.50%, डायमंड हार्बर में 72.36% वोटिंग दर्ज की गई है। वहीं दोपहर 1 बजे तक इन इलाकों में 55% से ज्यादा मतदान दर्ज किया गया था। जिसमें डायमंड हार्बर में 54.9% और मगराहट पश्चिम में 54.9% मतदान हुआ था। Bengal Repolling 2026 : 15 बूथों पर 1 बजे 55%+ मतदान, डायमंड हार्बर में महिलाएं बोलीं- TMC ने वोट डालने से रोका हमले के बाद पुलिस लाठीचार्ज डायमंड हार्बर के फालता इलाके में स्थानीय लोगों ने TMC कार्यकर्ताओं पर हमला करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि वोट डालने के बाद उनके साथ मारपीट की गई। लोगों के मुताबिक, जब उन्होंने इस घटना का शांतिपूर्ण विरोध किया, तो पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया। इस दौरान कई लोग घायल हुए, जिनमें सिर, हाथ और पैरों में चोटें आईं। कुछ लोगों ने विशेष समुदाय को भी इस हमले के लिए जिम्मेदार बताया है। TMC का पलटवार- सुरक्षाबलों पर लगाए आरोप दूसरी ओर टीएमसी ने सुरक्षाबलों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि मगराहाट पश्चिम के बूथ नंबर 127 पर सुरक्षाबलों ने उनके कैंप में तोड़फोड़ की और कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की। घटना के बाद TMC समर्थकों ने नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया। Bhopal Encroachment : भोपाल मानस भवन इलाके से हटाई आदिवासी बस्ती, विरोध कर रहे लोगों पर लाठी चार्ज चुनाव आयोग ने बढ़ाई निगरानी स्थिति को देखते हुए चुनाव आयोग ने राज्य में 165 अतिरिक्त काउंटिंग ऑब्जर्वर और 77 पुलिस ऑब्जर्वर तैनात किए हैं। इसका मकसद चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाए रखना है। क्यों कराना पड़ा दोबारा मतदान? दरअसल, 29 अप्रैल को दूसरे चरण की वोटिंग के दौरान इन बूथों पर EVM से छेड़छाड़ और झड़प की शिकायतें मिली थीं। इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए चुनाव आयोग ने पुनर्मतदान कराने का फैसला किया। पोस्टल बैलेट पर भी उठे सवाल इस बीच TMC ने कोलकाता के खुदीराम अनुशीलन केंद्र के रिटर्निंग ऑफिसर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पार्टी का आरोप है कि पोस्टल बैलेट कवर के साथ छेड़छाड़ की गई है, जिससे चुनाव की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। Counting Supervisor Dispute : काउंटिंग में नियमों के खिलाफ किसी कर्मचारियों की तैनाती नहीं… सुप्रीम कोर्ट में TMC की आपत्ति खारिज रिकॉर्ड मतदान, अब नतीजों का इंतजार बता दें कि, पश्चिम बंगाल में इस बार कुल 294 सीटों पर 92.84% मतदान दर्ज किया गया, जो एक रिकॉर्ड है। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को 152 सीटों पर कराया गया था। इस दौरान 93.19 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ। वहीं दूसरे चरण की वोटिंग 142 सीटों पर 29 अप्रैल को हुई थी, जिसमें 92.48 प्रतिशत वोटिंग हुई। अब सभी की नजरें 4 मई को आने वाले चुनाव परिणामों पर टिकी हैं।
Bhopal Encroachment : भोपाल मानस भवन इलाके से हटाई आदिवासी बस्ती, विरोध कर रहे लोगों पर लाठी चार्ज

Bhopal Encroachment : भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी में भोपाल में इन दिनों अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेजी से चल रही है। इसी कड़ी में शनिवार 2 अप्रैल को भोपाल के मानस भवन इलाके में 70 साल से रह रहे 27 परिवारों के घरों पर प्रशासन का बुलडोजर चल गया है। अधिकारियों का कहना है कि, ये सरकारी जमीन पर रह रहे हैं। जानाकरी के मुताबिक, पॉलिटेक्निक चौराहा स्थित मानस भवन के पास पुलिस ने शुक्रवार रात से ही इलाके की घेराबंदी कर दी थी। शनिवार सुबह बैरिकेडिंग कर आवाजाही पूरी तरह बंद करा दी गई। इसके बाद सुबह 7 बजे शुरू की गई अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई दोपहर करीब 3 बजे तक चली। Pune Minor Rape : 4 साल की बच्ची से दरिंदगी! रेप के बाद पत्थर से कुचलकर की हत्या कांग्रेस नेता बैठे धरने पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, नगर निगम नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी और आसिफ जकी सहित कई कांग्रेस नेताओं ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई का विरोध किया। धरने पर बैठ गए। एक युवक टावर पर चढ़ गया, जिसे पुलिस ने समझाकर उतारा। पुलिस ने किया लाठीचार्ज जब हंगामा बढ़ने लगा, तो पुलिस एक्शन मोड में आ गई। हल्का लाठी चार्ज किया। लेकिन जब कांग्रेसी नहीं हटे तो पुलिस ने शबिस्ता जकी, आसिफ जकी समेत कुछ लोगों को हिरासत में ले लिया। जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया। Ishank Singh World Record : 7 साल के इशांक सिंह ने रचा इतिहास! 10 घंटे में 29 किमी पाक स्ट्रेट तैरकर बने दुनिया के सबसे यंग स्विमर दरअसल, यहां से 27 परिवारों को हटाकर भौंरी, कलखेड़ा और मालीखेड़ी में शिफ्ट किया जाना है। करीब 70 साल पुरानी इस बस्ती को हटाने के लिए 95 अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी।
Iran Nuclear Dispute : पागलों के हाथ में नहीं दे सकते एटम बम… ईरान का ऑफर ठुकराकर ट्रंप ने दी फाइनल वॉर्निंग!

Iran Nuclear Dispute : वांशिगटन डीसी। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने साफ शब्दों में कहा है कि वे किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे। उनके मुताबिक, यह सिर्फ एक देश का नहीं बल्कि पूरी दुनिया की सुरक्षा का सवाल है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इसी वजह से अमेरिका को ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाना पड़ा। परमाणु हथियार दुनिया के लिए खतरा फ्लोरिडा में एक कार्यक्रम के दौरान डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने कहा कि अगर समय रहते कदम नहीं उठाए जाते, तो ईरान के पास परमाणु हथियार हो सकता था, जिससे इजराइल, मिडिल ईस्ट और यूरोप को भारी नुकसान उठाना पड़ता। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि “ऐसे लोगों के हाथ में परमाणु हथियार नहीं जाने दिए जा सकते,” और दावा किया कि अमेरिका ने एक बड़े खतरे को टाल दिया है। Pune Minor Rape : 4 साल की बच्ची से दरिंदगी! रेप के बाद पत्थर से कुचलकर की हत्या ईरान का प्रस्ताव फिर ठुकराया डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने बताया कि उन्होंने ईरान की ओर से आए प्रस्ताव को एक बार फिर खारिज कर दिया है। इससे पहले भी 26 और 27 अप्रैल को ईरान ने बातचीत के लिए प्रस्ताव भेजे थे, लेकिन अमेरिका की ओर से उन्हें स्वीकार नहीं किया गया। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के अनुसार, नए प्रस्ताव में परमाणु मुद्दे का स्पष्ट जिक्र नहीं था, जिससे अमेरिका संतुष्ट नहीं है। होर्मुज को लेकर टकराव ईरान का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को तुरंत खोला जाना चाहिए और परमाणु मुद्दे पर बाद में बातचीत की जा सकती है। वहीं अमेरिका चाहता है कि दोनों मुद्दों पर एक साथ बातचीत हो। डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) पहले ही कह चुके हैं कि बातचीत से पहले ईरान को अपना एनरिच्ड यूरेनियम सौंपना होगा। पिछले 24 घंटे के बड़े अपडेटस संसद की मंजूरी पर बयान डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई के लिए उन्हें संसद की अनुमति लेने की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग इसकी मांग कर रहे हैं, वे देशहित के खिलाफ हैं। Bengal Repolling 2026 : 15 बूथों पर 1 बजे 55%+ मतदान, डायमंड हार्बर में महिलाएं बोलीं- TMC ने वोट डालने से रोका जंग खत्म होने का दावा व्हाइट हाउस ने संसद को जानकारी दी है कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध समाप्त हो चुका है। हालांकि, उस क्षेत्र में अमेरिकी सेना की मौजूदगी अब भी बनी हुई है। कंपनियों के लिए चेतावनी अमेरिका ने चेतावनी दी है कि जो कंपनियां ईरान को होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) से गुजरने के लिए भुगतान करती हैं, उन पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है—चाहे वह भुगतान किसी भी नाम से किया गया हो। जहाजों की आवाजाही में भारी गिरावट होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों का ट्रैफिक लगभग 90% तक घट गया है। जहां पहले रोज करीब 130 जहाज गुजरते थे, अब यह संख्या घटकर 10 से भी कम रह गई है। Emergency Alert : एक साथ सबके मोबाइल में बजा सायरन! स्क्रीन पर आया अलर्ट मैसेज, आपदा विभाग कर रही टेस्टिंग संभावित हमले पर ब्रीफिंग अमेरिका की यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के कमांडर ने राष्ट्रपति को ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य विकल्पों की जानकारी दी है। बढ़ता तनाव, क्या आगे और टकराव? अमेरिका और ईरान के बीच जारी इस तनाव ने वैश्विक राजनीति को फिर से गर्मा दिया है। परमाणु मुद्दा, तेल मार्ग और सैन्य रणनीति- तीनों ही इस विवाद के केंद्र में हैं। आने वाले दिनों में यह स्थिति किस दिशा में जाएगी, इस पर पूरी दुनिया की नजर टिकी हुई है।
Pune Minor Rape : 4 साल की बच्ची से दरिंदगी! रेप के बाद पत्थर से कुचलकर की हत्या

Pune Minor Rape : महाराष्ट्र। पुणे में 4 साल की मासूम से रेप किया फिर पत्थर से कुचलकर उसकी हत्या कर दी। इस मामले में पुलिस ने 65 साल के आरोपी भीमराव कांबले को गिरफ्तार किया है। महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सरकार इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराएगी और अपराधी के लिए फांसी की मांग करेगी। पुलिस के मुताबिक, बच्ची पुणे के भोर तहसील में रहने वाली अपनी नानी के यहां गर्मी की छुट्टियां बिताने आई थी। शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे आरोपी भीमराव कांबले बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने घर के पास बने तबेले में ले गया। वहां बच्ची से रेप किया। और पकडे जाने के डर से आरोपी ने बच्ची को पत्थर से कुचलकर मार डाला। Ishank Singh World Record : 7 साल के इशांक सिंह ने रचा इतिहास! 10 घंटे में 29 किमी पाक स्ट्रेट तैरकर बने दुनिया के सबसे यंग स्विमर परिजनों ने शुरू की तलाश बच्ची जब काफी देर तक तबेले से वापस नहीं आई तो घर वालों ने उसकी तलाश शुरू की। आस-पास पूछताछ करने पर कुछ लोगों ने बच्ची को तबेले के पास जाते हुए देखा। इसके बाद जब तबेले में देखा तो बच्ची का शव मिला। जिसे पत्थर से कई बार कुचला गया था। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की तलाश की। इस दौरान आरोपी बच्ची को तबेले में जाते हुए देखा गया। पुलिस ने तुरंत भीमराव कांबले को हिरासत में ले लिया। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है। फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री और एनसीपी (एसपी) नेता अनिल देशमुख ने मामले में आरोपी के लिए फांसी और मामला की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की मांग की थी।इसके बाद महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सरकार इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराएगी और अपराधी के लिए फांसी की मांग करेगी। Bengal Repolling 2026 : 15 बूथों पर 1 बजे 55%+ मतदान, डायमंड हार्बर में महिलाएं बोलीं- TMC ने वोट डालने से रोका क्या बोलीं सुप्रिया सुले एनसीपी (एसपी) नेता और सांसद सुप्रिया सुले (Supriya Sule) ने आरोपी को कठोर से कठोर सजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद शर्मनाक और मानवता को कलंकित करने वाली है। लोगों में भारी गुस्सा शिवसेना की राष्ट्रीय प्रवक्ता शाइना NC ने कहा कि इस दरिंदगी समाज के लिए बड़ा सवाल खड़ा करती है। इस घटना को लेकर लोगों में भारी गुस्सा है। यह सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि एक मासूम के खिलाफ सबसे क्रूर अत्याचार है। Counting Supervisor Dispute : काउंटिंग में नियमों के खिलाफ किसी कर्मचारियों की तैनाती नहीं… सुप्रीम कोर्ट में TMC की आपत्ति खारिज मुंबई- बेंगलुरु हाईवे पर चक्काजाम घटना के बाद गांव के लोगों ने शुक्रवार रात विरोध प्रदर्शन किया और मुंबई-बेंगलुरु हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। पुणे ग्रामीण पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया है कि इस मामले में 15 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी।
Ishank Singh World Record : 7 साल के इशांक सिंह ने रचा इतिहास! 10 घंटे में 29 किमी पाक स्ट्रेट तैरकर बने दुनिया के सबसे यंग स्विमर

Ishank Singh World Record : झारखंड। रांची के महज 7 साल के इशांक सिंह ने वो कर दिखाया, जिसे सुनकर बड़े-बड़े तैराक भी हैरान रह जाएं। इतनी छोटी उम्र में उन्होंने समुद्र के खतरनाक रास्ते को पार कर एक नया इतिहास रच दिया है। 29 किलोमीटर का कठिन सफर किया पूरा इशांक सिंह (Ishank Singh) ने 30 अप्रैल 2026 को श्रीलंका के तलाईमन्नार (Talaimannar) से भारत के धनुषकोडी (Dhanushkodi) तक फैले करीब 29 किलोमीटर लंबे समुद्री रास्ते को तैरकर पार किया। बता दें कि, यह रास्ता पाक जलडमरूमध्य (Palk Strait) में आता है, जो अपनी तेज लहरों, गहरी धाराओं और समुद्री जीवों के खतरे के लिए जाना जाता है। इशांक ने यह चुनौती 9 घंटे 50 मिनट में पूरी कर दुनिया को चौंका दिया। Sandeep Pathak : सांसद संदीप पाठक पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार! गैर जमानती धाराओं में मामला दर्ज सबसे कम उम्र में बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड इस उपलब्धि के साथ इशांक सिंह (Ishank Singh) दुनिया के सबसे कम उम्र के तैराक बन गए हैं, जिन्होंने इस समुद्री रास्ते को पार किया। उन्हें यूनिवर्सल रिकॉर्ड्स फोरम (Universal Records Forum) की ओर से ‘यंगेस्ट एंड फास्टेस्ट पाक स्ट्रेट स्विमर’ का प्रमाण पत्र भी दिया गया है। कड़ी मेहनत और रोज की प्रैक्टिस इस बड़ी सफलता के पीछे इशांक की लगातार मेहनत छिपी है। वह रांची के धुर्वा डैम (Dhurva Dam) में रोजाना 4 से 5 घंटे तैराकी की प्रैक्टिस करते थे। उनकी ट्रेनिंग कोच अमन कुमार जयसवाल (Aman Kumar Jaiswal) और बजरंग कुमार के मार्गदर्शन में हुई, जिन्होंने उन्हें इस कठिन चुनौती के लिए तैयार किया। Emergency Alert : एक साथ सबके मोबाइल में बजा सायरन! स्क्रीन पर आया अलर्ट मैसेज, आपदा विभाग कर रही टेस्टिंग तीसरी कक्षा के छात्र हैं इशांक इशांक सिंह रांची के DAV श्यामली स्कूल में तीसरी कक्षा में पढ़ते हैं। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर स्कूल प्रबंधन ने गर्व जताया है। स्कूल के प्रिंसिपल ने इसे न सिर्फ स्कूल बल्कि पूरे रांची और देश के लिए गर्व का पल बताया और इशांक के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। देश के लिए गर्व का पल इतनी कम उम्र में इशांक का यह कारनामा यह साबित करता है कि अगर जुनून और मेहनत हो, तो कोई भी लक्ष्य दूर नहीं होता। उनकी यह उपलब्धि देश के लाखों बच्चों के लिए प्रेरणा बन सकती है।
Bengal Repolling 2026 : 15 बूथों पर 1 बजे 55%+ मतदान, डायमंड हार्बर में महिलाएं बोलीं- TMC ने वोट डालने से रोका

Bengal Repolling 2026 : दक्षिण 24 परगना। पश्चिम बंगाल में डायमंड हार्बर और मगरहाट पश्चिम विधानसभा क्षेत्रों के कुल 15 बूथों पर शनिवार सुबह 7 बजे से पुनर्मतदान जारी है। इस दौरान जहां एक तरफ वोटिंग प्रक्रिया चल रही है, वहीं दूसरी ओर कई जगहों से हिंसा और आरोप-प्रत्यारोप की खबरें सामने आ रही हैं, जिससे चुनावी माहौल और तनावपूर्ण हो गया है। दोपहर 1 बजे तक 55 प्रतिशत से ज्यादा मतदान हो गया है। इस बीच डायमंड हार्बर के फलता में स्थानीय लोगों ने TMC के लोगों पर हमले का आरोप लगाया है। साथ ही महिलाओं ने यह भी बताया है कि, इन्होने (TMC समर्थकों ने ) वोट डालने से रोका है। इसके अलावा TMC ने आरोप लगाया कि मगराहाट के बूथ नंबर 127 पर सुरक्षाबलों ने हमारे कैंप में तोड़फोड़ की और कार्यकर्ताओं से मारपीट की। VIDEO | West Bengal Elections 2026: BJP, TMC supporters clash in South 24 Parganas during repolling. BJP supporters allege they are being prevented from voting. Heavy security deployed.#WestBengalPollsWithPTI #AssemblyPollsWithPTI (Full video available on PTI Videos -… pic.twitter.com/7k2yweGIhR — Press Trust of India (@PTI_News) May 2, 2026 कहां-कहां हो रहा है पुनर्मतदान? जानकारी के मुताबिक, डायमंड हार्बर के 4 बूथ और मगरहाट पश्चिम के 11 बूथों पर दोबारा वोटिंग कराई जा रही है। ये सभी बूथ दक्षिण 24 परगना जिले के अंतर्गत आते हैं। दोपहर 1 बजे तक इन दोनों क्षेत्रों में 55 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया। डायमंड हार्बर में 54.9% और मगराहट पश्चिम में 54.9% मतदान हुआ है। Bengal Re-polling 2026 : बंगाल के 15 मतदान केंद्रों पर फिर से मतदान, 9 बजे तक 16.23% मतदान स्थानीय लोगों का आरोप- हमले और लाठीचार्ज डायमंड हार्बर के फलता इलाके में स्थानीय लोगों ने ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) कार्यकर्ताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वोट डालने के बाद उन पर हमला किया गया और मारपीट की गई। लोगों का आरोप है कि जब उन्होंने इस घटना का शांतिपूर्ण विरोध किया, तो पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया। इस दौरान कई लोगों को सिर, हाथ और पैरों में चोटें आईं। कुछ लोगों ने विशेष समुदाय को भी इस हमले के लिए जिम्मेदार ठहराया है। TMC का पलटवार- सुरक्षाबलों पर लगाए आरोप वहीं दूसरी तरफ ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस ने भी सुरक्षाबलों पर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि मगरहाट पश्चिम के बूथ नंबर 127 पर सुरक्षाबलों ने उनके कैंप में तोड़फोड़ की और कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की। पार्टी के अनुसार, यह कैंप नजरा एफपी स्कूल के पास 500 मीटर के निर्धारित दायरे से बाहर लगाया गया था और चुनाव आयोग के नियमों का पालन कर रहा था। Sandeep Pathak : सांसद संदीप पाठक पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार! गैर जमानती धाराओं में मामला दर्ज उम्मीदवार की प्रतिक्रिया और विरोध प्रदर्शन TMC उम्मीदवार शमीम अहमद (Shamim Ahmed) ने इस घटना को अस्वीकार्य बताते हुए कड़ी नाराजगी जताई। घटना के बाद TMC समर्थकों ने नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन भी किया, जिससे माहौल और ज्यादा गरमा गया। क्यों कराना पड़ा दोबारा मतदान? दरअसल, 29 अप्रैल को दूसरे चरण की वोटिंग के दौरान इन बूथों पर EVM से छेड़छाड़ और झड़प की शिकायतें सामने आई थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चुनाव आयोग ने पुनर्मतदान कराने का फैसला किया। पोस्टल बैलेट पर भी विवाद इस बीच TMC ने कोलकाता स्थित खुदीराम अनुशीलन केंद्र के रिटर्निंग ऑफिसर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पार्टी का आरोप है कि पोस्टल बैलेट के कवर के साथ छेड़छाड़ की गई है, जिससे चुनावी पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। MP News : कथावाचक को ‘सर तन से जुदा’ की धमकी, लव जिहाद, धर्मांतरण और गौ हत्या पर दिया था भाषण रिकॉर्ड मतदान और आगे की प्रक्रिया पश्चिम बंगाल में इस बार सभी 294 सीटों पर कुल 92.84 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो एक रिकॉर्ड माना जा रहा है। पहले चरण में 23 अप्रैल को मतदान किया गया था जिसमें 93.19% मतदान हुआ। वहीं दूसरे चरण में 142 सीटों पर वोटिंग 29 अप्रैल को हुई थी जिसमें 92.48% मतदान हुआ था।
Sandeep Pathak : सांसद संदीप पाठक पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार! गैर जमानती धाराओं में मामला दर्ज

Sandeep Pathak : नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने के बाद राज्यसभा सांसदों की राजनीतिक राह आसान नहीं दिख रही है। खासकर पंजाब में हालात तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं। संदीप पाठक (Sandeep Pathak) के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज होने के बाद मामला और गरमा गया है, जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ती दिखाई दे रही हैं। गैर-जमानती धाराओं में दर्ज हुई FIR सूत्रों के मुताबिक, संदीप पाठक (Sandeep Pathak) के खिलाफ पंजाब के दो अलग-अलग जिलों में मामले दर्ज किए गए हैं। इन एफआईआर में महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार और भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप शामिल बताए जा रहे हैं। अहम बात यह है कि इनमें कुछ गैर-जमानती धाराएं भी जोड़ी गई हैं, जिससे उनकी गिरफ्तारी का खतरा बढ़ गया है। बताया जा रहा है कि जैसे ही उन्होंने AAP छोड़कर BJP का दामन थामा, उसके तुरंत बाद यह कार्रवाई शुरू हो गई। Emergency Alert : एक साथ सबके मोबाइल में बजा सायरन! स्क्रीन पर आया अलर्ट मैसेज, आपदा विभाग कर रही टेस्टिंग दिल्ली स्थित घर पर पहुंची पुलिस टीम मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पंजाब पुलिस की एक टीम संदीप पाठक (Sandeep Pathak) के नई दिल्ली स्थित आवास पर भी पहुंची थी। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही वह घर से निकल चुके थे। इसके बाद से उनकी लोकेशन को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं। राजिंदर गुप्ता के प्लांट पर भी कार्रवाई इस घटनाक्रम से पहले, पंजाब से राज्यसभा सांसद राजिंदर गुप्ता की ट्राइडेंट ग्रुप की फैक्ट्री पर पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने छापा मारा था। इस दौरान प्लांट और उससे जुड़े जरूरी दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई। खास बात यह रही कि यह कार्रवाई बिना किसी पूर्व सूचना के की गई, जिसे कई लोग राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़कर देख रहे हैं। Counting Supervisor Dispute : काउंटिंग में नियमों के खिलाफ किसी कर्मचारियों की तैनाती नहीं… सुप्रीम कोर्ट में TMC की आपत्ति खारिज कौन हैं संदीप पाठक? संदीप पाठक (Sandeep Pathak) मूल रूप से छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के बटहा गांव के रहने वाले हैं। वह आम आदमी पार्टी के प्रमुख रणनीतिकारों में गिने जाते रहे हैं और पंजाब में पार्टी की सरकार बनाने में उनकी अहम भूमिका मानी जाती है। गांव में विरोध और नाराजगी भाजपा में शामिल होने के बाद उनके पैतृक गांव में विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिला। AAP कार्यकर्ताओं ने उनके घर के बाहर नारेबाजी की और दीवारों पर आपत्तिजनक टिप्पणियां लिखकर अपना गुस्सा जाहिर किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उन्होंने राजनीतिक लाभ के लिए पार्टी बदली और समर्थकों के भरोसे को तोड़ा। Ujjain Shivling Discovery : महाकाल मंदिर के पास खुदाई में मिला 2 हजार साल पुराना शिवलिंग, आस्था का उमड़ा सैलाब एक साथ छोड़ी थी पार्टी 24 अप्रैल को राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर AAP छोड़ने की घोषणा की थी। इनके अलावा हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, विक्रम साहनी और राजिंदर गुप्ता भी BJP में शामिल हो चुके हैं। राजनीति या कार्रवाई? उठ रहे सवाल लगातार हो रही इन कार्रवाइयों के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि यह सिर्फ कानूनी प्रक्रिया है या इसके पीछे राजनीतिक कारण भी हो सकते हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर प्रशासन इसे कानून के दायरे में की गई कार्रवाई बता रहा है।
Emergency Alert : एक साथ सबके मोबाइल में बजा सायरन! स्क्रीन पर आया अलर्ट मैसेज, आपदा विभाग कर रही टेस्टिंग

Emergency Alert : भोपाल। 2 अप्रैल 2026 की सुबह करीब 11:30 बजे अचानक लाखों लोगों के मोबाइल फोन पर एक साथ तेज सायरन जैसी आवाज के साथ अलर्ट मैसेज आया। फोन कुछ सेकंड के लिए वाइब्रेट करने लगा, स्क्रीन फ्रीज हो गई और बीप की आवाज ने लोगों को चौंका दिया। कई लोगों को तो लगा कि उनका फोन खराब हो गया है या फटने वाला है। लेकिन जैसे ही आवाज बंद हुई, स्क्रीन पर एक मैसेज दिखाई दिया और उसे पढ़कर सुनाया भी गया। इस अनोखे अनुभव ने लोगों के बीच घबराहट और भ्रम दोनों पैदा कर दिए। किसने भेजा था यह अलर्ट? दरअसल, यह मैसेज राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) द्वारा भेजा गया था। यह इमरजेंसी मोबाइल अलर्ट सिस्टम की टेस्टिंग का हिस्सा था। 2 मई को इस सिस्टम की जांच के लिए देशभर में एक साथ यह अलर्ट भेजा गया, ताकि भविष्य में किसी आपदा की स्थिति में लोगों तक तुरंत सूचना पहुंचाई जा सके। Counting Supervisor Dispute : काउंटिंग में नियमों के खिलाफ किसी कर्मचारियों की तैनाती नहीं… सुप्रीम कोर्ट में TMC की आपत्ति खारिज क्या है सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक? NDMA ने इस सिस्टम को मोबाइल SMS के साथ जोड़कर सेल ब्रॉडकास्ट टेक्नोलॉजी का उपयोग किया है। इस तकनीक की खासियत यह है कि यह किसी खास इलाके में मौजूद सभी एक्टिव मोबाइल फोन पर एक साथ अलर्ट भेज सकती है। इससे इमरजेंसी के दौरान रियल-टाइम जानकारी लोगों तक पहुंचाना आसान हो जाता है, चाहे नेटवर्क कितना भी व्यस्त क्यों न हो। देशभर में एक साथ हुआ परीक्षण शनिवार को देश के सभी राज्यों की राजधानियों और दिल्ली-एनसीआर सहित कई इलाकों में एक साथ यह टेस्टिंग मैसेज भेजा गया। खास बात यह रही कि यह अलर्ट हिंदी, अंग्रेजी और कई क्षेत्रीय भाषाओं में भेजा गया, ताकि हर व्यक्ति इसे आसानी से समझ सके। मैसेज में साफ तौर पर लिखा गया था कि यह केवल एक परीक्षण है और लोगों को घबराने या कोई कार्रवाई करने की जरूरत नहीं है। Bengal Re-polling 2026 : बंगाल के 15 मतदान केंद्रों पर फिर से मतदान, 9 बजे तक 16.23% मतदान सरकार की पहले से चेतावनी सरकार ने इस टेस्टिंग से पहले ही लोगों को सूचित कर दिया था कि उन्हें ऐसा मैसेज मिल सकता है। साथ ही यह भी कहा गया था कि यह केवल सिस्टम की जांच है, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। इसके बावजूद अचानक आए इस अलर्ट ने कई लोगों को चौंका दिया। क्या है ‘SACHET’ सिस्टम? इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम को और मजबूत बनाने के लिए सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स ने ‘SACHET system’ नाम का एक इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म तैयार किया है। यह सिस्टम कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल (CAP) पर आधारित है। इसका उद्देश्य आपदा या आपात स्थिति में लोगों को तुरंत और सटीक जानकारी देना है। इसे देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया जा चुका है। Ujjain Shivling Discovery : महाकाल मंदिर के पास खुदाई में मिला 2 हजार साल पुराना शिवलिंग, आस्था का उमड़ा सैलाब क्यों जरूरी है यह सिस्टम? इस तरह के अलर्ट सिस्टम का मकसद लोगों को समय रहते सचेत करना है, ताकि प्राकृतिक आपदाओं या अन्य आपात स्थितियों में जान-माल का नुकसान कम किया जा सके। यह तकनीक भविष्य में भारत के आपदा प्रबंधन तंत्र को और मजबूत बनाएगी।
Counting Supervisor Dispute : काउंटिंग में नियमों के खिलाफ किसी कर्मचारियों की तैनाती नहीं… सुप्रीम कोर्ट में TMC की आपत्ति खारिज

Counting Supervisor Dispute : नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें केंद्र सरकार और सार्वजनिक उपक्रम (PSU) के कर्मचारियों को काउंटिंग सुपरवाइजर नियुक्त करने के फैसले पर आपत्ति जताई गई थी। अदालत ने शनिवार को साफ कर दिया कि इस मामले में कोई नया आदेश जारी करने की आवश्यकता नहीं है और पहले से लागू नियम ही प्रभावी रहेंगे। विशेष बेंच की टिप्पणी जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की विशेष बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि 13 अप्रैल 2026 को चुनाव आयोग द्वारा जारी किया गया सर्कुलर ही लागू रहेगा। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अलग से किसी तरह के हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है, क्योंकि मौजूदा व्यवस्था पर्याप्त और वैध है। Bengal Re-polling 2026 : बंगाल के 15 मतदान केंद्रों पर फिर से मतदान, 9 बजे तक 16.23% मतदान क्या है पूरा मामला दरअसल, तृणमूल कांग्रेस ने कलकत्ता हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें यह कहा गया था कि केवल केंद्र सरकार और PSU कर्मचारियों को ही काउंटिंग सुपरवाइजर बनाया जाना सही है। पार्टी का मानना था कि इस निर्णय से निष्पक्षता पर सवाल उठ सकते हैं, इसलिए इसमें बदलाव जरूरी है। हाईकोर्ट का रुख कलकत्ता हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि काउंटिंग स्टाफ की नियुक्ति पूरी तरह से चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में आती है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया में कोई अवैधता नहीं पाई गई है। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि केंद्रीय कर्मचारियों पर राजनीतिक प्रभाव के आरोप केवल आशंकाओं पर आधारित हैं, जिनके समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं दिए गए। अगर किसी पक्ष को इस पर आपत्ति है, तो वह चुनाव याचिका के माध्यम से इसे चुनौती दे सकता है। Pawan Khera Bail : पवन खेड़ा को SC से मिली अग्रिम जमानत, बुलावे पर थाने में देनी होगी हाजिरी! क्या है इस फैसले का महत्व? सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय से यह साफ हो गया है कि चुनाव आयोग को अपने अधिकारों के तहत स्वतंत्र रूप से काम करने की पूरी छूट है। साथ ही, अदालत ने यह भी संकेत दिया कि बिना ठोस प्रमाण के लगाए गए आरोपों को कानूनी मान्यता नहीं दी जा सकती। यह फैसला चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और संस्थाओं की स्वायत्तता को मजबूत करने वाला माना जा रहा है।