Congress Press Conference : मध्य प्रदेश। भोपाल में कांग्रेस नेत्री रागिनी नायक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने महिला आरक्षण, परिसीमन और केंद्र की नीतियों को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए।
रागिनी नायक ने कहा कि कांग्रेस देश की महिलाओं को 33% आरक्षण दिलवाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि 543 लोकसभा सीटों में महिलाओं, खासकर आदिवासी और ओबीसी वर्ग की महिलाओं को उनका हक मिलना चाहिए।
परिसीमन और आरक्षण पर उठाए सवाल
उन्होंने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन की प्रक्रिया को जोड़ा जा रहा है। उनके अनुसार 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन होगा, जिससे सीटों में लगभग 50% वृद्धि हो सकती है। उन्होंने कहा कि इसमें कई विरोधाभास हैं और विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को कटघरे में खड़ा करेगा।
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दक्षिण भारत की भागीदारी घटने का दावा
रागिनी नायक ने कहा कि वर्तमान में दक्षिण भारत की भागीदारी 24.3% है, जो परिसीमन के बाद घटकर 20% से भी कम हो सकती है। उन्होंने इसे क्षेत्रीय असंतुलन बताया।
सरकार पर देरी और राजनीति का आरोप
उन्होंने कहा कि 2023 में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पारित होने के बाद भी तीन साल तक इसकी अधिसूचना जारी नहीं की गई। उन्होंने बताया कि अधिसूचना 16 अप्रैल को जारी हुई, जबकि सरकार को इसे पहले लागू करना चाहिए था।
प्रधानमंत्री और भाजपा पर तीखी टिप्पणी
रागिनी नायक ने PM नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे महिला मुद्दों पर गंभीर नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने अपने भाषणों में विपक्ष को निशाना बनाया और कांग्रेस का कई बार उल्लेख किया। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार महिला आरक्षण के नाम पर राजनीति कर रही है।
महिला सुरक्षा के मुद्दे भी उठाए
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने मणिपुर, लखीमपुर खीरी, उन्नाव, बिल्किस बानो और अंकिता भंडारी जैसे मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि इन घटनाओं पर सरकार की चुप्पी चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार ने अपेक्षित कार्रवाई नहीं की।
पुराने नेताओं का भी किया जिक्र
रागिनी नायक ने कहा कि जब राजीव गांधी महिला आरक्षण बिल लेकर आए थे, तब अटल बिहारी वाजपेयी, लाल कृष्ण आडवाणी, राम जेठमलानी और यशवंत सिन्हा ने इसका विरोध किया था। उन्होंने यह भी कहा कि मनमोहन सिंह के समय कांग्रेस के पास बहुमत नहीं था।
चुनावी राजनीति पर सवाल और आरोप
उन्होंने कहा कि सीटों का विभाजन सत्ता में बने रहने के उद्देश्य से किया गया है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण को चुनावी मुद्दा बनाकर जनता को भ्रमित कर रही है।
जन आक्रोश यात्रा को लेकर भी आरोप
रागिनी नायक ने यह भी कहा कि भोपाल में जन आक्रोश यात्रा के दौरान पुलिस, प्रशासन और महिला अधिकारियों का इस्तेमाल किया गया, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है।