Kharge Statement Controversy : तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के लिए 23 अप्रैल को मतदान होना है। इसके लिए चुनाव प्रचार मंगलवार को समाप्त हो जाएगा। इस चुनाव में DMK-कांग्रेस गठबंधन का मुकाबला AIADMK और भारतीय जनता पार्टी के गठबंधन से है। सभी राजनीतिक दलों ने प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है।
खरगे के बयान से बढ़ा विवाद
इसी बीच मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) ने चेन्नई में एक सभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को लेकर विवादित बयान दे दिया। उन्होंने कहा कि ‘AIADMK ऐसे व्यक्ति के साथ कैसे जुड़ सकती है, जो समानता और न्याय में विश्वास नहीं करता। उनके बयान को लेकर सियासी विवाद खड़ा हो गया है।’
पीयूष गोयल का तीखा हमला
खरगे के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और DMK ने लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए प्रधानमंत्री का अपमान किया है।
उन्होंने राहुल गांधी और एम.के. स्टालिन से माफी मांगने की मांग की। गोयल ने यह भी कहा कि इस बयान से देश के 140 करोड़ लोगों का अपमान हुआ है।
‘व्यक्तिगत हमले से नहीं बदलेगा चुनाव परिणाम’
पीयूष गोयल ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री पर इस तरह के व्यक्तिगत हमले चुनावी नतीजों को प्रभावित नहीं करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष जनता के गुस्से का सामना कर रहा है और ऐसे बयान उसी का परिणाम हैं।
NDA को क्लीन स्वीप का दावा
केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि तमिलनाडु में एनडीए गठबंधन को क्लीन स्वीप मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एडप्पाडी के. पलानीस्वामी को लगातार जनता का समर्थन मिल रहा है। साथ ही उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के रोड शो और एन. चंद्रबाबू नायडू को मिले समर्थन का भी जिक्र किया।
विवाद बढ़ने पर खरगे की सफाई
विवाद बढ़ने के बाद मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने बयान पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनका मतलब प्रधानमंत्री को आतंकवादी कहना नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार सीबीआई, ईडी और आयकर विभाग जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल कर विपक्ष को डराने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि उनके बयान का आशय केवल इतना था कि सरकार इन संस्थाओं के जरिए लोगों में डर का माहौल बना रही है।