Bhopal Sewage Excavation : मध्य प्रदेश। भोपाल में सीवेज नेटवर्क बिछाने का काम लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। एमपी नगर, रचना नगर, गौतम नगर, साकेत नगर, नारायण नगर और रातीबड़ जैसे इलाकों में खुदाई के बाद सड़कों को ठीक नहीं किया गया है। इसके कारण सड़कें उबड़-खाबड़ हो गई हैं और जगह-जगह धूल उड़ रही है। दो पहिया और चार पहिया वाहन चालकों को रोजाना दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पैदल चलना भी हुआ मुश्किल
इन इलाकों में सिर्फ वाहन चालकों ही नहीं, बल्कि पैदल चलने वाले लोगों के लिए भी रास्ता बेहद मुश्किल हो गया है। खुदाई के चार महीने से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन अब तक सड़क मरम्मत यानी रेस्टोरेशन का काम शुरू नहीं हुआ है। इससे स्थानीय लोगों की नाराजगी लगातार बढ़ रही है।
21 दिन का नियम पूरी तरह फेल
विभागीय नियमों के मुताबिक, किसी भी सड़क की खुदाई के बाद 21 दिनों के भीतर उसका रेस्टोरेशन पूरा होना चाहिए। लेकिन यहां यह नियम पूरी तरह फेल साबित हुआ है। ठेकेदारों की लापरवाही के चलते लाखों रहवासियों को लंबे समय से परेशानी झेलनी पड़ रही है।
चार पैकेज में बंटा है पूरा प्रोजेक्ट
राजधानी में सीवेज नेटवर्क का काम चार अलग-अलग पैकेज में किया जा रहा है। अलग-अलग विधानसभाओं में इस काम की प्रगति भी अलग-अलग है, लेकिन कुल मिलाकर काम धीमी गति से चल रहा है।
नरेला और गोविंदपुरा में अलग स्थिति
नरेला विधानसभा क्षेत्र में इंटरनल नेटवर्क का काम जारी है और नई लाइनें बिछाई जा रही हैं। वहीं गोविंदपुरा क्षेत्र में साकेत नगर, शक्ति नगर और पंचवटी जैसे इलाकों में नई लाइन डालने के बजाय पुराने सेप्टिक टैंकों को मुख्य लाइन से जोड़ा जा रहा है।
400 किमी में से सिर्फ 100 किमी काम पूरा
दक्षिण-पश्चिम, मध्य और उत्तर विधानसभा क्षेत्रों के संयुक्त पैकेज के तहत 400 किलोमीटर लंबी लाइन बिछाई जानी है। लेकिन अब तक केवल 100 किलोमीटर काम ही पूरा हो पाया है। बाकी 300 किलोमीटर नेटवर्क का काम अभी बाकी है, जिससे प्रोजेक्ट की धीमी गति साफ नजर आती है।
पैकेज-वार काम की स्थिति
- पैकेज-1 के तहत 170 किलोमीटर क्षेत्र में 20,000 घरों को जोड़ना है, जिसमें राजगढ़ रोड, लालघाटी और कटारा क्षेत्र शामिल हैं।
- पैकेज-2 में 141 किलोमीटर क्षेत्र में अयोध्या नगर, बागमुगलिया और एम्स रोड में 18,000 कनेक्शन दिए जाने हैं।
- पैकेज-3 सबसे बड़ा है, जिसमें 393 किलोमीटर क्षेत्र में कोहफिजा, अरेरा हिल्स, एमपी नगर और शाहपुरा जैसे इलाकों में 43,357 कनेक्शन होने हैं। यहां 400 किलोमीटर में से अब तक केवल 100 किलोमीटर काम पूरा हुआ है।
- पैकेज-4 में 268 किलोमीटर क्षेत्र में अशोका गार्डन, करोंद और रचना नगर में 40,000 घरों को जोड़ने का लक्ष्य है। यहां देवलखेड़ी में 60 एमएलडी का प्लांट प्रस्तावित है।
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जुर्माना लगा, फिर भी ठेकेदार बेपरवाह
नगर निगम की कमिश्नर संस्कृति जैन ने बताया कि जहां भी काम चल रहा है, वहां ठेकेदारों को नियमानुसार रेस्टोरेशन के निर्देश दिए गए हैं। गड़बड़ी मिलने पर जुर्माना भी लगाया गया है। इसके बावजूद 4 महीने बाद भी काम पूरा नहीं हुआ है। अब ठेकेदारों को नोटिस देने की तैयारी की जा रही है।
जल्द सुधार का दावा, लेकिन इंतजार जारी
नगर निगम का कहना है कि जल्द से जल्द रेस्टोरेशन का काम पूरा कराया जाएगा। हालांकि जमीनी हकीकत यह है कि लोग अभी भी खराब सड़कों और धूल से परेशान हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक भोपाल की सड़कों को राहत मिलेगी और लोगों को इस समस्या से छुटकारा मिलेगा।