IRGC Attacks on Ships : भारत आ रहे जहाज पर होर्मुज में हमला, जब्त कर ईरान ले गई IRGC

IRGC Attacks on Two Ships : तेहरान। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने होर्मुज स्ट्रेट के पास दो मालवाहक जहाजों पर हमला कर उन्हें कब्जे में ले लिया है। इन जहाजों को जब्त करके ईरान की ओर ले जाया जा रहा है। इनमें से एक जहाज भारत के गुजरात के मुंद्रा पोर्ट की ओर जा रहा था। जहाजों की पहचान रिपोर्ट्स के अनुसार, इन जहाजों की पहचान MSC फ्रांसेस्का (MSC Francesca) और एपामिनोंडास (Epaminodas) के रूप में की गई है। जहाजों के मालिकों से अभी तक संपर्क नहीं हो सका है। US Iran Ceasefire : ट्रंप ने शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर को ईरान सीजफायर का दिया क्रेडिट, पाक को क्या फायदा? एपामिनोंडास जहाज भारत जा रहा था जहाज ट्रैकिंग डेटा बताता है कि एपामिनोंडास (Epaminodas) दुबई से रवाना होकर गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पहुंचने वाला था। इसी दौरान IRGC की गनबोट्स ने इस पर हमला कर दिया और उसे कब्जे में ले लिया। भारतीय बंदरगाह की ओर जा रहे जहाज की यह घटना समुद्री सुरक्षा और सप्लाई चेन के लिए भारत के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गई है। हमले का तरीका इससे पहले होर्मुज स्ट्रेट में ईरानी जल क्षेत्र के पास तीन जहाजों पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई थी। IRGC से जुड़ी एक गनबोट ने अचानक गोलियां चलानी शुरू कर दीं। चौंकाने वाली बात यह है कि जहाजों के पास ट्रांजिट परमिशन थी, लेकिन हमलावरों ने फायरिंग से पहले कोई रेडियो संचार या चेतावनी नहीं दी। Strait of Hormuz : चीन से आ रहे ईरानी जहाज पर अमेरिका का कब्जा, ईरान बोला – जल्दी देंगे इसका जवाब क्षेत्र में बढ़ता तनाव यह घटना ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर को दो हफ्ते के लिए बढ़ाया गया था। एक दिन पहले ही अमेरिका ने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की पाकिस्तान यात्रा स्थगित कर दी थी। पूरे वेस्ट एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है।
MP Cabinet Decision : किसानों को 4 गुना मुआवजा, मेडिकल कॉलेजों में मरीजों की फैमिली के लिए शेल्टर होम

MP Cabinet Decision : भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) की अध्यक्षता में बुधवार को भोपाल में मध्य प्रदेश कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए, जिनमें मरीजों के परिजनों के लिए शेल्टर होम बनाना, मेडिकल सुविधाओं पर 2 हजार करोड़ रुपये खर्च और किसानों को चार गुना मुआवजा शामिल है। मरीजों के परिजनों के लिए शेल्टर होम कैबिनेट ने मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पतालों में मरीजों के परिजनों के ठहरने और खाने की व्यवस्था के लिए शेल्टर होम बनाने को मंजूरी दे दी है। यह सुविधा निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों में भी उपलब्ध होगी। शेल्टर होम में रुकने और खाने की व्यवस्था सस्ती दरों पर मिलेगी। Delhi Rape Case : नशे में बेटे ने अपनी बूढ़ी मां को बांधकर किया रेप, बेटी पर भी किया हमला सरकार जमीन उपलब्ध कराएगी, जबकि भवन निर्माण, बिजली-पानी और अन्य व्यवस्थाएं सामाजिक संस्थाएं खुद करेंगी। एक समिति न्यूनतम शुल्क तय करेगी। संस्थाएं लाभ के बजाय समाजसेवा के भाव से काम करेंगी। मेडिकल कॉलेजों पर 2 हजार करोड़ रुपये अगले 5 सालों में सभी मेडिकल कॉलेजों में कैथ लैब और ऑर्गन ट्रांसप्लांट जैसी एडवांस सुविधाएं विकसित करने पर करीब 2 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। 33 हजार करोड़ के निर्माण कार्य कैबिनेट ने राज्य में विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए लगभग 33 हजार करोड़ रुपये के प्रस्तावों को स्वीकृति दे दी है। Lenskart Dress Code Controversy : विवाद के बाद महाराष्ट्र, MP- CG में लेंसकार्ड का विरोध, धीरेंद्र शास्त्री बोले – तू लाहौर चला जा किसानों को चार गुना मुआवजा कैबिनेट ने फैक्टर-2 लागू करने का फैसला लिया है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन अधिग्रहण पर किसानों को चार गुना तक मुआवजा मिलेगा। अन्य प्रमुख फैसले उज्जैन सिंचाई परियोजना: उज्जैन क्षेत्र में 157 करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजना को मंजूरी मिली, जिससे 35 गांवों को लाभ मिलेगा। छिंदवाड़ा पुनर्वास: छिंदवाड़ा जिले के पुनर्वास पैकेज के तहत 128 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि मंजूर की गई। छात्रों को साइकिल: कक्षा 6वीं और 9वीं के विद्यार्थियों को साइकिल बांटने पर अगले 5 सालों में 990 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान: शिक्षा प्रशिक्षण संस्थानों के विकास पर 1200 करोड़ रुपये खर्च होंगे। Anant Singh vs Pappu Yadav : अनंत सिंह के बिगड़े बोल, पप्पू यादव पहले अपनी पत्नी से पूछे कैसे बनीं सांसद सीएम केयर योजना 2026: योजना की निरंतरता को मंजूरी दी गई। अगले 5 सालों में इस पर 3628 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। नारी शक्ति वंदन सत्र मंत्री शिवाजी पटेल ने बताया कि महिला सशक्तिकरण के लिए ‘नारी शक्ति वंदन’ के तहत विधानसभा में एक दिन का विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा।
Anant Singh vs Pappu Yadav : अनंत सिंह के बिगड़े बोल, पप्पू यादव पहले अपनी पत्नी से पूछे कैसे बनीं सांसद

Anant Singh vs Pappu Yadav : पटना, बिहार। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव महिलाओं को लेकर दिए गए अपने विवादित बयान पर लगातार घिरते जा रहे हैं। उन्होंने कहा था कि 90 प्रतिशत महिलाएं किसी नेता के कमरे में गए बिना राजनीति नहीं कर सकतीं। अब इस बयान पर मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने तीखा पलटवार किया है। पप्पू यादव पागल हो गए- अनंत सिंह अपने चिर-परिचित अंदाज में अनंत सिंह ने कहा, “पप्पू यादव पागल हो गए हैं। पहले अपनी पत्नी से तो पूछें। जब कोई महिला खटिया पर सोती है और नेतागिरी में जाती है, तो पप्पू यादव की पत्नी कहां है? वो भी तो महिला है। पहले अपनी पत्नी के बारे में बताएं, फिर दूसरी महिलाओं के बारे में बोलें। JDU New Team : नीतीश कुमार ने बनाई JDU की नई टीम, जानिए किस नेता को क्या मिली जिम्मेदारी पप्पू यादव अपने बयान पर कायम बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पप्पू यादव ने अपने बयान का बचाव किया। उन्होंने कहा, “मैंने कुछ गलत नहीं कहा। मैंने दुनिया में जो हो रहा है, उसे देखते हुए कहा। ये मेरी व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं है। मैं हमेशा मां-बहनों के साथ खड़ा हूं। नारी को देवी बनाया गया, लेकिन उसे इज्जत नहीं मिली। महिलाओं के साथ शोषण हो रहा है।” पप्पू यादव ने महिला आयोग के नोटिस पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्होंने नोटिस को रद्दी की टोकरी में फेंक दिया है। Lenskart Dress Code Controversy : विवाद के बाद महाराष्ट्र, MP- CG में लेंसकार्ड का विरोध, धीरेंद्र शास्त्री बोले – तू लाहौर चला जा बिहार महिला आयोग का एक्शन बिहार राज्य महिला आयोग ने पप्पू यादव के बयान पर स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने सांसद से तीन दिनों के अंदर जवाब मांगा है। आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि जिनकी पत्नी खुद सांसद हैं, उन्होंने ऐसा बयान कैसे दे दिया। अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया कांग्रेस नेता प्रतिमा दास ने कहा कि यह बयान बहुत शर्मनाक है। पप्पू यादव को माफी मांगनी चाहिए। कांग्रेस नेता मुमताज पटेल ने इसे चौंकाने वाला और महिलाओं के सम्मान पर चोट बताते हुए विरोध जताया। Delhi Rape Case : नशे में बेटे ने अपनी बूढ़ी मां को बांधकर किया रेप, बेटी पर भी किया हमला पप्पू यादव का बचाव मंगलवार को फेसबुक लाइव में पप्पू यादव ने कहा कि उन्होंने महिलाओं को राजनीति में आने के लिए शोषण से गुजरना पड़ता है, यह कहा था। उन्होंने NEET, मणिपुर और अन्य मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि 99 प्रतिशत बाबा लड़कियों का शोषण करते हैं। उन्होंने 755 नेताओं पर यौन शोषण के आरोपों का भी जिक्र किया।
JDU New Team : नीतीश कुमार ने बनाई JDU की नई टीम, जानिए किस नेता को क्या मिली जिम्मेदारी

JDU New Team : नई दिल्ली। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जनता दल (यूनाइटेड) की राष्ट्रीय टीम का गठन कर दिया है। पार्टी ने राष्ट्रीय पदाधिकारियों की नई सूची जारी की है। इसमें कई पुराने नेताओं की जगह नए चेहरों को महत्व दिया गया है। संजय कुमार झा बने कार्यकारी अध्यक्ष नीतीश कुमार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहेंगे। संजय कुमार झा को एक बार फिर राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। वह इस पद पर पहले भी थे और अब भी बने रहेंगे। 12 महासचिव और 8 सचिव की नई टीम नीतीश कुमार और संजय कुमार झा के अलावा पार्टी में कुल 12 राष्ट्रीय महासचिव और 8 राष्ट्रीय सचिव बनाए गए हैं। सांसद आलोक कुमार सुमन को एक बार फिर कोसा अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। Lenskart Dress Code Controversy : विवाद के बाद महाराष्ट्र, MP- CG में लेंसकार्ड का विरोध, धीरेंद्र शास्त्री बोले – तू लाहौर चला जा अति पिछड़ा समाज को बड़ा प्रतिनिधित्व जहानाबाद से पूर्व सांसद चंदेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। वे नीतीश कुमार के बेहद करीबी और भरोसेमंद नेता माने जाते हैं। दलित और कुशवाहा समाज के नेताओं को जगह राष्ट्रीय महासचिव पद पर दलित बिरादरी से श्याम रजक और अशोक चौधरी को शामिल किया गया है। कुशवाहा समाज से रमेश सिंह कुशवाहा और रामसेवक सिंह को भी राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है। भगवान सिंह कुशवाहा की छुट्टी कुशवाहा समाज के प्रमुख नेता भगवान सिंह कुशवाहा को इस बार राष्ट्रीय पदाधिकारी की सूची में जगह नहीं दी गई है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि यह संकेत है कि वे जल्द ही बिहार कैबिनेट में शामिल हो सकते हैं। MP Wheat Procurement : 8 लाख किसान खरीदी के दायरे से बाहर! गेहूं सस्ता बेचने की मजबूरी, बोले- सरकार की मंशा साफ नहीं पुराने चेहरों को दोहराई गई जिम्मेदारी हर्षवर्धन को एक बार फिर राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद को राष्ट्रीय सचिव पद की जिम्मेदारी दी गई है। आठ राष्ट्रीय सचिवों में पूर्व सांसद परवीन और नीतीश कुमार के भरोसेमंद MLC रविंद्र सिंह भी शामिल हैं। नए तेवर के साथ संगठन को मजबूत करने की तैयारी बिहार में सरकार बनाने के बाद JDU ने अब पूरी तरह से संगठन पर ध्यान केंद्रित कर दिया है। नई टीम में कई नए चेहरों को पहली बार मौका मिला है। कई पुराने नेताओं को हटा दिया गया है।
Lenskart Dress Code Controversy : विवाद के बाद महाराष्ट्र, MP- CG में लेंसकार्ड का विरोध, धीरेंद्र शास्त्री बोले – तू लाहौर चला जा

Lenskart Dress Code Controversy : नई दिल्ली। देशभर में आईवियर कंपनी लेंसकार्ट के ड्रेस कोड को लेकर तूफान खड़ा हो गया है। एक पुराने पॉलिसी डॉक्यूमेंट के वायरल होने के बाद हिंदू संगठनों ने कई राज्यों में लेंसकार्ट के स्टोर्स के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। कर्मचारियों को तिलक लगाने, कलावा बांधने और सनातन संस्कृति का सम्मान करने की मांग को लेकर 4 दिनों से लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। भोपाल में तिलक और कलावा अभियान भोपाल के न्यू मार्केट स्थित लेंसकार्ट स्टोर के बाहर हिंदू उत्सव समिति के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने कर्मचारियों को तिलक लगाया और मंत्रोच्चार के साथ कलावा बांधा। कार्यकर्ताओं ने नारे लगाए – “सनातन का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान”। Lenskart Controversy : एक्टिविस्ट नाजिया खान ने हिंदू वर्कर्स को लगाया तिलक, ड्रेस कोड विवाद के बाद एक और वीडियो वायरल रायपुर में कर्मचारियों को दी चेतावनी रायपुर के एक लेंसकार्ट शोरूम में धार्मिक संगठन के कार्यकर्ता पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों से नाम पूछा और उन्हें तिलक लगाकर काम करने की सलाह दी। एक महिला ग्राहक ने वहां अपना चश्मा दिखाते हुए कहा कि अब वह इसे तोड़कर फेंक देगी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। गाजियाबाद में BJP विधायक का बयान गाजियाबाद की लोनी से भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर समर्थकों के साथ लेंसकार्ट स्टोर पहुंचे। उन्होंने कंपनी के ड्रेस कोड का कड़ा विरोध किया। विधायक ने कहा कि भारत में बिंदी और कलावा पहनने पर रोक लगाना गलत है। उन्होंने यहां तक कहा कि कंपनी के मालिक की जांच होनी चाहिए, शायद उनके माता या पिता मुसलमान होंगे। मुंबई में BJP महिला नेता का हंगामा मुंबई के अंधेरी में भाजपा नेता नाजिया इलाही खान (नाजिया सनातनी) ने लेंसकार्ट स्टोर में घुसकर हंगामा किया। उन्होंने मुस्लिम मैनेजर से बहस की और हिंदू कर्मचारियों को तिलक लगाया। Delhi Rape Case : नशे में बेटे ने अपनी बूढ़ी मां को बांधकर किया रेप, बेटी पर भी किया हमला बागेश्वर बाबा का तीखा हमला इस पूरे विवाद पर बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री ने कंपनी के प्रमोटर्स को सीधा संदेश दिया। उन्होंने कहा, “तू अपनी कंपनी लाहौर में खोल ले, भारत में काहे को मर रहा है? तेरो कक्का का भारत है क्या? हमारे तो बाप का भारत है।” कंपनी फाउंडर पीयूष बंसल का जवाब लेंसकार्ट के फाउंडर पीयूष बंसल ने 15 अप्रैल को सोशल मीडिया पर स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा कि वायरल डॉक्यूमेंट पुराना है और कंपनी की मौजूदा गाइडलाइन नहीं दर्शाता। कंपनी सभी धर्मों का सम्मान करती है और हजारों कर्मचारी अपने विश्वास और संस्कृति को गर्व के साथ अपनाते हैं। विवाद की असल वजह सोशल मीडिया पर एक पुराना ‘ग्रूमिंग गाइड’ वायरल हुआ था। इसमें बिंदी, कलावा और बुर्का पर रोक लगाई गई थी। हालांकि हिजाब और पगड़ी को कुछ शर्तों के साथ अनुमति दी गई थी। इस पॉलिसी को लेकर देशभर में गुस्सा फैल गया। Delhi Rape and Murder : IRS अधिकारी की बेटी से घर में घुसकर रेप, चार्जर केबल से गला घोंटकर हत्या लेंसकार्ट की एम्प्लॉइज के लिए नई स्टोर स्टाइल गाइडलाइन क्या पहनें (YES): यूनिफॉर्म (टॉप): कंपनी द्वारा जारी साफ और प्रेस की हुई टी-शर्ट जींस/बॉटम्स: गहरे नीले रंग की प्लेन जींस (स्ट्रेट या स्लिम फिट) फुटवियर: काले या गहरे रंग के बंद जूते और मोजे (अनिवार्य) एक्सेसरीज: तिलक, सिंदूर, बिंदी, मंगलसूत्र, कड़ा, कलाईवा, जनेऊ हेडवियर: पगड़ी, हिजाब या साफ-सुथरा हेड कवर हेयर-एंड-फेस: साफ बाल और ट्रिम की हुई दाढ़ी टैटू/मार्क: गैर-आपत्तिजनक टैटू और सांस्कृतिक चिह्न हाइजीन: रोजाना नहाना, साफ नाखून और हल्का डियो क्या न पहनें (NO): यूनिफॉर्म (टॉप): बिना अनुमति वाले रंग, फटी हुई या पुरानी टी-शर्ट जींस/बॉटम्स: रिप्ड (फटी हुई), फेडेड या लटकने वाली जींस फुटवियर: चप्पल, सैंडल या गंदे और ऊँचे जूते एक्सेसरीज: भड़कीले या शोर करने वाले बड़े सामान हेडवियर: कैजुअल टोपी (कैप) या असुरक्षित हेडगियर हेयर-एंड-फेस: बिखरे हुए बाल या काम में बाधा डालने वाली स्टाइल टैटू/मार्क: अश्लील, अपमानजनक या भड़काऊ टैटू हाइजीन: शरीर की गंध या बहुत तेज परफ्यूम Pahalgam Terror Attack Anniversary : पहलगाम में 75% घटे टूरिस्ट, 6 टूरिस्ट स्पॉट बंद, जानिए आतंकी हमले के बाद क्या- क्या बदला? लेंसकार्ट का बड़ा बिजनेस लेंसकार्ट की शुरुआत 2010 में पीयूष बंसल, अमित चौधरी और सुमित कपाही ने की थी। आज कंपनी भारत की सबसे बड़ी आईवियर रिटेलर बन चुकी है। इसके 2500 से ज्यादा स्टोर हैं और मार्केट वैल्यू करीब 94 हजार करोड़ रुपये है। Q. लेंसकार्ट ड्रेस कोड विवाद क्या है? A. कंपनी के एक पुराने डॉक्यूमेंट में बिंदी, तिलक और कलावा पर रोक लगाने की बात वायरल हुई, जिसके बाद हिंदू संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया। Q. धीरेंद्र शास्त्री ने लेंसकार्ट पर क्या कहा? A. उन्होंने कंपनी के प्रमोटर्स से कहा कि अपनी कंपनी लाहौर में खोल लें, क्योंकि यह भारत है। Q. लेंसकार्ट के फाउंडर ने क्या जवाब दिया? A. पीयूष बंसल ने कहा कि वायरल डॉक्यूमेंट पुराना है और कंपनी सभी धर्मों का सम्मान करती है। Q. लेंसकार्ट के कितने स्टोर हैं भारत में? A. कंपनी के भारत में 2500 से ज्यादा स्टोर हैं। Q. विवाद किन राज्यों में फैला है? A. उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और अन्य कई राज्यों में यह विवाद देखा जा रहा है।यह आर्टिकल सरल, स्पष्ट और पूरी तरह से सर्चेबल भाषा में लिखा गया है।अगर आपको कोई बदलाव चाहिए तो बताएं!
Delhi Rape Case : नशे में बेटे ने अपनी बूढ़ी मां को बांधकर किया रेप, बेटी पर भी किया हमला

Delhi Rape Case : नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली के बुराड़ी से एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, 36 साल के युएव्क ने अपनी बूढ़ी माँ को बांधकर रात भर रेप किया। इतना ही नहीं, उसने अपनी बेटी पर भी हमला करने की कोशिश की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस वारदात ने इलाके में सनसनी मचा दी है। शराब के नशे में किया अपराध पुलिस के अनुसार, आरोपी घटना के समय शराब के नशे में था। पीड़िता घरों में सफाई का काम कर अपने परिवार का पालन-पोषण करती है और अपने बेटे व 16 वर्षीय पोती के साथ रहती थी। महिला ने बताया कि उसका बेटा नशे का आदी है और अक्सर हिंसक व्यवहार करता है। Delhi Rape and Murder : IRS अधिकारी की बेटी से घर में घुसकर रेप, चार्जर केबल से गला घोंटकर हत्या परिवार में विवाद के बाद बढ़ी घटना महिला के बयान के मुताबिक, 17 अप्रैल को किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जिसके दौरान आरोपी ने अपनी बेटी को थप्पड़ मारा। इसके बाद वह घर से बाहर चला गया और लड़की अपनी मौसी के घर चली गई। इसी के बाद घटना ने गंभीर रूप ले लिया। हाथ-पैर बांधकर किया अत्याचार पीड़िता का आरोप है कि आरोपी नशे की हालत में घर लौटा और उसने उसके हाथ-पैर बांध दिए। इसके बाद उसने उसके साथ जबरदस्ती की। महिला ने बताया कि पूरी रात उसके साथ अत्याचार किया गया। Bhopal Sewage Excavation : 4 महीने बाद भी सड़कें नहीं सुधरीं, जुर्माने की कार्रवाई के बाद भी ठेकेदार बेपरवाह किसी तरह बचकर बाहर आई महिला महिला के अनुसार, सुबह करीब 4 बजे आरोपी के सो जाने के बाद वह खुद को छुड़ाने में सफल रही। इसके बाद वह बाहर निकलकर अपनी बेटी को बुलाने गई, जिसने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तुरंत की कार्रवाई सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। पीड़िता और उसकी पोती की मेडिकल जांच कराई गई है। साथ ही एक अपराध दल ने घटनास्थल से सबूत जुटाए हैं। Bengaluru Bf Murder : सरप्राइज प्रपोजल के बहाने बॉयफ्रेंड को बांधकर जिंदा जलाया, प्रेमिका ने खुद फिल्माया पूरा सीन जांच जारी, इलाके में गुस्सा पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। इस घटना के बाद इलाके में लोगों में आक्रोश है और सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
Delhi Rape and Murder : IRS अधिकारी की बेटी से घर में घुसकर रेप, चार्जर केबल से गला घोंटकर हत्या

Delhi Rape and Murder : नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली के पॉश इलाके अमर कॉलोनी में 22-23 वर्षीय युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या और रेप का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मृतका एक वरिष्ठ आयकर (IRS) अधिकारी की बेटी बताई जा रही है। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना दिया है। माता-पिता के बाहर रहने पर हुआ हमला पुलिस के अनुसार घटना 22 अप्रैल 2026 की सुबह की है, जब युवती के माता-पिता मॉर्निंग वॉक पर गए हुए थे। इसी दौरान घर में अकेली मौजूद युवती पर किसी ने घुसकर हमला कर दिया। परिजन जब लौटे तो युवती को खून से लथपथ और बेहोशी की हालत में पाया। Bhopal Sewage Excavation : 4 महीने बाद भी सड़कें नहीं सुधरीं, जुर्माने की कार्रवाई के बाद भी ठेकेदार बेपरवाह अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया परिजन तुरंत युवती को अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई। शुरुआती जांच में हत्या की पुष्टि हुई है। USB केबल से गला घोंटने का शक जांच में सामने आया है कि युवती के गले पर मोबाइल चार्जर की यूएसबी केबल के निशान पाए गए हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि आरोपी ने केबल से गला घोंटकर हत्या की। इसके अलावा सिर और चेहरे पर गंभीर चोटों के निशान भी मिले हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि हमले के दौरान संघर्ष हुआ होगा। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की आशंका जताई गई है। हालांकि पुलिस का कहना है कि फॉरेंसिक जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी। फिलहाल सभी एंगल से जांच की जा रही है। MP Wheat Procurement : 8 लाख किसान खरीदी के दायरे से बाहर! गेहूं सस्ता बेचने की मजबूरी, बोले- सरकार की मंशा साफ नहीं पुराने नौकर पर गहराया शक पीड़ित परिवार ने अपने पूर्व नौकर राकेश मीणा पर हत्या का शक जताया है। पुलिस के मुताबिक, उसे करीब एक महीने पहले नौकरी से निकाला गया था। परिजनों का आरोप है कि वह बदला लेने की नीयत से घर पहुंचा और इस वारदात को अंजाम दिया। जबरदस्ती, हत्या और चोरी का आरोप आरोप है कि आरोपी ने पहले युवती के साथ जबरदस्ती की, फिर घर में चोरी की और बाद में उसकी हत्या कर फरार हो गया। पुलिस ने घटनास्थल से कई अहम साक्ष्य जुटाए हैं और आरोपी की तलाश में टीमें लगा दी गई हैं। CCTV और सबूतों के आधार पर जांच जारी पुलिस आसपास के इलाकों के CCTV फुटेज खंगाल रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा। Bengaluru Bf Murder : सरप्राइज प्रपोजल के बहाने बॉयफ्रेंड को बांधकर जिंदा जलाया, प्रेमिका ने खुद फिल्माया पूरा सीन इलाके में दहशत, सुरक्षा पर सवाल इस जघन्य हत्या ने इलाके में डर का माहौल पैदा कर दिया है। साथ ही राजधानी के पॉश इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
Bhopal Sewage Excavation : 4 महीने बाद भी सड़कें नहीं सुधरीं, जुर्माने की कार्रवाई के बाद भी ठेकेदार बेपरवाह

Bhopal Sewage Excavation : मध्य प्रदेश। भोपाल में सीवेज नेटवर्क बिछाने का काम लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। एमपी नगर, रचना नगर, गौतम नगर, साकेत नगर, नारायण नगर और रातीबड़ जैसे इलाकों में खुदाई के बाद सड़कों को ठीक नहीं किया गया है। इसके कारण सड़कें उबड़-खाबड़ हो गई हैं और जगह-जगह धूल उड़ रही है। दो पहिया और चार पहिया वाहन चालकों को रोजाना दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पैदल चलना भी हुआ मुश्किल इन इलाकों में सिर्फ वाहन चालकों ही नहीं, बल्कि पैदल चलने वाले लोगों के लिए भी रास्ता बेहद मुश्किल हो गया है। खुदाई के चार महीने से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन अब तक सड़क मरम्मत यानी रेस्टोरेशन का काम शुरू नहीं हुआ है। इससे स्थानीय लोगों की नाराजगी लगातार बढ़ रही है। MP Wheat Procurement : 8 लाख किसान खरीदी के दायरे से बाहर! गेहूं सस्ता बेचने की मजबूरी, बोले- सरकार की मंशा साफ नहीं 21 दिन का नियम पूरी तरह फेल विभागीय नियमों के मुताबिक, किसी भी सड़क की खुदाई के बाद 21 दिनों के भीतर उसका रेस्टोरेशन पूरा होना चाहिए। लेकिन यहां यह नियम पूरी तरह फेल साबित हुआ है। ठेकेदारों की लापरवाही के चलते लाखों रहवासियों को लंबे समय से परेशानी झेलनी पड़ रही है। चार पैकेज में बंटा है पूरा प्रोजेक्ट राजधानी में सीवेज नेटवर्क का काम चार अलग-अलग पैकेज में किया जा रहा है। अलग-अलग विधानसभाओं में इस काम की प्रगति भी अलग-अलग है, लेकिन कुल मिलाकर काम धीमी गति से चल रहा है। नरेला और गोविंदपुरा में अलग स्थिति नरेला विधानसभा क्षेत्र में इंटरनल नेटवर्क का काम जारी है और नई लाइनें बिछाई जा रही हैं। वहीं गोविंदपुरा क्षेत्र में साकेत नगर, शक्ति नगर और पंचवटी जैसे इलाकों में नई लाइन डालने के बजाय पुराने सेप्टिक टैंकों को मुख्य लाइन से जोड़ा जा रहा है। Congress Press Conference : नारियों को सच में हक देना चाहते हैं तो 543 सीटों में ही दें 33 परसेंट आरक्षण- रागिनी नायक 400 किमी में से सिर्फ 100 किमी काम पूरा दक्षिण-पश्चिम, मध्य और उत्तर विधानसभा क्षेत्रों के संयुक्त पैकेज के तहत 400 किलोमीटर लंबी लाइन बिछाई जानी है। लेकिन अब तक केवल 100 किलोमीटर काम ही पूरा हो पाया है। बाकी 300 किलोमीटर नेटवर्क का काम अभी बाकी है, जिससे प्रोजेक्ट की धीमी गति साफ नजर आती है। पैकेज-वार काम की स्थिति पैकेज-1 के तहत 170 किलोमीटर क्षेत्र में 20,000 घरों को जोड़ना है, जिसमें राजगढ़ रोड, लालघाटी और कटारा क्षेत्र शामिल हैं। पैकेज-2 में 141 किलोमीटर क्षेत्र में अयोध्या नगर, बागमुगलिया और एम्स रोड में 18,000 कनेक्शन दिए जाने हैं। पैकेज-3 सबसे बड़ा है, जिसमें 393 किलोमीटर क्षेत्र में कोहफिजा, अरेरा हिल्स, एमपी नगर और शाहपुरा जैसे इलाकों में 43,357 कनेक्शन होने हैं। यहां 400 किलोमीटर में से अब तक केवल 100 किलोमीटर काम पूरा हुआ है। पैकेज-4 में 268 किलोमीटर क्षेत्र में अशोका गार्डन, करोंद और रचना नगर में 40,000 घरों को जोड़ने का लक्ष्य है। यहां देवलखेड़ी में 60 एमएलडी का प्लांट प्रस्तावित है। LPG Gas Cylinder Booking : सरकार ने दी LPG को लेकर बड़ी राहत, अब महंगाई और शॉर्टेज का डर खत्म! जुर्माना लगा, फिर भी ठेकेदार बेपरवाह नगर निगम की कमिश्नर संस्कृति जैन ने बताया कि जहां भी काम चल रहा है, वहां ठेकेदारों को नियमानुसार रेस्टोरेशन के निर्देश दिए गए हैं। गड़बड़ी मिलने पर जुर्माना भी लगाया गया है। इसके बावजूद 4 महीने बाद भी काम पूरा नहीं हुआ है। अब ठेकेदारों को नोटिस देने की तैयारी की जा रही है। जल्द सुधार का दावा, लेकिन इंतजार जारी नगर निगम का कहना है कि जल्द से जल्द रेस्टोरेशन का काम पूरा कराया जाएगा। हालांकि जमीनी हकीकत यह है कि लोग अभी भी खराब सड़कों और धूल से परेशान हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक भोपाल की सड़कों को राहत मिलेगी और लोगों को इस समस्या से छुटकारा मिलेगा।
MP Wheat Procurement : 8 लाख किसान खरीदी के दायरे से बाहर! गेहूं सस्ता बेचने की मजबूरी, बोले- सरकार की मंशा साफ नहीं

MP Wheat Procurement : भोपाल। मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी इस बार तय समय पर शुरू नहीं हो सकी। सरकार ने बारदाने की कमी का हवाला देते हुए खरीदी की तारीखें कई बार आगे बढ़ाईं। जब खरीदी शुरू हुई तो ई-उपार्जन सॉफ्टवेयर में कैपिंग लागू कर दी गई। इसके तहत अधिकतम 2 हेक्टेयर (करीब 5 एकड़) जमीन वाले किसानों का ही गेहूं खरीदा जा रहा है, जिससे बड़े किसानों को शुरुआत में ही बाहर होना पड़ा। 8 लाख किसान खरीदी से बाहर प्रदेश में करीब 19 लाख किसानों ने गेहूं बेचने के लिए पंजीयन कराया है। इनमें से लगभग 11 लाख किसान 2 हेक्टेयर तक जमीन वाले हैं, जबकि करीब 8 लाख किसानों के पास इससे अधिक भूमि है। वर्तमान व्यवस्था में इन बड़े किसानों के स्लॉट बुक नहीं हो पा रहे हैं, जिससे वे समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने से वंचित हो रहे हैं। Pahalgam Terror Attack Anniversary : पहलगाम में 75% घटे टूरिस्ट, 6 टूरिस्ट स्पॉट बंद, जानिए आतंकी हमले के बाद क्या- क्या बदला? केंद्रों पर लिमिट ने बढ़ाई परेशानी सरकार ने हर खरीदी केंद्र पर अधिकतम 1000 क्विंटल गेहूं खरीदने की सीमा तय कर दी है, जबकि पिछले साल ऐसी कोई लिमिट नहीं थी। इसके अलावा फसल का डबल वेरिफिकेशन भी लागू किया गया है, जिससे किसानों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं और खरीदी प्रक्रिया धीमी हो गई है। उत्पादन से कम खरीद, किसान मजबूर आमतौर पर प्रति एकड़ गेहूं का उत्पादन 18 से 20 क्विंटल होता है, लेकिन खरीदी केंद्रों पर प्रति किसान सिर्फ 16 क्विंटल उत्पादन मानकर ही खरीद की जा रही है। इससे अधिक गेहूं किसानों को निजी मंडियों में बेचना पड़ रहा है। बैरसिया तहसील के किसान रामभरोसे का कहना है कि जमीन 2 हेक्टेयर से ज्यादा होने के कारण उनका स्लॉट बुक नहीं हुआ और उन्हें मजबूरी में सस्ते दाम पर गेहूं बेचना पड़ा। Kharge Statement Controversy : मल्लिकार्जुन खरगे ने PM मोदी को बताया आतंकवादी, BJP के भड़कने के बाद दी सफाई 4400 करोड़ का गेहूं सस्ते में बिका मार्च से अब तक प्रदेशभर की मंडियों में करीब 20 लाख टन गेहूं व्यापारियों को बेचा जा चुका है। इसकी कुल कीमत लगभग 4400 करोड़ रुपए आंकी गई है। यह गेहूं समर्थन मूल्य से कम, 2200 से 2350 रुपए प्रति क्विंटल के भाव पर बिका। इसके पीछे मुख्य कारण दो बार वेरिफिकेशन और सैटेलाइट मैपिंग में गड़बड़ी को माना जा रहा है। घटिया बारदाने की शिकायतें बारदाने की कमी दूर करने के लिए सरकार करीब 9 करोड़ बैग खरीद रही है, जिस पर लगभग 297 करोड़ रुपए खर्च होंगे। लेकिन खरीदी केंद्रों पर पहुंचते ही इन बैग की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें आने लगी हैं। खाद्य आयुक्त द्वारा अलग-अलग शहरों से सैंपल लेकर जांच कराई जा रही है। यदि गुणवत्ता खराब पाई गई तो खरीदी की रफ्तार और प्रभावित हो सकती है। तौल में गड़बड़ी से दोहरी मार किसानों को तौल में भी नुकसान झेलना पड़ रहा है। धर्मकांटे पर ट्रॉली तौलने पर प्रति क्विंटल 500 ग्राम कम दिखाया जा रहा है, जबकि मंडियों में एक क्विंटल पर 2 से 5 किलो तक अधिक गेहूं लिया जा रहा है। इसके अलावा किसानों से स्टेशनरी शुल्क भी वसूला जा रहा है, जबकि इसके लिए कोई आधिकारिक आदेश नहीं है। यह छोटी राशि मिलाकर करोड़ों रुपए तक पहुंच रही है। Mohan Bhagwat Security : मोहन भागवत से Z+सिक्योरिटी का खर्च वसूलने की मांग खारिज, कोर्ट ने कहा- ये कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग छोटे किसानों को प्राथमिकता खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की एसीएस रश्मि अरुण शमी का कहना है कि 2 हेक्टेयर से अधिक जमीन वाले किसानों के स्लॉट भी बुक हो रहे हैं, लेकिन प्राथमिकता छोटे किसानों को दी जा रही है। पहले उनकी खरीदी पूरी की जाएगी, उसके बाद अन्य किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा। आगे क्या? किसानों की बढ़ती चिंता फिलहाल किसानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी फसल को सही दाम पर बेचना है। खरीदी में देरी, लिमिट, वेरिफिकेशन और गुणवत्ता संबंधी समस्याओं के कारण किसान आर्थिक दबाव में हैं। यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो आने वाले समय में यह समस्या और गंभीर हो सकती है।
Pahalgam Terror Attack Anniversary : पहलगाम में 75% घटे टूरिस्ट, 6 टूरिस्ट स्पॉट बंद, जानिए आतंकी हमले के बाद क्या- क्या बदला?

Pahalgam Terror Attack Anniversary : पहलगाम। बैसरन घाटी, जिसे “मिनी स्विट्जरलैंड” कहा जाता है, आज भी उस दर्दनाक दिन की याद दिलाती है। 22 अप्रैल 2025 को दोपहर करीब 2 बजे, पहलगाम की इस खूबसूरत घाटी में टूरिस्ट घूम रहे थे, तभी जंगल की तरफ से आए तीन आतंकियों ने अचानक गोलीबारी शुरू कर दी। करीब 13 मिनट में 26 लोगों की जान चली गई। इस हमले ने पूरे इलाके को दहला दिया और घाटी वीरान हो गई। हमले के बाद भी पूरी तरह नहीं लौटी रौनक एक साल बीत चुका है, लेकिन बैसरन घाटी की रौनक अब तक वापस नहीं आई है। पहले जहां हर दिन 10 हजार से ज्यादा टूरिस्ट आते थे, अब उनकी संख्या घटकर 2000-2500 रह गई है। घाटी अब भी बंद है और टूरिस्ट वहां नहीं जा सकते। मुंबई से आई टूरिस्ट मुनीजा भी घाटी जाना चाहती थीं, लेकिन सुरक्षा कारणों से उन्हें अनुमति नहीं मिली। Bengaluru Bf Murder : सरप्राइज प्रपोजल के बहाने बॉयफ्रेंड को बांधकर जिंदा जलाया, प्रेमिका ने खुद फिल्माया पूरा सीन टूरिस्ट स्पॉट अब भी बंद, सुरक्षा जांच जारी हमले के बाद कश्मीर के 48 टूरिस्ट स्पॉट बंद किए गए थे। इनमें से 42 दोबारा खोल दिए गए हैं, लेकिन बैसरन घाटी समेत 6 स्पॉट अब भी बंद हैं। इन जगहों पर सुरक्षा एजेंसियां लगातार समीक्षा कर रही हैं और क्लियरेंस मिलने के बाद ही इन्हें खोला जाएगा। QR कोड से बढ़ी सुरक्षा व्यवस्था अब पहलगाम में सुरक्षा के लिहाज से बड़ा बदलाव देखने को मिला है। टूरिस्ट के संपर्क में आने वाले स्थानीय लोगों जैसे घोड़े वाले, गाइड और दुकानदारों को QR कोड वाले पहचान पत्र दिए जा रहे हैं। इस कोड को स्कैन करने पर उनकी पूरी जानकारी सामने आ जाती है। इससे टूरिस्ट का भरोसा बढ़ा है और पहचान सुनिश्चित हो रही है। Kerala Firecracker Unit Blast : केरल की पटाखा यूनिट ब्लास्ट में अब तक 6 की मौत, 40 घायल हमले के आरोपियों पर कार्रवाई हमले में शामिल आतंकियों के मददगारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। जम्मू की NIA कोर्ट में 1300 पेज की चार्जशीट दाखिल की गई है। इसमें लश्कर-ए-तैयबा और द रेजिस्टेंस फ्रंट समेत 7 आरोपियों को शामिल किया गया है। जांच में पाकिस्तान में साजिश रचे जाने के सबूत भी पेश किए गए हैं। बहादुरी की मिसाल बना आदिल हमले के दौरान स्थानीय युवक सैयद आदिल हुसैन ने टूरिस्ट को बचाने की कोशिश में अपनी जान दे दी। उन्होंने एक आतंकी से भिड़कर उसकी राइफल पकड़ ली, लेकिन आतंकियों ने उन्हें गोली मार दी। सरकार ने उनकी पत्नी को नौकरी दी और परिवार को घर भी मिला। आदिल की बहादुरी आज भी लोगों के लिए प्रेरणा है। टूरिज्म पर गहरा असर, आजीविका संकट में हमले का सबसे ज्यादा असर स्थानीय लोगों की रोजी-रोटी पर पड़ा है। टूर गाइड, घोड़े वाले और टैक्सी ड्राइवर बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। कई लोगों को अपने घोड़े और गाड़ियां तक बेचनी पड़ीं। जो काम पहले हजारों में होता था, अब 200-500 रुपये रोज तक सिमट गया है। EMI न भर पाने की वजह से कई लोग आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। Two Terrorists Arrested : ‘गजवा-ए-हिंद’ के लिए काम करने वाले दो आतंकी गिरफ्तार, RSS के नेता पर था निशाना टूरिस्ट अब भी अधूरे अनुभव के साथ लौटते हैं बैसरन घाटी और चंदनवाड़ी जैसे प्रमुख स्पॉट बंद होने की वजह से टूरिस्ट को पूरा अनुभव नहीं मिल पा रहा है। गाइड अब उन्हें आसपास के इलाकों जैसे कनहमर्ग तक ही ले जा पाते हैं। इससे टूरिस्ट भी पूरी तरह संतुष्ट नहीं होते और जल्दी लौट जाते हैं। ऑपरेशन सिंदूर से लिया बदला हमले के 15 दिन बाद भारत ने “ऑपरेशन सिंदूर” चलाकर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकियों के ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की। इस ऑपरेशन में 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए। इसमें अब्दुल रऊफ अजहर भी शामिल था, जो कई बड़े आतंकी हमलों में शामिल रहा था। सुरक्षा बनाम आजीविका एक साल बाद पहलगाम में सुरक्षा व्यवस्था पहले से मजबूत हुई है, लेकिन टूरिज्म अब भी पूरी तरह पटरी पर नहीं लौटा है। स्थानीय लोग चाहते हैं कि कम से कम कुछ प्रमुख स्पॉट जल्द खोले जाएं ताकि उनकी आजीविका वापस पटरी पर आ सके। वहीं सुरक्षा एजेंसियां कोई जोखिम नहीं लेना चाहतीं। Lashkar Terrorist Arrested : दिल्ली बॉर्डर से लश्कर आतंकी शब्बीर अहमद गिरफ्तार, बांग्लादेश से चला रहा था नेटवर्क घाव अभी भी ताजा पहलगाम हमले को एक साल हो चुका है, लेकिन उसके जख्म अब भी भरे नहीं हैं। सुरक्षा में सुधार जरूर हुआ है, लेकिन आर्थिक और सामाजिक स्तर पर कई चुनौतियां अब भी बाकी हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि कब बैसरन घाटी फिर से खुलेगी और क्या पहलगाम अपनी पुरानी पहचान वापस पा सकेगा।