Aayudh

Share Market Today : सेंसेक्स 800 अंक और निफ्टी 211 अंक गिरा, किन वजहों से बाजार में आई गिरावट?

Share Market Today

Share Market Today : मुंबई। शेयर बाजार में 22 अप्रैल को भारी गिरावट देखने को मिली। BSE Sensex 811 अंक गिरकर 78,461 पर कारोबार करता दिखा, जबकि Nifty 50 211 अंक टूटकर 24,364 के आसपास ट्रेड करता रहा। बाजार की शुरुआत से ही बिकवाली का दबाव बना रहा, जिससे निवेशकों में चिंता का माहौल देखने को मिला। आईटी सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव आज की गिरावट की सबसे बड़ी वजह आईटी सेक्टर की कमजोरी रही। निफ्टी आईटी इंडेक्स में 3 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। HCL टेक्नोलॉजीज के शेयरों में करीब 9 फीसदी की भारी गिरावट आई, जिससे पूरे सेक्टर पर असर पड़ा। इसके अलावा इंफोसिस और टेक महिंद्रा के शेयरों में भी लगभग 3 फीसदी की गिरावट देखी गई। US Iran Ceasefire : ट्रंप ने शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर को ईरान सीजफायर का दिया क्रेडिट, पाक को क्या फायदा? कमजोर नतीजों का पड़ा असर HCL Tech के चौथी तिमाही (Q4) के नतीजे उम्मीद से कमजोर रहे, जिससे निवेशकों का भरोसा डगमगाया। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 12.3% बढ़कर ₹33,981 करोड़ रहा, लेकिन यह एनालिस्ट्स के अनुमान ₹34,236 करोड़ से कम रहा। कंपनी ने बताया कि जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण क्लाइंट्स ने टेक्नोलॉजी खर्च में कटौती की, जिसका सीधा असर उसके नतीजों पर पड़ा। अन्य सेक्टर्स में भी दिखी बिकवाली आईटी के अलावा निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, ऑटो और फार्मा सेक्टर में भी बिकवाली दर्ज की गई। हालांकि, कुछ सेक्टर्स ने बाजार को थोड़ी राहत दी। मेटल, एफएमसीजी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में खरीदारी देखने को मिली, जिससे गिरावट कुछ हद तक सीमित रही। Kerala Firecracker Unit Blast : केरल की पटाखा यूनिट ब्लास्ट में अब तक 6 की मौत, 40 घायल टॉप लूजर्स और गेनर्स आज के टॉप लूजर्स में HCL Tech के अलावा इंफोसिस और टेक महिंद्रा शामिल रहे। वहीं टॉप गेनर्स की बात करें तो Nestle India के शेयरों में करीब 2 फीसदी की तेजी आई। इसके अलावा Tata Consumer Products और NTPC में 1 फीसदी से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई। ग्लोबल टेंशन का भी असर ग्लोबल स्तर पर जारी अनिश्चितता का असर भी भारतीय बाजार पर पड़ा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ युद्धविराम बढ़ाने का ऐलान किया है, लेकिन होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर अमेरिकी ब्लॉकेड जारी रहने से निवेशकों में चिंता बनी हुई है। इससे वैश्विक बाजारों में स्थिरता नहीं आ पा रही है। Kharge Statement Controversy : मल्लिकार्जुन खरगे ने PM मोदी को बताया आतंकवादी, BJP के भड़कने के बाद दी सफाई अमेरिकी बाजारों से भी मिला कमजोर संकेत अमेरिकी शेयर बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.59% गिरकर 49,149 पर बंद हुआ। S&P 500 0.63% कमजोर होकर 7,064 पर बंद हुआ, जबकि नैस्डैक कंपोजिट में भी करीब 0.59% की गिरावट आई। इन कमजोर संकेतों का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। आगे बाजार की दिशा क्या होगी भले ही आज बाजार में गिरावट आई हो, लेकिन कुछ सेक्टर्स अभी भी मजबूती दिखा रहे हैं। फाइनेंशियल और कैपिटल मार्केट से जुड़े शेयरों को अच्छे नतीजों का समर्थन मिल रहा है, जबकि पावर सेक्टर भी बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। आने वाले समय में बाजार की दिशा ऑटो, बैंकिंग और आईटी कंपनियों के नतीजों के साथ-साथ ग्लोबल संकेतों पर निर्भर करेगी।

Bengaluru Bf Murder : सरप्राइज प्रपोजल के बहाने बॉयफ्रेंड को बांधकर जिंदा जलाया, प्रेमिका ने खुद फिल्माया पूरा सीन

Bengaluru Bf Murder

Bengaluru Boyfriend Murder : बेंगलुरु से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ 27 साल की एक महिला पर अपने बॉयफ्रेंड की हत्या का आरोप लगा है। रिपोर्ट्स के अनुसार यह घटना ब्यादराहल्ली पुलिस स्टेशन क्षेत्र में हुई, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। आरोपी और पीड़ित की पहचान पुलिस के मुताबिक आरोपी महिला की पहचान प्रेमा उर्फ प्रेरणा के रूप में हुई है, जबकि पीड़ित का नाम किरण है। दोनों की उम्र 27 साल थी और वे पिछले एक साल से अधिक समय से रिलेशनशिप में थे। दोनों राजाजीनगर के पास एक मोबाइल स्टोर में साथ काम करते थे। US Iran Ceasefire : ट्रंप ने शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर को ईरान सीजफायर का दिया क्रेडिट, पाक को क्या फायदा? रिश्ते में बढ़ रहा था तनाव जानकारी के अनुसार, दोनों के रिश्ते में पिछले कुछ समय से तनाव बढ़ रहा था। अक्सर झगड़े होते थे और इसकी मुख्य वजह प्रेरणा का यह शक था कि किरण उससे दूर हो रहा है और उसे पर्याप्त ध्यान नहीं दे रहा है। यह तनाव धीरे-धीरे गंभीर विवाद में बदल गया। प्रपोजल के नाम पर रचा कथित जाल रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रेरणा ने किरण को अपने घर बुलाया, जब घर पर कोई और मौजूद नहीं था। उसने कहा कि वह उसे “विदेशी ट्रेंड्स” से प्रेरित एक खास अंदाज़ में प्रपोज़ करके सरप्राइज़ देना चाहती है। इस पर भरोसा करके किरण उसके घर पहुँच गया। बताया जा रहा है कि इस पूरे घटनाक्रम को रिकॉर्ड भी किया गया। Pune Crime News : दूसरी शादी के लिए मां ने की 11 महीने के बेटे की हत्या, ऐसे खुला संगीन जुर्म का राज बंधक बनाकर वारदात को अंजाम पुलिस के अनुसार, प्रेरणा ने कथित तौर पर किरण की आँखों पर पट्टी बाँधी और उसके हाथ-पैर एक कुर्सी से बाँध दिए। उसने यह सब प्रपोज़ल के सेटअप का हिस्सा बताया। जब किरण ने रस्सियाँ कसकर बाँधने पर सवाल किया, तो उसे भरोसा दिलाया गया कि यह सब सरप्राइज़ का हिस्सा है। आग लगाकर हत्या का आरोप कुछ ही देर बाद, आरोप है कि महिला ने किरण पर केरोसिन डालकर उसे आग लगा दी। जाँच एजेंसियों को शक है कि इस घटना की रिकॉर्डिंग उसके मोबाइल फोन में मौजूद हो सकती है, जो केस का अहम सबूत बन सकती है। शुरुआत में गुमराह करने की कोशिश घटना के बाद प्रेरणा ने पुलिस को बताया कि वह वॉशरूम में थी और बाहर आकर उसने किरण को आग में घिरा देखा। उसने इसे आत्मदाह का मामला बताने की कोशिश की। हालांकि, उसके बयान में कई विरोधाभास पाए गए। Bhopal Crime News : अशोका गार्डन के बाद रंभा नगर में मर्डर! घूरने के विवाद में 6 लोगों ने युवक को चाकू से गोंदा पुलिस को कैसे हुआ शक पुलिस को घटनास्थल पर केरोसिन का कोई डिब्बा या बोतल नहीं मिला, जिससे शक और गहरा गया। अधिकारियों का मानना है कि केरोसिन पहले से ही लाया गया था, जिससे यह घटना सुनियोजित लगती है। डिजिटल सबूत बना अहम कड़ी पुलिस ने आरोपी महिला का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। इसमें कथित तौर पर पीड़ित के आखिरी पलों का वीडियो मौजूद है। इस डिजिटल सबूत को अभियोजन पक्ष के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। Kerala Firecracker Unit Blast : केरल की पटाखा यूनिट ब्लास्ट में अब तक 6 की मौत, 40 घायल जांच जारी, मकसद की तलाश पीड़ित के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और फॉरेंसिक टीम मौके की जांच कर रही है। पुलिस दोनों के रिश्ते के इतिहास और पुराने विवादों की भी पड़ताल कर रही है ताकि हत्या के पीछे का असली कारण सामने आ सके। बार-बार बदल रहे बयान मामले में नागेश DL ने बताया कि आरोपी महिला लगातार अपने बयान बदल रही है। इससे जांच टीम के लिए सच्चाई तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण हो गया है। फिलहाल पुलिस हिरासत में लेकर उससे पूछताछ जारी है। पीड़ित किरण

US Iran Ceasefire : ट्रंप ने शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर को ईरान सीजफायर का दिया क्रेडिट, पाक को क्या फायदा?

US Iran Ceasefire

US Iran Ceasefire : वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम खत्म होने से कुछ घंटे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे “अनिश्चित काल” के लिए बढ़ाने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि ईरानी सरकार इस समय “गंभीर रूप से बिखरी हुई” है, इसलिए उसे एक स्थायी शांति प्रस्ताव तैयार करने का समय दिया जाना चाहिए। यह पहली बार है जब अमेरिका ने ईरान के अगले कदम के लिए कोई तय समय सीमा नहीं रखी है। ट्रंप ने इस रणनीति में बदलाव का श्रेय पाकिस्तान के नेतृत्व के साथ हुई बातचीत को दिया। पाकिस्तान के अनुरोध पर लिया गया फैसला ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के अनुरोध पर अमेरिका ने ईरान पर हमले को रोककर रखने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि जब तक ईरान के नेता और प्रतिनिधि एक संयुक्त प्रस्ताव लेकर नहीं आते, तब तक यह युद्धविराम जारी रहेगा। ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि बातचीत पूरी होने तक यह विस्तार लागू रहेगा। Israel US Iran War Update : इजरायली हमले में मारा गया हिजबुल्लाह का नया चीफ नईम कासिम, IDF का दावा होर्मुज़ पर नाकेबंदी जारी हालांकि युद्धविराम बढ़ा दिया गया है, लेकिन ट्रंप ने कहा कि होर्मुज़ में ईरान के तट पर स्थित बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी सेना हर स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार और सक्षम है। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि कूटनीतिक प्रयासों के साथ-साथ सैन्य दबाव भी बनाए रखा जाएगा। पाकिस्तान ने जताया आभार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ट्रंप के फैसले का स्वागत करते हुए उनका धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह कदम पाकिस्तान के राजनयिक प्रयासों पर विश्वास को दर्शाता है। पाकिस्तान ने भरोसा जताया कि वह बातचीत के जरिए इस संघर्ष का स्थायी समाधान निकालने के लिए गंभीर प्रयास जारी रखेगा। साथ ही उम्मीद जताई गई कि इस्लामाबाद में होने वाली वार्ता के अगले दौर में एक व्यापक शांति समझौता हो सकता है। पाकिस्तान की बढ़ती वैश्विक भूमिका यदि पाकिस्तान वास्तव में अमेरिका को ईरान पर आगे हमला न करने के लिए मनाने में सफल रहा है, तो इससे उसकी अंतरराष्ट्रीय साख मजबूत होगी। इससे पहले भी ईरान के नेताओं ने पाकिस्तान के प्रयासों की सराहना की है। पाकिस्तान अब खुद को एक “शांतिदूत” के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है, जिससे उसे वैश्विक मंच पर नई पहचान मिल सकती है। PeaceTalk Update : अमेरिकी उपराष्ट्रपति जल्द होंगे पाकिस्तान रवाना, कल ईरान के साथ बातचीत आर्थिक और रणनीतिक कारण भी अहम पाकिस्तान के इन प्रयासों के पीछे उसकी आर्थिक और रणनीतिक मजबूरियां भी हैं। पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट इकोनॉमिक्स (PIDE) की रिपोर्ट के अनुसार, बढ़ती तेल कीमतें देश के आयात बिल को बढ़ाती हैं और महंगाई को तेज करती हैं। इसके अलावा, होर्मुज़ जलडमरूमध्य का बंद रहना औद्योगिक लागत बढ़ा सकता है और व्यापारिक विश्वास को कमजोर कर सकता है। ऐसे में पाकिस्तान के लिए क्षेत्र में शांति बनाए रखना बेहद जरूरी है। मध्यस्थ के रूप में पाकिस्तान की छवि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अक्सर आलोचना झेलने वाला पाकिस्तान अब इस संघर्ष में एक संतुलित मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है। उसने अपनी तटस्थ स्थिति और अमेरिका-ईरान दोनों से अच्छे संबंधों का फायदा उठाया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, बदलती वैश्विक व्यवस्था में पाकिस्तान अपनी सैन्य ताकत और कूटनीति के जरिए प्रभाव बढ़ाना चाहता है। Kharge Statement Controversy : मल्लिकार्जुन खरगे ने PM मोदी को बताया आतंकवादी, BJP के भड़कने के बाद दी सफाई आर्थिक संकट और उम्मीदें हाल के समय में पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति कमजोर रही है। देश को बिजली कटौती और विदेशी कर्ज जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सऊदी अरब से 3 अरब डॉलर का आपातकालीन कर्ज लेना पड़ा है। ऐसे में पाकिस्तान को उम्मीद है कि उसकी बेहतर अंतरराष्ट्रीय छवि से विदेशी निवेश आकर्षित होगा और आर्थिक स्थिति सुधरेगी। मध्यस्थता की शुरुआत कैसे हुई पाकिस्तान को यह भूमिका तब मिली जब अमेरिका को ईरान के साथ बातचीत के लिए एक भरोसेमंद मध्यस्थ की जरूरत थी। बताया जाता है कि जून 2025 में व्हाइट हाउस की यात्रा के बाद आसिम मुनीर ने यह जिम्मेदारी संभाली। ईरान के साथ पाकिस्तान के अच्छे संबंध और पूर्व में मिले कूटनीतिक समर्थन ने भी इस भूमिका को मजबूत किया। Mohan Bhagwat Security : मोहन भागवत से Z+सिक्योरिटी का खर्च वसूलने की मांग खारिज, कोर्ट ने कहा- ये कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग भारत के लिए क्या मायने हैं निकट भविष्य में मध्य-पूर्व में शांति भारत के लिए सकारात्मक संकेत है। हालांकि लंबे समय में पाकिस्तान की बढ़ती कूटनीतिक ताकत भारत के लिए चिंता का कारण बन सकती है। पाकिस्तान की सेना ऐतिहासिक रूप से भारत के प्रति सख्त रुख रखती रही है, और उसकी मजबूत होती भूमिका क्षेत्रीय संतुलन को प्रभावित कर सकती है। सफलता और जोखिम दोनों मौजूद विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह बातचीत सफल होती है, तो पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय साख और बढ़ेगी। लेकिन अगर बातचीत विफल रहती है, तो इसका कुछ दोष पाकिस्तान पर भी आ सकता है। पहले से ही उस पर अमेरिका के हितों को बढ़ावा देने के आरोप लगते रहे हैं, जिससे देश के भीतर भी असंतोष पैदा हो सकता है।