Hamidia Hospital Theft : हमीदिया अस्पताल से 1 क्विंटल ट्रांसफॉर्मर और 80 KG कंट्रोल पैनल चोरी

Hamidia Hospital Theft : मध्य प्रदेश। राजधानी भोपाल के हमीदिया अस्पताल के रेडियोडायग्नोसिस विभाग में एक बड़ी चोरी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। चोरों ने विभाग का ताला तोड़कर लाखों रुपये के भारी-भरकम उपकरण चुरा लिए। चोरी गए सामान की अनुमानित कीमत 15 लाख रुपये बताई जा रही है। क्या-क्या चुराया? चोरों ने विभाग के भीतर से करीब तीन क्विंटल वजनी सामान निकाल लिया। चोरी के सामान में शामिल हैं: 500 mA एक्सरे मशीन का पावर पैनल कंट्रोल पैनल (लगभग 80 किलो) ट्रांसफॉर्मर (लगभग 1 क्विंटल) 40 मीटर लंबी कॉपर केबल तीन पंखे 5 सीटर लोहे की वेटिंग चेयर एसी का आउटडोर यूनिट Bhopal Toxic Air : 2018 के 21 हॉटस्पॉट आज भी जहरीले, 197 करोड़ खर्च के बाद भी प्रदूषण का स्तर दोगुना 18 घंटे में अंजाम दी वारदात पुलिस के अनुसार चोरी 15 अप्रैल दोपहर 3 बजे से 16 अप्रैल सुबह 9 बजे के बीच हुई। कर्मचारियों ने 15 अप्रैल को काम खत्म कर कमरा बंद किया था। अगले दिन सुबह जब इंजीनियर के साथ रेडियोग्राफर पहुंचे तो मेन शटर का ताला टूटा मिला और अंदर का सामान गायब था। हैरानी की बात यह है कि चोरों ने शातिराना तरीके से पहले बिजली की सप्लाई बंद की, फिर मोटी वायरिंग काटी और भारी उपकरण निकालकर ले गए। इससे साफ है कि चोरों को मशीनों की तकनीकी जानकारी थी। अस्पताल प्रशासन पर सवाल घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन ने सुरक्षा व्यवस्था संभाल रही निजी एजेंसी की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। इतने भारी सामान को 18 घंटे में निकाल लिया गया, लेकिन किसी को भनक तक नहीं लगी। सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। Census 2026 Scam Alert: जनगणना के नाम पर ठगी से सावधान, भोपाल प्रशासन ने जारी की चेतावनी पुलिस ने दर्ज की FIR अस्पताल प्रशासन ने पहले आंतरिक जांच की, फिर 21 अप्रैल को कोहेफिजा थाने में शिकायत दर्ज कराई। गांधी मेडिकल कॉलेज के रेडियोडायग्नोसिस विभाग के HOD के हस्ताक्षर से शिकायत भेजी गई थी। पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ BNSS की धारा 331(4) और 305(A) के तहत FIR दर्ज कर ली है। यह हमीदिया अस्पताल में कोविड काल के दौरान रेमेडेसिविर इंजेक्शन चोरी के बाद दूसरी बड़ी चोरी है।
Bhopal Toxic Air : 2018 के 21 हॉटस्पॉट आज भी जहरीले, 197 करोड़ खर्च के बाद भी प्रदूषण का स्तर दोगुना

Bhopal Toxic Air : मध्य प्रदेश। राजधानी भोपाल की हवा साल-दर-साल लगातार बिगड़ती जा रही है। 2018 की सोर्स अपॉर्शनमेंट स्टडी में जिन 21 इलाकों को शहर के सबसे बड़े प्रदूषण हॉटस्पॉट बताए गए थे, आज 8 साल बाद भी वही इलाके भोपाल की हवा को सबसे ज्यादा जहरीला बना रहे हैं। कई जगहों पर 200 से 250 तक पहुंचा प्रदूषण 2018 में इन हॉटस्पॉट इलाकों में PM-10 का औसत स्तर 110 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर था, जो अब कई जगहों पर 200 से 250 तक पहुंच गया है। यानी हालात सुधरे नहीं, बल्कि और बिगड़ गए हैं। यह चौंकाने वाली रिपोर्ट एनजीटी (राष्ट्रीय हरित अधिकरण) में दायर एक याचिका के साथ पेश की गई है। जनवरी-फरवरी 2026 के डेटा के अनुसार, 21 हॉटस्पॉट में से कई अब ‘खराब’ श्रेणी में आ गए हैं। Nitin Naveen Team : BJP अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम में 33% महिलाएं! संसदीय बोर्ड से सचिव स्तर तक लागू होगा फॉर्मूला 197 करोड़ खर्च के बावजूद कोई सुधार नहीं सबसे हैरानी की बात यह है कि वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए सरकार ने अब तक 197 करोड़ रुपये खर्च कर दिए हैं, लेकिन हॉटस्पॉट इलाकों में कोई ठोस सुधार नहीं दिखा है। तीन बड़ी कमियां सामने आईं: निगम के पास सक्शन और ब्लोअर मशीनें हैं, लेकिन सफाई के दौरान भी धूल उड़ती रहती है। तकनीक है, लेकिन निगरानी नहीं है। प्रदूषण नियंत्रण के लिए 242 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए, जिनमें से 197 करोड़ खर्च हो चुके हैं, फिर भी हालात नहीं सुधरे। 2018 में जिन 21 हॉटस्पॉट की पहचान हुई थी, वहां ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) लागू करना था, जो कभी लागू ही नहीं हुआ। MLA PRITAM LODHI CONTROVERSY: प्रीतम लोधी विवाद पर भड़के पटवारी, बोले- नेताओं के आगे घुटने क्यों टेकती है पुलिस? प्रदूषण के मुख्य कारण पीसीबी (प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) की स्टडी के अनुसार, भोपाल में प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण सड़कों की धूल है, जो करीब 67 प्रतिशत है। दूसरे नंबर पर वाहनों का धुआं और निर्माण गतिविधियां हैं। सुझाव क्या थे? रिपोर्ट में सड़कों की सफाई के लिए सक्शन मशीन, सड़क किनारे पेवर्स ब्लॉक, ग्रीन बेल्ट विकसित करना और निर्माण स्थलों को ढंकने जैसे उपाय सुझाए गए थे। साथ ही हॉटस्पॉट इलाकों में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान लागू करने की सिफारिश की गई थी। AAP’s Raghav Chadha Joins BJP: राघव चड्ढा का बड़ा बयान, AAP छोड़ BJP में होंगे शामिल! हॉटस्पॉट कैसे तय हुए? ये हॉटस्पॉट एक दिन के आंकड़ों से नहीं, बल्कि पूरे शहर के प्रदूषण पैटर्न के विस्तृत विश्लेषण से चुने गए थे। जहां ज्यादा ट्रैफिक, सड़क की धूल, बड़े निर्माण कार्य और औद्योगिक गतिविधियां थीं, उन्हें हॉटस्पॉट घोषित किया गया था। जनवरी-फरवरी का औसत एयर क्वालिटी नादरा बस स्टैंड – एयरक्वालिटी: 257.54 – स्थिति – खराब भोपाल टॉकीज – एयरक्वालिटी: 240.11 – स्थिति – खराब नेहरू नगर चौराहा – एयरक्वालिटी: 223.00 – स्थिति – खराब JK रोड – एयरक्वालिटी: 218.02 – स्थिति – खराब ज्योति टॉकीज – एयरक्वालिटी: 216.54 – स्थिति – खराब बैरागढ़ बाजार – एयरक्वालिटी: 208.81 – स्थिति – खराब कोलार (सर्वधर्म) – एयरक्वालिटी: 160 – स्थिति – खराब प्रभात चौराहा – एयरक्वालिटी: 190 – स्थिति – मध्यम करौंद चौराहा – एयरक्वालिटी: 185 – स्थिति – मध्यम हमीदिया रोड – एयरक्वालिटी: 180 – स्थिति – मध्यम आईएसबीटी/हबीबगंज – एयरक्वालिटी: 175 – स्थिति – मध्यम
Nitin Naveen Team : BJP अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम में 33% महिलाएं! संसदीय बोर्ड से सचिव स्तर तक लागू होगा फॉर्मूला

Nitin Naveen Team : नई दिल्ली। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन (Nitin Naveen) की नई टीम में महिलाओं को बड़ा प्रतिनिधित्व देने का फैसला लिया गया है। पार्टी ने तय किया है कि संगठन में 33 प्रतिशत महिला पदाधिकारी होंगी। यह व्यवस्था संसदीय बोर्ड से लेकर राष्ट्रीय सचिव स्तर तक लागू होगी। राज्यों के संगठन में भी यही फॉर्मूला अपनाया जाएगा।संगठन महासचिव की देखरेख में इस फैसले पर अमल की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय कार्यकारिणी में 100 से ज्यादा महिलाएं शामिल होंगी। वर्तमान में राष्ट्रीय कार्यकारिणी में कुल 396 सदस्य हैं, जिनमें 10 प्रतिशत से भी कम महिलाएं हैं। AAP’s Raghav Chadha Joins BJP: राघव चड्ढा का बड़ा बयान, AAP छोड़ BJP में होंगे शामिल! संसदीय बोर्ड में 4 महिलाएं तय फॉर्मूले के अनुसार, भाजपा के 12 सदस्यीय संसदीय बोर्ड में 4 महिलाएं होंगी। 7 महासचिव पदों में से 2, 12 उपाध्यक्ष पदों में से 4 और 11 राष्ट्रीय सचिव पदों में से 3 पर महिलाओं को जगह मिलेगी। पार्टी की सर्वोच्च नीति निर्धारक इकाई संसदीय बोर्ड में अभी सिर्फ एक महिला है। कोई महिला महासचिव भी नहीं है। उपाध्यक्ष और सचिव पदों पर भी महिलाओं की संख्या बहुत कम है। Delhi GST transfer: एक्शन मोड में दिल्ली सरकार, GST विभाग में 162 ट्रांसफर; अस्पतालों में सुधार के आदेश महिला सशक्तिकरण का संदेश यह फैसला ऐसे समय में आया है जब संसद में नारी चंदन (संशोधन) विधेयक (महिला आरक्षण बिल) गिरने के बाद भाजपा ने अन्य दलों को महिला विरोधी बताने का स्टैंड लिया है। पार्टी अब संगठन स्तर पर ही 33 प्रतिशत महिला भागीदारी दिखाने जा रही है। 2007 में जब राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) भाजपा अध्यक्ष थे, तब उन्होंने संगठन में महिलाओं को ज्यादा जगह देने के लिए सुषमा स्वराज (Sushma Swaraj) की अध्यक्षता में एक समिति गठित की थी। Census 2026 Scam Alert: जनगणना के नाम पर ठगी से सावधान, भोपाल प्रशासन ने जारी की चेतावनी उस समय सवाल उठा था कि पद के हिसाब से 33% आरक्षण दें या पदाधिकारियों में 33% महिलाएं रखें। समिति ने पद के हिसाब से आरक्षण के बजाय राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर पर 33% महिलाओं को जगह देने का सुझाव दिया था।
MLA PRITAM LODHI CONTROVERSY: प्रीतम लोधी विवाद पर भड़के पटवारी, बोले- नेताओं के आगे घुटने क्यों टेकती है पुलिस?

HIGHLIGHTS: IPS अधिकारी को धमकी का मामला गरमाया जीतू पटवारी ने लिखा पुलिस को खुला पत्र पुलिस की भूमिका और निष्पक्षता पर उठाए सवाल BJP नेताओं पर दबाव बनाने का आरोप संविधान के अनुसार काम करने की अपील MLA PRITAM LODHI CONTROVERSY: भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति में हाल ही में हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया है। भाजपा विधायक प्रीतम लोधी द्वारा एक IPS अधिकारी को कथित धमकी देने के मामले ने राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है। इस घटना को लेकर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने पुलिस अधिकारियों के नाम एक खुला पत्र लिखकर बड़ा सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि सिस्टम में बढ़ते दबाव और सत्ता के प्रभाव का संकेत है। खुला पत्र : मध्यप्रदेश पुलिस और देश के जांबाज पुलिसकर्मियों के नाम !! pic.twitter.com/nUGj7jntSj — Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) April 24, 2026 पटवारी का तीखा सवाल—आवाज कमजोर क्यों पड़ती है? अपने पत्र में पटवारी ने पुलिस अधिकारियों से सीधे सवाल किए कि आखिर ऐसी कौन-सी परिस्थितियां हैं, जिनकी वजह से एक मजबूत और प्रशिक्षित पुलिस तंत्र रक्षात्मक हो जाता है। उन्होंने पूछा कि जब आम नागरिक के खिलाफ कार्रवाई की बात होती है, तो पुलिस सख्त रहती है, लेकिन प्रभावशाली लोगों के सामने उसकी आवाज धीमी क्यों पड़ जाती है। Delhi GST transfer: एक्शन मोड में दिल्ली सरकार, GST विभाग में 162 ट्रांसफर; अस्पतालों में सुधार के आदेश BJP नेताओं पर लगाया दबाव बनाने का आरोप पटवारी ने आरोप लगाया कि कई बार भाजपा नेता खुलेआम पुलिस पर दबाव बनाने और उन्हें अपमानित करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि इससे भी ज्यादा चिंता की बात यह है कि ऐसे मामलों में पुलिस की प्रतिक्रिया अक्सर शांत रहती है। उनके अनुसार, यह स्थिति कानून व्यवस्था और लोकतंत्र दोनों के लिए खतरनाक संकेत है। Stock Market Sensex Nifty Update: तीसरे दिन भी टूटा बाजार: सेंसेक्स 1000 अंक गिरा, 27 अप्रैल को कैसा रहेगा ट्रेंड? संविधान को मानिए सर्वोपरि अपने पत्र के अंत में पटवारी ने पुलिसकर्मियों से अपील की कि वे संविधान को सर्वोपरि मानते हुए निष्पक्षता से काम करें। उन्होंने कहा कि अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। अगर पुलिस ही दबाव में आकर चुप हो जाएगी, तो कानून का राज कमजोर पड़ जाएगा और आम जनता का भरोसा भी टूट सकता है।
Stock Market Sensex Nifty Update: तीसरे दिन भी टूटा बाजार: सेंसेक्स 1000 अंक गिरा, 27 अप्रैल को कैसा रहेगा ट्रेंड?

HIGHLIGHTS: सेंसेक्स 1000 अंक गिरकर 76,664 पर बंद निफ्टी 275 अंक टूटकर 23,898 पर आया IT सेक्टर में सबसे ज्यादा बिकवाली ग्लोबल तनाव और FII निकासी से दबाव 27 अप्रैल को बाजार में कंसोलिडेशन की संभावना Stock Market Sensex Nifty Update: मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली का दबाव लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। शुक्रवार, 24 अप्रैल को बाजार बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ। BSE Sensex 1000 अंक यानी 1.29% गिरकर 76,664 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 275 अंक यानी 1.14% टूटकर 23,898 पर आ गया। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी कमजोरी देखने को मिली, जिससे बाजार का ओवरऑल सेंटीमेंट निगेटिव बना रहा। AAP’s Raghav Chadha Joins BJP: राघव चड्ढा का बड़ा बयान, AAP छोड़ BJP में होंगे शामिल! IT शेयरों में बिकवाली, कुछ स्टॉक्स में रही तेजी आज की गिरावट में IT सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित रहा। Infosys, TCS, Tech Mahindra और HCLTech जैसे शेयरों में भारी गिरावट देखी गई। वहीं Coal India, Trent और Hindalco में तेजी देखने को मिली। निफ्टी 50 के 38 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए, जो बाजार में कमजोरी का संकेत है। Census 2026 Scam Alert: जनगणना के नाम पर ठगी से सावधान, भोपाल प्रशासन ने जारी की चेतावनी ग्लोबल कारणों और FII बिकवाली का असर एक्सपर्ट्स के अनुसार बाजार की गिरावट के पीछे कई कारण हैं। Equirus Wealth के एमडी अंकुर पुंज ने कहा कि कमजोर ग्लोबल संकेत, अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और विदेशी निवेशकों (FII) की बिकवाली ने बाजार पर दबाव बनाया। इसके अलावा रुपये में गिरावट और IT कंपनियों के मिले-जुले नतीजों ने भी निवेशकों के भरोसे को कमजोर किया। Bhopal Two-IC system: शिकायतों का फटाफट होगा निपटारा! भोपाल में लागू हुआ टू आईसी सिस्टम 27 अप्रैल के लिए क्या संकेत, सपोर्ट-रेजिस्टेंस समझें एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार में कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता है। SBI Securities के सुदीप शाह के मुताबिक निफ्टी के लिए 23600-23550 का स्तर अहम सपोर्ट है, जबकि 24200-24250 का स्तर रेजिस्टेंस रहेगा। वहीं Motilal Oswal Financial Services के सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि निवेशक फिलहाल ग्लोबल घटनाक्रमों और कंपनियों के नतीजों पर नजर बनाए रखेंगे, जिससे बाजार की चाल सतर्क रह सकती है।
AAP’s Raghav Chadha Joins BJP: राघव चड्ढा का बड़ा बयान, AAP छोड़ BJP में होंगे शामिल!

HIGHLIGHTS: राघव चड्ढा समेत 3 सांसदों ने AAP छोड़ी BJP में शामिल होने का किया ऐलान पार्टी पर सिद्धांतों से भटकने का आरोप उपनेता पद से हटाए जाने के बाद बढ़ा विवाद कई अन्य सांसदों के समर्थन का दावा AAP’s Raghav Chadha Joins BJP: नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा झटका देते हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया है। दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि राज्यसभा में AAP के दो-तिहाई सांसद अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होंगे। उनके साथ सांसद संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने भी पार्टी छोड़ने की घोषणा की। Raghav Chadha Security : राघव चड्ढा पर मेहरबान केंद्र ! दी Z सिक्योरिटी, AAP सरकार ने ली थी वापस “पार्टी अपने मूल्यों से भटक गई” – चड्ढा का आरोप राघव चड्ढा ने कहा कि जिस AAP को उन्होंने 15 साल दिए, वही पार्टी अब अपने सिद्धांतों और नैतिकता से भटक चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी अब देशहित के बजाय निजी फायदे के लिए काम कर रही है। चड्ढा ने कहा कि उन्हें लंबे समय से महसूस हो रहा था कि वह “गलत पार्टी में सही व्यक्ति” हैं, इसलिए उन्होंने यह कदम उठाया। Raghav Chadha : राघव चड्ढा का AAP के आरोपों पर बड़ा खुलासा! बोले- हर झूठ होगा बेनकाब उपनेता पद से हटाए जाने के बाद बढ़ी नाराजगी इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत 2 अप्रैल से हुई, जब AAP ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता पद से हटा दिया। उनकी जगह अशोक मित्तल को यह जिम्मेदारी दी गई। इसके अगले दिन चड्ढा ने एक वीडियो जारी कर नाराजगी जताई और कहा कि संसद में जनता के मुद्दे उठाने के कारण उन्हें खामोश किया गया, लेकिन उनकी खामोशी को कमजोरी न समझा जाए। Raghav vs Saurabh : AAP में दो फाड़! राघव चड्ढा के खिलाफ सौरभ भारद्वाज का बड़ा बयान कई सांसदों के समर्थन का दावा प्रेस कॉन्फ्रेंस में चड्ढा ने दावा किया कि उनके साथ दो-तिहाई से ज्यादा सांसद हैं। उन्होंने हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल समेत कई नेताओं का नाम लेते हुए कहा कि वे भी इस फैसले के समर्थन में हैं। इस घटनाक्रम को AAP में बड़ी बगावत के रूप में देखा जा रहा है, जिससे पार्टी की सियासत पर बड़ा असर पड़ सकता है।
Delhi GST transfer: एक्शन मोड में दिल्ली सरकार, GST विभाग में 162 ट्रांसफर; अस्पतालों में सुधार के आदेश

HIGHLIGHTS: GST विभाग में 162 अधिकारियों का ट्रांसफर लंबे समय से एक ही जगह तैनात थे अधिकारी 8 अप्रैल के निरीक्षण में मिली थीं अनियमितताएं CM ने अस्पताल में दवाओं की कमी पर जताई नाराजगी स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के दिए सख्त निर्देश Delhi GST transfer: नई दिल्ली। सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए ट्रेड एंड टैक्सेस (GST) विभाग में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। बता दें कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर कुल 162 अधिकारियों और कर्मचारियों का ट्रांसफर किया गया है। ये सभी लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात थे, जिससे सिस्टम में पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे थे। सरकार का मानना है कि इस कदम से विभाग में जवाबदेही बढ़ेगी और कामकाज में सुधार आएगा। Akshay Kumar Vidya Balan movie: 7 साल बाद फिर साथ दिखेगी हिट जोड़ी! अक्षय कुमार और विद्या बालन का नया प्रोजेक्ट शुरू निरीक्षण के बाद लिया गया बड़ा फैसला इस कार्रवाई की शुरुआत 8 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री के औचक निरीक्षण से हुई थी। दौरे के दौरान विभाग में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं, जिनमें कामकाज की धीमी गति और नियमों की अनदेखी शामिल थी। इन खामियों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने तुरंत सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए, जिसके बाद इतने बड़े पैमाने पर तबादले किए गए। \Census 2026 Scam Alert: जनगणना के नाम पर ठगी से सावधान, भोपाल प्रशासन ने जारी की चेतावनी कई स्तर के अधिकारियों पर गिरी गाज इस प्रशासनिक फेरबदल में 3 असिस्टेंट कमिश्नर, 58 सेक्शन ऑफिसर ग्रेड-1, 22 असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर ग्रेड-2, 74 सीनियर असिस्टेंट ग्रेड-3 और 5 जूनियर असिस्टेंट ग्रेड-4 शामिल हैं। सरकार का कहना है कि लंबे समय से एक ही जगह जमे अधिकारियों को हटाना जरूरी था, ताकि विभाग में नई ऊर्जा और पारदर्शिता लाई जा सके। Bhopal Two-IC system: शिकायतों का फटाफट होगा निपटारा! भोपाल में लागू हुआ टू आईसी सिस्टम अस्पताल निरीक्षण में भी सामने आई खामियां GST विभाग के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सिविल लाइंस स्थित अरुणा आसफ अली सरकारी अस्पताल का भी औचक निरीक्षण किया। यहां दवाओं की कमी और गंदगी को लेकर उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाई और तुरंत सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों को उसी दिन दवाएं मिलनी चाहिए और गर्मी के मौसम को देखते हुए पानी, स्वच्छता और अन्य सुविधाएं हर हाल में सुनिश्चित की जाएं।
Akshay Kumar Vidya Balan movie: 7 साल बाद फिर साथ दिखेगी हिट जोड़ी! अक्षय कुमार और विद्या बालन का नया प्रोजेक्ट शुरू

HIGHLIGHTS: अक्षय कुमार और विद्या बालन फिर करेंगे साथ काम फिल्म का निर्देशन करेंगे अनीस बज़्मी केरल में शुरू हुई शूटिंग ‘भूल भुलैया’ जैसी हिट जोड़ी फिर लौटेगी स्क्रीन पर फैंस में नए प्रोजेक्ट को लेकर जबरदस्त उत्साह Akshay Kumar Vidya Balan movie: मनोरंजन डेस्क। बॉलीवुड की हिट जोड़ी अक्षय कुमार और विद्या बालन एक बार फिर साथ नजर आने वाले हैं। बता दें कि दोनों आखिरी बार मिशन मंगल में दिखाई दिए थे और अब करीब 7 साल बाद उनकी ऑन-स्क्रीन वापसी होने जा रही है। इस खबर से फैंस के बीच जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। Census 2026 Scam Alert: जनगणना के नाम पर ठगी से सावधान, भोपाल प्रशासन ने जारी की चेतावनी अनीस बज़्मी के साथ नई फिल्म की शुरुआत इस अनटाइटल्ड फिल्म का निर्देशन अनीस बज़्मी कर रहे हैं। खास बात यह है कि अक्षय कुमार करीब 15 साल बाद अनीस बज़्मी के साथ काम कर रहे हैं। दोनों पहले वेलकम जैसी हिट फिल्म दे चुके हैं। फिल्म की शूटिंग केरल में शुरू हो चुकी है, जिसकी जानकारी खुद अक्षय ने सोशल मीडिया के जरिए दी। Strait of Hormuz : चीन से आ रहे ईरानी जहाज पर अमेरिका का कब्जा, ईरान बोला – जल्दी देंगे इसका जवाब फिर दिखेगी ‘भूल भुलैया’ वाली केमिस्ट्री अक्षय और विद्या की जोड़ी पहले भूल भुलैया और हे बेबी जैसी फिल्मों में कमाल दिखा चुकी है। दर्शकों को उनकी केमिस्ट्री हमेशा पसंद आई है और अब एक बार फिर उसी जादू की उम्मीद की जा रही है। वहीं, अक्षय कुमार के पास ‘वेलकम टू द जंगल’ समेत कई बड़े प्रोजेक्ट्स भी लाइनअप में हैं।
Census 2026 Scam Alert: जनगणना के नाम पर ठगी से सावधान, भोपाल प्रशासन ने जारी की चेतावनी

HIGHLIGHTS: जनगणना के दौरान साइबर ठगी का खतरा बढ़ा प्रियंक मिश्रा ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील OTP, बैंक डिटेल और APK फाइल से हो सकती है ठगी क्राइम ब्रांच जल्द जारी करेगी एडवाइजरी 1930 हेल्पलाइन पर तुरंत करें शिकायत census 2026 scam alert: भोपाल। राजधानी में चल रही जनगणना प्रक्रिया के बीच प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग की अपील की है। बता दें कि कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कहा कि लोग सही और पूरी जानकारी दें, ताकि सरकार बेहतर योजनाएं बना सके। उन्होंने इसे एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रक्रिया बताते हुए सभी की भागीदारी जरूरी बताई। साइबर ठगों की बढ़ी सक्रियता अधिकारियों के अनुसार, जनगणना जैसे बड़े अभियान के दौरान साइबर अपराधी भी सक्रिय हो जाते हैं। पहले भी ठगों ने कोरोना काल और अन्य आपात स्थितियों में लोगों को फर्जी कॉल और लिंक के जरिए निशाना बनाया है। अब आशंका है कि जनगणना के नाम पर भी ठगी की घटनाएं बढ़ सकती हैं। Women reservation bill: 26 अप्रैल को राजधानी में कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन, महिला आरक्षण पर गरमाई सियासत OTP और फर्जी ऐप से खतरा साइबर ठग खुद को जनगणना अधिकारी बताकर लोगों से OTP, आधार नंबर और बैंक डिटेल मांग सकते हैं। कई मामलों में APK फाइल डाउनलोड करवाकर मोबाइल का एक्सेस ले लिया जाता है और बैंक खातों से पैसे निकाल लिए जाते हैं। क्राइम ब्रांच की सख्ती और चेतावनी भोपाल क्राइम ब्रांच इस खतरे को गंभीरता से ले रही है। एडिशनल डीसीपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने साफ कहा है कि कोई भी असली जनगणना कर्मी OTP या बैंक जानकारी नहीं मांगता। ऐसे कॉल या मैसेज मिलने पर तुरंत सतर्क हो जाएं और शिकायत दर्ज कराएं। Women reservation bill: 26 अप्रैल को राजधानी में कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन, महिला आरक्षण पर गरमाई सियासत कैसे रखें खुद को सुरक्षित प्रशासन ने नागरिकों को सलाह दी है कि किसी भी अनजान कॉल पर अपनी निजी जानकारी साझा न करें। अज्ञात लिंक या APK फाइल डाउनलोड करने से बचें और केवल अधिकृत जनगणना कर्मियों को ही जानकारी दें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना 1930 हेल्पलाइन पर तुरंत दें।
Bhopal Two-IC system: शिकायतों का फटाफट होगा निपटारा! भोपाल में लागू हुआ टू आईसी सिस्टम

HIGHLIGHTS: भोपाल में टू आईसी मॉडल लागू हर थाने में दो थाना प्रभारी होंगे नियुक्त पायलट प्रोजेक्ट के तहत निशातपुरा और हबीबगंज से शुरुआत शिकायतों के त्वरित निपटारे पर फोकस माइक्रो बीट और सीएम हेल्पलाइन पर भी नजर Bhopal Two-IC system: भोपाल। राजधानी के पुलिस कमिश्नरेट में अब एक बड़ा बदलाव लागू किया गया है। “टू आईसी मॉडल” के तहत हर थाने में दो थाना प्रभारी (टीआई) तैनात किए जाएंगे। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य आम नागरिकों की शिकायतों को तेजी से सुनना और उनका तुरंत समाधान करना है। इसे फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है। AMIT SHAH SATEMENT: बंगाल चुनाव में गरमाई सियासत, “दीदी आउट, BJP इन” – अमित शाह का बड़ा दावा दो थानों में हुई शुरुआत इस नई व्यवस्था की शुरुआत निशातपुरा और हबीबगंज थानों से की गई है। निशातपुरा में अनिल यादव और हबीबगंज में नीतू कुंसारिया को अतिरिक्त थाना प्रभारी के रूप में नियुक्त किया गया है। ये दोनों अधिकारी मुख्य थाना प्रभारी के समान ही जिम्मेदारियां निभाएंगे और पुलिस कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। Mirzapur Accident Update : मिर्जापुर हादसे में 11 की मौत, 9 जिंदा जले; मृतकों के परिजनों को 2 लाख का मुआवजा शिकायतों के त्वरित समाधान पर जोर पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने इस मॉडल के जरिए शिकायतों के निपटारे में तेजी लाने पर विशेष जोर दिया है। नई व्यवस्था के तहत अतिरिक्त टीआई सीधे तौर पर मामलों की मॉनिटरिंग करेंगे और लंबित शिकायतों को जल्द सुलझाने की जिम्मेदारी निभाएंगे। Lenskart Dress Code Controversy : विवाद के बाद महाराष्ट्र, MP- CG में लेंसकार्ड का विरोध, धीरेंद्र शास्त्री बोले – तू लाहौर चला जा माइक्रो बीट और गश्त व्यवस्था मजबूत इन अतिरिक्त अधिकारियों को माइक्रो बीट सिस्टम को मजबूत करने, सीएम हेल्पलाइन से जुड़ी शिकायतों का समाधान करने और रात्रि गश्त की निगरानी जैसी अहम जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं। इससे अपराध नियंत्रण और पुलिस की पहुंच दोनों में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। Bengal Elections 2026 : मालदा में EVM खराब, बलुआ चारा हाई स्कूल बूथ पर मतदान बाधित आम जनता को मिलेगा सीधा फायदा अधिकारियों का मानना है कि टू आईसी मॉडल से थानों का कार्यभार कम होगा और आम लोगों को बेहतर व तेज पुलिस सेवाएं मिलेंगी। यदि यह प्रयोग सफल रहा, तो इसे अन्य थानों और जिलों में भी लागू किया जा सकता है।