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Bhopal Toxic Air : 2018 के 21 हॉटस्पॉट आज भी जहरीले, 197 करोड़ खर्च के बाद भी प्रदूषण का स्तर दोगुना

Air Quality

Bhopal Toxic Air : मध्य प्रदेश। राजधानी भोपाल की हवा साल-दर-साल लगातार बिगड़ती जा रही है। 2018 की सोर्स अपॉर्शनमेंट स्टडी में जिन 21 इलाकों को शहर के सबसे बड़े प्रदूषण हॉटस्पॉट बताए गए थे, आज 8 साल बाद भी वही इलाके भोपाल की हवा को सबसे ज्यादा जहरीला बना रहे हैं।

कई जगहों पर 200 से 250 तक पहुंचा प्रदूषण

2018 में इन हॉटस्पॉट इलाकों में PM-10 का औसत स्तर 110 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर था, जो अब कई जगहों पर 200 से 250 तक पहुंच गया है। यानी हालात सुधरे नहीं, बल्कि और बिगड़ गए हैं।

यह चौंकाने वाली रिपोर्ट एनजीटी (राष्ट्रीय हरित अधिकरण) में दायर एक याचिका के साथ पेश की गई है। जनवरी-फरवरी 2026 के डेटा के अनुसार, 21 हॉटस्पॉट में से कई अब ‘खराब’ श्रेणी में आ गए हैं।

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197 करोड़ खर्च के बावजूद कोई सुधार नहीं

सबसे हैरानी की बात यह है कि वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए सरकार ने अब तक 197 करोड़ रुपये खर्च कर दिए हैं, लेकिन हॉटस्पॉट इलाकों में कोई ठोस सुधार नहीं दिखा है।

तीन बड़ी कमियां सामने आईं:

  • निगम के पास सक्शन और ब्लोअर मशीनें हैं, लेकिन सफाई के दौरान भी धूल उड़ती रहती है। तकनीक है, लेकिन निगरानी नहीं है।
  • प्रदूषण नियंत्रण के लिए 242 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए, जिनमें से 197 करोड़ खर्च हो चुके हैं, फिर भी हालात नहीं सुधरे।
  • 2018 में जिन 21 हॉटस्पॉट की पहचान हुई थी, वहां ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) लागू करना था, जो कभी लागू ही नहीं हुआ।

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प्रदूषण के मुख्य कारण

पीसीबी (प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) की स्टडी के अनुसार, भोपाल में प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण सड़कों की धूल है, जो करीब 67 प्रतिशत है। दूसरे नंबर पर वाहनों का धुआं और निर्माण गतिविधियां हैं।

सुझाव क्या थे?

रिपोर्ट में सड़कों की सफाई के लिए सक्शन मशीन, सड़क किनारे पेवर्स ब्लॉक, ग्रीन बेल्ट विकसित करना और निर्माण स्थलों को ढंकने जैसे उपाय सुझाए गए थे। साथ ही हॉटस्पॉट इलाकों में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान लागू करने की सिफारिश की गई थी।

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हॉटस्पॉट कैसे तय हुए?

ये हॉटस्पॉट एक दिन के आंकड़ों से नहीं, बल्कि पूरे शहर के प्रदूषण पैटर्न के विस्तृत विश्लेषण से चुने गए थे। जहां ज्यादा ट्रैफिक, सड़क की धूल, बड़े निर्माण कार्य और औद्योगिक गतिविधियां थीं, उन्हें हॉटस्पॉट घोषित किया गया था।

जनवरी-फरवरी का औसत एयर क्वालिटी

  • नादरा बस स्टैंड – एयरक्वालिटी: 257.54 – स्थिति – खराब
  • भोपाल टॉकीज – एयरक्वालिटी: 240.11 – स्थिति – खराब
  • नेहरू नगर चौराहा – एयरक्वालिटी: 223.00 – स्थिति – खराब
  • JK रोड – एयरक्वालिटी: 218.02 – स्थिति – खराब
  • ज्योति टॉकीज – एयरक्वालिटी: 216.54 – स्थिति – खराब
  • बैरागढ़ बाजार – एयरक्वालिटी: 208.81 – स्थिति – खराब
  • कोलार (सर्वधर्म) – एयरक्वालिटी: 160 – स्थिति – खराब
  • प्रभात चौराहा – एयरक्वालिटी: 190 – स्थिति – मध्यम
  • करौंद चौराहा – एयरक्वालिटी: 185 – स्थिति – मध्यम
  • हमीदिया रोड – एयरक्वालिटी: 180 – स्थिति – मध्यम
  • आईएसबीटी/हबीबगंज – एयरक्वालिटी: 175 – स्थिति – मध्यम

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