CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान, एमपी में 63 हजार करोड़ से बनेंगे 5 ग्रीनफील्ड कॉरिडोर; इन शहरों को मिलेगा फायदा
मध्य प्रदेश में 63,296 करोड़ रुपए से 1398 किलोमीटर लंबे 5 ग्रीनफील्ड कॉरिडोर बनाए जाएंगे। भोपाल, ग्वालियर, मंदसौर, सतना और सिंगरौली को फायदा मिलेगा।
मध्यप्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए 63 हजार 296 करोड़ रुपए की लागत से 5 ग्रीनफील्ड कॉरिडोर बनाए जाएंगे। इनकी कुल लंबाई करीब 1398 किलोमीटर होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के संचालक मंडल की बैठक के बाद यह जानकारी दी। इन कॉरिडोर के बनने से प्रदेश के कई बड़े शहरों के बीच आवागमन आसान होने और सड़क नेटवर्क मजबूत होने की उम्मीद है।
हर गांव और शहर को सड़कों से जोड़ने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सड़कें विकास की जीवनरेखा होती हैं। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई भी गांव, कस्बा या शहर बेहतर सड़क संपर्क से वंचित न रहे। इसके लिए स्टेट हाईवे, फोर लेन, सिक्स लेन, 8 लेन और ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के जरिए आधुनिक सड़क नेटवर्क तैयार किया जा रहा है।
इन 5 शहरों के बीच बनेंगे कॉरिडोर
बैठक में बताया गया कि प्रस्तावित पांचों ग्रीनफील्ड कॉरिडोर फोर लेन और एक्सेस-कंट्रोल्ड होंगे। इनके निर्माण की तैयारियां की जा रही हैं। परियोजनाओं का विवरण इस प्रकार है।
- भोपाल से मंदसौर – 258 किलोमीटर
- सागर से सतना – 227 किलोमीटर
- जबलपुर से आशापुर – 358 किलोमीटर
- भोपाल से ग्वालियर – 320 किलोमीटर
- कटनी से सिंगरौली – 235 किलोमीटर
निर्माणाधीन सड़कों का काम जल्द पूरा करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के संचालक मंडल की 49वीं बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने अधिकारियों को निर्माणाधीन सड़क परियोजनाओं में तेजी लाने और उन्हें जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही लोक निर्माण विभाग, नगरीय प्रशासन, ग्रामीण विकास, उद्योग और एमपी हाउसिंग बोर्ड के बीच बेहतर तालमेल बनाकर काम करने को कहा।
बैठक में इन प्रस्तावों को भी मिली मंजूरी
बैठक में सड़क विकास निगम से जुड़े कई अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। इनमें जावरा-नयागांव फोर लेन परियोजना में 100 प्रतिशत इक्विटी के विनिवेश की अनुमति शामिल है। इसके अलावा निगम के कामकाज को बेहतर बनाने के लिए मुख्य अभियंता के 2, महाप्रबंधक के 3 और उप महाप्रबंधक के 5 नए पद बनाने की स्वीकृति दी गई।
निगम में विधि सहायक का मानदेय बढ़ाने, अरेरा हिल्स स्थित एमपी तिलहन संघ भवन के अधिग्रहण और स्वतंत्र संचालक की नियुक्ति को भी मंजूरी मिली। इसके साथ ही ऋण के माध्यम से उन्नयन की जाने वाली सड़क परियोजनाओं का स्वामित्व सड़क विकास निगम को सौंपने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई।
किसानों के हार्वेस्टर को टोल में मिलेगी छूट
बैठक में एक और अहम फैसला लिया गया। इसके तहत कृषि कार्य में इस्तेमाल होने वाले कंबाइन हार्वेस्टरों को निगम के टोल प्लाजा पर शुल्क से छूट देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। यह छूट बीओटी टोल, बीओटी टोल एवं एन्यूटी, ओएमटी और यूजर फ्री योजनाओं के तहत संचालित टोल प्लाजा पर लागू होगी।

