रोनाल्डो ने इंटरनेशनल फुटबाल से संन्यास लिया, दुनिया में सबसे ज्यादा गोल किए; सिर्फ क्लब के लिए खेलेंगे
रोनाल्डो ने अगस्त 2003 में पुर्तगाल के लिए अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था। इसके बाद उन्होंने दुनिया के बड़े फुटबॉल टूर्नामेंट में देश का प्रतिनिधित्व किया। उनका कहना है कि यह फैसला आसान नहीं था, क्योंकि कुछ फैसले सिर्फ दिमाग से नहीं, दिल से भी लिए जाते हैं।
Cristiano Ronaldo Retires: फुटबॉल की दुनिया के सबसे बड़े सितारों में शामिल क्रिस्टियानो रोनाल्डो अब पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम की जर्सी में नजर नहीं आएंगे। 41 साल के रोनाल्डो ने गुरुवार, 5 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने का ऐलान किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो संदेश जारी कर बताया कि नवंबर के अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के बाद वह पुर्तगाल की टीम को अलविदा कह देंगे। इस फैसले के साथ उनका 23 साल का अंतरराष्ट्रीय सफर खत्म हो जाएगा। हालांकि रोनाल्डो ने क्लब फुटबॉल से संन्यास नहीं लिया है। वह सऊदी अरब के क्लब अल नासर के लिए खेलना जारी रखेंगे।
23 साल तक पहनी पुर्तगाल की नंबर 7 जर्सी
रोनाल्डो ने अपने संदेश में कहा कि अब समय आ गया है कि वह राष्ट्रीय टीम की नंबर-7 जर्सी को अगली पीढ़ी के खिलाड़ी को सौंप दें। उन्होंने कहा कि यह जर्सी कभी सिर्फ उनकी नहीं थी, बल्कि इसे पहनना उनके लिए गर्व और जिम्मेदारी की बात रही। रोनाल्डो ने अगस्त 2003 में पुर्तगाल के लिए अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था। इसके बाद उन्होंने दुनिया के बड़े फुटबॉल टूर्नामेंट में देश का प्रतिनिधित्व किया। उनका कहना है कि यह फैसला आसान नहीं था, क्योंकि कुछ फैसले सिर्फ दिमाग से नहीं, दिल से भी लिए जाते हैं।
234 मैच, 146 गोल का रिकॉर्ड
रोनाल्डो ने पुर्तगाल के लिए 234 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले और 146 गोल किए। पुरुष अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में सबसे ज्यादा मैच खेलने और सबसे ज्यादा गोल करने का रिकॉर्ड उनके नाम है। उन्होंने अपने करियर में छह विश्व कप में हिस्सा लिया।
रोनाल्डो की कप्तानी में पुर्तगाल ने 2016 में पहली बार यूरो कप का खिताब जीता। इसके बाद टीम ने 2019 और 2025 में UEFA नेशंस लीग का खिताब भी अपने नाम किया। इन उपलब्धियों ने रोनाल्डो को पुर्तगाल के सबसे सफल खिलाड़ियों में शामिल कर दिया।
कोच के साथ विवाद के बाद आया फैसला
रोनाल्डो के संन्यास का ऐलान ऐसे समय में हुआ है, जब हाल ही में पुर्तगाल के कोच जॉर्ज जीसस के साथ उनके मतभेद सामने आए थे। सितंबर में नॉर्वे के खिलाफ मैच में मैदान पर मौका नहीं मिलने के बाद रोनाल्डो टीम कैंप छोड़कर चले गए थे। इस घटना के बाद उन्होंने अपने व्यवहार के लिए माफी भी मांगी थी।
हालांकि संन्यास की घोषणा में उन्होंने इस विवाद को फैसले की वजह नहीं बताया। उन्होंने अपने देश, परिवार, साथियों और कोचिंग स्टाफ का धन्यवाद किया। रोनाल्डो ने कहा कि अगर उनके गोलों से लोगों को खुशी मिली और देश को गर्व महसूस हुआ, तो उनका सफर सफल रहा।
अब क्लब फुटबॉल पर रहेगा ध्यान
अंतरराष्ट्रीय करियर खत्म होने के बाद रोनाल्डो का ध्यान अल नासर के लिए खेलने और अपने क्लब करियर को आगे बढ़ाने पर रहेगा। पुर्तगाल फुटबॉल महासंघ ने भी उनके योगदान की सराहना की है और उनके सम्मान में कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही है।
रोनाल्डो के जाने से पुर्तगाल की टीम में एक बड़ा खालीपन आएगा। अब टीम को नए खिलाड़ियों के साथ आगे बढ़ना होगा। लेकिन 146 गोल, 234 मैच और कई ऐतिहासिक खिताबों के साथ रोनाल्डो का नाम फुटबॉल इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा।




