कैप्टन स्मित मच्छार को मिला सर्वोच्च सम्मान, UAE राष्ट्रपति ने लगाया गले, दिया 'ऑर्डर ऑफ जायद'
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छार और फ्लाइट FZ1073 के क्रू को उनके साहस और यात्रियों की जान बचाने के लिए सम्मानित किया है।

Captain Smit Machchhar: आसमान में संकट के बीच यात्रियों की सुरक्षा के लिए डटे रहने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने प्रतिष्ठित ऑर्डर ऑफ जायेद II, फर्स्ट क्लास से सम्मानित किया है। फ्लाईदुबई के इस कैप्टन और उनकी फ्लाइट के क्रू मेंबर्स को 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान में हुई गंभीर घटना के दौरान साहस और जिम्मेदारी निभाने के लिए सम्मान मिला। समारोह में घायल हाथ पर ब्रेस पहने कैप्टन स्मित की मौजूदगी ने सभी का ध्यान खींचा। इससे पहले इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ इजरायल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में मशाल जलाने के लिए आमंत्रित किया है।
UAE के राष्ट्रपति ने दिया सम्मान
UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने कैप्टन स्मित मच्छार और फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 के क्रू मेंबर्स को सम्मानित किया। दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने समारोह में पदक प्रदान किए। इस दौरान दुबई के शासक और UAE के उपराष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम समेत वरिष्ठ नेतृत्व के सदस्य भी मौजूद रहे।
क्या है ऑर्डर ऑफ जायेद II सम्मान?
ऑर्डर ऑफ जायेद II UAE का प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान है। इसका फर्स्ट क्लास सम्मान असाधारण योगदान और महत्वपूर्ण सेवाओं के लिए दिया जाता है। कैप्टन स्मित और उनकी टीम को यह सम्मान संकट के समय यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, सूझबूझ दिखाने और जिम्मेदारी निभाने के लिए दिया गया। दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान ने क्रू के साहस, पेशेवर रवैये और मुश्किल हालात में सही निर्णय लेने की क्षमता की सराहना की।
30 सितंबर को उड़ान में क्या हुआ था?
30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान के दौरान ओमान के को-पायलट ने ज्यादा से ज्यादा जिंदगियां तबाह करने के इरादे से कॉकपिट में अचानक हमला कर दिया था। इस भयानक और खौफनाक स्थिति में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार ने खुद गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद अदम्य साहस और बेमिसाल सूझबूझ का परिचय दिया। दर्द से तड़पते हुए भी उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया जिससे क्रू मेंबर्स और यात्रियों ने तेजी से नीचे गिरते विमान में हमलावर को-पायलट को काबू में कर लिया। इसके बाद UAE के अटॉर्नी जनरल डॉ. हमद सैफ अल शम्सी ने 9 अक्टूबर को एक बयान में बताया था कि इस घटना के आरोपी ओमानी सह-पायलट का इरादा ज्यादा से ज्यादा लोगों को नुकसान पहुंचाना था।
PM मोदी के साथ इजरायल में मशाल जलाने का न्योता
कैप्टन स्मित को UAE से सम्मान मिलने से पहले इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी उनकी बहादुरी की सराहना की थी। नेतन्याहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कैप्टन स्मित मच्छार को इजरायल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में मशाल जलाने के लिए आमंत्रित किया है।
22 अक्टूबर को प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत के दौरान नेतन्याहू ने इस निमंत्रण का जिक्र किया। इजरायल के स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने का सम्मान आम तौर पर इजरायली नागरिकों को दिया जाता है। ऐसे में भारतीय पायलट को आमंत्रित किया जाना उनकी बहादुरी को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान के तौर पर देखा जा रहा है।




