दिवाली से पहले ही दिल्ली की हवा हुई जहरीली! AQI 365 के पार; 5वीं क्लास तक ऑनलाइन पढ़ाई
दिल्ली में इस बार दीपावली 8 नवंबर को है। त्योहार के दौरान पटाखों का इस्तेमाल बढ़ने से हवा और खराब होने की आशंका है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का पालन करने की अपील की है।
Delhi AQI: दीपावली से ठीक पहले दिल्ली की हवा ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। शनिवार, 7 नवंबर की सुबह राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 364 दर्ज किया गया। यह ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। सुबह कई इलाकों में धुंध और स्मॉग की परत दिखाई दी। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, 59 निगरानी केंद्रों में से 18 पर हवा की गुणवत्ता ‘गंभीर’ स्तर पर पहुंच गई थी। 53 केंद्रों पर PM2.5 प्रदूषण सबसे बड़ा कारण रहा।
एक दिन पहले शुक्रवार को दिल्ली का 24 घंटे का औसत AQI 382 दर्ज किया गया था। यानी शनिवार सुबह के आंकड़े में कुछ कमी जरूर दिखी, लेकिन हवा अब भी सेहत के लिए नुकसानदायक बनी हुई है। AQI का 301 से 400 के बीच रहना ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच होना ‘गंभीर’ माना जाता है। ऐसे में अलग-अलग इलाकों में शहर के औसत से भी ज्यादा प्रदूषण दर्ज होना चिंता बढ़ा रहा है।
पांचवीं तक के बच्चों के लिए ऑनलाइन पढ़ाई
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने पांचवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए स्कूलों में हाइब्रिड पढ़ाई का निर्देश दिया है। 6 नवंबर को जारी सर्कुलर के तहत सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में कक्षा पांच तक के विद्यार्थी ऑनलाइन या स्कूल जाकर पढ़ाई कर सकेंगे। यानी छोटे बच्चों को घर से ऑनलाइन क्लास करने का विकल्प मिलेगा। स्कूलों को अभिभावकों को इसकी जानकारी देने के लिए कहा गया है। यह व्यवस्था बच्चों को प्रदूषण के सीधे संपर्क से बचाने के लिए की गई है।
दिल्ली-NCR में GRAP-3 लागू
वायु प्रदूषण बढ़ने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 6 नवंबर से पूरे दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का तीसरा चरण लागू कर दिया है। इसके तहत गैर-जरूरी निर्माण और तोड़फोड़ के कामों पर रोक लगाई गई है। दिल्ली के साथ गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर और सोनीपत में BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल वाली चारपहिया गाड़ियों के चलने पर भी पाबंदी लगाई गई है। एनसीआर की राज्य सरकारों और केंद्र से कार्यालयों में 50 प्रतिशत तक कर्मचारियों को घर से काम कराने पर विचार करने को भी कहा गया है।
दिवाली के बाद भी राहत की उम्मीद कम
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत काम करने वाले एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम के पूर्वानुमान के मुताबिक, 7 से 9 नवंबर तक दिल्ली की हवा ‘गंभीर’ श्रेणी में रह सकती है। इसके बाद भी अगले छह दिनों तक स्थिति गंभीर से बहुत खराब के बीच रहने का अनुमान है। मौसम में बदलाव, सुबह की धुंध और प्रदूषकों के फैलाव के लिए अनुकूल परिस्थितियां नहीं होने से परेशानी बढ़ रही है। दिल्ली में वाहनों का धुआं और आसपास के इलाकों में पराली जलने से उठने वाला धुआं भी प्रदूषण बढ़ा रहा है।
दिल्ली में इस बार दीपावली 8 नवंबर को है। त्योहार के दौरान पटाखों का इस्तेमाल बढ़ने से हवा और खराब होने की आशंका है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का पालन करने की अपील की है। बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी परेशानी से जूझ रहे लोगों को खास सावधानी बरतने की जरूरत है।
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