21 साल का इंतजार खत्म! भोपाल मास्टर प्लान 2047 का ड्राफ्ट जारी, जानें क्या बदलेगा?
मध्य प्रदेश सरकार ने शनिवार को भोपाल मास्टर प्लान-2047 का ड्राफ्ट जारी कर दिया। 45 लाख आबादी को ध्यान में रखकर तैयार योजना में 254 गांव और 1,016.90 वर्ग किमी क्षेत्र शामिल है।
Bhopal Master Plan 2047: भोपाल के विकास को अगले दो दशकों की जरूरतों के मुताबिक तैयार करने के लिए भोपाल विकास योजना-2047 के प्रारूप का प्रकाशन कर दिया गया है। लंबे अंतराल के बाद जारी किए गए इस ड्राफ्ट में शहर की आबादी, ट्रांसपोर्ट, ग्रीन एरिया, आवास, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर कई बड़े प्रस्ताव रखे गए हैं। ड्राफ्ट को 2047 की अनुमानित 45 लाख आबादी को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। प्रस्तावित योजना का निवेश क्षेत्र 1,016.90 वर्ग किलोमीटर है, जिसमें 254 गांवों को शामिल किया गया है। प्रकाशित प्रारूप पर नागरिक अपने आपत्ति और सुझाव भी प्रस्तुत कर सकते हैं।
21 साल बाद आया मास्टर प्लान
भोपाल के लिए नया मास्टर प्लान इसलिए भी अहम है क्योंकि 1995 के बाद कोई नया मास्टर प्लान लागू नहीं हुआ। पुरानी योजना यानी Bhopal Development Plan-2005 की अवधि 2005 में समाप्त हो गई थी। इसके बाद मास्टर प्लान-2021 और मास्टर प्लान -2031 के लिए प्रक्रिया चली, लेकिन दोनों अंतिम रूप लेकर लागू नहीं हो सके। मध्यप्रदेश विधानसभा के रिकॉर्ड के अनुसार Bhopal Development Plan-2005 प्रभावशील रहा और बाद में 2047 के ड्राफ्ट पर काम किया गया।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया पोस्ट
मास्टर प्लान ड्राफ्ट को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर जानकारी पोस्ट की। सीएम ने लिखा- ‘गणेश अनंत चतुर्दशी के पावन अवसर पर लंबे अंतराल के बाद भोपाल विकास योजना-2047 के प्रारूप का प्रकाशन किया गया है। यह योजना भोपाल की प्राकृतिक धरोहर - भोजताल, वन क्षेत्रों एवं बाघ भ्रमण क्षेत्र - के संरक्षण के साथ नागरिकों को बेहतर सुविधाएं, सुगम मोबिलिटी और आर्थिक विकास के अवसर उपलब्ध कराने की दृष्टि से तैयार की गई। योजना में हरित TDR का प्रावधान किया गया है, जिससे हरित क्षेत्र में आने वाली भूमि के स्वामियों की क्षतिपूर्ति के साथ विकासकर्ताओं को TDR के माध्यम से अतिरिक्त विकास की सुविधा मिल सकेगी। समृद्ध, सुगम और विकसित भोपाल के संकल्प की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है। प्रकाशित प्रारूप पर नागरिक अपने आपत्ति एवं सुझाव प्रस्तुत कर सकते हैं।
ग्रीन एरिया 16% से बढ़ाकर 27% करने का प्रस्ताव
भोपाल मास्टर प्लान 2047 में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया है। शहर की झीलों, पहाड़ियों, वन क्षेत्रों और बाघ भ्रमण क्षेत्र को संरक्षित रखने की योजना है।
ग्रीन एरिया को मौजूदा 16% से बढ़ाकर करीब 27% करने का प्रस्ताव है। वहीं कॉलोनी स्तर पर ओपन स्पेस को भी 10% से बढ़ाकर 12% करने की बात कही गई है। भोजताल और उसके जलग्रहण क्षेत्र के संरक्षण को भी योजना में प्रमुखता दी गई है।
51 KM का ग्रोथ कॉरिडोर होगा तैयार
निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए करीब 51 किलोमीटर लंबे ग्रोथ कॉरिडोर का प्रस्ताव रखा गया है। यह कॉरिडोर एयरपोर्ट, EKAI सिटी, लॉजिस्टिक हब और उपनगरों को जोड़ने की योजना का हिस्सा होगा। इसके लिए करीब 3,000 हेक्टेयर जमीन प्रस्तावित की गई है।
ग्रोथ कॉरिडोर के आसपास होटल, IT, AI, डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स, मॉल, कॉरपोरेट ऑफिस और एजुकेशन हब विकसित करने का प्रस्ताव है। साथ ही विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम और इंदौर की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों को भी ग्रोथ कॉरिडोर से जोड़ने की योजना है।
एक ही इलाके में मकान और दुकान
मास्टर प्लान में मिश्रित भूमि उपयोग का प्रस्ताव रखा गया है। यानी सड़क की चौड़ाई के आधार पर कुछ क्षेत्रों में आवासीय उपयोग के साथ दुकान और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति होगी। इसका उद्देश्य लोगों के घर और काम की जगह के बीच दूरी कम करना और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना है। चौड़ी सड़कों पर स्थित जमीनों के लिए FAR और भवन की ऊंचाई को लेकर अधिक छूट देने का प्रस्ताव है। विकास के नियमों को भी आसान बनाने की बात कही गई है।
BRTS को भविष्य में MRTS में अपग्रेड करने का प्रस्ताव
मास्टर प्लान में सार्वजनिक परिवहन को भी महत्व दिया गया है। मौजूदा BRTS कॉरिडोर को भविष्य में MRTS में अपग्रेड करने का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। योजना का उद्देश्य शहर में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करना और लोगों के लिए आवागमन को आसान बनाना है।
70% सहमति पर हो सकेगा रीडेवलपमेंट
विकसित क्षेत्रों में पुराने भवनों और आवासीय क्षेत्रों के पुनर्विकास को बढ़ावा देने का प्रस्ताव है। ड्राफ्ट के अनुसार, 70% रहवासियों की सहमति होने पर RWA के माध्यम से आवासीय अपार्टमेंट के पुनर्विकास का प्रावधान रखा गया है। इसके अलावा अफोर्डेबल और रेंटल हाउसिंग को भी प्रोत्साहित करने की योजना है।
डिजिटल निगरानी से निर्माण गतिविधियों पर नजर
शहर के विकास और निर्माण गतिविधियों की रियल टाइम निगरानी के लिए डिजिटल ट्विन सिटी की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। इसके जरिए अवैध निर्माण, यातायात और दूसरी शहरी समस्याओं पर समय रहते कार्रवाई करने का उद्देश्य रखा गया है। सुरक्षा से जुड़े प्रस्तावों में सार्वजनिक स्थानों पर लगे निजी सीसीटीवी कैमरों की नेटवर्किंग, सार्वजनिक भवनों की बाउंड्री वॉल को पारदर्शी रखने और सुरक्षित यातायात व्यवस्था जैसे प्रावधान शामिल हैं।
डिजिटल निगरानी से निर्माण गतिविधियों पर नजर
शहर के विकास और निर्माण गतिविधियों की रियल टाइम निगरानी के लिए डिजिटल ट्विन सिटी की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। इसके जरिए अवैध निर्माण, यातायात और दूसरी शहरी समस्याओं पर समय रहते कार्रवाई करने का उद्देश्य रखा गया है।सुरक्षा से जुड़े प्रस्तावों में सार्वजनिक स्थानों पर लगे निजी सीसीटीवी कैमरों की नेटवर्किंग, सार्वजनिक भवनों की बाउंड्री वॉल को पारदर्शी रखने और सुरक्षित यातायात व्यवस्था जैसे प्रावधान शामिल हैं।
पार्किंग की समस्या दूर करने पर जोर
मास्टर प्लान में मल्टीलेवल और मैकेनाइज्ड पार्किंग को बढ़ावा देने का प्रस्ताव है। सामुदायिक खुले क्षेत्रों के नीचे, आरओबी और फ्लाईओवर के नीचे पार्किंग की व्यवस्था भी की जा सकेगी। बेसमेंट पार्किंग के लिए जमीन के संयुक्त उपयोग की अनुमति देने का भी प्रस्ताव है।
भौरी में बनेगी EKAI City
मास्टर प्लान में भौरी क्षेत्र में Education Knowledge Artificial Intelligence यानी EKAI City विकसित करने की योजना है।
यहां शिक्षा, रिसर्च, इनोवेशन और AI आधारित ज्ञान अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की योजना है। इसका उद्देश्य भोपाल में शिक्षा और तकनीक से जुड़े नए अवसर विकसित करना है।
चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित है योजना
भोपाल विकास योजना-2047 को चार प्रमुख आधारों पर तैयार किया गया है—
- प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण
- आधुनिक और नागरिक हितैषी नियोजन
- सुधारोन्मुख एवं परिवर्तनकारी नियोजन
- आत्मनिर्भर और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने वाला विकास
कुल मिलाकर ड्राफ्ट में भोपाल के आने वाले वर्षों में आवास, परिवहन, हरित क्षेत्र, रोजगार, तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर को एक साथ विकसित करने की योजना रखी गई है।


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