Bengal CM Announcement : कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजों के चार दिन बाद अब नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी पहली बार राज्य में सरकार बनाने जा रही है। शुक्रवार को बीजेपी विधायक दल की अहम बैठक होगी, जिसमें नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है। इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी शामिल होंगे। राज्य में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत के बाद अब पूरे देश की नजर बंगाल के नए मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल पर टिकी हुई है।
अमित शाह की मौजूदगी में होगी बड़ी बैठक
बीजेपी ने अमित शाह को केंद्रीय पर्यवेक्षक और मोहन चरण माझी को सह-पर्यवेक्षक बनाया है। दोनों नेता शुक्रवार दोपहर 2 बजे कोलकाता में होने वाली विधायक दल की बैठक में शामिल होंगे। माना जा रहा है कि इसी बैठक में मुख्यमंत्री के नाम का औपचारिक ऐलान किया जाएगा। इसके बाद 9 मई को कोलकाता के परेड ग्राउंड में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा।
मुख्यमंत्री पद की रेस में सबसे आगे सुवेंदु अधिकारी
भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। उन्होंने भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी को 15,114 वोटों से हराया है। इसके अलावा नंदीग्राम सीट पर भी उन्हें जीत मिली है। लगातार दूसरी बार ममता बनर्जी को चुनावी मुकाबले में हराने के बाद पार्टी में उनका कद काफी बढ़ गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर बीजेपी बंगाल में मजबूत नेतृत्व चाहती है तो सुवेंदु अधिकारी को बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है।
बंगाल चुनाव में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत
4 मई को आए विधानसभा चुनाव परिणामों में बीजेपी ने 293 सीटों में से 206 सीटें जीतकर इतिहास रच दिया। वहीं तृणमूल कांग्रेस सिर्फ 81 सीटों तक सीमित रह गई। बंगाल की राजनीति में यह बदलाव बेहद बड़ा माना जा रहा है, क्योंकि पिछले 15 वर्षों से राज्य में ममता बनर्जी की सरकार थी। एक सीट फालता पर दोबारा मतदान होना है, जिसके नतीजे 24 मई को घोषित किए जाएंगे।
ममता बनर्जी ने हार के बाद लगाए गंभीर आरोप
चुनाव परिणाम आने के बाद ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि उनकी पार्टी जनादेश से नहीं बल्कि साजिश से हारी है। उन्होंने चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि भाजपा के साथ मिलकर 100 सीटें छीनी गईं। ममता ने साफ कहा कि वह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगी और सड़क पर रहकर संघर्ष जारी रखेंगी।
सुवेंदु अधिकारी के पीए की हत्या से बढ़ा तनाव
6 मई को सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना उस समय हुई जब वह कोलकाता से अपने घर लौट रहे थे। हमलावरों ने बीच रास्ते में उनकी गाड़ी रोककर कई राउंड फायरिंग की। गंभीर हालत में अस्पताल ले जाए जाने के बाद उनकी मौत हो गई। बीजेपी ने इस घटना के लिए टीएमसी समर्थकों पर आरोप लगाए हैं।
हत्या के बाद सुवेंदु का बड़ा बयान
सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया कि उनके पीए की हत्या राजनीतिक वजहों से हुई है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को हराने की वजह से उन्हें और उनके करीबियों को निशाना बनाया जा रहा है। इस बयान के बाद राज्य की राजनीति और गर्म हो गई है।
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क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन पर फोकस
बीजेपी बंगाल में ऐसा मंत्रिमंडल बनाने की तैयारी कर रही है जिसमें क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन दिखाई दे। पार्टी उत्तर बंगाल, जंगलमहल, दक्षिण बंगाल और मतुआ समुदाय को विशेष प्रतिनिधित्व दे सकती है। इसके अलावा महिलाओं, अनुसूचित जाति और जनजाति समुदाय के नेताओं को भी बड़ी जिम्मेदारियां मिलने की संभावना है।
नए और पुराने चेहरों का होगा संतुलन
सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी कैबिनेट में अनुभवी नेताओं के साथ नए चेहरों को भी जगह दी जाएगी। पार्टी उन नेताओं को आगे बढ़ाना चाहती है जिन्होंने जमीनी स्तर पर टीएमसी के खिलाफ संघर्ष किया। साथ ही संघ से जुड़े और संगठनात्मक अनुभव रखने वाले नेताओं को भी अहम भूमिका दी जा सकती है।
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मंत्री पद की रेस में कई बड़े नाम शामिल
सुवेंदु अधिकारी के अलावा समिक भट्टाचार्य, अग्निमित्रा पॉल, दिलीप घोष, निशीथ प्रमाणिक और अर्जुन सिंह जैसे नेताओं के नाम मंत्री पद की दौड़ में बताए जा रहे हैं। इसके अलावा रूपा गांगुली, गौरी शंकर घोष और कौस्तव बागची जैसे नेताओं को भी जिम्मेदारी मिल सकती है।
मतुआ और आदिवासी समीकरण साधने की तैयारी
बीजेपी की जीत में मतुआ समुदाय की अहम भूमिका रही है। ऐसे में पार्टी इस समुदाय से 2 से 3 नेताओं को मंत्री बना सकती है। उत्तर बंगाल और जंगलमहल क्षेत्र के आदिवासी नेताओं को भी कैबिनेट में शामिल करने की संभावना है। बीजेपी का लक्ष्य सभी सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देना है।
अमित शाह के मास्टर प्लान पर सबकी नजर
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) बंगाल में ऐसी सरकार बनाना चाहते हैं जो लंबे समय तक बीजेपी को मजबूत बनाए रखे। पार्टी मंत्रिमंडल में ऐसे चेहरों को शामिल करना चाहती है जिनकी साफ छवि हो और जो जनता से सीधे जुड़े हों। बीजेपी इस सरकार को अपने ‘बंगाल मॉडल’ के रूप में पेश करने की तैयारी कर रही है।
टैगोर जयंती पर होगा शपथ ग्रहण
नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को आयोजित होगा। खास बात यह है कि यह दिन रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती ‘पचीसे बैसाख’ के अवसर पर पड़ रहा है। बीजेपी इसे बंगाली संस्कृति और अस्मिता से जोड़कर बड़ा संदेश देने की कोशिश कर रही है।