Keralam Congress Video : केरल में कांग्रेस नेता का वीडियो वायरल, महिला विधायक को जबरन गले लगाने की कोशिश

Keralam Congress Video : तिरुवनंतपुरम। केरल विधानसभा चुनाव में मिली जीत के बाद कांग्रेस पार्टी में उत्साह का माहौल है। लेकिन इसी बीच एक वायरल वीडियो ने पार्टी को मुश्किल में डाल दिया है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चेरियन फिलिप नव निर्वाचित महिला विधायक बिंदु कृष्णा को जबरन गले लगाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने इस व्यवहार की आलोचना शुरू कर दी है। कांग्रेस मुख्यालय के बाहर की बताई जा रही घटना जानकारी के अनुसार यह वीडियो केरल कांग्रेस मुख्यालय के बाहर का बताया जा रहा है। यहां हाल ही में चुने गए विधायकों को विधायक दल की बैठक के लिए बुलाया गया था। इसी दौरान कोल्लम से विधायक बनीं बिंदु कृष्णा वहां पहुंचीं। वीडियो में देखा जा सकता है कि चेरियन फिलिप उनके पास आते हैं और उन्हें गले लगाने की कोशिश करते हैं। इस दौरान महिला विधायक थोड़ी असहज दिखाई देती हैं। Bengaal New CM : शुभेंदु अधिकारी होंगे बंगाल के नए मुख्यमंत्री, कल सुबह 11 बजे लेंगे शपथ विरोध के बाद पीछे हटे कांग्रेस नेता सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ नजर आता है कि महिला विधायक ने इस कोशिश पर सहज प्रतिक्रिया नहीं दी। उनके विरोध के बाद कांग्रेस नेता पीछे हटते दिखाई देते हैं। घटना के समय वहां कई लोग मौजूद थे। वीडियो सामने आने के बाद इसे लेकर इंटरनेट पर बहस तेज हो गई है। कई लोग इसे अनुचित व्यवहार बता रहे हैं और कांग्रेस से जवाब मांग रहे हैं। बीजेपी ने कांग्रेस पर साधा निशाना इस पूरे मामले को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर हमला बोला है। दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता अजय सहरावत ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत पर तंज कसा। उन्होंने पूछा कि क्या कांग्रेस इस घटना पर कोई प्रतिक्रिया देगी। भाजपा नेताओं ने इसे महिलाओं के सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताते हुए कांग्रेस को घेरने की कोशिश की है। TN New CM : विजय की सरकार बनने का रास्ता साफ, कांग्रेस के बाद इन तीन पार्टियों ने किया सपोर्ट सोशल मीडिया पर कार्रवाई की मांग तेज वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोगों की प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं। कई यूजर्स ने कांग्रेस नेता के व्यवहार की आलोचना की है। कुछ लोगों ने पार्टी से सख्त कार्रवाई की मांग भी की है। हालांकि अब तक कांग्रेस की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। राजनीतिक हलकों में भी यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। TCS Case Update : नासिक TCS कांड में बड़ी गिरफ्तारी, 25 दिन बाद पुलिस के हत्थे चढ़ी निदा खान कांग्रेस की छवि पर उठ रहे सवाल राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनावी जीत के बाद इस तरह का विवाद कांग्रेस की छवि को प्रभावित कर सकता है। सोशल मीडिया के दौर में इस तरह के वीडियो तेजी से वायरल होते हैं और राजनीतिक दलों पर दबाव बढ़ जाता है। अब सभी की नजर कांग्रेस की अगली प्रतिक्रिया और संभावित कार्रवाई पर टिकी हुई है। यहां देखिये वायरल वीडियो
Bengaal New CM : शुभेंदु अधिकारी होंगे बंगाल के नए मुख्यमंत्री, कल सुबह 11 बजे लेंगे शपथ

Bengaal New CM : कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। भाजपा विधायक दल की बैठक में सुवेंदु अधिकारी को नेता चुना गया है। कोलकाता के कन्वेंशन सेंटर में हुई इस अहम बैठक के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उनके नाम का औपचारिक ऐलान किया। भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद अब राज्य में पहली बार पार्टी की सरकार बनने जा रही है। राजनीतिक जानकार इसे बंगाल की राजनीति का बड़ा मोड़ मान रहे हैं। कल होगा शपथ ग्रहण समारोह जानकारी के मुताबिक, वरिष्ठ BJP नेता शुभेंदु अधिकारी आज शाम 6.30 बजे राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। सुवेंदु अधिकारी शुक्रवार सुबह 10 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। यह समारोह कोलकाता के प्रसिद्ध ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा। भाजपा और NDA के कई बड़े नेता इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह समेत कई केंद्रीय मंत्री और सहयोगी दलों के नेता भी समारोह में मौजूद रह सकते हैं। शपथ ग्रहण को लेकर पूरे राज्य में राजनीतिक उत्साह देखा जा रहा है। TN New CM : विजय की सरकार बनने का रास्ता साफ, कांग्रेस के बाद इन तीन पार्टियों ने किया सपोर्ट ममता बनर्जी को हराकर बने सबसे बड़े चेहरे 56 वर्षीय सुवेंदु अधिकारी ने इस विधानसभा चुनाव में बड़ा राजनीतिक प्रदर्शन किया। उन्होंने भवानीपुर सीट से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को करीब 15 हजार वोटों से हराया। इसके अलावा वे नंदीग्राम सीट से भी लगातार दूसरी बार चुनाव जीतने में सफल रहे। वर्ष 2021 में भी उन्होंने नंदीग्राम में ममता बनर्जी को हराया था। भाजपा ने इस बार विधानसभा चुनाव में 207 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। सुवेंदु अधिकारी का राजनीतिक सफर सुवेंदु अधिकारी का जन्म 15 दिसंबर 1970 को हुआ था। उनके पिता शिशिर अधिकारी कांथी सीट से सांसद रह चुके हैं। वे पहले तृणमूल कांग्रेस में थे और बाद में भाजपा में शामिल हो गए। सुवेंदु अधिकारी को बंगाल की जमीनी राजनीति की गहरी समझ रखने वाला नेता माना जाता है। संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय रखने में उनकी बड़ी भूमिका रही है। UP Politics : सपा को लगा बड़ा झटका! राष्ट्रीय सचिव समेत 30 नेता ओपी राजभर की पार्टी में हुए शामिल TMC से BJP तक का सफर सुवेंदु अधिकारी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत तृणमूल कांग्रेस के साथ की थी। लंबे समय तक वे ममता बनर्जी के करीबी नेताओं में गिने जाते रहे। वर्ष 2007 के नंदीग्राम आंदोलन में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। इसी आंदोलन के बाद बंगाल में वाम मोर्चा सरकार के खिलाफ माहौल बना था। दिसंबर 2020 में उन्होंने TMC छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया। इसके बाद वे भाजपा के सबसे प्रभावशाली नेताओं में शामिल हो गए। अमित शाह ने भाजपा की जीत को बताया ऐतिहासिक केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने विधायक दल की बैठक को संबोधित करते हुए भाजपा की इस जीत को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में बंगाल में भाजपा का खाता खुला था और आज पार्टी राज्य में सरकार बनाने जा रही है। शाह ने कहा कि भाजपा की यह यात्रा संगठन, मेहनत और जनता के भरोसे की जीत है। उन्होंने कहा कि बंगाल में भाजपा का झंडा फहराने का सपना अब पूरा हो गया है। Bengal Politics : बंगाल विधानसभा भंग, राज्यपाल हटा सकते हैं किसी मुख्यमंत्री को! क्या कहता है संविधान? बंगाल की जनता को दिया धन्यवाद गृहमंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल की जनता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक राज्य में भय और हिंसा का माहौल रहा, लेकिन जनता ने भाजपा पर भरोसा जताया। शाह ने भरोसा दिलाया कि नई सरकार जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करेगी। उन्होंने कहा कि अब पार्टी की जिम्मेदारी पहले से ज्यादा बढ़ गई है। भाजपा सरकार से बढ़ीं नई उम्मीदें भाजपा की जीत के बाद राज्य में नए राजनीतिक समीकरण बनने लगे हैं। पार्टी अब विकास, कानून व्यवस्था और संगठन को मजबूत करने पर ध्यान दे सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा बंगाल में अपनी पकड़ और मजबूत करने का प्रयास करेगी। आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति में कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
TN New CM : विजय की सरकार बनने का रास्ता साफ, कांग्रेस के बाद इन तीन पार्टियों ने किया सपोर्ट

TN New CM : चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में इन दिनों सरकार गठन को लेकर लगातार हलचल देखने को मिल रही है। इसी बीच अभिनेता और नेता थलपति विजय की पार्टी तमिलिगा वेट्री कझगम (TVK) को बड़ा राजनीतिक समर्थन मिला है। वामपंथी दलों और अन्य सहयोगी पार्टियों ने विजय की पार्टी को समर्थन देने का फैसला किया है। इसके बाद अब TVK बहुमत के आंकड़े तक पहुंच गई है। राज्य की राजनीति में यह घटनाक्रम बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति के बीच अब सरकार गठन का रास्ता साफ होता दिखाई दे रहा है। TVK के पास पहुंचा बहुमत का आंकड़ा तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत है। चुनाव परिणामों में TVK सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई थी और उसे 108 सीटें मिली थीं। बताया गया कि थलपति विजय दो सीटों से चुनाव जीते थे। इसके अलावा कांग्रेस पार्टी के समर्थन से पांच सीटों का सहयोग मिला। इस तरह TVK का आंकड़ा 113 तक पहुंच गया। बाद में CPI, CPM और VCK ने भी समर्थन देने का फैसला किया। इन दलों के कुल छह विधायक TVK गठबंधन के साथ आ गए। अब विजय के समर्थन में कुल 119 विधायक हो गए हैं। Bengal New CM : पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के लिए सुवेंदु अधिकारी लगभग तय, दो होंगे डिप्टी सीएम किन दलों ने दिया समर्थन थलपति विजय की पार्टी को कई राजनीतिक दलों का खुला समर्थन मिला है। इंडियन नेशनल कांग्रेस ने पांच सीटों का समर्थन दिया है। वहीं कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI) के दो विधायक, कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी CPM के दो विधायक और विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) के दो विधायक भी TVK के साथ आ गए हैं। इन सभी दलों के समर्थन से विजय की पार्टी ने बहुमत का जादुई आंकड़ा पार कर लिया है। सीटों का पूरा गणित TVK – 108 सीट कांग्रेस – 5 सीट CPI – 2 सीट CPM – 2 सीट VCK – 2 सीट कुल समर्थन – 119 सीट Bengal Politics : बंगाल विधानसभा भंग, राज्यपाल हटा सकते हैं किसी मुख्यमंत्री को! क्या कहता है संविधान? सरकार बनाने की तैयारी तेज राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, अब थलपति विजय जल्द ही सरकार बनाने का दावा पेश कर सकते हैं। जानकारी सामने आई है कि कई सहयोगी दलों के नेता विजय से मुलाकात करने पहुंचे हैं। CPI की वर्किंग कमेटी बैठक में भी TVK को समर्थन देने पर सहमति बनी। इसके बाद CPM की राज्य कमेटी ने भी विजय के पक्ष में फैसला लिया। माना जा रहा है कि यह समर्थन तमिलनाडु की राजनीति में नया समीकरण बना सकता है। संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की तैयारी सूत्रों के मुताबिक, सहयोगी दलों के नेता संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में TVK को औपचारिक समर्थन देने का ऐलान किया जा सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह गठबंधन आने वाले समय में तमिलनाडु की राजनीति को नई दिशा दे सकता है। थलपति विजय की राजनीतिक पकड़ लगातार मजबूत होती दिखाई दे रही है। Bengal CM Announcement : बंगाल में कौन होगा बीजेपी का CM, अधिकारी CM रेस में सबसे आगे तमिलनाडु में बदल सकते हैं राजनीतिक समीकरण राज्य में त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति बनने के बाद सरकार गठन को लेकर असमंजस बना हुआ था। लेकिन अब TVK को मिले समर्थन ने तस्वीर काफी हद तक साफ कर दी है। विजय की पार्टी पहली बार इतनी बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर सामने आई है। इससे राज्य की पारंपरिक राजनीति में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
Teacher Candidates Protest : शिक्षक अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज, TRE 4 विज्ञापन में देरी से नाराज छात्र सड़क पर उतरे; फिर मचा वबाल

Teacher Candidates Protest : पटना। बिहार की राजधानी पटना से बड़ी खबर सामने आई है, जहां शिक्षक भर्ती TRE 4 को लेकर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। शुक्रवार को सैकड़ों शिक्षक अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आए और विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हो गई, जिसके बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। इस घटना में कई छात्रों के घायल होने की खबर है, जबकि कुछ अभ्यर्थियों को हिरासत में भी लिया गया है। पटना कॉलेज से निकाला विरोध मार्च जानकारी के मुताबिक, TRE 4 अभ्यर्थियों ने पटना कॉलेज से विरोध मार्च की शुरुआत की। प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास तक मार्च निकालना चाहते थे। इस दौरान छात्रों ने बिहार सरकार और बिहार लोक सेवा आयोग यानी BPSC के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अभ्यर्थियों का आरोप है कि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में लगातार देरी की जा रही है, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। UP Politics : सपा को लगा बड़ा झटका! राष्ट्रीय सचिव समेत 30 नेता ओपी राजभर की पार्टी में हुए शामिल पुलिस ने रोका तो बढ़ा विवाद प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने अभ्यर्थियों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। हालांकि छात्र पीछे हटने को तैयार नहीं थे। इसके बाद छात्रों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। बताया जा रहा है कि कई छात्रों को गंभीर चोटें आई हैं। कुछ छात्रों को पुलिस ने पकड़कर वैन में बैठाया और हिरासत में लिया। TRE 4 विज्ञापन जारी करने की मांग अभ्यर्थी लंबे समय से TRE 4 भर्ती का विज्ञापन जारी करने की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में लगातार देरी होने से उनकी तैयारी और भविष्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने “TRE 4 विज्ञापन जारी करो” और “नई नियमावली वापस लो” जैसे नारे लगाए। बीपीएससी की नई नियमावली का विरोध छात्रों ने बीपीएससी की नई नियमावली का भी विरोध किया। अभ्यर्थियों का आरोप है कि नियमों में किए गए बदलाव से उम्मीदवारों को नुकसान हो सकता है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि सरकार और आयोग को भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखनी चाहिए और जल्द से जल्द नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। Update : बरगी डेम क्रूज हादसा पहुंचा जबलपुर हाईकोर्ट, 13 मौतों के बाद सुरक्षा नियमों पर उठे बड़े सवाल बाकरगंज और जेपी गोलंबर पर बढ़ी सुरक्षा प्रदर्शनकारी छात्रों का मार्च आगे बढ़ते हुए बाकरगंज तक पहुंच गया, जहां बड़ी संख्या में अभ्यर्थी जमा हो गए। स्थिति को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया। जेपी गोलंबर समेत कई इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे और प्रदर्शन को नियंत्रित किया जा सके। प्रदर्शन से यातायात भी प्रभावित छात्रों के विरोध प्रदर्शन का असर पटना के यातायात पर भी देखने को मिला। कई प्रमुख सड़कों पर लंबा जाम लग गया और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो। आंदोलन तेज करने की चेतावनी TRE 4 अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द विज्ञापन जारी नहीं किया गया तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा। छात्र नेताओं का कहना है कि सरकार उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रही है, जिससे युवाओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है। Akhilesh Meets Mamata : बंगाल चुनाव हार के बाद ममता से मिले अखिलेश यादव, तोहफे में दी साड़ी; बोले- आप हारे नहीं हो नए शिक्षा मंत्री के सामने पहली बड़ी चुनौती गौरतलब है कि बिहार में हाल ही में कैबिनेट विस्तार हुआ है और मिथिलेश तिवारी को नया शिक्षा मंत्री बनाया गया है। ऐसे में TRE 4 अभ्यर्थियों का यह आंदोलन उनके सामने पहली बड़ी चुनौती माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि अगर सरकार जल्द समाधान नहीं निकालती है तो यह मुद्दा आने वाले समय में बड़ा राजनीतिक विवाद बन सकता है। Patna में शिक्षक बनने का सपना लेकर बैठे युवाओं पर लाठीचार्ज किया गया, सिर्फ इसलिए क्योंकि वो Bihar Public Service Commission के TRE 4.0 का नोटिफिकेशन जारी करने की मांग कर रहे थे।रोजगार मांगने वाले युवाओं को जवाब नौकरी से नहीं, लाठियों से दिया जा रहा है। क्या यही है “युवा हित” की… pic.twitter.com/IIGeDF62t0 — Ravi Anand (@Rac2296) May 8, 2026
Bengal New CM : पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के लिए सुवेंदु अधिकारी लगभग तय, दो होंगे डिप्टी सीएम
Bengal New CM : कोलकता। पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक जीत के बाद अब नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। कोलकाता में बीजेपी विधायक दल की अहम बैठक जारी है, जिसमें मुख्यमंत्री और डिप्टी मुख्यमंत्री के नामों पर चर्चा हो रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भाजपा नेता सुभेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। इसके साथ ही राज्य में दो डिप्टी मुख्यमंत्री भी बनाए जाने की संभावना है। पार्टी नेतृत्व आज शाम तक नए नेतृत्व का औपचारिक ऐलान कर सकता है। सुभेंदु अधिकारी के नाम पर लग सकती है मुहर सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री पद के लिए सुभेंदु अधिकारी सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। उन्होंने विधानसभा चुनाव में भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी को हराकर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। इसके अलावा सुभेंदु ने नंदीग्राम सीट पर भी लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की है। वर्ष 2021 में भी उन्होंने नंदीग्राम में ममता बनर्जी को हराया था। पार्टी के भीतर उनकी बढ़ती लोकप्रियता और संगठन में पकड़ को देखते हुए उन्हें मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी मिल सकती है। Bengal Politics : बंगाल विधानसभा भंग, राज्यपाल हटा सकते हैं किसी मुख्यमंत्री को! क्या कहता है संविधान? दो डिप्टी मुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चा बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल की नई सरकार में दो डिप्टी मुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं। जानकारी के अनुसार, इनमें से एक महिला नेता हो सकती हैं, जबकि दूसरा चेहरा उत्तर बंगाल क्षेत्र से चुना जा सकता है। पार्टी इस फैसले के जरिए क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है। बीजेपी नेतृत्व बंगाल में सभी वर्गों और क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देने की रणनीति पर काम कर रहा है। अमित शाह की अध्यक्षता में चल रही बैठक कोलकाता में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में बीजेपी विधायक दल की बैठक हो रही है। बैठक में मुख्यमंत्री, डिप्टी मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के स्वरूप को लेकर चर्चा की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि बैठक खत्म होने के बाद शाम 5 बजे नए मुख्यमंत्री और दोनों डिप्टी CM के नामों का औपचारिक ऐलान किया जाएगा। 9 मई को होगा भव्य शपथ ग्रहण समारोह नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा। इस समारोह को भव्य बनाने की तैयारी चल रही है। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और NDA के कई बड़े नेताओं के शामिल होने की संभावना है। बीजेपी इसे बंगाल की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव के रूप में पेश करने की तैयारी में है। Bengal CM Announcement : बंगाल में कौन होगा बीजेपी का CM, अधिकारी CM रेस में सबसे आगे बीजेपी ने रचा ऐतिहासिक रिकॉर्ड पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 207 सीटें जीतकर इतिहास रच दिया है। राज्य में पहली बार भाजपा अपने दम पर सरकार बनाने जा रही है। वहीं तृणमूल कांग्रेस को बड़ी हार का सामना करना पड़ा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह जीत बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव साबित हो सकती है। ममता बनर्जी की हार बनी सबसे बड़ी चर्चा इस चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा ममता की हार को लेकर रही। भवानीपुर सीट से सुभेंदु अधिकारी ने उन्हें बड़े अंतर से हराया। यह हार तृणमूल कांग्रेस के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है। बीजेपी इस जीत को अपने लिए राजनीतिक और वैचारिक सफलता के रूप में देख रही है। Akhilesh Meets Mamata : बंगाल चुनाव हार के बाद ममता से मिले अखिलेश यादव, तोहफे में दी साड़ी; बोले- आप हारे नहीं हो बंगाल में बीजेपी का नया राजनीतिक अध्याय राजनीतिक जानकारों का कहना है कि बंगाल में बीजेपी की सरकार बनना राज्य की राजनीति में नए दौर की शुरुआत है। पार्टी अब संगठन और सरकार दोनों स्तर पर मजबूत पकड़ बनाने की कोशिश करेगी। नई कैबिनेट में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है।
UP Politics : सपा को लगा बड़ा झटका! राष्ट्रीय सचिव समेत 30 नेता ओपी राजभर की पार्टी में हुए शामिल

UP Politics : लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी यानी सुभासपा ने संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। पार्टी ने राष्ट्रीय, प्रदेश और क्षेत्रीय स्तर पर 13 नए पदाधिकारियों की नियुक्ति की घोषणा की है। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि आगामी चुनावों और राजनीतिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए संगठन में नए चेहरों को जिम्मेदारी दी गई है। सुभासपा का दावा है कि इन नियुक्तियों से संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूती मिलेगी और विभिन्न वर्गों तक पार्टी की पहुंच बढ़ेगी। सहाबुद्दीन अंसारी बने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभासपा की ओर से जारी सूची के अनुसार बिजनौर निवासी सहाबुद्दीन अंसारी को पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। पार्टी नेतृत्व ने कहा कि संगठन को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत बनाने के लिए अनुभवी नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। सहाबुद्दीन अंसारी की नियुक्ति को पार्टी के विस्तार अभियान में अहम माना जा रहा है। Bengal Politics : बंगाल विधानसभा भंग, राज्यपाल हटा सकते हैं किसी मुख्यमंत्री को! क्या कहता है संविधान? महिला मंच में सुनीता राजभर को बड़ी जिम्मेदारी देवरिया की सुनीता राजभर को महिला मंच का राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव बनाया गया है। पार्टी का कहना है कि महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और महिला संगठन को मजबूत करने के लिए यह नियुक्ति की गई है। सुभासपा महिला वोट बैंक को मजबूत करने की रणनीति पर भी काम कर रही है। युवा नेतृत्व को प्राथमिकता सुभासपा ने युवाओं को संगठन से जोड़ने के लिए युवा मंच में भी कई अहम नियुक्तियां की हैं। औरैया के सीपीपी निषाद को युवा मंच का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं सहारनपुर के उस्मान अहमद को युवा मंच का राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किया गया है। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि युवा वर्ग को आगे लाकर संगठन को नई ऊर्जा देने की कोशिश की जा रही है। Akhilesh Meets Mamata : बंगाल चुनाव हार के बाद ममता से मिले अखिलेश यादव, तोहफे में दी साड़ी; बोले- आप हारे नहीं हो व्यापार और अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ में नई जिम्मेदारियां गाजियाबाद के सतीश कुमार अग्रवाल को व्यापार प्रकोष्ठ का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। पार्टी का मानना है कि व्यापारी वर्ग की समस्याओं को मजबूती से उठाने के लिए यह नियुक्ति अहम साबित होगी। इसके अलावा आजमगढ़ के जावेद आलम को अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ का राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किया गया है। पार्टी अल्पसंख्यक समुदाय के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में जुटी हुई है। पश्चिमांचल युवा मंच को मिला नया प्रदेश अध्यक्ष हापुड़ के दीपक चौहान को पश्चिमांचल युवा मंच का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। पार्टी का कहना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संगठन को मजबूत करने के लिए युवा नेतृत्व को आगे लाया जा रहा है। इसके अलावा मैनपुरी के शत्रुघ्न पाल, राजेंद्र सिंह राठौर और फिरोजाबाद के प्रदीप कुमार परमार को भी प्रदेश संगठन में अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं। सपा समेत कई दलों के नेता हुए शामिल सुभासपा को संगठन विस्तार के बीच एक और बड़ी राजनीतिक मजबूती मिली है। समाजवादी पार्टी और बुनकर मजदूर विकास समिति से जुड़े करीब 30 पदाधिकारी, ग्राम प्रधान और कार्यकर्ताओं ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की है। इससे सुभासपा का राजनीतिक दायरा और मजबूत होता दिखाई दे रहा है। TCS Case Update : नासिक TCS कांड में बड़ी गिरफ्तारी, 25 दिन बाद पुलिस के हत्थे चढ़ी निदा खान अरुण राजभर की मौजूदगी में हुआ कार्यक्रम लखनऊ में आयोजित सदस्यता कार्यक्रम में सुभासपा के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता अरुण राजभर मौजूद रहे। उन्होंने नए नेताओं का पार्टी में स्वागत किया और कहा कि सुभासपा लगातार विस्तार कर रही है। अरुण राजभर ने दावा किया कि विभिन्न वर्गों के लोग पार्टी की नीतियों से प्रभावित होकर जुड़ रहे हैं। जावेद आलम समेत कई बड़े नाम जुड़े पार्टी में शामिल होने वालों में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव जावेद आलम प्रमुख नाम रहे। इसके अलावा बुनकर मजदूर विकास समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष शहाबुद्दीन अंसारी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. मोहम्मद नाजिम अंसारी, युवा प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ताजुद्दीन अंसारी और दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष खालिद सैफी ने भी सुभासपा की सदस्यता ली। चुनाव से पहले ताकत बढ़ाने की तैयारी राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सुभासपा आगामी चुनावों से पहले अपनी राजनीतिक ताकत बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है। संगठन विस्तार, नए चेहरों की नियुक्ति और अन्य दलों के नेताओं को जोड़कर पार्टी अपने जनाधार को मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
Bengal Politics : बंगाल विधानसभा भंग, राज्यपाल हटा सकते हैं किसी मुख्यमंत्री को! क्या कहता है संविधान?

Bengal Politics : कोलकाता। पश्चिम बंगाल राज्यपाल आर एन रवि ने विधानसभा को भंग करने का आदेश जारी कर दिया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब चुनाव में हार के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था। राज्य में नई सरकार के गठन को लेकर पिछले कई दिनों से संवैधानिक और राजनीतिक बहस चल रही थी। अब विधानसभा भंग होने के बाद नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया है लेकिन क्या राज्यपाल किसी मुख्यमंत्री को हटा सकते हैं। क्या कहता है संविधान? आइये इसे विस्तार से जानते हैं… पहले जानिये राज्यपाल आर एन रवि द्वारा जारी किये गए आदेश में क्या कहा राज्यपाल ने जारी किया आधिकारिक आदेश राज्यपाल की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 174 की उपधारा 2 के खंड (बी) के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए 7 मई 2026 से पश्चिम बंगाल विधानसभा को भंग किया जाता है। इस फैसले के बाद मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल समाप्त हो गया है और राज्य में नई विधानसभा के गठन की प्रक्रिया शुरू होगी। Bengal CM Announcement : बंगाल में कौन होगा बीजेपी का CM, अधिकारी CM रेस में सबसे आगे चुनाव परिणाम के बाद बढ़ा राजनीतिक तनाव पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने भारी बहुमत हासिल किया। पार्टी ने 207 सीटें जीतकर पहली बार राज्य में सरकार बनाने का रास्ता तैयार किया। वहीं तृणमूल कांग्रेस को सिर्फ 80 सीटों पर संतोष करना पड़ा। सबसे बड़ी चर्चा ममता बनर्जी की भवानीपुर सीट से हार को लेकर रही, जहां बीजेपी उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी ने उन्हें 15 हजार से ज्यादा वोटों से हराया। ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से किया इनकार चुनाव नतीजों के बाद ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि वह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी जनादेश से नहीं बल्कि साजिश के जरिए हारी है। ममता ने चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाए और दावा किया कि चुनाव निष्पक्ष तरीके से नहीं कराया गया। संवैधानिक संकट पर शुरू हुई बहस ममता बनर्जी के इस्तीफा न देने के बाद राज्य में संवैधानिक स्थिति को लेकर चर्चा तेज हो गई थी। पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एस. वाई. कुरैशी ने कहा कि ऐसी स्थिति में राज्यपाल मुख्यमंत्री से इस्तीफा मांग सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर इस्तीफा नहीं दिया जाता तो अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति शासन लागू करने की संभावना बन सकती थी। Bengal Violence Update : चंद्रनाथ रथ के बाद रत्ना देबनाथ निशाने पर! सुभेंदु बोले- PA के मर्डर से पहले बदमाशों ने की थी रेकी पूर्व चुनाव आयुक्त ने क्या कहा एस. वाई. कुरैशी के अनुसार, विधानसभा का कार्यकाल 7 मई को समाप्त हो रहा था। इसके बाद विधानसभा और सरकार दोनों स्वतः समाप्त मानी जातीं। उन्होंने कहा कि संविधान में ऐसी स्थिति के लिए स्पष्ट प्रक्रिया नहीं दी गई है, जब कोई मुख्यमंत्री पद छोड़ने से इनकार कर दे। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विधानसभा का विश्वास खोने के बाद सरकार लंबे समय तक पद पर नहीं रह सकती। क्या राज्यपाल मुख्यमंत्री को हटा सकते हैं? संविधान के अनुच्छेद 164(1) के अनुसार मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल करते हैं और मंत्री राज्यपाल की इच्छा तक पद पर बने रहते हैं। हालांकि कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि इसका मतलब राज्यपाल को मनमाने तरीके से मुख्यमंत्री हटाने का अधिकार नहीं है। संवैधानिक विशेषज्ञों के मुताबिक, सरकार तभी तक पद पर रह सकती है जब तक उसे विधानसभा का विश्वास हासिल हो। संविधान विशेषज्ञों की राय लीगल स्कॉलर फैजान मुस्तफा ने कहा कि संविधान सभा में भी इस विषय पर चर्चा हुई थी। कई सदस्यों ने यह चिंता जताई थी कि राज्यपाल के विवेकाधिकार का दुरुपयोग हो सकता है। उन्होंने बताया कि विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होते ही वह स्वतः भंग मानी जाती है और सरकार का कार्यकाल भी समाप्त हो जाता है। Akhilesh Meets Mamata : बंगाल चुनाव हार के बाद ममता से मिले अखिलेश यादव, तोहफे में दी साड़ी; बोले- आप हारे नहीं हो बीजेपी ने ममता के बयान को बताया हमला बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने ममता बनर्जी के इस्तीफा न देने के फैसले को “संवैधानिक ईशनिंदा” बताया। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र और संवैधानिक परंपराओं पर हमला है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि जनता ने स्पष्ट जनादेश दिया है और अब नई सरकार का गठन लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है। विपक्षी दल ममता के समर्थन में उतरे ममता बनर्जी के समर्थन में कई विपक्षी नेता सामने आए हैं। शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाया। वहीं समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कोलकाता जाकर ममता से मुलाकात की और दावा किया कि चुनाव में बेईमानी हुई है। Thalapathy Vijay : तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव! ‘थलापति’ विजय ने तोड़ा 60 साल पुराना समीकरण नई सरकार के गठन की तैयारी तेज बीजेपी नेताओं के अनुसार, नई सरकार का शपथ ग्रहण शनिवार को हो सकता है। विधानसभा भंग होने के बाद अब नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाने और नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। राज्य की राजनीति में यह बदलाव ऐतिहासिक माना जा रहा है।
Update : बरगी डेम क्रूज हादसा पहुंचा जबलपुर हाईकोर्ट, 13 मौतों के बाद सुरक्षा नियमों पर उठे बड़े सवाल

Jabalpur Cruise Accident Update : मध्यप्रदेश। जबलपुर स्थित बरगी बांध में हुए बहुचर्चित क्रूज हादसे का मामला अब मध्यप्रदेश हाईकोर्ट पहुंच गया है। इस हादसे में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। भोपाल निवासी कमल कुमार राठी ने जबलपुर मुख्यपीठ में जनहित याचिका दायर कर इस घटना को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताया है। याचिका में दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और प्रदेशभर में संचालित क्रूज सेवाओं की सुरक्षा जांच की मांग की गई है। हादसे को बताया प्रशासनिक लापरवाही जनहित याचिका में कहा गया है कि 30 अप्रैल 2026 को बरगी बांध में चल रहा “नर्मदा क्रूज” तेज आंधी और ऊंची लहरों के बीच पलट गया था। याचिकाकर्ता का आरोप है कि हादसा प्राकृतिक कारणों से ज्यादा प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा था। याचिका में कहा गया है कि मौसम खराब होने के बावजूद क्रूज संचालन जारी रखा गया, जिससे यात्रियों की जान खतरे में पड़ गई। TCS Case Update : नासिक TCS कांड में बड़ी गिरफ्तारी, 25 दिन बाद पुलिस के हत्थे चढ़ी निदा खान क्षमता से ज्यादा यात्री होने का दावा याचिका में दावा किया गया है कि हादसे के समय क्रूज में निर्धारित क्षमता से ज्यादा लोग सवार थे। जानकारी के अनुसार, बोट में 43 से 47 लोग मौजूद थे, जबकि सिर्फ 29 टिकट जारी किए गए थे। इससे सुरक्षा नियमों के उल्लंघन का मामला और गंभीर हो गया है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि यात्रियों की सुरक्षा की अनदेखी कर नियमों को दरकिनार किया गया। मौसम विभाग के अलर्ट के बावजूद संचालन जारी पिटीशन में कहा गया है कि मौसम विभाग ने 29 अप्रैल को ही तेज हवाओं और खराब मौसम को लेकर चेतावनी जारी कर दी थी। इसके बावजूद क्रूज सेवा बंद नहीं की गई। याचिका के मुताबिक, अगर समय रहते संचालन रोका जाता तो बड़ा हादसा टल सकता था। इस मामले में संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की मांग भी की गई है। लाइफ जैकेट को लेकर भी उठे सवाल याचिका में एक महिला यात्री के हवाले से बताया गया है कि यात्रा शुरू होने से पहले यात्रियों को लाइफ जैकेट उपलब्ध नहीं कराई गई थीं। आरोप है कि जब नाव में पानी भरना शुरू हुआ तब आनन-फानन में लाइफ जैकेट बांटी गईं। इससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या सुरक्षा मानकों का सही तरीके से पालन किया जा रहा था या नहीं। Bengal CM Announcement : बंगाल में कौन होगा बीजेपी का CM, अधिकारी CM रेस में सबसे आगे कई विभागों को बनाया पक्षकार इस जनहित याचिका में राज्य सरकार, एमपी टूरिज्म बोर्ड, इनलैंड वाटरवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IWAI), जबलपुर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित कुल 8 पक्षकार बनाए हैं। याचिकाकर्ता का कहना है कि हादसा इनलैंड वेसल्स एक्ट-2021 और NDMA की बोट सेफ्टी गाइडलाइन 2017 के उल्लंघन के कारण हुआ है। प्रदेशभर में सुरक्षा ऑडिट की मांग याचिका में हाईकोर्ट से मांग की गई है कि मध्यप्रदेश के सभी जल पर्यटन स्थलों पर संचालित क्रूज, मोटर बोट और हाउस बोट सेवाओं का व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराया जाए। साथ ही राज्य स्तर पर कड़े सुरक्षा नियम लागू करने और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग भी की गई है। Bengal Violence Update : चंद्रनाथ रथ के बाद रत्ना देबनाथ निशाने पर! सुभेंदु बोले- PA के मर्डर से पहले बदमाशों ने की थी रेकी NGT आदेश के उल्लंघन का भी आरोप पिटीशन में यह भी कहा गया है कि बरगी बांध वेटलैंड क्षेत्र में आता है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण यानी NGT ने वर्ष 2023 में ऐसे क्षेत्रों में मोटर चालित क्रूज संचालन पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी इन निर्देशों को बरकरार रखा था। इसके बावजूद यहां क्रूज संचालन जारी रहा, जिस पर अब सवाल उठ रहे हैं। हाईकोर्ट में जल्द हो सकती है सुनवाई मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट में जल्द सुनवाई होने की संभावना जताई जा रही है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अदालत इस मामले में सख्त रुख अपनाती है तो प्रदेशभर में जल पर्यटन और क्रूज सेवाओं के संचालन को लेकर नए सुरक्षा नियम लागू हो सकते हैं।
TCS Case Update : नासिक TCS कांड में बड़ी गिरफ्तारी, 25 दिन बाद पुलिस के हत्थे चढ़ी निदा खान

TCS Case Update : महाराष्ट्र। नासिक के चर्चित TCS केस में लंबे समय से फरार चल रही महिला आरोपी निदा खान को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। करीब 25 दिनों से पुलिस से बच रही निदा खान को छत्रपति संभाजी नगर के नारेगांव इलाके से हिरासत में लिया गया। गिरफ्तारी के बाद उसकी पहली तस्वीर भी सामने आई है, जिसके बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क और फरारी के दौरान मिली मदद की जांच कर रही है। संयुक्त ऑपरेशन में मिली बड़ी सफलता पुलिस सूत्रों के अनुसार, निदा खान पिछले कई दिनों से कैसर कॉलोनी के एक फ्लैट में रह रही थी। इस दौरान उसके साथ चार रिश्तेदार भी मौजूद थे। पुलिस को लगातार उसके ठिकाने बदलने की जानकारी मिल रही थी, लेकिन हर बार वह जांच एजेंसियों से बच निकलती थी। आखिरकार नासिक क्राइम ब्रांच और छत्रपति संभाजी नगर पुलिस के संयुक्त अभियान में उसे पकड़ लिया गया। पुलिस टीम ने रात करीब 11:30 बजे आरोपी को डिटेन किया। TCS Conversion Case : बुर्का नहीं पहनतीं इसलिए होता है रेप… TCS नासिक कांड की पीड़िता ने सुनाई आपबीती गिरफ्तारी के बाद कराया गया मेडिकल चेकअप गिरफ्तारी के तुरंत बाद पुलिस ने निदा खान का मेडिकल और हेल्थ चेकअप कराया। इसके बाद उसे ट्रांजिट वारंट की प्रक्रिया के लिए संभाजी नगर कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस अब उसे नासिक ले जाने की तैयारी में है, जहां अदालत में उसकी पेशी कराई जाएगी। माना जा रहा है कि पुलिस आरोपी की कस्टडी मांग सकती है ताकि मामले की गहराई से जांच की जा सके। 25 मार्च से फरार थी आरोपी पुलिस के मुताबिक, मामला सामने आने के बाद से ही निदा खान जांच एजेंसियों के रडार पर थी। 25 मार्च के बाद से वह लगातार फरार चल रही थी। उसकी तलाश के लिए कई राज्यों में पुलिस टीमों को लगाया गया था। जांच एजेंसियों को शक था कि आरोपी लगातार ठिकाने बदल रही थी और करीबी लोगों की मदद से गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रही थी। अदालत से नहीं मिली राहत निदा खान ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत की याचिका भी दायर की थी। हालांकि 2 मई 2026 को नासिक रोड कोर्ट ने उसकी एंटीसिपेटरी बेल याचिका खारिज कर दी थी। अदालत के इस फैसले के बाद पुलिस ने अपनी कार्रवाई और तेज कर दी। जांच एजेंसियों का कहना है कि आरोपी के खिलाफ कई महत्वपूर्ण डिजिटल और परिस्थितिजन्य सबूत मिले हैं। Nashik NGO Conversion : नागपुर में नासिक TCS जैसा केस! NGO की आड़ में धर्मांतरण का खेल, महिलाएं निशाने पर कोर्ट में क्या-क्या आरोप लगाए गए नासिक रोड कोर्ट में हुई सुनवाई इस केस का अहम हिस्सा मानी जा रही है। सरकारी पक्ष की ओर से पब्लिक प्रॉसीक्यूटर अजय मिसर मौजूद रहे, जबकि आरोपी की ओर से वकील राहुल कासलीवाल ने पक्ष रखा। सुनवाई के दौरान SIT की तरफ से ACP संदीप मिटके ने अदालत में आरोपी की अग्रिम जमानत का विरोध किया। सरकारी पक्ष ने दावा किया कि आरोपी ने पीड़िता को धार्मिक गतिविधियों से प्रभावित करने की कोशिश की थी। जांच में कुछ धार्मिक एप डाउनलोड कराने, लिंक भेजने और मोबाइल चैट मिलने की बात भी सामने आई है। पुलिस ने इन डिजिटल साक्ष्यों को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया है। मलेशिया कनेक्शन की जांच जारी जांच एजेंसियां अब मामले के कथित विदेशी कनेक्शन की भी जांच कर रही हैं। अदालत में मालेगांव और मलेशिया लिंक का जिक्र किया गया था। सरकारी वकील ने दावा किया कि नौकरी और प्रमोशन के नाम पर कुछ गतिविधियों को आगे बढ़ाने की आशंका जताई गई है। हालांकि अब तक किसी विदेशी नेटवर्क की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पुलिस डिजिटल रिकॉर्ड और संपर्कों की गहराई से जांच कर रही है। पीड़िता के बयान और डिजिटल सबूत अहम जांच एजेंसियों के मुताबिक, पीड़िता के बयान, मोबाइल मैसेज, डिजिटल चैट और परिवार के सदस्यों के बयान इस केस में अहम सबूत बनकर सामने आए हैं। अदालत में यह भी बताया गया कि पीड़िता का नाम बदलने और कुछ निजी दस्तावेज आरोपी पक्ष के पास होने की बातों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ में कई और अहम खुलासे हो सकते हैं। TCS Religious Conversion : नासिक TCS मामले में बड़ा अपडेट, HR हेड धर्मांतरण का बनाती थी दबाव गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा तेज निदा खान की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर इस केस को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। गिरफ्तारी के बाद सामने आई तस्वीर पर भी लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब फरारी के दौरान आरोपी की मदद करने वालों की भी पहचान की जाएगी। रिश्तेदारों की भूमिका पर भी जांच पुलिस की नजर अब उन चार रिश्तेदारों पर भी है, जो आरोपी के साथ फ्लैट में रह रहे थे। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या उन्हें आरोपी के खिलाफ दर्ज मामलों की जानकारी थी और क्या उन्होंने जानबूझकर उसे छिपने में मदद की थी। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में इस पूरे नेटवर्क को लेकर नए तथ्य सामने आ सकते हैं।
Bengal CM Announcement : बंगाल में कौन होगा बीजेपी का CM, अधिकारी CM रेस में सबसे आगे

Bengal CM Announcement : कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजों के चार दिन बाद अब नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी पहली बार राज्य में सरकार बनाने जा रही है। शुक्रवार को बीजेपी विधायक दल की अहम बैठक होगी, जिसमें नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है। इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी शामिल होंगे। राज्य में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत के बाद अब पूरे देश की नजर बंगाल के नए मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल पर टिकी हुई है। अमित शाह की मौजूदगी में होगी बड़ी बैठक बीजेपी ने अमित शाह को केंद्रीय पर्यवेक्षक और मोहन चरण माझी को सह-पर्यवेक्षक बनाया है। दोनों नेता शुक्रवार दोपहर 2 बजे कोलकाता में होने वाली विधायक दल की बैठक में शामिल होंगे। माना जा रहा है कि इसी बैठक में मुख्यमंत्री के नाम का औपचारिक ऐलान किया जाएगा। इसके बाद 9 मई को कोलकाता के परेड ग्राउंड में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा। Akhilesh Meets Mamata : बंगाल चुनाव हार के बाद ममता से मिले अखिलेश यादव, तोहफे में दी साड़ी; बोले- आप हारे नहीं हो मुख्यमंत्री पद की रेस में सबसे आगे सुवेंदु अधिकारी भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। उन्होंने भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी को 15,114 वोटों से हराया है। इसके अलावा नंदीग्राम सीट पर भी उन्हें जीत मिली है। लगातार दूसरी बार ममता बनर्जी को चुनावी मुकाबले में हराने के बाद पार्टी में उनका कद काफी बढ़ गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर बीजेपी बंगाल में मजबूत नेतृत्व चाहती है तो सुवेंदु अधिकारी को बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। बंगाल चुनाव में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत 4 मई को आए विधानसभा चुनाव परिणामों में बीजेपी ने 293 सीटों में से 206 सीटें जीतकर इतिहास रच दिया। वहीं तृणमूल कांग्रेस सिर्फ 81 सीटों तक सीमित रह गई। बंगाल की राजनीति में यह बदलाव बेहद बड़ा माना जा रहा है, क्योंकि पिछले 15 वर्षों से राज्य में ममता बनर्जी की सरकार थी। एक सीट फालता पर दोबारा मतदान होना है, जिसके नतीजे 24 मई को घोषित किए जाएंगे। Bengal Violence Update : चंद्रनाथ रथ के बाद रत्ना देबनाथ निशाने पर! सुभेंदु बोले- PA के मर्डर से पहले बदमाशों ने की थी रेकी ममता बनर्जी ने हार के बाद लगाए गंभीर आरोप चुनाव परिणाम आने के बाद ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि उनकी पार्टी जनादेश से नहीं बल्कि साजिश से हारी है। उन्होंने चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि भाजपा के साथ मिलकर 100 सीटें छीनी गईं। ममता ने साफ कहा कि वह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगी और सड़क पर रहकर संघर्ष जारी रखेंगी। सुवेंदु अधिकारी के पीए की हत्या से बढ़ा तनाव 6 मई को सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना उस समय हुई जब वह कोलकाता से अपने घर लौट रहे थे। हमलावरों ने बीच रास्ते में उनकी गाड़ी रोककर कई राउंड फायरिंग की। गंभीर हालत में अस्पताल ले जाए जाने के बाद उनकी मौत हो गई। बीजेपी ने इस घटना के लिए टीएमसी समर्थकों पर आरोप लगाए हैं। NCRB Reports 2024 : महिला और बुजुर्ग अपराध में मध्य प्रदेश टॉप पर, साइबर क्राइम के मामलों में बढ़ोतरी हत्या के बाद सुवेंदु का बड़ा बयान सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया कि उनके पीए की हत्या राजनीतिक वजहों से हुई है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को हराने की वजह से उन्हें और उनके करीबियों को निशाना बनाया जा रहा है। इस बयान के बाद राज्य की राजनीति और गर्म हो गई है। बंगाल कैबिनेट में दिख सकता है सोशल इंजीनियरिंग फॉर्मूला क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन पर फोकस बीजेपी बंगाल में ऐसा मंत्रिमंडल बनाने की तैयारी कर रही है जिसमें क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन दिखाई दे। पार्टी उत्तर बंगाल, जंगलमहल, दक्षिण बंगाल और मतुआ समुदाय को विशेष प्रतिनिधित्व दे सकती है। इसके अलावा महिलाओं, अनुसूचित जाति और जनजाति समुदाय के नेताओं को भी बड़ी जिम्मेदारियां मिलने की संभावना है। नए और पुराने चेहरों का होगा संतुलन सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी कैबिनेट में अनुभवी नेताओं के साथ नए चेहरों को भी जगह दी जाएगी। पार्टी उन नेताओं को आगे बढ़ाना चाहती है जिन्होंने जमीनी स्तर पर टीएमसी के खिलाफ संघर्ष किया। साथ ही संघ से जुड़े और संगठनात्मक अनुभव रखने वाले नेताओं को भी अहम भूमिका दी जा सकती है। Bihar Cabinet Expansion : निशांत समेत 32 मंत्रियों ने ली शपथ, PM मोदी-नीतीश भी रहे मौजूद मंत्री पद की रेस में कई बड़े नाम शामिल सुवेंदु अधिकारी के अलावा समिक भट्टाचार्य, अग्निमित्रा पॉल, दिलीप घोष, निशीथ प्रमाणिक और अर्जुन सिंह जैसे नेताओं के नाम मंत्री पद की दौड़ में बताए जा रहे हैं। इसके अलावा रूपा गांगुली, गौरी शंकर घोष और कौस्तव बागची जैसे नेताओं को भी जिम्मेदारी मिल सकती है। मतुआ और आदिवासी समीकरण साधने की तैयारी बीजेपी की जीत में मतुआ समुदाय की अहम भूमिका रही है। ऐसे में पार्टी इस समुदाय से 2 से 3 नेताओं को मंत्री बना सकती है। उत्तर बंगाल और जंगलमहल क्षेत्र के आदिवासी नेताओं को भी कैबिनेट में शामिल करने की संभावना है। बीजेपी का लक्ष्य सभी सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देना है। अमित शाह के मास्टर प्लान पर सबकी नजर राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) बंगाल में ऐसी सरकार बनाना चाहते हैं जो लंबे समय तक बीजेपी को मजबूत बनाए रखे। पार्टी मंत्रिमंडल में ऐसे चेहरों को शामिल करना चाहती है जिनकी साफ छवि हो और जो जनता से सीधे जुड़े हों। बीजेपी इस सरकार को अपने ‘बंगाल मॉडल’ के रूप में पेश करने की तैयारी कर रही है। MP Congress Protest : आगरा- मुंबई NH पर कांग्रेस का चक्काजाम! इंदौर प्रदर्शन में फंसी एंबुलेंस को निकालवाया, पटवारी बोले-ये ट्रेलर है टैगोर जयंती पर होगा शपथ ग्रहण नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को आयोजित होगा। खास बात यह है कि यह दिन रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती ‘पचीसे बैसाख’ के अवसर पर पड़ रहा है। बीजेपी इसे बंगाली संस्कृति और अस्मिता