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UAE Drone Attack : अमेरिका ने तोड़ा सीजफायर, ईरान पर फिर बमबारी! ट्रंप बोले- डील नहीं तो होंगे और हमले

Israel US Iran War

UAE Drone Attack : तेहरान। मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना की ओर से ओमान की खाड़ी में ईरानी तेल टैंकरों को निशाना बनाए जाने के बाद ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ईरान ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई सीजफायर के दौरान की गई। इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव और ज्यादा बढ़ गया। होर्मुज स्ट्रेट में जारी संकट का असर अब पूरी दुनिया की तेल सप्लाई और समुद्री व्यापार पर दिखाई देने लगा है। अमेरिकी कार्रवाई पर ईरान का बड़ा आरोप ईरानी सरकारी मीडिया प्रेस टीवी के अनुसार, खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने जास्क के पास एक ईरानी तेल टैंकर पर हमला किया। यह टैंकर ईरानी समुद्री क्षेत्र से होकर होर्मुज स्ट्रेट की तरफ जा रहा था। ईरान ने इस कार्रवाई को उकसावे वाली घटना बताया है। साथ ही कहा है कि अगर हमले जारी रहे तो वह बिना किसी देरी के जवाब देगा। Akhilesh Meets Mamata : बंगाल चुनाव हार के बाद ममता से मिले अखिलेश यादव, तोहफे में दी साड़ी; बोले- आप हारे नहीं हो ट्रम्प ने ईरान को दी खुली चेतावनी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि ईरान ने अमेरिकी जंगी जहाजों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे। ट्रम्प के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने इन हमलों को नाकाम किया और जवाबी कार्रवाई में ईरानी छोटी नावों को नष्ट कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका किसी भी स्थिति में ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा। होर्मुज स्ट्रेट में फंसे हजारों लोग संयुक्त राष्ट्र की समुद्री एजेंसी IMO ने जानकारी दी है कि होर्मुज संकट के कारण खाड़ी क्षेत्र में लगभग 1500 जहाज फंसे हुए हैं। इन जहाजों पर करीब 20 हजार चालक दल के सदस्य मौजूद हैं। इससे तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हो रही है। कई देशों में जरूरी सामान की सप्लाई भी धीमी पड़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर संकट लंबा चला तो वैश्विक बाजार पर गंभीर असर पड़ सकता है। Bhopal Fake Currency : भोपाल में नकली नोटों का बड़ा नेटवर्क बेनकाब, बंगाल के आरोपी से विदेशी कनेक्शन के सुराग 30 दिन के अस्थायी समझौते पर चर्चा रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच 30 दिन तक संघर्ष रोकने के प्रस्ताव पर बातचीत चल रही है। इस दौरान होर्मुज स्ट्रेट को खोलने और स्थायी समझौते पर चर्चा करने की योजना है। हालांकि दोनों देशों के बीच अविश्वास अभी भी बना हुआ है, जिसके कारण हालात सामान्य होना आसान नहीं माना जा रहा। इजराइल और हिजबुल्लाह संघर्ष भी हुआ तेज मध्य पूर्व में तनाव सिर्फ अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं है। इजराइल ने दावा किया है कि उसने बेरूत में हिजबुल्लाह के कई बड़े कमांडरों को मार गिराया है। जवाब में हिजबुल्लाह ने दक्षिणी लेबनान में इजराइली सैन्य ठिकानों और टैंकों पर हमले करने का दावा किया। इससे पूरे क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात बनते जा रहे हैं। अमेरिका ने लगाए नए प्रतिबंध अमेरिका ने ईरान से जुड़े कई नेटवर्क और कंपनियों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। इन प्रतिबंधों में इराक के डिप्टी ऑयल मिनिस्टर अली मारीज अल-बहादली का नाम भी शामिल है। अमेरिका का आरोप है कि ये नेटवर्क तेल कारोबार के जरिए ईरान समर्थित समूहों की मदद कर रहे थे। TN Govt Formation : बहुमत से दूर थलापति विजय की TVK, राज्यपाल बोले- पहले समर्थन दिखाए फिर थपथ UAE में मिसाइल और ड्रोन हमलों का खतरा संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE में भी हालात गंभीर बने हुए हैं। UAE की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अधिकारियों के अनुसार, एयर डिफेंस सिस्टम लगातार मिसाइल और ड्रोन खतरों का जवाब दे रहे हैं। कई इलाकों में धमाकों जैसी आवाजें सुनाई दीं, जिसके बाद लोगों में डर का माहौल बन गया। UAE बनाएगा हमलों का रिकॉर्ड UAE सरकार ने कहा है कि वह ईरान की तरफ से हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों का पूरा रिकॉर्ड तैयार करेगी। इसके लिए एक राष्ट्रीय कमेटी बनाई जाएगी। यह कमेटी भविष्य में कानूनी कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सबूत पेश करने के लिए दस्तावेज तैयार करेगी। UAE का दावा है कि उस पर 2800 से ज्यादा ड्रोन और मिसाइल हमले किए गए हैं।