Ujjain Muharram Juloos : मध्य प्रदेश। उज्जैन जिले के बड़नगर में मुहर्रम जुलूस के दौरान एक वाहन में विस्फोट जैसे दृश्य का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है। पुलिस ने इस मामले में आयोजकों सहित चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने इस घटना को गंभीर बताते हुए आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) और हत्या के प्रयास जैसी धाराओं में कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी तथ्यों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बीजेपी विधायक ने उठाए कई सवाल
बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने इस घटना पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि यह सामान्य घटना नहीं लगती और इसकी गहन जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि पुलिस यह पता लगाए कि विस्फोट के लिए इस्तेमाल की गई सामग्री कहां से लाई गई। विधायक ने यह भी कहा कि यदि विस्फोट के दौरान वाहन के कांच, लोहे के टुकड़े या आग आसपास मौजूद लोगों पर गिरती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
उन्होंने आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) और हत्या के प्रयास से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज करने की मांग की है। विधायक ने कुछ वायरल वीडियो में सुनाई देने वाले कथित बयानों का भी उल्लेख करते हुए उनकी जांच की आवश्यकता बताई।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, 23 जून की रात उज्जैन जिले के बड़नगर में मुहर्रम जुलूस निकाला जा रहा था। इस दौरान एक टाटा मैजिक वाहन को क्रेन की मदद से करीब 40 फीट की ऊंचाई पर लटकाया गया था। वाहन पर दो युवक लाल झंडे लहराते दिखाई दिए।
इसके बाद वाहन के भीतर तेज आवाज और विस्फोट जैसा दृश्य दिखाई दिया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद इस आयोजन को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं और प्रशासन से कार्रवाई की मांग की गई।
वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ा विवाद
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में जुलूस के दौरान आतिशबाजी और अन्य प्रदर्शन भी दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद कई संगठनों और धार्मिक प्रतिनिधियों ने इस प्रदर्शन पर आपत्ति जताई। स्थानीय स्तर पर भी यह सवाल उठने लगे कि इस प्रकार के प्रदर्शन की अनुमति थी या नहीं और आयोजन के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किस हद तक किया गया। इसके बाद प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी।
पुलिस ने चार लोगों पर दर्ज किया केस
उज्जैन पुलिस ने मामले में आयोजक शोएब खान, वाहन पर प्रदर्शन करने वाले तालीम खान और जाहिद खान तथा क्रेन मालिक गोपाल माली के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की विवेचना जारी है।
पुलिस ने क्या कहा?
उज्जैन के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि प्रशासन ने केवल मुहर्रम जुलूस निकालने की अनुमति दी थी। किसी भी प्रकार के विस्फोटक प्रदर्शन या ऐसे आयोजन की अनुमति नहीं दी गई थी। प्रारंभिक जांच में यह जानकारी सामने आई है कि वाहन के भीतर दीपावली में उपयोग होने वाले कई रॉकेट एक साथ लगाए गए थे।
वाहन के शीशे बंद होने के कारण गैस का दबाव बढ़ा और शीशे टूटने से विस्फोट जैसा दृश्य दिखाई दिया। पुलिस ने कहा है कि यह प्रारंभिक जांच का निष्कर्ष है और अंतिम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच पूरी होने के बाद होगी आगे की कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तकनीकी और फोरेंसिक पहलुओं की जांच की जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि आयोजन के दौरान सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हुआ या नहीं। साथ ही, वायरल वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।