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Ram Mandir Donation Scam : चंपत राय और अनिल मिश्रा ने दिया इस्तीफा! राम मंदिर ट्रस्ट छोड़ा, चंदा चोरी विवाद में बड़ा अपडेट

Ram Mandir Donation Scam

Ram Mandir Donation Scam : उत्तर प्रदेश। अयोध्या के राम मंदिर दान प्रकरण में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। यह घटनाक्रम विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट और मामले में दर्ज एफआईआर के बाद सामने आया है। हालांकि, इस्तीफों के कारणों को लेकर ट्रस्ट की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है, लेकिन इन्हें चल रही जांच से जोड़कर देखा जा रहा है। इस खबर को अपडेट किया जा रहा है …

Bhopal Open Electric Wires : बारिश शुरू होते ही करंट का डर, बिजली विभाग की लापरवाही से खतरे में आम जनता

MP Open Electric Wires

Bhopal Open Electric Wires : भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की शुरुआत के साथ ही राजधानी भोपाल समेत कई शहरों में बिजली सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। बारिश के दौरान सड़कों पर जलभराव, खुले बिजली के तार और नीचे झूलती विद्युत लाइनें लोगों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बनती दिखाई दे रही हैं। कई बाजारों, रिहायशी इलाकों और व्यस्त सड़कों पर बिजली के तार काफी नीचे लटके हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मानसून से पहले इन समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए था। ऐसे में बिजली व्यवस्था और सुरक्षा तैयारियों को लेकर संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। MPERC की रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (MPERC) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2024-25 में राज्यभर में कुल 1,963 विद्युत दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। इन हादसों में 1,102 लोगों और 1,492 पशुओं की मौत हुई, जबकि 329 लोग घायल हुए। ये आंकड़े बताते हैं कि बिजली से जुड़े हादसे राज्य के लिए गंभीर चुनौती बने हुए हैं। हालांकि, इन दुर्घटनाओं के पीछे अलग-अलग कारण हो सकते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि बिजली सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन और समय पर रखरखाव ऐसे हादसों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। MP DAP Consumption : DAP के बढ़ते इस्तेमाल से बढ़ी चिंता! टॉप 100 में 11 जिले; किसानों में जागरूकता की कमी उजागर भोपाल के कई प्रमुख इलाकों में सुरक्षा पर सवाल राजधानी भोपाल के कई प्रमुख बाजारों और व्यस्त इलाकों में बिजली के खुले और नीचे झूलते तार लोगों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। न्यू मार्केट और सराफा बाजार जैसे भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में कई जगह बिजली के तार कम ऊंचाई पर दिखाई देते हैं। वहीं, पुराने भोपाल की संकरी गलियों में कुछ स्थानों पर बिजली लाइनें मकानों के काफी करीब से गुजरती हैं। एमपी नगर और 10 नंबर क्षेत्र जैसे शैक्षणिक इलाकों में भी तारों के जाल को लेकर स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है। इसके अलावा रोशनपुरा और कमलापति रेलवे स्टेशन के आसपास भी कई स्थानों पर बिजली के पोल और तारों की स्थिति सुधार की मांग कर रही है। बिजली विभाग की तैयारियों पर उठ रहे सवाल हर वर्ष मानसून से पहले बिजली लाइनों के रखरखाव और सुरक्षा जांच का दावा किया जाता है। इसके बावजूद कई क्षेत्रों में खुले तार और खराब बिजली ढांचा देखने को मिल रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नियमित मेंटेनेंस के बावजूद यदि ऐसी स्थिति बनी रहती है तो बारिश के दौरान हादसों का खतरा बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि बिजली लाइनों का समय-समय पर निरीक्षण, खुले तारों की मरम्मत और पुराने पोलों का रखरखाव प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए। Ram Mandir Donation : चंदा गिनती में सुभाष, चाबी टिन्नू यादव के पास! राम मंदिर चोरी कांड में 8 आरोपी, जानें कौन क्या करता था मेयर ने बिजली विभाग की जिम्मेदारी बताई मानसून से पहले सुरक्षा तैयारियों को लेकर जब भोपाल की मेयर मालती राय से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि बिजली व्यवस्था से जुड़े कार्य संबंधित बिजली विभाग के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। उनके अनुसार, नगर निगम अपने हिस्से के कार्य कर रहा है, जबकि बिजली से संबंधित समस्याओं का समाधान बिजली विभाग को करना चाहिए। इस बयान के बाद विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। Ujjain Muharram Juloos : मोहर्रम जुलूस में क्रेन पर वैन लटकाई फिर किया विस्फोट, ‘ले फिर आ गए’ लिखकर हमले का प्रदर्शन MPERC ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी बढ़ते बिजली हादसों को देखते हुए मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने बिजली कंपनियों को सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि सुरक्षा नियमों की अनदेखी जारी रहती है तो बिजली अधिनियम 2003 की धारा 142 के तहत संबंधित कंपनियों के खिलाफ जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि केवल चेतावनी देने के बजाय जमीनी स्तर पर तेजी से सुधार कार्य किए जाने की जरूरत है, ताकि मानसून के दौरान संभावित हादसों को रोका जा सके। MP Pension Update: 34 लाख से ज्यादा लोगों के खाते में पहुंची पेंशन, CM मोहन यादव ने एक क्लिक में ट्रांसफर की राशि बारिश के मौसम में सावधानी भी जरूरी विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के दौरान नागरिकों को भी अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। जलभराव वाले स्थानों, टूटे हुए बिजली पोल, खुले तार या चिंगारी निकलने जैसी स्थिति दिखाई देने पर तुरंत संबंधित बिजली कंपनी या प्रशासन को सूचना देनी चाहिए। समय रहते शिकायत दर्ज कराने और सतर्क रहने से कई संभावित हादसों को रोका जा सकता है।

MP DAP Consumption : DAP के बढ़ते इस्तेमाल से बढ़ी चिंता! टॉप 100 में 11 जिले; किसानों में जागरूकता की कमी उजागर

MP DAP Consumption

MP DAP Consumption : भोपाल। मध्य प्रदेश में रासायनिक उर्वरकों, खासकर डीएपी (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) के बढ़ते और असंतुलित उपयोग को लेकर कृषि मंत्रालय की वर्ष 2025-26 की रिपोर्ट ने नई चिंता पैदा कर दी है। रिपोर्ट के अनुसार, देश में डीएपी की सबसे अधिक खपत वाले शीर्ष 100 जिलों में मध्य प्रदेश के 11 जिले शामिल हैं। इस मामले में राज्य दूसरे स्थान पर है, जबकि उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर है। विशेषज्ञों का कहना है कि उर्वरकों का असंतुलित उपयोग मिट्टी की गुणवत्ता और खेती की दीर्घकालीन उत्पादकता को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, यह कहना कि राज्य की सभी सब्जियां या खाद्य उत्पाद “जहरीले” हो गए हैं, उपलब्ध रिपोर्ट से सीधे तौर पर साबित नहीं होता। विशेषज्ञों ने संतुलित उर्वरक उपयोग और वैज्ञानिक खेती पर जोर दिया है। MP Pride : कृष्णा शर्मा ने किया MP का नाम रोशन! महिला हॉकी टीम में हुई सिलेक्शन, जानिए कड़ी मेहनत से सफलता तक की कहानी मिट्टी की उर्वरता पर बढ़ रहा दबाव रिपोर्ट के मुताबिक, कई जिलों में डीएपी और यूरिया का जरूरत से ज्यादा उपयोग किया जा रहा है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार अधिक मात्रा में रासायनिक उर्वरकों के इस्तेमाल से मिट्टी में फॉस्फोरस का असंतुलन बढ़ सकता है। इसके साथ ही जिंक, आयरन और अन्य सूक्ष्म पोषक तत्वों की उपलब्धता घटने लगती है। इसका असर मिट्टी की उर्वरक क्षमता और फसल की गुणवत्ता दोनों पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते संतुलित उर्वरक उपयोग की दिशा में कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में कृषि उत्पादन पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है। 91 प्रतिशत किसानों को नहीं मिली पर्याप्त जानकारी सर्वेक्षण में यह भी सामने आया कि किसानों के बीच उर्वरकों के वैज्ञानिक और संतुलित उपयोग को लेकर पर्याप्त जागरूकता नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, 91 प्रतिशत किसानों ने बताया कि उन्हें कृषि विभाग की ओर से उर्वरकों के सही उपयोग का प्रशिक्षण या सलाह नहीं मिली। वहीं, 76 प्रतिशत किसानों का कहना है कि उन्हें कृषि अधिकारियों, खाद विक्रेताओं या अन्य माध्यमों से भी पर्याप्त मार्गदर्शन नहीं मिला। विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता की कमी के कारण किसान जरूरत से अधिक डीएपी का उपयोग कर रहे हैं। Ram Mandir Donation : चंदा गिनती में सुभाष, चाबी टिन्नू यादव के पास! राम मंदिर चोरी कांड में 8 आरोपी, जानें कौन क्या करता था इन जिलों में सबसे अधिक DAP की खपत रिपोर्ट के अनुसार, नर्मदा घाटी और उससे जुड़े जिलों में डीएपी की खपत सबसे अधिक दर्ज की गई है। प्रदेश में नर्मदापुरम पहले स्थान पर है, जहां एक वर्ष में 48,527 मीट्रिक टन डीएपी की बिक्री हुई। इसके बाद सीहोर (45,249 मीट्रिक टन), रायसेन (43,965 मीट्रिक टन), विदिशा (39,104 मीट्रिक टन) और उज्जैन (36,995 मीट्रिक टन) का स्थान है। इसके अलावा देवास, राजगढ़, जबलपुर, ग्वालियर और धार भी अधिक खपत वाले जिलों में शामिल हैं। यह आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश के कई कृषि प्रधान क्षेत्रों में डीएपी पर निर्भरता लगातार बढ़ रही है। किन फसलों में सबसे अधिक उपयोग हो रहा है? विशेषज्ञों के अनुसार, जिन जिलों में डीएपी की खपत अधिक है, वहां धान, गेहूं, सोयाबीन और ग्रीष्मकालीन मूंग जैसी प्रमुख फसलों की खेती बड़े पैमाने पर होती है। इन फसलों में डीएपी को बेसल डोज के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा जिंक सल्फेट, अमोनियम सल्फेट और अन्य रासायनिक उर्वरकों का भी व्यापक उपयोग किया जा रहा है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि उर्वरकों का उपयोग मिट्टी परीक्षण की रिपोर्ट के आधार पर किया जाना चाहिए, ताकि फसल उत्पादन और मिट्टी दोनों सुरक्षित रह सकें। US Iran Talks : ईरान के फ्रीज फंड पर अमेरिका की नई शर्त: पहले खरीदें गेहूं और मक्का, तेहरान का दो टूक जवाब कृषि विभाग चलाएगा जागरूकता अभियान कृषि संचालनालय ने कहा है कि किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। विभाग का लक्ष्य डीएपी पर अत्यधिक निर्भरता कम करना और एनपीके कॉम्प्लेक्स सहित अन्य संतुलित उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देना है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि वैज्ञानिक खेती, नियमित मिट्टी परीक्षण और सही मात्रा में उर्वरकों के उपयोग से मिट्टी की सेहत को लंबे समय तक बेहतर बनाए रखा जा सकता है। विशेषज्ञों ने दी संतुलित खेती की सलाह पर्यावरण और कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि उर्वरकों का संतुलित उपयोग नहीं किया गया तो भविष्य में मिट्टी की गुणवत्ता, फसल की उत्पादकता और कृषि की स्थिरता पर गंभीर असर पड़ सकता है। Delhi Rape – Murder Case : मेडिकल रिपोर्ट में दावा- आरोपी नपुंसक, पत्नी बोली- हमारे 2 बेटे उनका सुझाव है कि किसान मिट्टी परीक्षण के आधार पर ही उर्वरकों का इस्तेमाल करें और जैविक तथा संतुलित खेती की ओर भी ध्यान दें। इससे खेती की लागत कम होने के साथ-साथ मिट्टी की सेहत भी बेहतर बनी रहेगी।

MP Pride : कृष्णा शर्मा ने किया MP का नाम रोशन! महिला हॉकी टीम में हुई सिलेक्शन, जानिए कड़ी मेहनत से सफलता तक की कहानी

MP Pride : मध्य प्रदेश के ग्वालियर की बेटी कृष्णा शर्मा ने अपनी मेहनत और शानदार प्रदर्शन के दम पर भारतीय अंडर-21 महिला हॉकी टीम में जगह बना ली है। अब वह 5 जुलाई से शुरू होने वाले यूनाइटेड किंगडम दौरे पर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। साधारण परिवार से निकलकर टीम इंडिया तक पहुंचने का उनका सफर संघर्ष, मेहनत और हौसले की मिसाल बन गया है। 5 जुलाई से यूनाइटेड किंगडम दौरे पर उतरेगी भारतीय टीम हॉकी इंडिया की ओर से घोषित भारतीय अंडर-21 महिला टीम में ग्वालियर की कृष्णा शर्मा का चयन हुआ है। भारतीय टीम 5 जुलाई से स्कॉटलैंड और इंग्लैंड के दौरे पर जाएगी। इस दौरान टीम स्कॉटलैंड, इंग्लैंड, अमेरिका और बेल्जियम की जूनियर टीमों के खिलाफ टेस्ट मुकाबले खेलेगी। इस दौरे में कृष्णा पहली बार इस स्तर पर भारत की जर्सी पहनकर मैदान में उतरेंगी। PM Shri Air Ambulance : आयुष्मान कार्ड बना बुजुर्ग की जिंदगी का सहारा: पहली बार एयर एम्बुलेंस से नागपुर पहुंचाया, लाखों का खर्च बचा तानों को बनाया ताकत, खेल से दिया जवाब कृष्णा शर्मा का सफर आसान नहीं रहा। हॉकी खेलते समय स्कर्ट पहनने को लेकर उन्हें समाज के कुछ लोगों के ताने भी सुनने पड़े। लेकिन उन्होंने इन बातों से हार मानने के बजाय अपना पूरा ध्यान खेल पर रखा। आज वही मेहनत उन्हें भारतीय टीम तक ले आई है। उनकी सफलता उन बेटियों के लिए भी प्रेरणा है, जो मुश्किल हालात के बावजूद अपने सपनों को पूरा करने में जुटी हैं। परिवार ने हर कदम पर दिया साथ कृष्णा के पिता सुनील शर्मा एक सिक्योरिटी सर्विस कंपनी का संचालन करते हैं। साधारण परिवार से होने के बावजूद उन्होंने हर परिस्थिति में अपनी बेटी का साथ दिया और उसके सपनों को आगे बढ़ने का हौसला दिया। परिवार के सहयोग और कृष्णा की लगन ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया। Ram Mandir Donation : चंदा गिनती में सुभाष, चाबी टिन्नू यादव के पास! राम मंदिर चोरी कांड में 8 आरोपी, जानें कौन क्या करता था मध्यप्रदेश हॉकी अकादमी से शुरू हुआ सफर कृष्णा शर्मा ने वर्ष 2019 में मध्यप्रदेश महिला हॉकी अकादमी से हॉकी खेलना शुरू किया। कोचों के मार्गदर्शन और लगातार अभ्यास के दम पर उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। वर्ष 2023 में उन्हें भारतीय अंडर-18 सब जूनियर टीम के साथ नीदरलैंड और बेल्जियम टेस्ट सीरीज में भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला। इसके बाद उन्होंने लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए अपनी जगह और मजबूत की। एक के बाद एक हासिल की बड़ी उपलब्धियां वर्ष 2022 में हैदराबाद में आयोजित 14वीं हॉकी इंडिया सब जूनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतने वाली टीम का हिस्सा रहीं और दो बार प्लेयर ऑफ द मैच चुनी गईं। वर्ष 2023 में खेलो इंडिया यूथ गेम्स और 29वीं चरनजीत राय नेहरू गर्ल्स हॉकी टूर्नामेंट में सिल्वर मेडल जीता। वर्ष 2024 में हॉकी इंडिया जूनियर वेस्ट ज़ोन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने के साथ प्लेयर ऑफ द मैच रहीं। इसके बाद 31वें चरनजीत राय नेहरू गर्ल्स हॉकी टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल जीतने के साथ पूरे टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुनी गईं। इसी साल हॉकी इंडिया इंटर ज़ोन राष्ट्रीय चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल भी जीता। Ujjain Muharram Juloos : मोहर्रम जुलूस में क्रेन पर वैन लटकाई फिर किया विस्फोट, ‘ले फिर आ गए’ लिखकर हमले का प्रदर्शन वर्ष 2025 में खेलो इंडिया यूथ गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। साथ ही 15वीं जूनियर महिला राष्ट्रीय हॉकी चैंपियनशिप में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व किया और पुणे में आयोजित यूनिवर्सिटी वेस्ट ज़ोन प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। वर्ष 2026 में भुवनेश्वर में आयोजित ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी हॉकी टूर्नामेंट में उनकी टीम चौथे स्थान पर रही। अब विदेश में करेंगी भारत का प्रतिनिधित्व भारतीय अंडर-21 महिला हॉकी टीम में चयन के बाद कृष्णा शर्मा अब यूनाइटेड किंगडम दौरे पर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। ग्वालियर की इस बेटी की उपलब्धि पूरे मध्यप्रदेश के लिए गर्व का विषय बन गई है। उनका सफर यह साबित करता है कि मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के दम पर कोई भी सपना हासिल किया जा सकता है। MP Pension Update: 34 लाख से ज्यादा लोगों के खाते में पहुंची पेंशन, CM मोहन यादव ने एक क्लिक में ट्रांसफर की राशि परिवार और शहर में खुशी का माहौल कृष्णा शर्मा के भारतीय टीम में चयन की खबर से उनके परिवार के साथ-साथ पूरे ग्वालियर में खुशी का माहौल है। खेल प्रेमियों और हॉकी से जुड़े लोगों को उम्मीद है कि आने वाले समय में वह सीनियर भारतीय महिला हॉकी टीम में भी अपनी जगह बनाएंगी। फिलहाल ग्वालियर और पूरा मध्यप्रदेश अपनी इस होनहार बेटी की उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहा है।

Ram Mandir Donation : चंदा गिनती में सुभाष, चाबी टिन्नू यादव के पास! राम मंदिर चोरी कांड में 8 आरोपी, जानें कौन क्या करता था

Ram Mandir Donation Update

Ram Mandir Donation : उत्तर प्रदेश। अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में चढ़ावा और दान राशि में कथित गड़बड़ी के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। एसआईटी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के दो दिन बाद आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार सभी आठ आरोपियों को पुलिस आज कोर्ट में पेश करेगी। कोर्ट से 14 दिनों की रिमांड मांगेगी। बताया जा रहा है कि, शिकायत राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य श्री कृष्ण मोहन की ओर से दर्ज कराई गई। पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद सभी नामजद आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है। फिलहाल जांच जारी है और आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत की जाएगी। SIT रिपोर्ट के बाद दर्ज हुई FIR पुलिस के अनुसार, एफआईआर में राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के ड्राइवर राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव सहित कुल आठ लोगों को नामजद किया गया है। इनके अलावा अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष यादव, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र और गणना इंचार्ज सुभाष श्रीवास्तव के नाम शामिल हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है। Ujjain Muharram Juloos : मोहर्रम जुलूस में क्रेन पर वैन लटकाई फिर किया विस्फोट, ‘ले फिर आ गए’ लिखकर हमले का प्रदर्शन करुणेश पांडेय की क्या थी जिम्मेदारी? जांच के अनुसार, करुणेश पांडेय की जिम्मेदारी मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई दान राशि और अन्य चढ़ावे को सुरक्षित तरीके से गणना कक्ष तक पहुंचाने की थी। आरोप है कि उन्होंने इस प्रक्रिया के दौरान दान राशि में कथित गड़बड़ी कर अवैध संपत्ति अर्जित की। पुलिस अब उनके वित्तीय लेन-देन और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव की भूमिका एफआईआर में नामजद राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव मंदिर की व्यवस्थाओं से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों को संभालते थे। पुलिस के अनुसार, उनकी जिम्मेदारी श्रद्धालुओं की सुविधा, दानपात्रों की निगरानी और उन्हें सुरक्षित रूप से बेसमेंट तक पहुंचाने की थी। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या इस जिम्मेदारी का दुरुपयोग कर दान राशि में कथित अनियमितता की गई। सुभाष श्रीवास्तव पर क्या आरोप हैं? सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारी सुभाष श्रीवास्तव मंदिर के कैश काउंटिंग सेंटर के प्रभारी बताए गए हैं। उनकी जिम्मेदारी दान में प्राप्त नकदी की गिनती की पूरी प्रक्रिया और कर्मचारियों की निगरानी करना थी। पुलिस का आरोप है कि दान राशि की गिनती और रिकॉर्ड से जुड़े मामलों में कथित अनियमितताओं की जांच की जा रही है। Ram Mandir Land Scam : राम मंदिर जमीन घोटाले के 11 सबूत संजय सिंह ने SIT को थमा दिए, पूछा- अब तक FIR क्यों नहीं? लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा की जिम्मेदारी जांच के अनुसार, लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा दोनों दान राशि की गिनती करने वाली टीम का हिस्सा थे। पुलिस का दावा है कि लवकुश मिश्रा के घर से करीब 10 लाख रुपये बरामद किए गए हैं, जिसकी जांच की जा रही है। वहीं, अनुकल्प मिश्रा पर दान राशि से जुड़े वाउचर और रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ी करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर साक्ष्य जुटा रही है। मनीष यादव और अविनाश शुक्ला की भूमिका पुलिस के अनुसार, मनीष यादव की जिम्मेदारी दानपात्र से निकले नोटों को अलग-अलग श्रेणियों में व्यवस्थित करना थी। वहीं, अविनाश शुक्ला दानपात्रों से नकदी निकालकर उसे गणना कक्ष तक पहुंचाने और गिनती की प्रक्रिया में शामिल थे। जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि क्या इन दोनों की भूमिका कथित दान राशि की गड़बड़ी में रही है। Ram Mandir Donation : राम मंदिर दान विवाद पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, जनिए FIR और कोर्ट मॉनिटरिंग में क्या उठी मांग अदालत में तय होगी जिम्मेदारी पुलिस का कहना है कि मामले में सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। आरोपियों से पूछताछ, वित्तीय दस्तावेजों की जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। फिलहाल सभी आरोप जांच के दायरे में हैं और किसी भी आरोपी की दोषसिद्धि का अंतिम फैसला अदालत में उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगा।

Delhi Rape – Murder Case : मेडिकल रिपोर्ट में दावा- आरोपी नपुंसक, पत्नी बोली- हमारे 2 बेटे

Delhi Rape - Murder Case

Delhi Rape – Murder Case : नई दिल्ली। दिल्ली में नाबालिग बच्ची की हत्या के मामले में पुलिस जांच लगातार आगे बढ़ रही है। इस मामले में गिरफ्तार कैब ड्राइवर से पूछताछ और मेडिकल जांच के बाद कई नए दावे सामने आए हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी नपुंसक हैं, पुलिस ने पूछताछ के दौरान घटना से जुड़े कई पहलुओं की जानकारी दी है। वहीं, आरोपी की पत्नी ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए दावा किया है कि उनके दो बच्चे भी हैं। उनके पति को गलत तरीके से फंसाया जा रहा है। मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस सभी तथ्यों की पुष्टि करने में जुटी है। Ram Mandir Land Scam : राम मंदिर जमीन घोटाले के 11 सबूत संजय सिंह ने SIT को थमा दिए, पूछा- अब तक FIR क्यों नहीं? पुलिस जांच में सामने आए अहम दावे पुलिस के अनुसार, आरोपी बिहार के खगड़िया जिले का रहने वाला है और पिछले करीब पांच वर्षों से दिल्ली में रह रहा था। वह पहले सिक्योरिटी गार्ड के रूप में काम करता था और वर्ष 2023 से कैब ड्राइवर के तौर पर काम कर रहा था। जांच एजेंसियों का कहना है कि मेडिकल परीक्षण में आरोपी में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (शारीरिक संबंध बनाने में कठिनाई) से जुड़े संकेत मिले हैं। पुलिस का यह भी दावा है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने घटना से संबंधित कुछ बातें स्वीकार की हैं। हालांकि, इन दावों की अंतिम पुष्टि अदालत में पेश होने वाले साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगी। Delhi Rape Case : दिल्ली की मासूम हत्याकांड में नया खुलासा! रेप की कोशिश नाकाम रही, फिर की हत्या आरोपी की पत्नी ने पुलिस के आरोपों को नकारा मामले में आरोपी की पत्नी ने पुलिस के दावों को खारिज किया है। उनका कहना है कि उनकी शादी सात वर्ष पहले हुई थी और उनके दो बेटे हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके पति पर लगाए गए आरोप गलत हैं और उन्हें इस मामले में फंसाया जा रहा है। परिवार की ओर से कहा गया है कि उन्हें न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा है और सच्चाई अदालत में सामने आएगी। घटना और जांच की पूरी टाइमलाइन पुलिस के अनुसार, 22 जून की सुबह बच्ची लापता हुई थी। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों के साथ आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान पुलिस ने करीब 200 सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपी की पहचान की। अधिकारियों का दावा है कि घटना के लगभग सात घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान आरोपी को घटनास्थल ले जाया गया था, जहां उसने कथित रूप से भागने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, उसे रोकने के लिए उसके पैर में गोली मारनी पड़ी। फिलहाल आरोपी अस्पताल में भर्ती है और पुलिस की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। Ujjain Muharram Juloos : मोहर्रम जुलूस में क्रेन पर वैन लटकाई फिर किया विस्फोट, ‘ले फिर आ गए’ लिखकर हमले का प्रदर्शन आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी आया सामने पुलिस के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ बिहार में पहले से पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या के प्रयास से जुड़े दो मामले भी शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस अब उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और दिल्ली में उसकी गतिविधियों की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी साक्ष्यों को एकत्र कर अदालत में पेश किया जाएगा ताकि निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित हो सके। जांच अभी जारी, अंतिम फैसला अदालत करेगी पुलिस इस मामले में फोरेंसिक रिपोर्ट, डिजिटल साक्ष्य और अन्य सबूतों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। वहीं, आरोपी पक्ष ने पुलिस के आरोपों को गलत बताया है। ऐसे में इस मामले से जुड़े सभी तथ्यों का अंतिम निर्णय न्यायालय में उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगा।

US Iran Talks : ईरान के फ्रीज फंड पर अमेरिका की नई शर्त: पहले खरीदें गेहूं और मक्का, तेहरान का दो टूक जवाब

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US Iran Talks : वाशिंगटन डीसी। अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव को कम करने के लिए स्विट्जरलैंड में उच्चस्तरीय वार्ता चल रही है। दोनों देशों के बीच हाल ही में हुए अंतरिम समझौते के बाद उम्मीद थी कि बातचीत आगे बढ़ेगी और कई पुराने विवाद सुलझेंगे। लेकिन अब 12 अरब डॉलर की फ्रीज की गई ईरानी राशि के इस्तेमाल को लेकर नया विवाद सामने आ गया है। अमेरिका चाहता है कि यह पैसा अमेरिकी किसानों से गेहूं, मक्का, सोयाबीन और अन्य कृषि उत्पाद खरीदने में खर्च किया जाए। दूसरी ओर, ईरान ने इस शर्त को पूरी तरह अस्वीकार करते हुए कहा है कि एक बार राशि जारी होने के बाद उसका उपयोग कैसे होगा, इसका फैसला केवल ईरान करेगा। इस नए विवाद ने दोनों देशों के बीच चल रही शांति वार्ता को एक बार फिर मुश्किल मोड़ पर ला दिया है। MP Pension Update: 34 लाख से ज्यादा लोगों के खाते में पहुंची पेंशन, CM मोहन यादव ने एक क्लिक में ट्रांसफर की राशि स्विट्जरलैंड बैठक के बाद सामने आया नया विवाद पिछले सप्ताह हुए अंतरिम समझौते के बाद स्विट्जरलैंड में दोनों देशों के प्रतिनिधियों की पहली उच्चस्तरीय बैठक हुई। बैठक के बाद ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेर घालिबाफ ने कहा कि दोनों पक्ष 12 अरब डॉलर की फ्रीज राशि जारी करने पर सहमत हुए हैं। उनके बयान से यह संकेत मिला कि वार्ता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। हालांकि, इस मुद्दे पर अमेरिका की ओर से अलग तस्वीर पेश की गई। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि यह रकम सीधे ईरान के नियंत्रण में नहीं जाएगी। उनके अनुसार इस राशि का उपयोग केवल अमेरिका से खाद्यान्न और अन्य आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए किया जाएगा। यहीं से दोनों देशों के बीच नया मतभेद खुलकर सामने आ गया। अमेरिका ने किसानों के हित का दिया तर्क अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि इस व्यवस्था से दोनों देशों को लाभ होगा। एक तरफ ईरान को अपनी खाद्य जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी किसानों को बड़ा आर्थिक फायदा मिलेगा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन किया। PM Shri Air Ambulance : आयुष्मान कार्ड बना बुजुर्ग की जिंदगी का सहारा: पहली बार एयर एम्बुलेंस से नागपुर पहुंचाया, लाखों का खर्च बचा उन्होंने कहा कि प्रतिबंधों में मिलने वाली राहत और जारी की जाने वाली राशि अमेरिका के नियंत्रण वाले खाते में रखी जाएगी। इस धन का उपयोग केवल खाद्य सामग्री, दवाइयों और मानवीय सहायता से जुड़ी आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए किया जाएगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि यह व्यवस्था दोनों देशों के बीच भरोसा बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकती है। ईरान ने अमेरिकी शर्तों को किया पूरी तरह खारिज ईरान ने अमेरिका के दावों और शर्तों को स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने कहा कि जैसे ही फ्रीज की गई राशि जारी होगी, उस पर केवल ईरान का अधिकार होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कृषि उत्पाद खरीदे भी जाएंगे तो उनका चयन गुणवत्ता, कीमत और देश की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोई भी देश ईरान पर यह शर्त नहीं लगा सकता कि उसे किस देश से सामान खरीदना है। ईरान ने इसे अपने राष्ट्रीय अधिकार और आर्थिक संप्रभुता का विषय बताया है। Pune Murder Update : मंगेतर की मौत की साजिश कैफ़े में रची, CCTV और डिजिटल सबूतों से खुली जांच की परतें जिनेवा में ईरानी राजदूत ने भी दोहराया रुख जिनेवा में ईरान के राजदूत अली बहरीनी ने भी इस मुद्दे पर स्पष्ट बयान दिया। उन्होंने कहा कि अपने पैसों का उपयोग कहां और कैसे करना है, यह पूरी तरह ईरान का अधिकार है। किसी दूसरे देश को इस पर शर्तें लगाने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि कोई समझौता होता भी है तो वह समान सम्मान और बराबरी के आधार पर होना चाहिए। ईरान का कहना है कि आर्थिक फैसले किसी बाहरी दबाव में नहीं लिए जाएंगे और देश अपने हितों को प्राथमिकता देगा। शांति समझौते के सामने नई चुनौती अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का मानना है कि फ्रीज फंड को लेकर पैदा हुआ यह विवाद अंतिम शांति समझौते को और कठिन बना सकता है। अमेरिका में कई सांसद पहले से ही ईरान को आर्थिक राहत देने के विरोध में हैं। दूसरी ओर, कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियां भी अमेरिकी प्रतिबंधों के डर से ईरान के साथ कारोबार करने से बचती हैं। ऐसे माहौल में किसी व्यापक आर्थिक समझौते तक पहुंचना दोनों देशों के लिए आसान नहीं माना जा रहा है। Thai Maman Gold Ring Scheme : नवजात बच्चों को मिलेगा 1 ग्राम सोने का तोहफा, मुख्यमंत्री ने लॉन्च की नई योजना व्यापारिक संबंध अभी भी सीमित फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच व्यापार बहुत सीमित स्तर पर है। दोनों देशों के बीच अधिकतर कारोबार दवाइयों और मानवीय सहायता से जुड़ी वस्तुओं तक ही सीमित है। वर्ष 2024 में दोनों देशों के बीच कुल व्यापार लगभग 838 मिलियन डॉलर रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भविष्य में समझौता आगे बढ़ता है तो ईरान कुछ अमेरिकी कृषि उत्पाद खरीद सकता है। हालांकि, वह अपने आयात को केवल अमेरिका तक सीमित नहीं रखेगा। ऐसे में 12 अरब डॉलर के फ्रीज फंड के इस्तेमाल को लेकर दोनों देशों के बीच खींचतान फिलहाल समाप्त होती नहीं दिख रही है।