Ram Mandir Donation : उत्तर प्रदेश। अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में चढ़ावा और दान राशि में कथित गड़बड़ी के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। एसआईटी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के दो दिन बाद आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार सभी आठ आरोपियों को पुलिस आज कोर्ट में पेश करेगी। कोर्ट से 14 दिनों की रिमांड मांगेगी। बताया जा रहा है कि, शिकायत राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य श्री कृष्ण मोहन की ओर से दर्ज कराई गई। पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद सभी नामजद आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है। फिलहाल जांच जारी है और आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत की जाएगी।
SIT रिपोर्ट के बाद दर्ज हुई FIR
पुलिस के अनुसार, एफआईआर में राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के ड्राइवर राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव सहित कुल आठ लोगों को नामजद किया गया है। इनके अलावा अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष यादव, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र और गणना इंचार्ज सुभाष श्रीवास्तव के नाम शामिल हैं।
सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है।
करुणेश पांडेय की क्या थी जिम्मेदारी?
जांच के अनुसार, करुणेश पांडेय की जिम्मेदारी मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई दान राशि और अन्य चढ़ावे को सुरक्षित तरीके से गणना कक्ष तक पहुंचाने की थी। आरोप है कि उन्होंने इस प्रक्रिया के दौरान दान राशि में कथित गड़बड़ी कर अवैध संपत्ति अर्जित की। पुलिस अब उनके वित्तीय लेन-देन और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।
राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव की भूमिका
एफआईआर में नामजद राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव मंदिर की व्यवस्थाओं से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों को संभालते थे। पुलिस के अनुसार, उनकी जिम्मेदारी श्रद्धालुओं की सुविधा, दानपात्रों की निगरानी और उन्हें सुरक्षित रूप से बेसमेंट तक पहुंचाने की थी। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या इस जिम्मेदारी का दुरुपयोग कर दान राशि में कथित अनियमितता की गई।
सुभाष श्रीवास्तव पर क्या आरोप हैं?
सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारी सुभाष श्रीवास्तव मंदिर के कैश काउंटिंग सेंटर के प्रभारी बताए गए हैं। उनकी जिम्मेदारी दान में प्राप्त नकदी की गिनती की पूरी प्रक्रिया और कर्मचारियों की निगरानी करना थी। पुलिस का आरोप है कि दान राशि की गिनती और रिकॉर्ड से जुड़े मामलों में कथित अनियमितताओं की जांच की जा रही है।
लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा की जिम्मेदारी
जांच के अनुसार, लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा दोनों दान राशि की गिनती करने वाली टीम का हिस्सा थे। पुलिस का दावा है कि लवकुश मिश्रा के घर से करीब 10 लाख रुपये बरामद किए गए हैं, जिसकी जांच की जा रही है। वहीं, अनुकल्प मिश्रा पर दान राशि से जुड़े वाउचर और रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ी करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर साक्ष्य जुटा रही है।
मनीष यादव और अविनाश शुक्ला की भूमिका
पुलिस के अनुसार, मनीष यादव की जिम्मेदारी दानपात्र से निकले नोटों को अलग-अलग श्रेणियों में व्यवस्थित करना थी। वहीं, अविनाश शुक्ला दानपात्रों से नकदी निकालकर उसे गणना कक्ष तक पहुंचाने और गिनती की प्रक्रिया में शामिल थे। जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि क्या इन दोनों की भूमिका कथित दान राशि की गड़बड़ी में रही है।
अदालत में तय होगी जिम्मेदारी
पुलिस का कहना है कि मामले में सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। आरोपियों से पूछताछ, वित्तीय दस्तावेजों की जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। फिलहाल सभी आरोप जांच के दायरे में हैं और किसी भी आरोपी की दोषसिद्धि का अंतिम फैसला अदालत में उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगा।