Thalapathy Vijay Oath : चेन्नई। तमिलनाडु में नई सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक सस्पेंस लगातार गहराता जा रहा है। TVK प्रमुख और अभिनेता विजय ने शुक्रवार को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया। हालांकि, उनके पास बहुमत के लिए जरूरी संख्या पूरी नहीं होने के कारण मामला अभी अटका हुआ है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक विजय के पास केवल 116 विधायकों का समर्थन पत्र मौजूद था, जबकि सरकार बनाने के लिए 118 विधायकों का समर्थन जरूरी है। इसी वजह से शनिवार को प्रस्तावित मुख्यमंत्री पद का शपथ ग्रहण समारोह रद्द कर दिया गया। राज्य की राजनीति में इस घटनाक्रम के बाद हलचल तेज हो गई है।
राज्यपाल ने बहुमत साबित करने को कहा
विजय इससे पहले भी 6 और 7 मई को सरकार बनाने का दावा पेश कर चुके थे। लेकिन राज्यपाल ने स्पष्ट कर दिया था कि बिना बहुमत के समर्थन के किसी भी दल को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित नहीं किया जा सकता।
शुक्रवार को हुई मुलाकात में विजय ने TVK, कांग्रेस, CPI और CPI(M) के कुल 116 विधायकों के समर्थन पत्र सौंपे। हालांकि, IUML और VCK ने अभी तक अपना आधिकारिक समर्थन पत्र नहीं दिया है। दोनों दलों के पास 2-2 विधायक हैं। ऐसे में विजय को बहुमत के लिए सिर्फ 2 और विधायकों की जरूरत है।
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VCK के रुख ने बढ़ाई चिंता
तमिलनाडु की राजनीति में सबसे ज्यादा चर्चा VCK के रुख को लेकर हो रही है। VCK प्रमुख थिरुमावलवन ने शुक्रवार सुबह सार्वजनिक रूप से कहा था कि उनकी पार्टी TVK को समर्थन देगी। इसके बावजूद देर रात तक राज्यपाल को समर्थन का औपचारिक पत्र नहीं सौंपा गया।
राज्यपाल कार्यालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार शाम तक उपलब्ध रिकॉर्ड में विजय के पास केवल 116 विधायकों का समर्थन ही दर्ज था। इसी कारण मुख्यमंत्री पद की शपथ एक बार फिर टाल दी गई। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले कुछ घंटे तमिलनाडु की राजनीति के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं।
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चुनाव परिणाम के बाद तेजी से बदले घटनाक्रम
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे 4 मई को घोषित किए गए थे। विजय की पार्टी TVK ने 234 सीटों में से 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर सामने आई। हालांकि किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला।
इसके बाद TVK ने सहयोगी दलों के साथ बातचीत शुरू की। कांग्रेस ने सबसे पहले विजय को समर्थन देने की घोषणा की। 6 मई को विधायक दल की बैठक में विजय को नेता चुना गया। उसी दिन उन्होंने 113 विधायकों के समर्थन के साथ राज्यपाल के सामने दावा पेश किया।
7 मई को विजय ने एक बार फिर राज्यपाल से मुलाकात की। राज्यपाल ने बहुमत साबित करने के लिए 118 विधायकों का समर्थन दिखाने को कहा। इसके बाद 8 मई को TVK ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया और राज्यपाल को निर्देश देने की मांग की कि सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते उसे सरकार बनाने का मौका दिया जाए।
तमिलनाडु में गठबंधन की राजनीति पर नजर
तमिलनाडु की मौजूदा स्थिति ने गठबंधन राजनीति को फिर चर्चा में ला दिया है। सभी राजनीतिक दल अब छोटे सहयोगी दलों के फैसलों पर नजर बनाए हुए हैं। यदि VCK और IUML समर्थन पत्र सौंप देते हैं, तो विजय आसानी से बहुमत का आंकड़ा पार कर सकते हैं।
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि राज्यपाल का फैसला पूरी तरह संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लिया जा रहा है। वहीं TVK समर्थकों के बीच सरकार गठन में हो रही देरी को लेकर बेचैनी बढ़ती जा रही है।
