Ashoknagar Love Jihad : अशोकनगर में नाबालिग को ब्लैकमेल कर धर्म परिवर्तन का दबाव! 3 आरोपियों पर केस, 2 गिरफ्तार

Ashoknagar Love Jihad : मध्य प्रदेश। अशोकनगर में एक नाबालिग किशोरी को दोस्ती के बहाने फंसाकर ब्लैकमेल करने और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार 16 वर्षीय किशोरी की शिकायत पर तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इनमें से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने उसके आपत्तिजनक फोटो लेकर उसे धमकाना शुरू कर दिया था। इन तस्वीरों को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर उस पर हिंदू धर्म छोड़कर मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव बनाया जा रहा था। घटना सामने आने के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है। Nirmala Sapre : जो 300 करोड़ देगा मैं उसी के साथ, बीना विधायक निर्मला सप्रे के बयान से गरमाई सियासत एक साल पहले हुई थी दोस्ती पुलिस को दी गई शिकायत में पीड़िता ने बताया कि करीब एक साल पहले उसकी पहचान आरोपी रियान खान से हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच दोस्ती बढ़ी। इसी दौरान आरोपी ने उसके कुछ आपत्तिजनक फोटो ले लिए। पीड़िता का कहना है कि बाद में इन्हीं तस्वीरों का इस्तेमाल कर उसे लगातार ब्लैकमेल किया जाने लगा। मामले में जुबेर खान और मुसीर खान के नाम भी सामने आए हैं। शिकायत के अनुसार तीनों आरोपी मिलकर किशोरी पर दबाव बना रहे थे। धर्म परिवर्तन का दबाव और धमकी पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी उसे फोटो वायरल करने की धमकी देते थे। इसके साथ ही उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जा रहा था। पुलिस अब इस पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), पॉक्सो एक्ट और मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 के तहत केस दर्ज किया है। एक विधि विवादित बालक के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। Makhanlal Sarkar : कौन हैं माखनलाल सरकार, शॉल ओढ़ाकर पीएम मोदी ने मंच छुएं पैर पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा के निर्देश पर कोतवाली थाना प्रभारी रवि प्रताप सिंह चौहान की टीम ने त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने आरोपी रियान खान और मुसीर खान को आजाद मोहल्ला इलाके से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों का मोबाइल फोन भी जब्त किया है। अब मोबाइल की जांच की जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसमें क्या सामग्री मौजूद है और कहीं फोटो या चैट का इस्तेमाल ब्लैकमेलिंग में तो नहीं हुआ। पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला अशोकनगर में इससे पहले भी धर्मांतरण के दबाव से जुड़ा मामला सामने आया था। 6 मई को आशिफ खान नाम के युवक पर एक युवती से दोस्ती कर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का आरोप लगा था। उस घटना के बाद हिंदू संगठनों ने पुलिस प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस ने शिकायत मिलने के दो घंटे के भीतर आरोपी आशिफ खान को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस के अनुसार वह पांच साल से युवती के संपर्क में था। Suvendu Adhikari Oath : बंगाल में बीजेपी के पहले सीएम बनें सुवेंदु अधिकारी, दिलीप घोष और अग्निमित्रा पॉल समेत 5 बने मंत्री इलाके में बढ़ी चिंता, जांच जारी लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों के बाद इलाके में चिंता का माहौल है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और सभी तथ्यों को ध्यान में रखा जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने से बचें और कानून व्यवस्था बनाए रखें। पुलिस का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Nirmala Sapre : जो 300 करोड़ देगा मैं उसी के साथ, बीना विधायक निर्मला सप्रे के बयान से गरमाई सियासत

Nirmala Sapre : सागर। मध्य प्रदेश की राजनीति में बीना विधायक निर्मला सप्रे का नया बयान चर्चा का विषय बन गया है। कांग्रेस से विधायक चुनी गईं निर्मला सप्रे ने दो साल पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में भाजपा की सदस्यता ली थी। तभी से उनकी विधानसभा सदस्यता को लेकर मामला हाई कोर्ट में लंबित है। अब एक बार फिर उन्होंने ऐसा बयान दिया है, जिसने सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। निर्मला सप्रे ने कहा कि “जो 300 करोड़ रुपए देगा और बीना को जिला बनाएगा, मैं उसके साथ हूं।” उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक विश्लेषक अलग-अलग मायने निकाल रहे हैं। जानकारों का कहना है कि इतने बड़े विकास कार्य केवल सरकार के स्तर पर ही संभव हैं। Suvendu Adhikari Oath : बंगाल में बीजेपी के पहले सीएम बनें सुवेंदु अधिकारी, दिलीप घोष और अग्निमित्रा पॉल समेत 5 बने मंत्री सदस्यता मामले पर कोर्ट के फैसले का इंतजार बीना विधायक निर्मला सप्रे से जब उनकी सदस्यता को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने साफ कहा कि मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि जो भी फैसला अदालत देगी, वह उसे स्वीकार करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल इस मुद्दे पर ज्यादा बोलना उचित नहीं होगा। हालांकि, उनके बयान ने यह संकेत जरूर दिया कि वे विकास कार्यों को प्राथमिकता देने की बात कर रही हैं। राजनीतिक हलकों में इसे भाजपा सरकार के समर्थन से जोड़कर देखा जा रहा है। उमंग सिंघार को खुली चुनौती निर्मला सप्रे ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का नाम लेते हुए उन्हें खुली चुनौती भी दी। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस और उमंग सिंघार बीना के विकास के लिए 300 करोड़ रुपए ला सकते हैं और बीना को जिला बना सकते हैं, तो वह उनके साथ जाने के लिए तैयार हैं। इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। विपक्ष इसे भाजपा समर्थक बयान बता रहा है, जबकि समर्थकों का कहना है कि विधायक सिर्फ क्षेत्र के विकास की बात कर रही हैं। Makhanlal Sarkar : कौन हैं माखनलाल सरकार, शॉल ओढ़ाकर पीएम मोदी ने मंच छुएं पैर कांग्रेस पर महिलाओं को दबाने का आरोप निर्मला सप्रे ने कांग्रेस नेताओं पर गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि कुछ लोग नहीं चाहते कि वे एक सक्रिय विधायक के रूप में काम करें। उनके अनुसार महिलाओं को दबाने की राजनीति की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि बीना में पिछले 15 से 20 वर्षों में जितना विकास नहीं हुआ, उससे ज्यादा काम अब हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और प्रभारी मंत्री की मदद से क्षेत्र में 300 करोड़ रुपए के विकास कार्य चल रहे हैं। यही कारण है कि विरोधी परेशान हैं। कांग्रेस ने किया पलटवार निर्मला सप्रे के बयान पर कांग्रेस ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस महासचिव रेखा चौधरी ने कहा कि भाजपा हर चीज को व्यापार की तरह देखती है और अब निर्मला sप्रे की सोच भी वैसी ही हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा वोट की कीमत लगाती है और जनता के जनादेश का मजाक उड़ाती है। कांग्रेस नेता ने कहा कि अगर निर्मला सप्रे और भाजपा खुद को इतना मजबूत मानते हैं, तो उन्हें दोबारा चुनाव लड़ना चाहिए। जनता उन्हें जवाब दे देगी। Tamil Nadu Suspense : आज भी शपथ नहीं ले पाएंगे Thalapathy Vijay, 2 और विधायकों का समर्थन जरूरी राजनीतिक भविष्य पर बनी नजर निर्मला सप्रे का यह बयान ऐसे समय में आया है जब उनकी सदस्यता को लेकर हाई कोर्ट में सुनवाई जारी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मामला मध्य प्रदेश की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है। फिलहाल सबकी नजर कोर्ट के फैसले पर टिकी हुई है। यदि अदालत उनके खिलाफ फैसला देती है, तो बीना विधानसभा सीट पर उपचुनाव की स्थिति भी बन सकती है।
Makhanlal Sarkar : कौन हैं माखनलाल सरकार, शॉल ओढ़ाकर पीएम मोदी ने मंच छुएं पैर

Makhanlal Sarkar : पश्चिम बंगाल। 98 साल की उम्र, आँखों में वही पुराना जज्बा, और सामने देश के प्रधानमंत्री। कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में जब पीएम मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़कर एक बुजुर्ग कार्यकर्ता के पैर छुए, तो पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। लेकिन कौन हैं ये ‘माखनलाल सरकार’, जिनके आगे खुद प्रधानसेवक ने अपना सिर झुकाया? पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। कोलकाता का प्रतिष्ठित ब्रिगेड परेड ग्राउंड सिर्फ एक राजनीतिक रैली का गवाह नहीं बना, बल्कि यहाँ भारतीय राजनीति की एक ऐसी तस्वीर देखने को मिली जिसने करोड़ों लोगों का दिल जीत लिया। मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद थे, हजारों की भीड़ सामने थी, लेकिन पीएम की नजरें एक शख्स को तलाश रही थीं- वो थे माखनलाल सरकार। 98 साल के एक ऐसे तपस्वी कार्यकर्ता, जिन्होंने जनसंघ के दौर से लेकर आज की भाजपा तक का सफर अपने पसीने से सींचा है। आज हम आपको बताएंगे उसी भावुक पल और माखनलाल सरकार के उस महान संघर्ष की कहानी, जिसकी वजह से पीएम मोदी ने उन्हें ‘जीवित विरासत’ का दर्जा दिया। पीएम मोदी ने माखनलाल सरकार को सम्मानपूर्वक ओढ़ाई शॉल कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंच पर पहुंचे तो सभी की निगाहें उनकी ओर थीं। लेकिन कुछ ही पलों बाद उन्होंने ऐसा कदम उठाया, जिसने पूरे समारोह को यादगार बना दिया। प्रधानमंत्री सीधे भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता माखनलाल सरकार के पास पहुंचे और उन्हें सम्मानपूर्वक शॉल ओढ़ाई। इसके बाद उन्होंने झुककर उनका आशीर्वाद लिया। यह दृश्य देखते ही पूरा मैदान तालियों की आवाज से गूंज उठा। Suvendu Adhikari Oath : बंगाल में बीजेपी के पहले सीएम बनें सुवेंदु अधिकारी, दिलीप घोष और अग्निमित्रा पॉल समेत 5 बने मंत्री 98 साल की उम्र में भी प्रेरणा बने माखनलाल सरकार माखनलाल सरकार भाजपा और राष्ट्रवादी विचारधारा से जुड़े सबसे पुराने कार्यकर्ताओं में गिने जाते हैं। 98 साल की उम्र में भी वे पार्टी कार्यक्रमों में सक्रिय दिखाई देते हैं। भाजपा के युवा कार्यकर्ता उन्हें संगठन की जीवित विरासत मानते हैं। उनका जीवन संघर्ष और समर्पण की मिसाल माना जाता है। उन्होंने आजादी के बाद राष्ट्रवादी आंदोलन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। यही वजह है कि पार्टी के भीतर उन्हें बेहद सम्मान के साथ देखा जाता है। Tamil Nadu Suspense : आज भी शपथ नहीं ले पाएंगे Thalapathy Vijay, 2 और विधायकों का समर्थन जरूरी 1952 के तिरंगा आंदोलन से जुड़ी अहम भूमिका साल 1952 में जम्मू-कश्मीर में भारतीय तिरंगा फहराने को लेकर बड़ा आंदोलन चल रहा था। उस समय माखनलाल सरकार जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ आंदोलन में शामिल हुए थे। आंदोलन के दौरान उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था। उस दौर में कश्मीर में अलग कानून और अलग व्यवस्था को लेकर पूरे देश में बहस चल रही थी। ऐसे समय में माखनलाल सरकार जैसे कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रवाद की आवाज को मजबूती दी। PM मोदी के सम्मान ने लोगों को किया भावुक शपथ समारोह में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा माखनलाल सरकार के पैर छूना और उनका आशीर्वाद लेना लोगों को काफी भावुक कर गया। सोशल मीडिया पर इस दृश्य की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। कई लोगों ने इसे राजनीति से ऊपर सम्मान और संस्कार का प्रतीक बताया। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि सार्वजनिक मंच पर इस तरह वरिष्ठ कार्यकर्ता का सम्मान करना एक बड़ा संदेश देता है। इससे पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद मिलती है। Keralam Congress Video : केरल में कांग्रेस नेता का वीडियो वायरल, महिला विधायक को जबरन गले लगाने की कोशिश राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना दृश्य इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजनीतिक हलकों में भी इसकी काफी चर्चा हो रही है। कई नेताओं और सामाजिक संगठनों ने इस दृश्य की सराहना की है। लोगों का कहना है कि आज की राजनीति में ऐसे क्षण कम देखने को मिलते हैं, जहां दशकों पुराने समर्पण को सार्वजनिक रूप से सम्मान दिया जाए। माखनलाल सरकार की कहानी सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं है, बल्कि उस पीढ़ी की कहानी है जिसने देश और विचारधारा के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। यही कारण है कि आज भी उन्हें राष्ट्रवादी आंदोलन के मजबूत स्तंभों में गिना जाता है।
Suvendu Adhikari Oath : बंगाल में बीजेपी के पहले सीएम बनें सुवेंदु अधिकारी, दिलीप घोष और अग्निमित्रा पॉल समेत 5 बने मंत्री

Suvendu Adhikari Oath : कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार का दिन ऐतिहासिक बन गया। भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने राज्य के पहले BJP मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित भव्य समारोह में उन्होंने बांग्ला भाषा में ईश्वर के नाम पर शपथ ग्रहण की। शपथ लेने के बाद सुवेंदु अधिकारी सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास पहुंचे और झुककर उन्हें प्रणाम किया। यह दृश्य समारोह का सबसे चर्चित पल बन गया। कार्यक्रम में भाजपा और NDA के कई बड़े नेता मौजूद रहे। Tamil Nadu Suspense : आज भी शपथ नहीं ले पाएंगे Thalapathy Vijay, 2 और विधायकों का समर्थन जरूरी PM मोदी ने रवींद्रनाथ टैगोर को दी श्रद्धांजलि शपथ समारोह की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती पर श्रद्धांजलि देकर की। इसके बाद उन्होंने भाजपा के 98 वर्षीय कार्यकर्ता माखनलाल सरकार का मंच पर सम्मान किया। प्रधानमंत्री मंच पर पहुंचते ही माखनलाल सरकार के पास गए, उन्हें शॉल पहनाया और सम्मान स्वरूप उनके पैर भी छुए। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने इस दृश्य का तालियों के साथ स्वागत किया। समारोह के अंत में पीएम मोदी ने मंच से जनता को धन्यवाद दिया। इस दौरान वे घुटनों के बल बैठ गए और हाथ जोड़कर लोगों को प्रणाम किया। यह तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। Teacher Candidates Protest : शिक्षक अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज, TRE 4 विज्ञापन में देरी से नाराज छात्र सड़क पर उतरे; फिर मचा वबाल पांच मंत्रियों ने भी ली शपथ पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि ने सुवेंदु अधिकारी के साथ पांच अन्य विधायकों को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई। इनमें दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, खुदीराम टूडू और निषिथ प्रमाणिक शामिल रहे। समारोह में देशभर के 20 भाजपा और NDA शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी मौजूद रहे। भाजपा के लिए यह पल बेहद खास माना जा रहा है क्योंकि पहली बार पार्टी ने पश्चिम बंगाल में सरकार बनाई है। Bengal Politics : बंगाल विधानसभा भंग, राज्यपाल हटा सकते हैं किसी मुख्यमंत्री को! क्या कहता है संविधान? जानिए कौन हैं नए मंत्री दिलीप घोष का लंबा राजनीतिक अनुभव दिलीप घोष खड़गपुर सदर सीट से दूसरी बार विधायक बने हैं। वे पहले मेदिनीपुर लोकसभा सीट से सांसद भी रह चुके हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और महासचिव के रूप में उन्होंने लंबे समय तक संगठन को मजबूत किया। अग्निमित्रा पॉल की लगातार दूसरी जीत अग्निमित्रा पॉल असनसोल दक्षिण सीट से विधायक हैं। वे 2021 में पहली बार विधानसभा पहुंचीं थीं। 2026 चुनाव में उन्होंने दूसरी बार जीत दर्ज की। हालांकि लोकसभा चुनावों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। अशोक कीर्तनिया का मतुआ समुदाय में प्रभाव अशोक कीर्तनिया बनगांव उत्तर सीट से विधायक हैं। वे मतुआ समुदाय से आते हैं और व्यवसाय के साथ राजनीति में भी सक्रिय हैं। खुदीराम टूडू की आदिवासी क्षेत्रों में पकड़ खुदीराम टूडू रानीबांध ST सीट से विधायक हैं। वे पेशे से शिक्षक रहे हैं और लंबे समय से आदिवासी इलाकों में भाजपा संगठन के साथ जुड़े रहे हैं। निषिथ प्रमाणिक का केंद्रीय राजनीति का अनुभव निषिथ प्रमाणिक मथाभांगा सीट से विधायक बने हैं। इससे पहले वे सांसद और केंद्र सरकार में गृह राज्य मंत्री भी रह चुके हैं। आध्यात्मिक जीवन से राजनीति तक का सफर सुवेंदु अधिकारी का जन्म 15 दिसंबर 1970 को पूर्व मेदिनीपुर के कोंतली गांव में हुआ था। बचपन से ही उनका झुकाव आध्यात्म की ओर था। वे हर शनिवार रामकृष्ण मिशन जाया करते थे। परिवार को डर था कि वे संन्यासी न बन जाएं। बताया जाता है कि वे घर में जमा सिक्कों को चुपचाप मिशन में दान कर देते थे। हालांकि बाद में उन्होंने राजनीति का रास्ता चुना और शादी न करने का फैसला किया। छात्र राजनीति से मुख्यमंत्री तक का सफर सुवेंदु अधिकारी ने 1980 के दशक के अंत में छात्र राजनीति से अपना राजनीतिक करियर शुरू किया। उन्होंने कांथी के प्रभात कुमार कॉलेज से राजनीति में सक्रियता बढ़ाई। वे लंबे समय तक तृणमूल कांग्रेस में ममता बनर्जी के करीबी नेताओं में शामिल रहे। 2007 के नंदीग्राम आंदोलन में उनकी बड़ी भूमिका रही। इसी आंदोलन ने बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव लाया। दिसंबर 2020 में उन्होंने TMC छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया। 2021 विधानसभा चुनाव में उन्होंने नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी को हराया। वहीं 2026 चुनाव में भवानीपुर सीट से भी उन्होंने ममता बनर्जी को 15 हजार वोटों से पराजित किया। यहां देखिये फोटो …
TCS Case Update : TCS मतांतरण कांड में बड़ा खुलासा! AIMIM पार्षद के घर छिपी थी मुख्य आरोपी निदा खान, जांच में जुटी NIA

TCS Case Update : महाराष्ट्र। नासिक स्थित TCS कार्यालय में कथित मतांतरण और यौन शोषण मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जानकारी के मुताबिक, TCS मतांतरण मामले की मुख्य आरोपी निदा खान AIMIM पार्षद के घर पर छिपी थी। पुलिस ने अब मतीन पटेल को भी इस केस में सह-आरोपी बना लिया है। 11 मई तक पुलिस हिरासत में निदा खान 27 दिनों से फरार चल रही आरोपी निदा खान को पुलिस ने छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए नासिक कोर्ट ने निदा खान को 11 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। इस गिरफ्तारी के बाद मामले ने अब राजनीतिक रंग भी लेना शुरू कर दिया है। Tamil Nadu Suspense : आज भी शपथ नहीं ले पाएंगे Thalapathy Vijay, 2 और विधायकों का समर्थन जरूरी AIMIM पार्षद पर आरोपी को छिपाने का आरोप जांच में सामने आया है कि निदा खान को छत्रपति संभाजीनगर में AIMIM के पार्षद मतीन पटेल ने कथित रूप से शरण दी थी। पुलिस ने अब मतीन पटेल को भी इस केस में सह-आरोपी बना लिया है। आरोप है कि निदा खान को नारेगांव इलाके में खेतों के बीच बने एक घर में छिपाकर रखा गया था। वहां वह अपने माता-पिता, भाई और मौसी के साथ रह रही थी। पुलिस को शक है कि फरारी के दौरान उसे स्थानीय स्तर पर मदद मिल रही थी। महिलाओं पर धार्मिक दबाव डालने का आरोप पुलिस जांच के अनुसार निदा खान पर आरोप है कि वह TCS नासिक कार्यालय में काम करने वाली महिलाओं पर धर्मांतरण का दबाव बनाती थी। वह कथित तौर पर महिलाओं को हिजाब पहनने और इस्लामी रीति-रिवाज अपनाने के लिए प्रेरित करती थी। जांच में यह भी सामने आया है कि उसने कुछ महिलाओं के मोबाइल फोन पर धार्मिक सामग्री से जुड़े एप और यूट्यूब लिंक भेजे थे। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इन गतिविधियों के पीछे कोई संगठित नेटवर्क तो काम नहीं कर रहा था। Bengal CM Oath : सुवेंदु अधिकारी आज लेंगे बंगाल सीएम पद की शपथ, पीएम मोदी रहेंगे मौजूद विदेशी संपर्क और फंडिंग की जांच तेज मामले में एक विदेशी कनेक्शन भी सामने आया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक निदा खान मलेशिया के इमरान नाम के एक व्यक्ति के संपर्क में थी। जांच एजेंसियों को शक है कि महिलाओं को विदेश भेजने की भी योजना बनाई जा रही थी। इसी वजह से अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और महाराष्ट्र ATS भी मामले की जांच में शामिल हो गई हैं। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपियों के बैंक खातों में पैसा कहां से आ रहा था और उसका उपयोग किन गतिविधियों में किया जा रहा था। कोर्ट से नहीं मिली राहत निदा खान ने गिरफ्तारी से बचने के लिए नासिक कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। उसने खुद को गर्भवती बताते हुए राहत की मांग की थी। हालांकि अदालत ने उसकी याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी। गुरुवार देर रात छत्रपति संभाजीनगर से ट्रांजिट रिमांड लेकर उसे नासिक लाया गया। शुक्रवार को दिनभर पूछताछ के बाद उसे अदालत में पेश किया गया। Teacher Candidates Protest : शिक्षक अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज, TRE 4 विज्ञापन में देरी से नाराज छात्र सड़क पर उतरे; फिर मचा वबाल राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना निदा खान की गिरफ्तारी के बाद यह मामला अब राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। AIMIM पार्षद का नाम सामने आने के बाद विपक्ष और कई संगठनों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा विवाद बन सकता है। वहीं पुलिस और जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं।
Tamil Nadu Suspense : आज भी शपथ नहीं ले पाएंगे Thalapathy Vijay, 2 और विधायकों का समर्थन जरूरी

Thalapathy Vijay Oath : चेन्नई। तमिलनाडु में नई सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक सस्पेंस लगातार गहराता जा रहा है। TVK प्रमुख और अभिनेता विजय ने शुक्रवार को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया। हालांकि, उनके पास बहुमत के लिए जरूरी संख्या पूरी नहीं होने के कारण मामला अभी अटका हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक विजय के पास केवल 116 विधायकों का समर्थन पत्र मौजूद था, जबकि सरकार बनाने के लिए 118 विधायकों का समर्थन जरूरी है। इसी वजह से शनिवार को प्रस्तावित मुख्यमंत्री पद का शपथ ग्रहण समारोह रद्द कर दिया गया। राज्य की राजनीति में इस घटनाक्रम के बाद हलचल तेज हो गई है। Update : बरगी डेम क्रूज हादसा पहुंचा जबलपुर हाईकोर्ट, 13 मौतों के बाद सुरक्षा नियमों पर उठे बड़े सवाल राज्यपाल ने बहुमत साबित करने को कहा विजय इससे पहले भी 6 और 7 मई को सरकार बनाने का दावा पेश कर चुके थे। लेकिन राज्यपाल ने स्पष्ट कर दिया था कि बिना बहुमत के समर्थन के किसी भी दल को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित नहीं किया जा सकता। शुक्रवार को हुई मुलाकात में विजय ने TVK, कांग्रेस, CPI और CPI(M) के कुल 116 विधायकों के समर्थन पत्र सौंपे। हालांकि, IUML और VCK ने अभी तक अपना आधिकारिक समर्थन पत्र नहीं दिया है। दोनों दलों के पास 2-2 विधायक हैं। ऐसे में विजय को बहुमत के लिए सिर्फ 2 और विधायकों की जरूरत है। Bengal CM Oath : सुवेंदु अधिकारी आज लेंगे बंगाल सीएम पद की शपथ, पीएम मोदी रहेंगे मौजूद VCK के रुख ने बढ़ाई चिंता तमिलनाडु की राजनीति में सबसे ज्यादा चर्चा VCK के रुख को लेकर हो रही है। VCK प्रमुख थिरुमावलवन ने शुक्रवार सुबह सार्वजनिक रूप से कहा था कि उनकी पार्टी TVK को समर्थन देगी। इसके बावजूद देर रात तक राज्यपाल को समर्थन का औपचारिक पत्र नहीं सौंपा गया। राज्यपाल कार्यालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार शाम तक उपलब्ध रिकॉर्ड में विजय के पास केवल 116 विधायकों का समर्थन ही दर्ज था। इसी कारण मुख्यमंत्री पद की शपथ एक बार फिर टाल दी गई। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले कुछ घंटे तमिलनाडु की राजनीति के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं। TN New CM : विजय की सरकार बनने का रास्ता साफ, कांग्रेस के बाद इन तीन पार्टियों ने किया सपोर्ट चुनाव परिणाम के बाद तेजी से बदले घटनाक्रम तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे 4 मई को घोषित किए गए थे। विजय की पार्टी TVK ने 234 सीटों में से 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर सामने आई। हालांकि किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। इसके बाद TVK ने सहयोगी दलों के साथ बातचीत शुरू की। कांग्रेस ने सबसे पहले विजय को समर्थन देने की घोषणा की। 6 मई को विधायक दल की बैठक में विजय को नेता चुना गया। उसी दिन उन्होंने 113 विधायकों के समर्थन के साथ राज्यपाल के सामने दावा पेश किया। Keralam Congress Video : केरल में कांग्रेस नेता का वीडियो वायरल, महिला विधायक को जबरन गले लगाने की कोशिश 7 मई को विजय ने एक बार फिर राज्यपाल से मुलाकात की। राज्यपाल ने बहुमत साबित करने के लिए 118 विधायकों का समर्थन दिखाने को कहा। इसके बाद 8 मई को TVK ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया और राज्यपाल को निर्देश देने की मांग की कि सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते उसे सरकार बनाने का मौका दिया जाए। तमिलनाडु में गठबंधन की राजनीति पर नजर तमिलनाडु की मौजूदा स्थिति ने गठबंधन राजनीति को फिर चर्चा में ला दिया है। सभी राजनीतिक दल अब छोटे सहयोगी दलों के फैसलों पर नजर बनाए हुए हैं। यदि VCK और IUML समर्थन पत्र सौंप देते हैं, तो विजय आसानी से बहुमत का आंकड़ा पार कर सकते हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि राज्यपाल का फैसला पूरी तरह संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लिया जा रहा है। वहीं TVK समर्थकों के बीच सरकार गठन में हो रही देरी को लेकर बेचैनी बढ़ती जा रही है।
Bengal CM Oath : सुवेंदु अधिकारी आज लेंगे बंगाल सीएम पद की शपथ, पीएम मोदी रहेंगे मौजूद

Bengal CM Oath Ceremony : कोलकता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी आज मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। शपथ ग्रहण समारोह कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा। यह समारोह राजनीतिक और सांस्कृतिक दोनों दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। भाजपा के लिए यह ऐतिहासिक क्षण है क्योंकि राज्य में पहली बार पार्टी का मुख्यमंत्री बनने जा रहा है। सुवेंदु अधिकारी आज सुबह अपने आवास से समारोह स्थल के लिए रवाना हो चुके हैं। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए देशभर के बड़े नेता कोलकाता पहुंच रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और NDA के कई वरिष्ठ नेता इस समारोह का हिस्सा बनेंगे। Keralam Congress Video : केरल में कांग्रेस नेता का वीडियो वायरल, महिला विधायक को जबरन गले लगाने की कोशिश विधायक दल की बैठक में चुने गए नेता शुक्रवार को कोलकाता के कन्वेंशन सेंटर में भाजपा विधायक दल की बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में सुवेंदु अधिकारी को विधायक दल का नेता चुना गया। बैठक के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने उनके नाम की आधिकारिक घोषणा की। इसके बाद सुवेंदु अधिकारी राज्यपाल से मिलने लोकभवन पहुंचे। वहां उन्होंने सरकार बनाने का दावा पेश किया। राज्यपाल से मुलाकात के बाद शपथ ग्रहण की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में इस फैसले के बाद काफी उत्साह देखने को मिला। बंगाल की संस्कृति से सजा शपथ समारोह ब्रिगेड परेड ग्राउंड को पूरी तरह बंगाल की पारंपरिक थीम पर सजाया गया है। पंडाल में राज्य की लोक संस्कृति की झलक दिखाई दे रही है। यहां ‘छऊ’, ‘बाउल’ और ‘गंभीरा’ जैसी प्रसिद्ध लोक कलाओं को प्रदर्शित किया जाएगा। समारोह स्थल पर रवींद्रनाथ टैगोर और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय जैसी महान हस्तियों के पोस्टर लगाए गए हैं। इसके अलावा दक्षिणेश्वर मंदिर की शैली पर आधारित सजावट भी की गई है। सुंदरबन की थीम को भी पंडाल में शामिल किया गया है, जिससे बंगाल की सांस्कृतिक पहचान साफ नजर आ रही है। Bengaal New CM : शुभेंदु अधिकारी होंगे बंगाल के नए मुख्यमंत्री, कल सुबह 11 बजे लेंगे शपथ खाने-पीने के स्टॉल बने आकर्षण का केंद्र शपथ समारोह में आने वाले लोगों के लिए बंगाल के पारंपरिक व्यंजनों का भी खास इंतजाम किया गया है। मैदान में ‘झालमुड़ी’, ‘रसगुल्ला’ और ‘संदेश’ के स्टॉल लगाए गए हैं। इन स्टॉलों पर लोगों की भारी भीड़ देखने को मिल सकती है। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम में करीब एक लाख लोगों के पहुंचने की संभावना है। भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सभी व्यवस्थाओं को मजबूत किया है। मैदान में वाटरप्रूफ टेंट लगाए गए हैं ताकि मौसम का असर कार्यक्रम पर न पड़े। सुरक्षा के कड़े इंतजाम शपथ ग्रहण समारोह को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। पूरे ब्रिगेड परेड ग्राउंड और आसपास के इलाकों में लगभग 4 हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं। VIP मेहमानों के आने को देखते हुए ट्रैफिक व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। कार्यक्रम स्थल पर कई सुरक्षा जांच केंद्र बनाए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि समारोह को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से पूरा कराने के लिए हर जरूरी कदम उठाया गया है। UP Politics : सपा को लगा बड़ा झटका! राष्ट्रीय सचिव समेत 30 नेता ओपी राजभर की पार्टी में हुए शामिल भाजपा के लिए ऐतिहासिक अवसर पश्चिम बंगाल में भाजपा लंबे समय से अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही थी। सुवेंदु अधिकारी का मुख्यमंत्री बनना पार्टी के लिए बड़ी राजनीतिक उपलब्धि माना जा रहा है। भाजपा समर्थकों के बीच इसको लेकर भारी उत्साह है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव राज्य की राजनीति में नए समीकरण पैदा कर सकता है। आने वाले समय में राज्य की राजनीति पर इसका बड़ा असर देखने को मिल सकता है।