Strait of Hormuz : वांशिगटन डीसी। ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट में गुजरात का एक और मालवाहक जहाज हादसे का शिकार हो गया। ‘हाजी अली’ नाम का जहाज 13 मई की सुबह ओमान के समुद्री क्षेत्र से गुजर रहा था, तभी उससे किसी ड्रोन या मिसाइल जैसे हथियार के टकराने की आशंका जताई गई। टक्कर के बाद जहाज में भीषण आग लग गई और कुछ ही देर में हालात बिगड़ गए।
हालांकि राहत की बात यह रही कि ओमान कोस्टगार्ड ने तेजी से कार्रवाई करते हुए जहाज पर मौजूद सभी 14 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
जहाज मालिक ने बताया कैसे हुआ हादसा
गुजरात के द्वारका निवासी और जहाज मालिक सुलतान अहमद अंसार के मुताबिक MSV हाजी अली जहाज बेरबेरा पोर्ट से शारजाह जा रहा था। सुबह करीब 3:30 बजे ओमान के समुद्री तट के पास जहाज हादसे का शिकार हुआ।
क्रू मेंबर्स ने बताया कि अचानक किसी विस्फोटक जैसी चीज के टकराने की तेज आवाज सुनाई दी। इसके तुरंत बाद जहाज में आग लग गई। आग तेजी से फैलने लगी तो सभी क्रू सदस्यों ने लाइफ बोट के जरिए जहाज छोड़ दिया। बाद में ओमान कोस्टगार्ड ने उन्हें सुरक्षित बचा लिया।
इससे पहले भी गुजराती जहाज पर हुआ था हमला
यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले 7 मई को गुजरात के द्वारका का मालवाहक जहाज MSV AL फैज नूरे सुलेमानी-I भी होर्मुज स्ट्रेट में फायरिंग की चपेट में आ गया था। उस समय अमेरिका और ईरान की नौसेनाओं के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई थी।
लगातार दूसरी घटना के बाद भारतीय जहाजों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। समुद्री व्यापार से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब व्यापारिक जहाजों पर भी साफ दिखाई दे रहा है।
भारत सरकार ने जताई चिंता
भारत के विदेश मंत्रालय ने इस घटना पर बयान जारी करते हुए कहा कि व्यापारिक जहाजों पर हमला किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। मंत्रालय ने ओमान सरकार और कोस्टगार्ड का धन्यवाद किया, जिन्होंने भारतीय क्रू मेंबर्स की जान बचाई।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि समुद्री व्यापार और नागरिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही अंतरराष्ट्रीय नियमों का हिस्सा है। आम नागरिकों की जान को खतरे में डालना गंभीर चिंता का विषय है।
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ईरान और UAE के बीच बढ़ा तनाव
इस बीच ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने संयुक्त अरब अमीरात यानी United Arab Emirates पर गंभीर आरोप लगाए हैं। नई दिल्ली में BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि UAE ने अपनी जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ हमलों के लिए होने दिया।
अराघची ने कहा कि इजराइल के साथ गठबंधन के बावजूद UAE खुद को सुरक्षित नहीं रख सका। उन्होंने UAE से ईरान के खिलाफ अपनी नीतियों पर दोबारा विचार करने की अपील की।
अमेरिका और चीन की परमाणु मुद्दे पर सहमति
संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन ने भी ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया है। व्हाइट हाउस के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) इस बात पर सहमत हुए कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए। दोनों नेताओं ने होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने और ऊर्जा सप्लाई को प्रभावित न होने देने पर भी जोर दिया। यह बातचीत ट्रम्प के चीन दौरे के दौरान हुई।
होर्मुज संकट से वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। दुनिया की बड़ी तेल और गैस सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है। मौजूदा तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में चिंता बढ़ गई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक यूरोप में जेट फ्यूल की सप्लाई में भारी गिरावट दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर हालात जल्द नहीं सुधरे तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल और गैस की कीमतों पर बड़ा असर पड़ सकता है।
BRICS बैठक में ईरान का बड़ा बयान
नई दिल्ली में हुई BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक में ईरान ने अमेरिका और इजराइल पर गैर-गैरकानूनी हमलों का आरोप लगाया। ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि पिछले एक साल में ईरान पर दो बार हमला किया गया और इसके लिए गलत वजहें पेश की गईं।
उन्होंने कहा कि युद्ध और दबाव की राजनीति से पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ रही है। ईरान का दावा है कि मौजूदा हालात का असर सिर्फ मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और व्यापार प्रभावित हो सकता है।