NEET Paper Leak 2026 : नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET 2026 पेपर लीक मामले में जांच लगातार तेज होती जा रही है। अब तक तीन राज्यों से कुल 7 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। इनमें महाराष्ट्र और राजस्थान से 3-3 आरोपी शामिल हैं, जबकि हरियाणा से एक युवक को पकड़ा गया है। मामले की जांच अब CBI कर रही है और एजेंसी लगातार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। इस पूरे विवाद के बाद देशभर के लाखों छात्रों और अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है।
महाराष्ट्र और राजस्थान से कई आरोपी गिरफ्तार
महाराष्ट्र के पुणे से पुलिस ने मनीषा वाघमारे नाम की एक महिला को पकड़ा है, जो पेशे से ब्यूटीशियन बताई जा रही है। इसके अलावा अहिल्यानगर से धनंजय निवृत्ति लोखंडे को भी हिरासत में लिया गया है। इससे पहले नासिक से शुभम खैरनार को पकड़ा गया था। वहीं राजस्थान से सीकर के कंसल्टेंसी संचालक राकेश मंडवरिया और दो भाई दिनेश बिवाल तथा मांगीलाल बिवाल को हिरासत में लिया गया है।
राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप यानी SOG का दावा है कि लीक हुआ पेपर करीब एक हजार उम्मीदवारों तक पहुंचा था। पुलिस का कहना है कि यह नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ था।
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गुरुग्राम से BAMS छात्र हिरासत में
राजस्थान SOG ने हरियाणा के गुरुग्राम से BAMS फर्स्ट ईयर के छात्र यश यादव को भी हिरासत में लिया है। पुलिस को शक है कि वह पेपर लीक नेटवर्क का हिस्सा था। यश से लगातार पूछताछ की जा रही है और उसके मोबाइल व डिजिटल रिकॉर्ड की जांच हो रही है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि इससे नेटवर्क के कई और लोगों का पता चल सकता है।
सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला
NEET UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन यानी FAIMA ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में दोबारा परीक्षा कराने की मांग की गई है। संगठन ने कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA की कार्यप्रणाली पर अब भरोसा नहीं बचा है। इसलिए एजेंसी की मौजूदा व्यवस्था में बदलाव जरूरी है।
NTA ने 12 मई को आधिकारिक रूप से माना कि परीक्षा में गड़बड़ी हुई थी। इसके बाद परीक्षा रद्द कर दी गई। यह परीक्षा 3 मई को हुई थी, जिसमें करीब 22.79 लाख छात्र शामिल हुए थे।
NTA ने दोबारा परीक्षा का किया ऐलान
NTA के डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह ने कहा कि परीक्षा में हुई गड़बड़ी के लिए एजेंसी जिम्मेदार है। उन्होंने बताया कि दोबारा परीक्षा कराई जाएगी और नई तारीख जल्द घोषित की जाएगी। NTA ने छात्रों के लिए 6 बड़े फैसले भी लिए हैं।
छात्रों को दोबारा आवेदन नहीं करना होगा और कोई अतिरिक्त फीस भी नहीं देनी पड़ेगी। पहले से जमा परीक्षा शुल्क वापस किया जाएगा। नए एडमिट कार्ड जारी होंगे, लेकिन परीक्षा केंद्र नहीं बदले जाएंगे। इन फैसलों के बाद छात्रों को कुछ राहत जरूर मिली है।
कैसे लीक हुआ NEET का पेपर
जांच एजेंसियों के अनुसार NEET का पेपर एक कथित ‘क्वेश्चन बैंक’ के जरिए लीक हुआ। इसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के 300 से ज्यादा सवाल थे। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इनमें से करीब 150 सवाल हूबहू परीक्षा में आए।
जानकारी के मुताबिक यह क्वेश्चन बैंक सबसे पहले केरल में पढ़ रहे एक MBBS छात्र ने राजस्थान के सीकर में अपने दोस्त को भेजा। इसके बाद यह कई छात्रों, पीजी संचालकों और करियर काउंसलर्स तक पहुंच गया। सोशल मीडिया और वॉट्सऐप पर इसे बड़ी संख्या में शेयर किया गया।
एक ही हैंडराइटिंग में मिले सवाल
जांच में सामने आया कि पूरे क्वेश्चन बैंक में एक जैसी हैंडराइटिंग थी। इससे जांच एजेंसियों को शक है कि सवाल किसी संगठित नेटवर्क द्वारा तैयार किए गए थे। एक्सपर्ट्स का कहना है कि किसी कोचिंग मटेरियल से कुछ सवाल मैच होना सामान्य बात हो सकती है, लेकिन 150 सवालों का हूबहू मिलना बेहद गंभीर मामला है।
इस पेपर में कुल 180 सवाल हल करने होते हैं। यानी 720 में से लगभग 600 नंबर के सवाल कथित क्वेश्चन बैंक से जुड़े पाए गए। इससे परीक्षा की विश्वसनीयता पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
बड़े लोगों को बचाने का आरोप
राजस्थान से पकड़े गए आरोपी भाइयों ने दावा किया है कि इस मामले में कई बड़े लोगों को बचाया जा रहा है। पुलिस अब आरोपियों की संपत्ति और आर्थिक लेन-देन की भी जांच कर रही है। शुरुआती जांच में लग्जरी कारों और फार्महाउस जैसी संपत्तियों की जानकारी सामने आई है। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल था।
NEET विवादों का लंबा इतिहास
NEET परीक्षा पहले भी कई बार विवादों में रह चुकी है। साल 2024 में भी पेपर लीक और ग्रेस मार्क्स को लेकर बड़ा विवाद हुआ था। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था। इसके अलावा 2019 में फर्जी उम्मीदवारों से परीक्षा दिलाने का मामला सामने आया था। 2022 में परीक्षा केंद्रों पर छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार को लेकर विरोध हुआ था।
लगातार हो रहे विवादों के बाद केंद्र सरकार ने राधाकृष्णन पैनल का गठन किया था। पैनल ने सुझाव दिया था कि ज्यादा परीक्षाएं ऑनलाइन हों और परीक्षा केंद्रों की आउटसोर्सिंग कम की जाए।
मेडिकल एडमिशन के लिए सबसे बड़ी परीक्षा
NEET भारत की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा है। इसके जरिए MBBS, BDS, BAMS, BHMS और नर्सिंग जैसे कोर्सों में दाखिला मिलता है। देशभर में एक लाख से ज्यादा MBBS सीटें और करीब 27 हजार BDS सीटें इसी परीक्षा के माध्यम से भरी जाती हैं। AIIMS और JIPMER जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एडमिशन भी NEET के जरिए होता है।