Aayudh

SIR Announced : 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में होगा SIR, 30 मई से 23 दिसंबर के बीच होगा वेरिफिकेशन

3rd Phase SIR Announced

3rd Phase SIR Announced : नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश जारी किया है। आयोग ने बताया कि SIR के तीसरे चरण का कार्यक्रम जनगणना की चल रही हाउस लिस्टिंग और साझा फील्ड मशीनरी को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इस अभियान का मकसद मतदाता सूची को पूरी तरह अपडेट और पारदर्शी बनाना है। इसके जरिए नए मतदाताओं को सूची में जोड़ा जाएगा और अयोग्य या फर्जी नाम हटाए जाएंगे। तीन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अभी नहीं होगा SIR चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है that हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में फिलहाल SIR प्रक्रिया नहीं कराई जाएगी। आयोग के अनुसार इन क्षेत्रों में मौसम की कठिन परिस्थितियों और जनगणना के दूसरे चरण को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। विशेष रूप से ऊपरी और बर्फ से ढके इलाकों में काम करना चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। आयोग ने कहा कि हालात सामान्य होने और जनगणना प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन क्षेत्रों के लिए अलग से कार्यक्रम घोषित किया जाएगा। Strait of Hormuz : होर्मुज स्ट्रेट में गुजरात का मालवाहक जहाज डूबा, ईरान युद्ध के बीच बढ़ा समुद्री तनाव राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। आयोग ने कहा कि SIR एक सहभागी प्रक्रिया है, जिसमें मतदाता, राजनीतिक दल और चुनाव अधिकारी सभी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आयोग ने पार्टियों से प्रत्येक मतदान केंद्र पर बूथ लेवल एजेंट यानी BLA नियुक्त करने को कहा है। इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी और सभी दलों की भागीदारी सुनिश्चित होगी। लाखों BLO और BLA करेंगे काम आयोग के अनुसार पहले और दूसरे चरण में 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 59 करोड़ मतदाताओं को कवर किया गया था। इस दौरान 6.3 लाख से ज्यादा बूथ लेवल अधिकारी यानी BLO और 9.2 लाख बूथ लेवल एजेंट यानी BLA ने काम किया। BLO घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करते हैं। वे नए वोटरों के फॉर्म भरवाने, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने और सूची में हुई गलतियों को सुधारने का काम करते हैं। Bengal Violence Case : चुनावी हिंसा मामले में हाईकोर्ट में ममता ने की पैरवी, बाहर निकलते ही लगे ‘बुआ-भतीजा चोर’ के नारे इन राज्यों में पहले ही पूरी हो चुकी है प्रक्रिया आयोग ने बताया कि बिहार, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, छत्तीसगढ़, गोवा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा लक्षद्वीप में SIR की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। वहीं, असम में विशेष पुनरीक्षण यानी SR कराया गया था। इन राज्यों में मतदाता सूची को अपडेट करने के बाद चुनावी प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने का दावा किया गया। SIR क्या है और क्यों जरूरी है विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR चुनाव आयोग की एक विशेष प्रक्रिया है, जिसके जरिए मतदाता सूची को सही और अद्यतन बनाया जाता है। इसमें 18 साल पूरे कर चुके नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाते हैं। इसके अलावा जिन लोगों की मृत्यु हो चुकी है या जो दूसरे स्थान पर शिफ्ट हो गए हैं, उनके नाम हटाए जाते हैं। सूची में नाम, पता और अन्य जानकारियों में हुई गलतियों को भी सुधारा जाता है। Dewas Factory Blast : देवास पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट में 3 की मौत 12 गंभीर, झुलसे लोगों की स्किन से चिपके कपड़े लोकतंत्र को मजबूत बनाने की कोशिश चुनाव आयोग का कहना है कि साफ और सटीक मतदाता सूची लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण जरूरतों में से एक है। आयोग चाहता है कि कोई भी योग्य नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे और कोई भी अयोग्य व्यक्ति सूची में शामिल न हो। इसी उद्देश्य के साथ देशभर में बड़े स्तर पर यह अभियान चलाया जा रहा है, ताकि आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों में मतदाता सूची पूरी तरह विश्वसनीय रहे।

Strait of Hormuz : होर्मुज स्ट्रेट में गुजरात का मालवाहक जहाज डूबा, ईरान युद्ध के बीच बढ़ा समुद्री तनाव

Strait of Hormuz

Strait of Hormuz : वांशिगटन डीसी। ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट में गुजरात का एक और मालवाहक जहाज हादसे का शिकार हो गया। ‘हाजी अली’ नाम का जहाज 13 मई की सुबह ओमान के समुद्री क्षेत्र से गुजर रहा था, तभी उससे किसी ड्रोन या मिसाइल जैसे हथियार के टकराने की आशंका जताई गई। टक्कर के बाद जहाज में भीषण आग लग गई और कुछ ही देर में हालात बिगड़ गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि ओमान कोस्टगार्ड ने तेजी से कार्रवाई करते हुए जहाज पर मौजूद सभी 14 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। जहाज मालिक ने बताया कैसे हुआ हादसा गुजरात के द्वारका निवासी और जहाज मालिक सुलतान अहमद अंसार के मुताबिक MSV हाजी अली जहाज बेरबेरा पोर्ट से शारजाह जा रहा था। सुबह करीब 3:30 बजे ओमान के समुद्री तट के पास जहाज हादसे का शिकार हुआ। क्रू मेंबर्स ने बताया कि अचानक किसी विस्फोटक जैसी चीज के टकराने की तेज आवाज सुनाई दी। इसके तुरंत बाद जहाज में आग लग गई। आग तेजी से फैलने लगी तो सभी क्रू सदस्यों ने लाइफ बोट के जरिए जहाज छोड़ दिया। बाद में ओमान कोस्टगार्ड ने उन्हें सुरक्षित बचा लिया। Bengal Violence Case : चुनावी हिंसा मामले में हाईकोर्ट में ममता ने की पैरवी, बाहर निकलते ही लगे ‘बुआ-भतीजा चोर’ के नारे इससे पहले भी गुजराती जहाज पर हुआ था हमला यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले 7 मई को गुजरात के द्वारका का मालवाहक जहाज MSV AL फैज नूरे सुलेमानी-I भी होर्मुज स्ट्रेट में फायरिंग की चपेट में आ गया था। उस समय अमेरिका और ईरान की नौसेनाओं के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई थी। लगातार दूसरी घटना के बाद भारतीय जहाजों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। समुद्री व्यापार से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब व्यापारिक जहाजों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। भारत सरकार ने जताई चिंता भारत के विदेश मंत्रालय ने इस घटना पर बयान जारी करते हुए कहा कि व्यापारिक जहाजों पर हमला किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। मंत्रालय ने ओमान सरकार और कोस्टगार्ड का धन्यवाद किया, जिन्होंने भारतीय क्रू मेंबर्स की जान बचाई। विदेश मंत्रालय ने कहा कि समुद्री व्यापार और नागरिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही अंतरराष्ट्रीय नियमों का हिस्सा है। आम नागरिकों की जान को खतरे में डालना गंभीर चिंता का विषय है। Iran US War Update : ईरान-अमेरिका तनाव फिर बढ़ा! ईरान बोला- अब पीछे हटने की कोई गुंजाइश नहीं ईरान और UAE के बीच बढ़ा तनाव इस बीच ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने संयुक्त अरब अमीरात यानी United Arab Emirates पर गंभीर आरोप लगाए हैं। नई दिल्ली में BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि UAE ने अपनी जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ हमलों के लिए होने दिया। अराघची ने कहा कि इजराइल के साथ गठबंधन के बावजूद UAE खुद को सुरक्षित नहीं रख सका। उन्होंने UAE से ईरान के खिलाफ अपनी नीतियों पर दोबारा विचार करने की अपील की। अमेरिका और चीन की परमाणु मुद्दे पर सहमति संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन ने भी ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया है। व्हाइट हाउस के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) इस बात पर सहमत हुए कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए। दोनों नेताओं ने होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने और ऊर्जा सप्लाई को प्रभावित न होने देने पर भी जोर दिया। यह बातचीत ट्रम्प के चीन दौरे के दौरान हुई। होर्मुज संकट से वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। दुनिया की बड़ी तेल और गैस सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है। मौजूदा तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में चिंता बढ़ गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यूरोप में जेट फ्यूल की सप्लाई में भारी गिरावट दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर हालात जल्द नहीं सुधरे तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल और गैस की कीमतों पर बड़ा असर पड़ सकता है। NEET Paper Leak 2026 : NEET पेपर लीक मामले में अब तक 7 गिरफ्तार, राजस्थान में 1000 कैंडिडेट्स तक पहुंचा पेपर! BRICS बैठक में ईरान का बड़ा बयान नई दिल्ली में हुई BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक में ईरान ने अमेरिका और इजराइल पर गैर-गैरकानूनी हमलों का आरोप लगाया। ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि पिछले एक साल में ईरान पर दो बार हमला किया गया और इसके लिए गलत वजहें पेश की गईं। उन्होंने कहा कि युद्ध और दबाव की राजनीति से पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ रही है। ईरान का दावा है कि मौजूदा हालात का असर सिर्फ मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और व्यापार प्रभावित हो सकता है।

Bengal Violence Case : चुनावी हिंसा मामले में हाईकोर्ट में ममता ने की पैरवी, बाहर निकलते ही लगे ‘बुआ-भतीजा चोर’ के नारे

Bengal Violence Case

Bengal Violence Case : कोलकाता। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख Mamata Banerjee एक बार फिर वकील के अंदाज में नजर आईं। गुरुवार को उन्होंने काला कोट पहनकर कलकत्ता हाई कोर्ट (Calcutta High Court) में अपनी दलीलें पेश कीं। ममता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुजॉय पाल और जस्टिस पार्थसारथी सेन की बेंच के सामने पेश हुईं। यह मामला हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के बाद सामने आई हिंसा से जुड़ी जनहित याचिका का था। कोर्ट में ममता ने राज्य में हुई हिंसा, आगजनी और बुलडोजर कार्रवाई का मुद्दा उठाया। चुनावी हिंसा और FIR दर्ज नहीं होने का आरोप सुनवाई के दौरान ममता बनर्जी ने अदालत को बताया कि विधानसभा चुनावों के बाद राज्य में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में पुलिस FIR दर्ज करने की अनुमति नहीं दे रही है। ममता ने तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हमलों, आगजनी और हत्याओं का मुद्दा उठाते हुए कोर्ट से सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों को न्याय मिलना चाहिए और हिंसा की घटनाओं की स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए। Bhopal Fake Currency : नकली नोट मामले में बड़ा खुलासा! BSF से बर्खास्त जवान के भाई पर नेटवर्क चलाने का आरोप कोर्ट परिसर में लगे नारे सुनवाई खत्म होने के बाद जब ममता बनर्जी कोर्ट रूम से बाहर निकलीं, तब हाईकोर्ट के गलियारों में मौजूद कुछ वकीलों और लोगों ने उन्हें घेर लिया। इस दौरान ‘बुआ चोर-भतीजे चोर’ के नारे लगाए गए। इस घटना के बाद कोर्ट परिसर में कुछ देर के लिए हलचल का माहौल बन गया। हालांकि सुरक्षा कर्मियों ने स्थिति को संभाल लिया। इस घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। याचिका में TMC कार्यकर्ताओं पर हमलों का दावा यह जनहित याचिका उत्तरपारा विधानसभा सीट से चुनाव हारने वाले उम्मीदवार शीर्षान्य बंद्योपाध्याय की ओर से दायर की गई थी। 12 मई को दाखिल इस याचिका में दावा किया गया है कि चुनाव के बाद कई तृणमूल कांग्रेस समर्थकों और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया। याचिका में यह भी कहा गया कि कई लोगों को अपनी जान बचाने के लिए घर छोड़ने पड़े। साथ ही आरोप लगाया गया कि प्रशासन ने शिकायतों पर उचित कार्रवाई नहीं की। Sajjan Singh Yadav : सैकड़ों वाहनों की रैली के बाद सज्जन सिंह यादव की नियुक्ति निरस्त, हेमंत खंडेलवाल का बड़ा एक्शन सुप्रीम कोर्ट में भी रख चुकी हैं दलीलें यह पहली बार नहीं है जब ममता बनर्जी ने अदालत में खुद अपना पक्ष रखा हो। इससे पहले फरवरी में Supreme Court of India में पश्चिम बंगाल के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) मामले की सुनवाई के दौरान भी उन्होंने दलीलें पेश की थीं। उस समय ममता ने करीब 13 मिनट तक अदालत के सामने अपनी बात रखी थी। उन्होंने कहा था कि उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है। सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में यह पहला मौका माना गया था जब किसी राज्य के मौजूदा मुख्यमंत्री ने खुद अदालत में पेश होकर दलीलें रखीं। ममता बनर्जी की है कानून की पढ़ाई ममता बनर्जी ने राजनीति में आने से पहले कानून की पढ़ाई की थी। उनके चुनावी हलफनामे के अनुसार उन्होंने कोलकाता यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करने के बाद जोगेश चंद्र चौधरी कॉलेज से LLB की डिग्री हासिल की थी। 1980 के दशक में उन्होंने कलकत्ता हाईकोर्ट में वकालत भी की थी। हालांकि बाद में वे पूरी तरह सक्रिय राजनीति में आ गईं। कानूनी प्रक्रियाओं और संवैधानिक मामलों की उनकी समझ को लेकर अक्सर चर्चा होती रही है। NEET Paper Leak 2026 : NEET पेपर लीक मामले में अब तक 7 गिरफ्तार, राजस्थान में 1000 कैंडिडेट्स तक पहुंचा पेपर! चुनावी हिंसा पर TMC और भाजपा के अलग-अलग दावे पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा का मुद्दा लगातार राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है। भाजपा का दावा है कि चुनाव के बाद उसके कई कार्यकर्ताओं की हत्या की गई। वहीं TMC का कहना है कि उसके कार्यकर्ता भी हिंसा का शिकार हुए हैं। तृणमूल कांग्रेस के मुताबिक चुनाव बाद हिंसा की 2,000 से ज्यादा शिकायतें सामने आईं, लेकिन कई मामलों में FIR दर्ज नहीं की गई। दोनों दल एक-दूसरे पर हिंसा भड़काने के आरोप लगा रहे हैं।

Bhopal Fake Currency : नकली नोट मामले में बड़ा खुलासा! BSF से बर्खास्त जवान के भाई पर नेटवर्क चलाने का आरोप

Bhopal Fake Currency

Bhopal Fake Currency : मध्य प्रदेश। भोपाल में पकड़े गए नकली नोट नेटवर्क मामले में जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। गिरफ्तार आरोपी सैफुल इस्लाम से पूछताछ के बाद भोपाल पुलिस जांच के लिए पश्चिम बंगाल पहुंची है। पुलिस को शक है कि यह फर्जी करेंसी नेटवर्क कई राज्यों में सक्रिय था और सीमा पार से संचालित किया जा रहा था। जांच एजेंसियों के अनुसार इस नेटवर्क के तार बांग्लादेश सीमा और अंतरराज्यीय गिरोहों से जुड़े हो सकते हैं। मामले ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। पूछताछ में सामने आया शरीफ उल इस्लाम का नाम पुलिस पूछताछ में आरोपी सैफुल इस्लाम ने शरीफ उल इस्लाम का नाम बताया है। जांच में सामने आया कि शरीफ उल इस्लाम इस पूरे नेटवर्क का कथित मास्टरमाइंड हो सकता है। पुलिस अब उसके ठिकानों और संपर्कों की जांच कर रही है। जानकारी के मुताबिक शरीफ उल इस्लाम अपने भाई समीर की मदद से कई राज्यों में नकली नोट खपा रहा था। पुलिस को शक है कि यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और बड़ी मात्रा में फर्जी करेंसी बाजार में पहुंचाई जा रही थी। Bhopal Fake Currency : भोपाल में नकली नोटों का बड़ा नेटवर्क बेनकाब, बंगाल के आरोपी से विदेशी कनेक्शन के सुराग BSF में तैनात रहा भाई समीर जांच में यह भी सामने आया है कि शरीफ उल इस्लाम का भाई समीर पहले सीमा सुरक्षा बल यानी BSF में पदस्थ था। बताया जा रहा है कि समीर बांग्लादेश सीमा पर तैनात था। मामले का खुलासा होने के बाद उसे BSF से बर्खास्त कर दिया गया था। पुलिस को आशंका है कि सीमा क्षेत्र में तैनाती का फायदा उठाकर नेटवर्क ने नकली नोटों की सप्लाई को आसान बनाया। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि नेटवर्क कितने समय से सक्रिय था और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल थे। 2018 के कर्नाटक केस से भी जुड़े तार जांच के दौरान यह भी जानकारी सामने आई है कि साल 2018 में कर्नाटक में सामने आए नकली नोट मामले में भी शरीफ उल इस्लाम और उसके भाई समीर का नाम आया था। इससे पुलिस को शक है कि यह गिरोह लंबे समय से अलग-अलग राज्यों में सक्रिय रहा है। अब भोपाल पुलिस पुराने रिकॉर्ड और अन्य राज्यों की जांच एजेंसियों से भी संपर्क कर रही है ताकि नेटवर्क की पूरी गतिविधियों का पता लगाया जा सके। Sajjan Singh Yadav : सैकड़ों वाहनों की रैली के बाद सज्जन सिंह यादव की नियुक्ति निरस्त, हेमंत खंडेलवाल का बड़ा एक्शन पाकिस्तान से बांग्लादेश के रास्ते भारत पहुंचने की आशंका जांच एजेंसियों को आशंका है कि फर्जी करेंसी पाकिस्तान में छापी जाती थी और फिर बांग्लादेश के रास्ते भारत पहुंचाई जाती थी। इसके बाद नेटवर्क के जरिए इन नकली नोटों को अलग-अलग राज्यों में खपाया जाता था। हालांकि इस एंगल की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां इस दिशा में गंभीरता से जांच कर रही हैं। सीमा पार से जुड़े मामलों को देखते हुए केंद्रीय एजेंसियों की भी नजर इस केस पर बनी हुई है। Dewas Factory Blast : देवास पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट में 3 की मौत 12 गंभीर, झुलसे लोगों की स्किन से चिपके कपड़े नकली नोटों के साथ भोपाल में पकड़ा था आरोपी भोपाल पुलिस ने आरोपी सैफुल इस्लाम को 1 लाख 40 हजार रुपए की नकली करेंसी के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान मिले इनपुट के बाद जांच का दायरा बढ़ा दिया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि भोपाल समेत मध्य प्रदेश के किन-किन इलाकों में यह नकली नोट पहुंचाए गए थे। अधिकारियों का कहना है कि मामले में जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की वित्तीय और तकनीकी जानकारी जुटाने में लगी हुई हैं।

Sajjan Singh Yadav : सैकड़ों वाहनों की रैली के बाद सज्जन सिंह यादव की नियुक्ति निरस्त, हेमंत खंडेलवाल का बड़ा एक्शन

Sajjan Singh Yadav

Sajjan Singh Yadav : भोपाल। भिंड में बीजेपी संगठन ने बड़ा कदम उठाते हुए किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष सज्जन सिंह यादव की नियुक्ति निरस्त कर दी है। यह कार्रवाई ग्वालियर से भिंड तक निकाली गई सैकड़ों वाहनों की रैली के बाद की गई। पार्टी संगठन ने इस मामले को अनुशासनहीनता से जोड़ते हुए सख्त रुख अपनाया है। राजनीतिक गलियारों में इस कार्रवाई को बीजेपी संगठन के अनुशासन और संदेश की गंभीरता से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी ने साफ संकेत दिए हैं कि संगठनात्मक निर्देशों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। Dewas Factory Blast : देवास पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट में 8-10 लोगों की मौत की सूचना, झुलसे लोगों की स्किन से चिपके कपड़े वाहन रैली बनी कार्रवाई की वजह जानकारी के मुताबिक किसान मोर्चा की ओर से ग्वालियर से भिंड तक बड़ी वाहन रैली निकाली गई थी। इस रैली में सैकड़ों वाहन शामिल हुए। पार्टी के भीतर इसे लेकर नाराजगी थी, क्योंकि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऊर्जा बचत और ईंधन संरक्षण को लेकर अपील कर चुके हैं। बताया जा रहा है कि इसी मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए बीजेपी प्रदेश संगठन ने कार्रवाई की। संगठन का मानना था कि इस तरह की भव्य वाहन रैली पार्टी की सार्वजनिक अपील और अनुशासनात्मक संदेश के खिलाफ है। Weather Update : मौसम का डबल अटैक, यूपी में आंधी-तूफान से 94 मौतें; राजस्थान और मध्य प्रदेश में हीटवेव का कहर हेमंत खंडेलवाल के निर्देश पर हुई कार्रवाई सूत्रों के अनुसार बीजेपी प्रदेश संगठन महामंत्री हेमंत खंडेलवाल के निर्देश पर सज्जन सिंह यादव को पद से हटाया गया। पार्टी ने इसे संगठनात्मक अनुशासन का मामला माना है। हालांकि अभी तक पार्टी की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन संगठन के भीतर इस कार्रवाई को सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। Saubhagya Singh Video Viral : PM मोदी की अपील भूले नेता! सैकड़ों गाड़ियों के काफिले साथ पदभार ग्रहण करने पहुंचे सौभाग्य सिंह राजनीतिक जानकारों का कहना है कि बीजेपी आगामी चुनावी रणनीति और संगठनात्मक छवि को लेकर बेहद सतर्क दिखाई दे रही है। ऐसे में पार्टी नेतृत्व सार्वजनिक गतिविधियों और नेताओं के व्यवहार पर करीबी नजर बनाए हुए है।

Dewas Factory Blast : देवास पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट में 3 की मौत 12 गंभीर, झुलसे लोगों की स्किन से चिपके कपड़े

Dewas Factory Blast

Dewas Factory Blast : मध्य प्रदेश। देवास के टोंककला इलाके में गुरुवार सुबह हुए भीषण पटाखा फैक्ट्री विस्फोट ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। सुबह करीब 11:30 बजे हुए धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। विस्फोट इतना तेज था कि आसपास के मकानों की दीवारें तक हिल गईं। शुरुआती जानकारी के अनुसार हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई है। कलेक्टर ने मौतों की पुष्टि की है। एक दर्जन से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घटनास्थल पर पहुंचा प्रशासनिक अमला हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। उज्जैन संभाग आयुक्त आशीष सिंह, देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह और उज्जैन DIG नवनीत भसीन मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य की निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों ने घायलों को तत्काल बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। घटनास्थल की घेराबंदी कर दी गई है ताकि फॉरेंसिक टीम और जांच एजेंसियां सबूत जुटा सकें। प्रशासन अब यह भी जांच कर रहा है कि रिहायशी इलाके के भीतर इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री रखने की अनुमति कैसे दी गई। NEET Paper Leak 2026 : NEET पेपर लीक मामले में अब तक 7 गिरफ्तार, राजस्थान में 1000 कैंडिडेट्स तक पहुंचा पेपर! सड़क पर बिखरे शवों के टुकड़े, लोगों में दहशत प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार धमाका बेहद भयावह था। विस्फोट के बाद सड़क पर मांस के चिथड़े और शरीर के टुकड़े बिखरे पड़े थे। कई शवों के टुकड़े 20 से 25 फीट दूर तक जा गिरे। हादसे के बाद पूरे इलाके में चीख-पुकार और भगदड़ का माहौल बन गया। कई घायल मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। कुछ लोग बदहवास हालत में खुद पैदल फैक्ट्री से बाहर निकलते दिखाई दिए। कई घायलों के कपड़े उनकी त्वचा से चिपक गए थे। घायलों को तुरंत जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। फैक्ट्री में बड़ी संख्या में महिलाएं करती थीं काम स्थानीय लोगों के मुताबिक फैक्ट्री में करीब 200 से ज्यादा महिलाएं काम करती थीं। वहीं कुल मजदूरों की संख्या 400 से 500 के बीच बताई जा रही है। हादसे के बाद तीन महिलाओं के लापता होने की भी सूचना सामने आई है। प्रशासन उनकी तलाश में जुटा हुआ है। इलाके के लोगों का कहना है कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी की जा रही थी। ग्रामीणों का आरोप है कि खुले में बारूद रखकर पटाखे बनाए जाते थे, जिससे हमेशा हादसे का खतरा बना रहता था। Iran US War Update : ईरान-अमेरिका तनाव फिर बढ़ा! ईरान बोला- अब पीछे हटने की कोई गुंजाइश नहीं ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप घटना के बाद ग्रामीणों में भारी गुस्सा देखने को मिला। लोगों नेआरोप लगाया कि फैक्ट्री अवैध तरीके से संचालित हो रही थी। कई बार शिकायतें करने के बावजूद जिम्मेदार विभागों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। ग्रामीणों ने फैक्ट्री मालिक अनिल मालवीय पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। लोगों का दावा है कि फैक्ट्री को राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ था। खुले में बारूद मिलने से बढ़े सवाल हादसे के बाद घटनास्थल पर भारी मात्रा में खुले में बारूद पड़े होने की बात सामने आई है। इससे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन अब फैक्ट्री के लाइसेंस, सुरक्षा मानकों और विस्फोटक सामग्री के भंडारण से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रहा है। फॉरेंसिक टीम विस्फोट के असली कारणों का पता लगाने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यहां देखिये घटना से जुड़े विज़ुअल्स

Keralam New CM : वीडी सतीशन होंगे केरलम के नए मुख्यमंत्री, खड़गे ने लगाई मुहर

to be Keralam New CM V.D. Satheesan

Keralam New CM : कांग्रेस पार्टी ने आखिरकार केरल के नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान कर दिया है। गुरुवार को पार्टी की तरफ से वीडी सतीशन के नाम पर अंतिम मुहर लगाई गई। एआईसीसी की केरल प्रभारी दीपा दासमुंशी ने आधिकारिक रूप से उनके नाम की घोषणा की। लंबे समय से मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही अटकलों और राजनीतिक खींचतान के बाद अब स्थिति साफ हो गई है। सतीशन के चयन को कांग्रेस के भीतर एक बड़े राजनीतिक फैसले के तौर पर देखा जा रहा है। 10 दिन तक चला मुख्यमंत्री पद पर मंथन केरल विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को आए थे। कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट यानी UDF ने बड़ी जीत हासिल की थी। हालांकि बाकी राज्यों में मुख्यमंत्री पद की घोषणा और शपथ ग्रहण जल्दी हो गया था, लेकिन केरल में कांग्रेस करीब 10 दिन तक फैसला नहीं कर पाई। इस देरी की मुख्य वजह पार्टी के अंदर मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही रस्साकशी थी। मुख्यमंत्री की दौड़ में वीडी सतीशन के अलावा केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला का नाम भी शामिल था। तीनों नेताओं के समर्थक अपने-अपने पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हुए थे। NEET Paper Leak 2026 : NEET पेपर लीक मामले में अब तक 7 गिरफ्तार, राजस्थान में 1000 कैंडिडेट्स तक पहुंचा पेपर! राहुल गांधी और खड़गे की अहम भूमिका मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला लेने से पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा की। इस बैठक में एआईसीसी प्रभारी दीपा दासमुंशी, अजय माकन और मुकुल वासनिक भी शामिल थे। इन नेताओं ने हाल ही में केरल के नवनिर्वाचित विधायकों से बातचीत कर उनकी राय जानी थी। इसके अलावा राहुल गांधी ने भी इस पूरे मामले में अहम भूमिका निभाई। बुधवार शाम राहुल गांधी ने खड़गे के साथ करीब 30 मिनट तक बैठक की। इसके बाद गुरुवार सुबह राहुल ने केसी वेणुगोपाल से अलग मुलाकात की। माना जा रहा है कि राहुल गांधी ने वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री पद की दौड़ से पीछे हटने के लिए मनाया। Weddings Without Gold : क्या बिना सोने के हो सकती है शादी? PM मोदी की अपील के बाद शुरू हुई नई बहस सतीशन की साफ छवि राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सतीशन की साफ छवि, संगठन पर पकड़ और युवा नेतृत्व की पहचान उनके पक्ष में गई। कांग्रेस अब केरल में नए नेतृत्व के जरिए मजबूत सरकार और बेहतर प्रशासन देने की कोशिश करेगी। केरल में कांग्रेस गठबंधन को मिला बड़ा बहुमत केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन किया है। 140 सदस्यीय विधानसभा में गठबंधन को 102 सीटें मिली हैं। यह दो-तिहाई बहुमत से भी ज्यादा है। कांग्रेस के पास अकेले 63 विधायक हैं। इसके अलावा इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग यानी IUML के पास 22 सीटें हैं। केरल कांग्रेस के पास 8 और क्रांतिकारी समाजवादी पार्टी यानी RSP के पास 3 विधायक हैं। इस मजबूत बहुमत के बाद कांग्रेस सरकार गठन की तैयारी में जुट गई है। Ladli Behna Fund Transfer : लाड़ली बहनों का इंतजार खत्म, सीएम मोहन यादव ने महिलाओं को भेजे 1835 करोड़ रुपए! जल्द हो सकती है शपथ ग्रहण समारोह की घोषणा अब मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा के बाद केरल कांग्रेस विधायक दल की बैठक होगी। इसमें औपचारिक रूप से वीडी सतीशन को नेता चुना जाएगा। इसके बाद राज्यपाल को सरकार बनाने का दावा पेश किया जाएगा। माना जा रहा है कि जल्द ही शपथ ग्रहण समारोह की तारीख का भी ऐलान किया जा सकता है।

NEET Paper Leak 2026 : NEET पेपर लीक मामले में अब तक 7 गिरफ्तार, राजस्थान में 1000 कैंडिडेट्स तक पहुंचा पेपर!

NEET Paper Leak 2026

NEET Paper Leak 2026 : नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET 2026 पेपर लीक मामले में जांच लगातार तेज होती जा रही है। अब तक तीन राज्यों से कुल 7 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। इनमें महाराष्ट्र और राजस्थान से 3-3 आरोपी शामिल हैं, जबकि हरियाणा से एक युवक को पकड़ा गया है। मामले की जांच अब CBI कर रही है और एजेंसी लगातार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। इस पूरे विवाद के बाद देशभर के लाखों छात्रों और अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है। महाराष्ट्र और राजस्थान से कई आरोपी गिरफ्तार महाराष्ट्र के पुणे से पुलिस ने मनीषा वाघमारे नाम की एक महिला को पकड़ा है, जो पेशे से ब्यूटीशियन बताई जा रही है। इसके अलावा अहिल्यानगर से धनंजय निवृत्ति लोखंडे को भी हिरासत में लिया गया है। इससे पहले नासिक से शुभम खैरनार को पकड़ा गया था। वहीं राजस्थान से सीकर के कंसल्टेंसी संचालक राकेश मंडवरिया और दो भाई दिनेश बिवाल तथा मांगीलाल बिवाल को हिरासत में लिया गया है। राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप यानी SOG का दावा है कि लीक हुआ पेपर करीब एक हजार उम्मीदवारों तक पहुंचा था। पुलिस का कहना है कि यह नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ था। Iran US War Update : ईरान-अमेरिका तनाव फिर बढ़ा! ईरान बोला- अब पीछे हटने की कोई गुंजाइश नहीं गुरुग्राम से BAMS छात्र हिरासत में राजस्थान SOG ने हरियाणा के गुरुग्राम से BAMS फर्स्ट ईयर के छात्र यश यादव को भी हिरासत में लिया है। पुलिस को शक है कि वह पेपर लीक नेटवर्क का हिस्सा था। यश से लगातार पूछताछ की जा रही है और उसके मोबाइल व डिजिटल रिकॉर्ड की जांच हो रही है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि इससे नेटवर्क के कई और लोगों का पता चल सकता है। सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला NEET UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन यानी FAIMA ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में दोबारा परीक्षा कराने की मांग की गई है। संगठन ने कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA की कार्यप्रणाली पर अब भरोसा नहीं बचा है। इसलिए एजेंसी की मौजूदा व्यवस्था में बदलाव जरूरी है। NTA ने 12 मई को आधिकारिक रूप से माना कि परीक्षा में गड़बड़ी हुई थी। इसके बाद परीक्षा रद्द कर दी गई। यह परीक्षा 3 मई को हुई थी, जिसमें करीब 22.79 लाख छात्र शामिल हुए थे। Weather Update : मौसम का डबल अटैक, यूपी में आंधी-तूफान से 94 मौतें; राजस्थान और मध्य प्रदेश में हीटवेव का कहर NTA ने दोबारा परीक्षा का किया ऐलान NTA के डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह ने कहा कि परीक्षा में हुई गड़बड़ी के लिए एजेंसी जिम्मेदार है। उन्होंने बताया कि दोबारा परीक्षा कराई जाएगी और नई तारीख जल्द घोषित की जाएगी। NTA ने छात्रों के लिए 6 बड़े फैसले भी लिए हैं। छात्रों को दोबारा आवेदन नहीं करना होगा और कोई अतिरिक्त फीस भी नहीं देनी पड़ेगी। पहले से जमा परीक्षा शुल्क वापस किया जाएगा। नए एडमिट कार्ड जारी होंगे, लेकिन परीक्षा केंद्र नहीं बदले जाएंगे। इन फैसलों के बाद छात्रों को कुछ राहत जरूर मिली है। कैसे लीक हुआ NEET का पेपर जांच एजेंसियों के अनुसार NEET का पेपर एक कथित ‘क्वेश्चन बैंक’ के जरिए लीक हुआ। इसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के 300 से ज्यादा सवाल थे। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इनमें से करीब 150 सवाल हूबहू परीक्षा में आए। जानकारी के मुताबिक यह क्वेश्चन बैंक सबसे पहले केरल में पढ़ रहे एक MBBS छात्र ने राजस्थान के सीकर में अपने दोस्त को भेजा। इसके बाद यह कई छात्रों, पीजी संचालकों और करियर काउंसलर्स तक पहुंच गया। सोशल मीडिया और वॉट्सऐप पर इसे बड़ी संख्या में शेयर किया गया। NEET UG 2026 Paper Leak : पेपर लीक के बाद 3 मई की परीक्षा रद्द, सवाल पूछने पर शिक्षा मंत्री प्रधान ने साधी चुप्पी एक ही हैंडराइटिंग में मिले सवाल जांच में सामने आया कि पूरे क्वेश्चन बैंक में एक जैसी हैंडराइटिंग थी। इससे जांच एजेंसियों को शक है कि सवाल किसी संगठित नेटवर्क द्वारा तैयार किए गए थे। एक्सपर्ट्स का कहना है कि किसी कोचिंग मटेरियल से कुछ सवाल मैच होना सामान्य बात हो सकती है, लेकिन 150 सवालों का हूबहू मिलना बेहद गंभीर मामला है। इस पेपर में कुल 180 सवाल हल करने होते हैं। यानी 720 में से लगभग 600 नंबर के सवाल कथित क्वेश्चन बैंक से जुड़े पाए गए। इससे परीक्षा की विश्वसनीयता पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। बड़े लोगों को बचाने का आरोप राजस्थान से पकड़े गए आरोपी भाइयों ने दावा किया है कि इस मामले में कई बड़े लोगों को बचाया जा रहा है। पुलिस अब आरोपियों की संपत्ति और आर्थिक लेन-देन की भी जांच कर रही है। शुरुआती जांच में लग्जरी कारों और फार्महाउस जैसी संपत्तियों की जानकारी सामने आई है। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल था। NEET विवादों का लंबा इतिहास NEET परीक्षा पहले भी कई बार विवादों में रह चुकी है। साल 2024 में भी पेपर लीक और ग्रेस मार्क्स को लेकर बड़ा विवाद हुआ था। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था। इसके अलावा 2019 में फर्जी उम्मीदवारों से परीक्षा दिलाने का मामला सामने आया था। 2022 में परीक्षा केंद्रों पर छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार को लेकर विरोध हुआ था। NEET UG 2026 Cancelled : नीट यूजी 2026 का पेपर रद्द, जल्द होगी नई एग्‍जाम डेट जारी; 23 लाख छात्रों ने दी थी परीक्षा लगातार हो रहे विवादों के बाद केंद्र सरकार ने राधाकृष्णन पैनल का गठन किया था। पैनल ने सुझाव दिया था कि ज्यादा परीक्षाएं ऑनलाइन हों और परीक्षा केंद्रों की आउटसोर्सिंग कम की जाए। मेडिकल एडमिशन के लिए सबसे बड़ी परीक्षा NEET भारत की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा है। इसके जरिए MBBS, BDS, BAMS, BHMS और नर्सिंग जैसे कोर्सों में दाखिला मिलता है। देशभर में एक लाख से ज्यादा MBBS सीटें और करीब 27 हजार BDS सीटें इसी परीक्षा के माध्यम से भरी जाती हैं। AIIMS और JIPMER जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एडमिशन भी NEET

Iran US War Update : ईरान-अमेरिका तनाव फिर बढ़ा! ईरान बोला- अब पीछे हटने की कोई गुंजाइश नहीं

Iran-US Peace Talks

Iran US War Update : तेहरान। मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव गहराता दिखाई दे रहा है। ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ती बयानबाजी ने क्षेत्र की स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है। ईरानी सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरमी निया ने साफ कहा है कि अब पीछे हटने की कोई गुंजाइश नहीं बची है। उन्होंने कहा कि युद्धविराम बेहद कमजोर स्थिति में है और ईरान की सेना हर परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता और बढ़ गई है। ईरान ने दिखाई सैन्य तैयारी ईरानी सेना के प्रवक्ता अकरमी निया ने दावा किया कि ईरान की सेना और सुरक्षा बल पूरी मजबूती के साथ तैयार हैं। उन्होंने बताया कि होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिमी हिस्से पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC की नेवी का नियंत्रण है, जबकि पूर्वी हिस्से की जिम्मेदारी ईरान की नियमित नौसेना संभाल रही है। उन्होंने कहा कि युद्ध के दौरान दुश्मन अपने किसी भी उद्देश्य में सफल नहीं हो पाया। अकरमी निया ने दावा किया कि मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भारी नुकसान पहुंचाया गया और कई सैन्य उपकरण नष्ट कर दिए गए। Weather Update : मौसम का डबल अटैक, यूपी में आंधी-तूफान से 94 मौतें; राजस्थान और मध्य प्रदेश में हीटवेव का कहर अमेरिका ने परमाणु मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर सख्त बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका किसी भी स्थिति में ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा। रुबियो ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के नेतृत्व में अमेरिका इस मुद्दे पर स्पष्ट और मजबूत नीति पर काम कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया के कई देश इस बात पर एकमत हैं कि ईरान को परमाणु शक्ति बनने से रोकना जरूरी है। अमेरिका के इस बयान से दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। इजराइल और UAE को लेकर नया विवाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इजराइल के साथ कथित साजिश करने वालों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि जो भी देश या समूह इजराइल के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ काम करेगा, उसे जवाब दिया जाएगा। यह बयान उस समय आया जब इजराइली प्रधानमंत्री कार्यालय ने दावा किया कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान युद्ध के दौरान संयुक्त अरब अमीरात का गुप्त दौरा किया था। हालांकि UAE ने इन रिपोर्ट्स को पूरी तरह खारिज कर दिया। UAE विदेश मंत्रालय ने कहा कि किसी भी तरह की गुप्त बैठक या अघोषित यात्रा का दावा गलत और बेबुनियाद है। मंत्रालय ने साफ कहा कि इजराइल के साथ उसके संबंध अब्राहम समझौते के तहत पारदर्शी तरीके से चलते हैं और किसी छिपे समझौते की जरूरत नहीं है। Weddings Without Gold : क्या बिना सोने के हो सकती है शादी? PM मोदी की अपील के बाद शुरू हुई नई बहस इजराइल का दावा और बढ़ी हलचल इजराइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने दावा किया कि ‘ऑपरेशन रोअरिंग लायन’ के दौरान नेतन्याहू ने UAE के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की थी। इजराइली अधिकारियों ने इसे दोनों देशों के संबंधों में बड़ी उपलब्धि बताया। कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि संघर्ष के दौरान इजराइल ने UAE में आयरन डोम बैटरी और सैनिक भेजे थे। इसके अलावा मोसाद प्रमुख डेविड बार्निया के भी UAE दौरे की खबरें सामने आईं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। भारत आ रहे LPG जहाज पर नजर होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए राहत की खबर भी सामने आई है। भारत आ रहा LPG टैंकर MV सनशाइन सुरक्षित तरीके से होर्मुज स्ट्रेट पार कर रहा है। भारतीय नौसेना और कई सरकारी एजेंसियां जहाज को सुरक्षा मुहैया करा रही हैं। यह मौजूदा तनाव के बीच सुरक्षित निकाला गया 15वां LPG जहाज बताया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत तेल सप्लाई इसी रास्ते से होकर गुजरती है। ऐसे में यहां बढ़ता तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजार पर बड़ा असर डाल सकता है। West Bengal News : CM शुभेंदु अधिकारी के दो फैसले, लाउडस्पीकर पर सख्ती और एक सीट छोड़ने का किया ऐलान ईरान में शाहेद ड्रोन की शक्ति प्रदर्शन रैली ईरान में सरकार समर्थक रैलियों के दौरान शाहेद ड्रोन की परेड निकाली गई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में रंग-बिरंगे ड्रोन कारों पर रखकर सड़कों पर घुमाए गए। बड़ी संख्या में लोग इस्लामिक रिपब्लिक और ईरानी सेना के समर्थन में सड़कों पर उतरे। शाहेद-136 ड्रोन को ईरान का सुसाइड ड्रोन माना जाता है और इसका इस्तेमाल लंबी दूरी के हमलों में किया जाता है। यह ड्रोन रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान भी काफी चर्चा में रहा था।

Weather Update : मौसम का डबल अटैक, यूपी में आंधी-तूफान से 94 मौतें; राजस्थान और मध्य प्रदेश में हीटवेव का कहर

Weather Update

Weather Update :  नई दिल्ली। देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कहीं तेज आंधी और बारिश तबाही मचा रही है तो कहीं भीषण गर्मी और हीटवेव लोगों को परेशान कर रही है। उत्तर प्रदेश में तेज आंधी-तूफान के कारण कई जिलों में भारी नुकसान हुआ है। वहीं राजस्थान, मध्य प्रदेश और हरियाणा में तापमान लगातार बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने कई राज्यों में अलर्ट जारी किया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उत्तर प्रदेश में आंधी-तूफान से भारी तबाही उत्तर प्रदेश के प्रयागराज, अयोध्या समेत करीब 30 जिलों में बुधवार को तेज आंधी और तूफान ने भारी तबाही मचाई। इस प्राकृतिक आपदा में 94 लोगों की मौत हो गई। सबसे ज्यादा 17 मौतें प्रयागराज में और 16 मौतें भदोही में दर्ज की गईं। कई इलाकों में तेज हवाओं के कारण पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए। कई वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए। बरेली में एक युवक टीनशेड सहित हवा में उड़ गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मौसम विभाग ने आज राज्य के 51 जिलों में तेज बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। Weddings Without Gold : क्या बिना सोने के हो सकती है शादी? PM मोदी की अपील के बाद शुरू हुई नई बहस बांदा में बढ़ा तापमान, गर्मी से लोग बेहाल उत्तर प्रदेश के बांदा शहर में तापमान 45.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। गर्म हवाओं और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। दिन के समय सड़कें सूनी दिखाई दे रही हैं। डॉक्टरों ने लोगों को दोपहर में घर से बाहर न निकलने और ज्यादा पानी पीने की सलाह दी है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मौसम का यही हाल बना रह सकता है। राजस्थान में हीटवेव का रेड अलर्ट जारी राजस्थान में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। जैसलमेर लगातार चौथे दिन देश का सबसे गर्म शहर रहा। यहां तापमान 46.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने बीकानेर, जोधपुर, जैसलमेर और बाड़मेर में रेड अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा 13 जिलों में हीटवेव की चेतावनी दी गई है। गर्म हवाओं के कारण लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। हालांकि राज्य के कुछ जिलों में हल्की बारिश भी दर्ज की गई है, लेकिन इससे गर्मी में ज्यादा राहत नहीं मिली। Gold – Silver Prices : सोना 9,000 रुपए तक महंगा! चांदी में 18,000 का उछाल, ड्यूटी बढ़ाकर 15% करने का असर मध्य प्रदेश के कई जिलों में हीटवेव का असर मध्य प्रदेश में भी भीषण गर्मी का दौर जारी है। राज्य के 25 से ज्यादा जिले हीटवेव की चपेट में हैं। खजुराहो में तापमान 45.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार 18 मई तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है। इंदौर, उज्जैन, धार और रतलाम में हीटवेव का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में रात के समय भी गर्मी बनी रहने की चेतावनी दी गई है। लगातार बढ़ती गर्मी से बिजली और पानी की मांग भी बढ़ गई है। हरियाणा और बिहार में मौसम का बदला मिजाज हरियाणा में पिछले 24 घंटों में तापमान में 1.1 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। नारनौल राज्य का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग ने 17 मई से हीटवेव का यलो अलर्ट जारी किया है। दूसरी ओर बिहार के पूर्णिया, कटिहार समेत 7 जिलों में तेज बारिश और आंधी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। Tamil Nadu Politics : थलापति विजय का यूटर्न! ज्योतिषी को OSD के पद से हटाया, कल ही की थी नियुक्ति उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी की संभावना उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में मौसम बदलने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश के साथ बर्फबारी भी हो सकती है। देहरादून में दिन का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राज्य के कई पहाड़ी जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना भी जताई गई है। अगले दो दिनों का मौसम पूर्वानुमान 15 मई को राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में हीटवेव का असर बना रह सकता है। झारखंड में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। बिहार, छत्तीसगढ़, असम, मेघालय और कर्नाटक में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। 16 मई को पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश और तेज हवाओं का अनुमान है। वहीं जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।