Bengal Loudspeaker Rules : कोलकाता। पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (Shubhendu Adhikari) ने कई बड़े फैसले लिए हैं। सरकार ने लाउडस्पीकर (Loudspeaker) के इस्तेमाल को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। पुलिस विभाग को निर्देश दिया गया है कि किसी भी धार्मिक स्थल, पूजा या सार्वजनिक कार्यक्रम में हाईकोर्ट के तय मानकों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
तेज आवाज पर होगी कानूनी कार्रवाई
सरकार ने साफ कहा है कि अगर कहीं भी तय डेसिबल (Decibel) से अधिक आवाज में लाउडस्पीकर बजता पाया गया, तो प्रशासन सख्त कानूनी कार्रवाई करेगा। पुलिस को सभी इलाकों में ध्वनि स्तर की निगरानी करने के आदेश दिए गए हैं।
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मंदिर-मस्जिद सभी पर एक समान नियम
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह नियम सभी धार्मिक स्थलों पर समान रूप से लागू होगा। चाहे मंदिर हो, मस्जिद हो या कोई अन्य धार्मिक आयोजन, ध्वनि प्रदूषण (Noise Pollution) कानूनों का पालन करना अनिवार्य होगा। सरकार ने कहा है कि सार्वजनिक शांति बनाए रखना प्राथमिकता है।
नंदीग्राम सीट छोड़ेंगे शुभेंदु अधिकारी
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने यह भी ऐलान किया है कि वह नंदीग्राम (Nandigram) विधानसभा सीट से इस्तीफा देंगे और Bhawanipur सीट अपने पास रखेंगे। उन्होंने 2026 विधानसभा चुनाव में दोनों सीटों से जीत दर्ज की थी।
भवानीपुर में बड़ा उलटफेर
भवानीपुर सीट पर शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) को हराकर बड़ा राजनीतिक उलटफेर किया था। वहीं नंदीग्राम सीट पर भी उन्होंने अपनी जीत बरकरार रखी।
दो सीट रखने की अनुमति नहीं
संवैधानिक नियमों के तहत कोई भी व्यक्ति दो विधानसभा सीटों से विधायक नहीं रह सकता। इसी वजह से उन्हें एक सीट चुननी थी। उन्होंने भवानीपुर को अपनी प्राथमिकता बताया है।
9 मई को ली मुख्यमंत्री पद की शपथ
शुभेंदु अधिकारी ने 9 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। Raj Bhavan Kolkata में आयोजित समारोह में राज्यपाल ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
बीजेपी को मिली बड़ी जीत
2026 विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने 294 में से 207 सीटों पर जीत दर्ज कर पहली बार बंगाल में सरकार बनाई। वहीं तृणमूल कांग्रेस (TMC) 80 सीटों पर सिमट गई।
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अवैध टोल वसूली पर भी सख्ती
सरकार ने जिला प्रशासन को अवैध टोल (Illegal Toll) वसूली पर भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सभी जिलों में बिना अनुमति चल रहे टोल गेट, ड्रॉप गेट और बैरिकेड वाली वसूली चौकियों को तुरंत बंद करने को कहा गया है।
जिला प्रशासन को दिए गए निर्देश
संबंधित जिला मजिस्ट्रेटों को कहा गया है कि वे अपने क्षेत्र में ऐसे अनधिकृत टोल केंद्रों की पहचान करें और उन्हें तत्काल बंद कराएं। साथ ही दोबारा ऐसी व्यवस्था शुरू न हो, इसके लिए भी कदम उठाने को कहा गया है।