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Weddings Without Gold : क्या बिना सोने के हो सकती है शादी? PM मोदी की अपील के बाद शुरू हुई नई बहस

Weddings Without Gold

Weddings Without Gold : नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने हाल ही में देशवासियों से एक साल तक सोने की खरीद टालने की अपील की। इसके बाद देशभर में नई चर्चा शुरू हो गई है। क्योंकि इस समय शादी का सीजन चल रहा है और ऐसे समय में सोने की खरीदारी सबसे ज्यादा होती है। परिवार महीनों पहले से गहनों की तैयारी करते हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री की अपील के बाद लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि क्या बिना सोने (Gold) के शादी हो सकती है? क्या गहनों के बिना विवाह अधूरा माना जाएगा या अब नया ट्रेंड सेट होगा? भारतीय शादी और सोने का पुराना रिश्ता भारत में शादी केवल दो लोगों का रिश्ता नहीं, बल्कि दो परिवारों का मिलन मानी जाती है। इसी वजह से यहां विवाह समारोह हमेशा भव्य और बड़े स्तर पर आयोजित किए जाते हैं। सजावट, मेहमाननवाजी, कपड़े, भोजन और गहने हर शादी का हिस्सा माने जाते हैं। इनमें भी सोने का स्थान सबसे खास माना जाता है। कई परिवारों के लिए सोना सिर्फ गहना नहीं, बल्कि मान-सम्मान का प्रतीक होता है। बेटी की शादी में सोना देना परिवार की जिम्मेदारी समझी जाती है। वहीं लड़के पक्ष में भी गिफ्ट के रूप में गहने देने का चलन कई जगह देखा जाता है। इसी वजह से शादी और सोना लंबे समय से साथ-साथ चलते आए हैं। Ladli Behna Fund Transfer : लाड़ली बहनों का इंतजार खत्म, सीएम मोहन यादव ने महिलाओं को भेजे 1835 करोड़ रुपए! गहनों से जुड़ी सामाजिक परंपराएं देश के अलग-अलग हिस्सों में शादी से जुड़ी परंपराएं अलग हो सकती हैं, लेकिन गहनों का महत्व लगभग हर जगह दिखाई देता है। कई घरों में लड़की के लिए मंगलसूत्र, हार, झुमके, नथ, पायल, चूड़ियां और कंगन तैयार किए जाते हैं। कई परिवार अपनी हैसियत के अनुसार कम या ज्यादा गहने देते हैं। समाज में कई बार गहनों को बेटी के भविष्य की सुरक्षा के रूप में भी देखा जाता है। पुराने समय में महिलाओं के पास आर्थिक साधन कम होते थे, इसलिए शादी में मिला सोना उनकी बचत माना जाता था। यही सोच धीरे-धीरे परंपरा बन गई। हालांकि आज समय बदल चुका है, लेकिन यह परंपरा अभी भी कई घरों में मजबूत है। शास्त्रों में क्या सोना जरूरी बताया गया है? धार्मिक और शास्त्रीय नजरिए से देखा जाए तो विवाह के लिए सोना अनिवार्य नहीं है। हिंदू विवाह की मुख्य परंपराओं में कन्यादान, सप्तपदी, अग्नि के फेरे, वर-वधू का संकल्प और परिवार की सहमति को महत्व दिया गया है। कहीं भी यह नहीं कहा गया कि सोना होने पर ही विवाह पूरा माना जाएगा। यानी अगर कोई परिवार सादगी से विवाह करना चाहता है, तो बिना सोने के भी शादी पूरी तरह मान्य और परंपरागत मानी जाएगी। यह बात उन लोगों के लिए अहम है जो आर्थिक दबाव के कारण शादी के खर्च को लेकर परेशान रहते हैं। Gold – Silver Prices : सोना 9,000 रुपए तक महंगा! चांदी में 18,000 का उछाल, ड्यूटी बढ़ाकर 15% करने का असर मंगलसूत्र का महत्व क्यों माना जाता है भारतीय विवाह में मंगलसूत्र को खास स्थान दिया जाता है। इसकी जड़ें दक्षिण भारत की परंपराओं से जुड़ी मानी जाती हैं। पहले यह पीले धागे या पवित्र सूत्र के रूप में होता था, बाद में इसमें सोने का उपयोग बढ़ा। समय के साथ इसका डिजाइन बदल गया और यह आधुनिक गहने का रूप लेता गया। हालांकि मंगलसूत्र का असली महत्व सोने में नहीं, बल्कि उसके प्रतीक में है। यह पति-पत्नी के रिश्ते, विश्वास, साथ निभाने और वैवाहिक जीवन का संकेत माना जाता है। इसलिए इसका मूल्य भावनात्मक ज्यादा है, आर्थिक कम। बदल रही है युवाओं की सोच आज की युवा पीढ़ी शादी को पुराने ढांचे से अलग नजरिए से देख रही है। कई युवा अब नो गोल्ड वेडिंग (No Gold Wedding) ट्रेंड अपना रहे हैं। इसमें शादी में कम गहने पहने जाते हैं या पूरी तरह सादगी रखी जाती है। कुछ लोग नकली ज्वेलरी या किराए के गहनों का भी उपयोग करते हैं। इसके पीछे सिर्फ फैशन नहीं, बल्कि सोच का बदलाव है। युवा अब शादी को दिखावे से ज्यादा रिश्ते का उत्सव मान रहे हैं। वे खर्च कम करना चाहते हैं और अनावश्यक बोझ से बचना चाहते हैं। इसी वजह से नो गोल्ड वेडिंग ट्रेंड तेजी से चर्चा में है। PM Fuel Saving Appeal : इंदौर में एक दिन No Car Day ! महापौर पुष्यमित्र की बड़ी घोषणा.. महिलाओं की आत्मनिर्भरता से बदली सोच पहले समय में शादी में दिया गया सोना महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा माना जाता था। अगर भविष्य में कोई परेशानी आए तो सोना काम आ सकता था। इसलिए परिवार इसे जरूरी मानते थे। लेकिन अब बड़ी संख्या में महिलाएं पढ़ी-लिखी हैं, नौकरी करती हैं और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हैं। ऐसे में अब शादी को आर्थिक सुरक्षा का साधन नहीं, बल्कि जीवनसाथी चुनने का अवसर माना जा रहा है। यही कारण है कि सोने का पुराना सामाजिक दबाव धीरे-धीरे कम होता दिख रहा है। क्या बिना सोने के शादी संभव है? बिल्कुल संभव है। शादी का आधार गहने नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास, सम्मान और जिम्मेदारी है। यदि दो लोग और उनके परिवार सहमति से रिश्ते में बंधते हैं, तो सोना न होने से विवाह अधूरा नहीं हो जाता। आज कई लोग कोर्ट मैरिज, मंदिर विवाह, साधारण समारोह या छोटे आयोजन में शादी कर रहे हैं। इनमें गहनों पर कम खर्च होता है, लेकिन रिश्ते उतने ही मजबूत होते हैं। इससे साफ है कि शादी की सफलता सोने से नहीं, समझदारी से तय होती है। Tamil Nadu Politics : थलापति विजय का यूटर्न! ज्योतिषी को OSD के पद से हटाया, कल ही की थी नियुक्ति आने वाले समय में क्या बदल सकता है विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले वर्षों में भारतीय शादियों का स्वरूप और बदलेगा। लोग जरूरत के हिसाब से खर्च करेंगे। दिखावे की जगह सादगी, अनुभव और रिश्तों को महत्व मिलेगा। सोना पूरी तरह खत्म नहीं होगा, लेकिन इसे जरूरी शर्त की तरह नहीं देखा जाएगा। नई पीढ़ी शादी को यादगार बनाना चाहती है, महंगा नहीं। यही बदलाव आने वाले समय में भारतीय विवाह परंपराओं की नई पहचान बन सकता है।

Ladli Behna Fund Transfer : लाड़ली बहनों का इंतजार खत्म, सीएम मोहन यादव ने महिलाओं को भेजे 1835 करोड़ रुपए!

Ladli Behna Fund Transfer

Ladli Behna Yojana Fund Transfer : नरसिंहपुर। मध्य प्रदेश की लाड़ली बहनों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने आज गोटेगांव से मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) की 36वीं किस्त जारी कर दी। सिंगल क्लिक से भेजी गई राशि मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक (Single Click) के माध्यम से महिलाओं के खातों में राशि ट्रांसफर की। सरकार ने कुल 1 करोड़ 25 लाख 22 हजार 542 महिलाओं के खातों में 1835 करोड़ 67 लाख रुपए से अधिक की राशि डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के जरिए भेजी। Gold – Silver Prices : सोना 9,000 रुपए तक महंगा! चांदी में 18,000 का उछाल, ड्यूटी बढ़ाकर 15% करने का असर महिलाओं के खातों में आए 1500 रुपए 36वीं किस्त के तहत पात्र महिलाओं के खातों में 1500-1500 रुपए जमा किए गए हैं। किस्त जारी होते ही कई महिलाओं के मोबाइल पर बैंक मैसेज भी आने लगे। इससे प्रदेशभर में खुशी का माहौल देखा गया। मुख्यमंत्री ने दी बधाई मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश की सभी लाड़ली बहनों को हार्दिक बधाई। सरकार महिलाओं के सम्मान, आत्मनिर्भरता और आर्थिक मजबूती के लिए लगातार काम कर रही है। 2023 से लगातार चल रही योजना यह योजना वर्ष 2023 में शुरू की गई थी। तब से लगातार हर महीने महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जा रही है। खास बात यह है कि योजना शुरू होने के बाद अब तक एक भी किस्त नहीं रोकी गई है। West Bengal News : CM शुभेंदु अधिकारी के दो फैसले, लाउडस्पीकर पर सख्ती और एक सीट छोड़ने का किया ऐलान अब तक 55 हजार करोड़ से ज्यादा ट्रांसफर जून 2023 से अब तक महिलाओं के खातों में 55 हजार 926 करोड़ से अधिक राशि सीधे भेजी जा चुकी है। यह राज्य की सबसे बड़ी महिला हितैषी योजनाओं में गिनी जा रही है। पहले 1000  रुपए मिलते थे जब योजना शुरू हुई थी, तब महिलाओं को हर महीने 1000 रुपए  दिए जाते थे। इसके बाद अक्टूबर 2023 में राशि बढ़ाकर 1250 रुपए  कर दी गई। फिर नवंबर 2025 से हर महीने 1500 रुपए  दिए जा रहे हैं। PM Fuel Saving Appeal : इंदौर में एक दिन No Car Day ! महापौर पुष्यमित्र की बड़ी घोषणा.. 36वीं किस्त जारी होने के बाद प्रदेश की लाखों महिलाओं के चेहरों पर खुशी नजर आई। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाएं इस योजना को परिवार की आर्थिक मदद का मजबूत साधन मान रही हैं।

Gold – Silver Prices : सोना 9,000 रुपए तक महंगा! चांदी में 18,000 का उछाल, ड्यूटी बढ़ाकर 15% करने का असर

Gold Silver Crash Today

Gold – Silver Prices : नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सोना और चांदी के आयात पर लगने वाली ड्यूटी (Import Duty) 6% से बढ़ाकर 15% कर दी है। बुधवार को जारी आदेश के बाद सर्राफा बाजार में बड़ा असर देखने को मिला। सोना 9 हजार और चांदी 22 हजार महंगी नई ड्यूटी लागू होने के बाद आज 10 ग्राम सोने का भाव करीब 9 हजार रुपए बढ़कर 1.60 लाख रुपए पहुंच गया। वहीं 1 किलो चांदी की कीमत करीब 22 हजार रुपए बढ़कर 2.87 लाख रुपए तक पहुंच गई। बाजार में इस फैसले से खरीदारों को बड़ा झटका लगा है। West Bengal News : CM शुभेंदु अधिकारी के दो फैसले, लाउडस्पीकर पर सख्ती और एक सीट छोड़ने का किया ऐलान सरकार ने क्यों लिया फैसला सरकार का मुख्य उद्देश्य विदेशी खरीद (Foreign Purchase) कम करना और देश के विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserve) पर पड़ रहे दबाव को कम करना बताया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव, खासकर अमेरिका-ईरान विवाद के बीच यह फैसला लिया गया है। सोने पर अब कितना टैक्स लगेगा सरकार ने सोने पर 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी (Basic Custom Duty) और 5% एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) लगाया है। इस तरह कुल प्रभावी टैक्स (Effective Tax) अब 15% हो गया है। इससे पहले 2024 के बजट में ड्यूटी 15% से घटाकर 6% की गई थी। तस्करी बढ़ने की आशंका सर्राफा उद्योग (Jewellery Industry) से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि टैक्स बढ़ने से तस्करी (Smuggling) बढ़ सकती है। उनका कहना है कि जब पहले ड्यूटी कम की गई थी, तब अवैध आयात में कमी आई थी। Tamil Nadu Politics : थलापति विजय का यूटर्न! ज्योतिषी को OSD के पद से हटाया, कल ही की थी नियुक्ति विशेषज्ञों ने क्या कहा इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के नेशनल सेक्रेटरी सुरेंद्र मेहता ने कहा कि सरकार ने चालू खाता घाटा (Current Account Deficit) नियंत्रित करने के लिए यह कदम उठाया है। हालांकि पहले से ऊंची कीमतों के बीच यह फैसला मांग को प्रभावित कर सकता है। आम आदमी पर क्या असर होगा 1. सोना और महंगा मिलेगा जब टैक्स बढ़ता है तो भारत पहुंचने की लागत (Landing Cost) बढ़ जाती है। इसका सीधा असर कीमतों पर पड़ता है। अब सोना और चांदी पहले से ज्यादा महंगे मिलेंगे। 2. बाजार में सप्लाई कम हो सकती है ऊंची कीमत और टैक्स के कारण थोक व्यापारी कम माल मंगाएंगे। इससे बाजार में उपलब्धता घट सकती है और कीमतें और बढ़ सकती हैं। MP Government Debt : MP सरकार के खाते में आज आएंगे 1800 करोड़, डेढ़ महीने में बाजार से उठाए 6400 करोड़ सोना महंगा होने की अन्य वजहें मिडिल ईस्ट (Middle East) में तनाव बढ़ने से लोग सुरक्षित निवेश के लिए सोना खरीद रहे हैं। डॉलर (Dollar) कमजोर होने से वैश्विक मांग बढ़ी है। शादी सीजन आने से ज्वेलर्स की खरीद तेज हुई है। चांदी महंगी होने की वजह ईवी (EV) और सोलर सेक्टर (Solar Sector) में चांदी की मांग बढ़ी है। वैश्विक एक्सचेंजों में चांदी का स्टॉक घटा है। सोना महंगा होने से निवेशक चांदी की ओर बढ़ रहे हैं।

West Bengal News : CM शुभेंदु अधिकारी के दो फैसले, लाउडस्पीकर पर सख्ती और एक सीट छोड़ने का किया ऐलान

West Bengal News

Bengal Loudspeaker Rules : कोलकाता। पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (Shubhendu Adhikari) ने कई बड़े फैसले लिए हैं। सरकार ने लाउडस्पीकर (Loudspeaker) के इस्तेमाल को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। पुलिस विभाग को निर्देश दिया गया है कि किसी भी धार्मिक स्थल, पूजा या सार्वजनिक कार्यक्रम में हाईकोर्ट के तय मानकों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। तेज आवाज पर होगी कानूनी कार्रवाई सरकार ने साफ कहा है कि अगर कहीं भी तय डेसिबल (Decibel) से अधिक आवाज में लाउडस्पीकर बजता पाया गया, तो प्रशासन सख्त कानूनी कार्रवाई करेगा। पुलिस को सभी इलाकों में ध्वनि स्तर की निगरानी करने के आदेश दिए गए हैं। Tamil Nadu Politics : थलापति विजय का यूटर्न! ज्योतिषी को OSD के पद से हटाया, कल ही की थी नियुक्ति मंदिर-मस्जिद सभी पर एक समान नियम राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह नियम सभी धार्मिक स्थलों पर समान रूप से लागू होगा। चाहे मंदिर हो, मस्जिद हो या कोई अन्य धार्मिक आयोजन, ध्वनि प्रदूषण (Noise Pollution) कानूनों का पालन करना अनिवार्य होगा। सरकार ने कहा है कि सार्वजनिक शांति बनाए रखना प्राथमिकता है। नंदीग्राम सीट छोड़ेंगे शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने यह भी ऐलान किया है कि वह नंदीग्राम (Nandigram) विधानसभा सीट से इस्तीफा देंगे और Bhawanipur सीट अपने पास रखेंगे। उन्होंने 2026 विधानसभा चुनाव में दोनों सीटों से जीत दर्ज की थी। भवानीपुर में बड़ा उलटफेर भवानीपुर सीट पर शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) को हराकर बड़ा राजनीतिक उलटफेर किया था। वहीं नंदीग्राम सीट पर भी उन्होंने अपनी जीत बरकरार रखी। CBSE 12th Result : CBSE 12वीं रिजल्ट में लड़कियों ने मारी बाजी! MP के 80 हजार से ज्यादा स्टूडेंट्स ने दी थी परीक्षा दो सीट रखने की अनुमति नहीं संवैधानिक नियमों के तहत कोई भी व्यक्ति दो विधानसभा सीटों से विधायक नहीं रह सकता। इसी वजह से उन्हें एक सीट चुननी थी। उन्होंने भवानीपुर को अपनी प्राथमिकता बताया है। 9 मई को ली मुख्यमंत्री पद की शपथ शुभेंदु अधिकारी ने 9 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। Raj Bhavan Kolkata में आयोजित समारोह में राज्यपाल ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। बीजेपी को मिली बड़ी जीत 2026 विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने 294 में से 207 सीटों पर जीत दर्ज कर पहली बार बंगाल में सरकार बनाई। वहीं तृणमूल कांग्रेस (TMC) 80 सीटों पर सिमट गई। MP Government Debt : MP सरकार के खाते में आज आएंगे 1800 करोड़, डेढ़ महीने में बाजार से उठाए 6400 करोड़ अवैध टोल वसूली पर भी सख्ती सरकार ने जिला प्रशासन को अवैध टोल (Illegal Toll) वसूली पर भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सभी जिलों में बिना अनुमति चल रहे टोल गेट, ड्रॉप गेट और बैरिकेड वाली वसूली चौकियों को तुरंत बंद करने को कहा गया है। जिला प्रशासन को दिए गए निर्देश संबंधित जिला मजिस्ट्रेटों को कहा गया है कि वे अपने क्षेत्र में ऐसे अनधिकृत टोल केंद्रों की पहचान करें और उन्हें तत्काल बंद कराएं। साथ ही दोबारा ऐसी व्यवस्था शुरू न हो, इसके लिए भी कदम उठाने को कहा गया है।

Tamil Nadu Politics : थलापति विजय का यूटर्न! ज्योतिषी को OSD के पद से हटाया, कल ही की थी नियुक्ति

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Tamil Nadu Politics : चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मुख्यमंत्री विजय (CM Vijay) ने फ्लोर टेस्ट (Floor Test) पास करने के कुछ घंटे बाद ही ज्योतिषी राधन पंडित (Radhan Pandit) को स्पेशल ड्यूटी ऑफिसर (Officer on Special Duty – OSD) पद से हटा दिया। उन्हें मंगलवार को यह जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन विवाद बढ़ने के बाद सरकार को फैसला वापस लेना पड़ा। विपक्ष और सहयोगियों ने उठाए सवाल राधन पंडित की नियुक्ति के बाद विपक्षी दलों और सहयोगी पार्टियों ने कड़ा विरोध किया। TVK की सहयोगी पार्टी MJK के प्रमुख थमीमुन अंसारी ने विधानसभा में कहा कि निजी तौर पर कोई ज्योतिष में विश्वास रख सकता है, लेकिन सरकार में ज्योतिष का दखल नहीं होना चाहिए। वहीं DMDK महासचिव और विधायक प्रेमलता विजयकांत ने भी इस नियुक्ति को निंदनीय बताया। PM Fuel Saving Appeal : इंदौर में एक दिन No Car Day ! महापौर पुष्यमित्र की बड़ी घोषणा.. विजय के करीबी माने जाते हैं राधन राधन पंडित लंबे समय से विजय के करीबी माने जाते हैं। उन्होंने पहले ही विजय के मुख्यमंत्री बनने की भविष्यवाणी की थी। बताया जाता है कि उनकी सलाह पर 10 मई को शपथ ग्रहण (Swearing-in Ceremony) का समय भी बदला गया था। TVK प्रवक्ता भी रह चुके हैं राधन सिर्फ ज्योतिषी ही नहीं, बल्कि TVK के प्रवक्ता भी रह चुके हैं। 4 मई को मतगणना (Counting Day) के दौरान विजय से मिलने वाले पहले व्यक्ति भी वही थे। इससे उनकी राजनीतिक नजदीकी साफ मानी जाती है। विजय की कुंडली को बताया था ‘सुनामी जैसा’ चुनाव से पहले राधन ने कई सार्वजनिक कार्यक्रमों और ऑनलाइन वीडियो में विजय की कुंडली को “सुनामी जैसी” बताया था। उनका दावा था कि विजय तमिलनाडु की राजनीति में बड़ी लहर ला सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि TVK नाम अंक ज्योतिष (Numerology) और ज्योतिषीय सिद्धांतों के हिसाब से विजय की कुंडली से मेल खाता है। Prateek Yadav Death Reason : कैसे हुई प्रतीक यादव की मौत? पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में आया बड़ा खुलासा फ्लोर टेस्ट में सरकार को बड़ी जीत तमिलनाडु विधानसभा में बुधवार को विजय सरकार ने फ्लोर टेस्ट जीत लिया। सदन में कुल 171 विधायक मौजूद रहे। TVK के समर्थन में 144 वोट पड़े, जो बहुमत से 58 ज्यादा थे। इसमें AIADMK के 25 बागी विधायकों का समर्थन भी शामिल बताया गया। विपक्ष ने किया वॉकआउट विश्वास प्रस्ताव (Confidence Motion) के विरोध में 22 वोट पड़े। वहीं DMK के 59 विधायकों ने सदन से वॉकआउट (Walkout) कर दिया। इस दौरान 5 विधायक गैरमौजूद रहे, जिनमें PMK के 4 और BJP का 1 विधायक शामिल था। MP OBC Reservation Case : हाईकोर्ट में OBC 27% आरक्षण मामले पर आज से बड़ी सुनवाई, 86 मामलों पर होगी बहस राजनीति में संदेश देने की कोशिश विशेषज्ञों का मानना है कि राधन पंडित को हटाकर विजय ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि उनकी सरकार फैसले जनभावना और प्रशासनिक आधार पर लेगी, न कि निजी विश्वास के आधार पर।

CBSE 12th Result : CBSE 12वीं रिजल्ट में लड़कियों ने मारी बाजी! MP के 80 हजार से ज्यादा स्टूडेंट्स ने दी थी परीक्षा

CBSE 12th Result

CBSE 12th Result : भोपाल। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 (CBSE 12th Result 2026) जारी कर दिया है। लाखों छात्रों का इंतजार अब खत्म हो गया है। छात्र अपना परिणाम रोल नंबर और एडमिट कार्ड आईडी की मदद से ऑनलाइन देख सकते हैं। इन प्लेटफॉर्म पर देख सकते हैं रिजल्ट छात्र अपना रिजल्ट CBSE Official Website, CBSE Results Portal , DigiLocker और UMANG App पर देख सकते हैं। बोर्ड ने अधिक ट्रैफिक को देखते हुए डिजिटल प्लेटफॉर्म का विकल्प दिया है। Prateek Yadav Death Reason : कैसे हुई प्रतीक यादव की मौत? पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में आया बड़ा खुलासा इस साल 85.20 फीसदी रहा रिजल्ट इस वर्ष सीबीएसई 12वीं का कुल पास प्रतिशत (Pass Percentage) 85.20% रहा। पिछले वर्षों की तुलना में यह अच्छा प्रदर्शन माना जा रहा है। बोर्ड के अनुसार छात्र-छात्राओं ने बेहतर परिणाम दिया है। लड़कियों ने फिर मारी बाजी इस बार भी लड़कियों का प्रदर्शन लड़कों से बेहतर रहा। लड़कियों का पास प्रतिशत 88.86% रहा, जबकि लड़कों का पास प्रतिशत 82.13% दर्ज किया गया। यानी लड़कियां लड़कों से 6.73% आगे रहीं। ट्रांसजेंडर छात्रों ने बनाया रिकॉर्ड ट्रांसजेंडर श्रेणी (Transgender Category) के छात्रों का परिणाम शानदार रहा। इस वर्ग का पास प्रतिशत 100% रहा, जिसे बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। MP Government Debt : MP सरकार के खाते में आज आएंगे 1800 करोड़, डेढ़ महीने में बाजार से उठाए 6400 करोड़ मध्यप्रदेश के 80 हजार से ज्यादा छात्र शामिल मध्य प्रदेश से इस परीक्षा में 80 हजार 454 छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे। वहीं Bhopal के 9 हजार 399 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी थी। अब सभी छात्र ऑनलाइन अपना रिजल्ट देख सकते हैं। डिजिटल सिस्टम से हुआ मूल्यांकन इस वर्ष 12वीं की परीक्षाएं 17 फरवरी से 10 अप्रैल 2026 के बीच आयोजित हुई थीं। बोर्ड ने कॉपियों का मूल्यांकन डिजिटल सिस्टम (Digital Evaluation System) से किया, जिससे प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनी रही। MP OBC Reservation Case : हाईकोर्ट में OBC 27% आरक्षण मामले पर आज से बड़ी सुनवाई, 86 मामलों पर होगी बहस सप्लीमेंट्री परीक्षा 15 जुलाई को जो छात्र कंपार्टमेंट (Compartment) में आए हैं या किसी विषय में अंक सुधारना चाहते हैं, उनके लिए सप्लीमेंट्री परीक्षा (Supplementary Exam) 15 जुलाई 2026 को आयोजित होगी। इसके लिए LOC (List of Candidates) जमा करने की प्रक्रिया 2 जून 2026 से शुरू होगी। DigiLocker पर ऐसे देखें रिजल्ट DigiLocker Website पर जाएं। मोबाइल नंबर या आधार नंबर से लॉगिन करें। Education सेक्शन में CBSE चुनें। Class XII Marksheet पर क्लिक करें। रोल नंबर और एडमिट कार्ड आईडी दर्ज करें। मार्कशीट डाउनलोड करें। NEET UG 2026 Paper Leak : पेपर लीक के बाद 3 मई की परीक्षा रद्द, सवाल पूछने पर शिक्षा मंत्री प्रधान ने साधी चुप्पी UMANG App से ऐसे करें चेक UMANG Portal पर जाएं। मोबाइल नंबर से रजिस्टर करें। लॉगिन कर Education सेक्शन खोलें। CBSE Class 12 चुनें। जरूरी जानकारी भरें और सबमिट करें।

PM Fuel Saving Appeal : इंदौर में एक दिन No Car Day ! महापौर पुष्यमित्र की बड़ी घोषणा..

Indore Mayor Pushyamitra Bhargav

PM Fuel Saving Appeal : इंदौर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) द्वारा पेट्रोल बचाने की अपील के बाद इंदौर नगर निगम ने नई पहल शुरू की है। शहर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव (Pushyamitra Bhargav) ने घोषणा की है कि अब शहर में हर सप्ताह एक दिन नो कार डे (No Car Day) के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा। महापौर खुद देंगे उदाहरण महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा है कि वह स्वयं सप्ताह में एक दिन सार्वजनिक परिवहन (Public Transport) या ई-व्हीकल (E-Vehicle) का उपयोग करेंगे। उनका कहना है कि जब जनप्रतिनिधि खुद पहल करेंगे, तब आम लोग भी इससे जुड़ेंगे। Prateek Yadav Death Reason : कैसे हुई प्रतीक यादव की मौत? पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में आया बड़ा खुलासा लोगों को किया जाएगा जागरूक नगर निगम की ओर से शहरवासियों को सप्ताह में एक दिन निजी कार का उपयोग नहीं करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके बदले लोग बस, मेट्रो, ऑटो, साइकिल या ई-व्हीकल का उपयोग कर सकेंगे। इससे ट्रैफिक कम होगा और ईंधन की बचत भी होगी। व्यापारिक संगठनों ने भी दिया साथ इंदौर बेसिक ड्रग्स डीलर एसोसिएशन ने भी इस अभियान का समर्थन किया है। संगठन ने सप्ताह में एक दिन नो कार डे (No Car Day) मनाने का संकल्प लिया है। इससे माना जा रहा है कि शहर में अभियान को और मजबूती मिलेगी। MP Government Debt : MP सरकार के खाते में आज आएंगे 1800 करोड़, डेढ़ महीने में बाजार से उठाए 6400 करोड़ पिछले तीन साल से चल रही पहल इंदौर लगातार पिछले तीन वर्षों से हर साल नो कार डे मनाता आ रहा है। शहर में इस अभियान को लोगों का अच्छा समर्थन मिला है। हर बार बड़ी संख्या में लोग अपनी कार छोड़कर वैकल्पिक साधनों का उपयोग करते हैं। 20 प्रतिशत फ्यूल की हुई थी बचत नगर निगम के अनुसार एक दिन नो कार डे मनाने से शहर में करीब 20 प्रतिशत ईंधन (Fuel) की बचत दर्ज की गई थी। यही कारण है कि अब इसे साल में एक दिन नहीं बल्कि हर सप्ताह एक दिन लागू करने की दिशा में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। MP OBC Reservation Case : हाईकोर्ट में OBC 27% आरक्षण मामले पर आज से बड़ी सुनवाई, 86 मामलों पर होगी बहस पर्यावरण को भी मिलेगा फायदा कारों का उपयोग कम होने से प्रदूषण (Pollution) घटेगा और शहर की हवा बेहतर होगी। साथ ही ट्रैफिक जाम की समस्या में भी राहत मिल सकती है। इंदौर पहले भी स्वच्छता में देशभर में मिसाल बन चुका है, अब परिवहन सुधार में भी नया मॉडल बन सकता है। यहां देखिये वीडियो

Prateek Yadav Death Reason : कैसे हुई प्रतीक यादव की मौत? पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में आया बड़ा खुलासा

Prateek Yadav Death Reason

Prateek Yadav Death Reason : लखनऊ। प्रतीक यादव के निधन मामले में बड़ा अपडेट आया है। जानकारी के मुताबिक उनका पोस्टमॉर्टम (Postmortem) पूरा हो गया है। रिपोर्ट्स में मौत की वजह को लेकर शुरुआती जानकारी भी सामने आई है। 38 साल की उम्र में हुआ निधन समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) के छोटे बेटे और अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के सौतेले भाई प्रतीक यादव का बुधवार 13 मई को निधन हो गया। उनकी उम्र केवल 38 वर्ष थी। इस खबर के बाद राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर फैल गई। MP Government Debt : MP सरकार के खाते में आज आएंगे 1800 करोड़, डेढ़ महीने में बाजार से उठाए 6400 करोड़ लीवर और लंग्स की थी परेशानी रिपोर्ट्स के अनुसार प्रतीक यादव लंबे समय से लीवर (Liver) और फेफड़ों यानी लंग्स (Lungs) से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहे थे। सूत्रों के मुताबिक उनकी तबीयत कई बार बिगड़ी थी, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया जाता था। कई बार मेदांता अस्पताल में हुए भर्ती बताया जा रहा है कि उन्हें कई बार मेदांता हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। जब भी तबीयत ज्यादा खराब होती थी, उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा जाता था। हालत में सुधार होने पर एक या दो दिन बाद उन्हें घर भेज दिया जाता था। MP OBC Reservation Case : हाईकोर्ट में OBC 27% आरक्षण मामले पर आज से बड़ी सुनवाई, 86 मामलों पर होगी बहस कुछ हफ्ते पहले भी हुए थे भर्ती सूत्रों के अनुसार कुछ हफ्ते पहले भी उनकी तबीयत खराब हुई थी। उस समय उन्हें मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसी दौरान अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) भी उनसे मिलने अस्पताल पहुंचे थे। बाद में स्वास्थ्य में सुधार होने पर उन्हें घर ले जाया गया था। बुधवार सुबह अस्पताल लाया गया जानकारी के मुताबिक बुधवार सुबह करीब 6 बजे उन्हें इलाज के लिए लखनऊ के सिविल अस्पताल लाया गया था। यहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिवार और समर्थकों में इस खबर के बाद शोक का माहौल है। यह खबर पूरी पढ़ें … 

MP Government Debt : MP सरकार के खाते में आज आएंगे 1800 करोड़, डेढ़ महीने में बाजार से उठाए 6400 करोड़

MP Government Debt

MP Government Debt : भोपाल। मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार एक बार फिर बाजार से बड़ा कर्ज लेने जा रही है। राज्य सरकार आज कुल 1800 करोड़ रुपए का ऋण (Loan) उठाएगी। इसमें 1200 करोड़ रुपए और 600 करोड़ रुपए के दो अलग-अलग राज्य विकास ऋण (State Development Loan – SDL) शामिल हैं। इससे पहले सरकार अप्रैल 2026 में 4600 करोड़ रुपए का कर्ज ले चुकी है। वित्त विभाग ने जारी की अधिसूचना वित्त विभाग (Finance Department) द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार सरकार ने 7.86% मध्यप्रदेश राज्य विकास ऋण 2042 के तहत 1200 करोड़ रुपए का बॉन्ड (Bond) जारी किया है। इसके साथ ही 600 करोड़ रुपए का एक अन्य ऋण भी लिया जा रहा है। यह ऋण 15 अप्रैल 2026 से प्रभावी माना जाएगा। इसकी नीलामी (Auction) 12 मई 2026 को रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया के मुंबई कार्यालय के माध्यम से की गई थी। भुगतान आज किया जाएगा। Ladli Behna Yojana : बहनों के लिए बड़ी खुशखबरी, सीएम मोहन यादव आज करेंगे लाड़ली बहना योजना की 36वीं किस्त जारी बॉन्ड की अवधि 16 वर्ष तय सरकार द्वारा जारी बॉन्ड की अवधि 16 वर्ष तय की गई है। इसकी मैच्योरिटी (Maturity) 15 अप्रैल 2042 को होगी। निवेशकों को इस पर 7.86 प्रतिशत वार्षिक ब्याज (Annual Interest) मिलेगा। ब्याज का भुगतान हर वर्ष 15 अक्टूबर और 15 अप्रैल को अर्धवार्षिक आधार (Half Yearly Basis) पर किया जाएगा। RBI के ई-कुबेर सिस्टम से हुई नीलामी यह पूरी नीलामी प्रक्रिया RBI के ई-कुबेर (E-Kuber) सिस्टम के माध्यम से ऑनलाइन पूरी हुई। राज्य सरकार ने कुल राशि का 10 प्रतिशत हिस्सा गैर-प्रतिस्पर्धात्मक बोलीदाताओं (Non-Competitive Bidders) के लिए आरक्षित रखा है। साथ ही किसी एक बोलीदाता को अधिकतम 1 प्रतिशत राशि तक ही आवंटन मिलेगा। विकास योजनाओं में होगा उपयोग राज्य सरकार ने साफ किया है कि इस ऋण से मिलने वाली राशि का उपयोग प्रदेश की विकास योजनाओं (Development Schemes) और विभिन्न परियोजनाओं (Projects) के वित्तपोषण में किया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार से जरूरी अनुमति भी ली जा चुकी है। MP OBC Reservation Case : हाईकोर्ट में OBC 27% आरक्षण मामले पर आज से बड़ी सुनवाई, 86 मामलों पर होगी बहस राजस्व अधिशेष की स्थिति भी सामने आई वित्तीय एवं बजटीय स्थिति रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2024-25 में मध्यप्रदेश को 1573.12 करोड़ रुपए का राजस्व अधिशेष (Revenue Surplus) मिला था। वहीं वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान में 7.26 करोड़ रुपए का राजस्व अधिशेष बताया गया है। सरकार पर पहले से 4 लाख करोड़ से ज्यादा कर्ज रिपोर्ट के अनुसार 31 मार्च 2025 तक मध्यप्रदेश सरकार पर कुल 4 लाख 14 हजार 611.56 करोड़ रुपए का बकाया ऋण (Outstanding Debt) है। इसमें बाजार ऋण, वित्तीय संस्थानों से लिए गए कर्ज, केंद्र सरकार से ऋण और अन्य देनदारियां शामिल हैं। NEET UG 2026 Paper Leak : पेपर लीक के बाद 3 मई की परीक्षा रद्द, सवाल पूछने पर शिक्षा मंत्री प्रधान ने साधी चुप्पी अप्रैल में भी लिया था 4600 करोड़ का कर्ज सरकार इससे पहले अप्रैल 2026 में बाजार से 4600 करोड़ रुपए का कर्ज उठा चुकी है। अब फिर 1800 करोड़ रुपए की नई उधारी ली जा रही है। सरकार लगातार विकास कार्यों और योजनाओं के लिए संसाधन जुटाने में लगी है।

Ladli Behna Yojana : बहनों के लिए बड़ी खुशखबरी, सीएम मोहन यादव आज करेंगे लाड़ली बहना योजना की 36वीं किस्त जारी

LADLI BEHNA YODJNA

Ladli Behna Yojana : भोपाल। मध्यप्रदेश की लाखों महिलाओं के लिए आज बड़ी खुशखबरी है। राज्य सरकार आज लाड़ली बहना योजना की 36वीं किस्त जारी करने जा रही है। पात्र महिलाओं के बैंक खातों में सीधे राशि भेजी जाएगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव करेंगे राशि ट्रांसफर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव से सिंगल क्लिक के माध्यम से राशि ट्रांसफर करेंगे। इस कार्यक्रम को लेकर महिलाओं में उत्साह देखा जा रहा है। MP OBC Reservation Case : हाईकोर्ट में OBC 27% आरक्षण मामले पर आज से बड़ी सुनवाई, 86 मामलों पर होगी बहस 1 करोड़ 25 लाख महिलाओं को मिलेगा लाभ सरकार के अनुसार इस बार 1 करोड़ 25 लाख 22 हजार 542 महिलाओं को योजना का लाभ मिलेगा। यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी। इससे महिलाओं को घरेलू खर्च और आर्थिक जरूरतों में मदद मिलेगी। 1835.67 करोड़ रुपये होंगे ट्रांसफर आज जारी होने वाली किस्त के तहत कुल 1,835.67 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे। यह भुगतान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए किया जाएगा। इससे पारदर्शिता बनी रहती है और लाभ सीधे हितग्राहियों तक पहुंचता है। NEET UG 2026 Paper Leak : पेपर लीक के बाद 3 मई की परीक्षा रद्द, सवाल पूछने पर शिक्षा मंत्री प्रधान ने साधी चुप्पी अब तक 55 हजार करोड़ से ज्यादा राशि जारी लाड़ली बहना योजना के तहत अब तक कुल 55,926.51 करोड़ रुपये महिलाओं के खातों में भेजे जा चुके हैं। यह योजना मध्यप्रदेश सरकार की सबसे लोकप्रिय योजनाओं में गिनी जाती है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। हर महीने मिलने वाली राशि से महिलाएं घरेलू जरूरतें पूरी कर रही हैं। कई महिलाएं छोटी बचत (Savings) और स्वरोजगार (Self Employment) में भी इसका उपयोग कर रही हैं। Dhar Bhojshala Hearing : भोजशाला विवाद पर हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी, ASI सर्वे रिपोर्ट और धार्मिक स्वरूप को लेकर उठे बड़े सवाल प्रदेशभर में महिलाओं में उत्साह 36वीं किस्त जारी होने से प्रदेशभर की महिलाओं में खुशी का माहौल है। कई महिलाएं सुबह से ही मोबाइल संदेश और बैंक खाता चेक कर रही हैं। लगातार लाभ मिलने से महिलाओं का भरोसा बढ़ा है।