MP Cabinet Decision : भोपाल। मुख्यमंत्री मोहन यादव (Mohan Yadav) की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मध्य प्रदेश कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण जनहितकारी प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद प्रदेश के MSME मंत्री चैतन्य कुमार कश्यप (Chaitanya Kumar Kashyap) ने फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने शिक्षा, किसान कल्याण, सामाजिक योजनाओं और समान नागरिक संहिता (UCC) समेत कई अहम मुद्दों पर निर्णय लिए हैं।
UCC को लेकर मिले 9 लाख सुझाव
कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री ने बताया कि समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर प्रदेशभर में व्यापक जनसंवाद अभियान चलाया गया। इस दौरान सरकार को करीब 9 लाख सुझाव प्राप्त हुए हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार लगभग 90 प्रतिशत सुझाव UCC के समर्थन में मिले हैं। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक वर्ग ने भी इस विषय पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। सरकार को 5 जुलाई तक अंतिम प्रस्ताव प्राप्त हो जाएगा, जिसके बाद आगामी विधानसभा सत्र में इसे सदन में प्रस्तुत किया जा सकता है।
राष्ट्रपति की यात्रा और जल गंगा अभियान की समीक्षा
बैठक में मुख्यमंत्री ने हाल ही में राष्ट्रपति की मध्य प्रदेश यात्रा की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति ने सिकल सेल रोग से जुड़े एक बड़े सम्मेलन को संबोधित किया और कूनो क्षेत्र का भी दौरा किया। इसके साथ ही जल गंगा संवर्धन अभियान की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर व्यापक कार्य किए गए हैं।
प्रदेश को इस अभियान में देशभर में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है। डिंडौरी और खंडवा देश के शीर्ष 10 जिलों में शामिल हुए हैं, जबकि इंदौर और खंडवा के नगरीय निकायों को भी विशेष स्थान मिला है।
जुलाई में होंगे विशेष सांस्कृतिक और सामाजिक आयोजन
सरकार ने निर्णय लिया है कि 23 जुलाई से 15 दिनों तक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन और विचारों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा 15 से 29 जुलाई तक प्रदेशभर में गुरु पूर्णिमा उत्सव मनाया जाएगा। इन कार्यक्रमों का आयोजन स्कूल शिक्षा विभाग के माध्यम से किया जाएगा। सांदीपनि विद्यालयों में भी विशेष आयोजन होंगे, जिनमें प्रभारी मंत्री शामिल रहेंगे।
5365 करोड़ की योजनाओं को मंजूरी
कैबिनेट ने 5365 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं की निरंतरता को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना और खाद्यान्न आपूर्ति परिवहन योजना को भी आगे जारी रखने का फैसला लिया गया है। सरकार का मानना है कि इन योजनाओं से समाज के विभिन्न वर्गों को सीधा लाभ मिलेगा।
किसानों और शिक्षा क्षेत्र को बड़ी सौगात
किसान कल्याण को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने ब्याज मुक्त ऋण योजना में बदलाव को मंजूरी दी है। अब किसानों को मिलने वाला शून्य प्रतिशत ब्याज वाला ऋण पूरे एक वर्ष की अवधि के लिए उपलब्ध रहेगा। जिस दिन किसान ऋण लेगा, उसी दिन से एक वर्ष बाद उसकी देय तिथि तय होगी। इससे किसानों को आर्थिक दबाव और तनाव से राहत मिलने की उम्मीद है।
वहीं, अगले तीन वर्षों में शत-प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों के उन्नयन को भी मंजूरी दी गई है। इसके अलावा शुजालपुर में नए विधि महाविद्यालय की स्थापना और पदों के सृजन को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।