Bareilly Viral Video : बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली में मुहर्रम जुलूस के दौरान ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे का एक वीडियो सामने आने के बाद हड़कंप मच गया। पुलिस जांच में मामला अलग दिशा में जाता दिखाई दिया, जिसके बाद दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के कुछ अन्य मामलों में भी जांच के बाद ऐसे लोगों पर कार्रवाई हुई है, जिन पर माहौल खराब करने और दूसरे समुदाय को बदनाम करने की कोशिश के आरोप लगे हैं।
बरेली में वीडियो वायरल होने के बाद कार्रवाई
बरेली के हाफिजगंज थाना क्षेत्र के खाईखेड़ा गांव में मुहर्रम जुलूस के दौरान एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। आरोप है कि एक व्यक्ति ने भीड़ में मौजूद एक नाबालिग से नारे लगवाकर उसका वीडियो रिकॉर्ड किया और उसे सोशल मीडिया पर साझा कर दिया।
पुलिस ने मामले की जांच के बाद योगेंद्र पाल और भुवनेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
स्थानीय लोगों ने भाईचारा बनाए रखने की अपील की
गांव के लोगों का कहना है कि इलाके में लंबे समय से सभी समुदाय मिल-जुलकर रहते आए हैं। उनका कहना है कि कुछ घटनाएं सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास कर सकती हैं, इसलिए अफवाहों और भड़काऊ गतिविधियों से बचना जरूरी है।
बिजनौर में राजनीतिक रंजिश का मामला
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के चांगीपुर गांव में गौकशी से जुड़े एक मामले की जांच के दौरान पुलिस को राजनीतिक रंजिश का एंगल मिला। जांच में सामने आया कि गांव के दो पक्षों के बीच चुनावी प्रतिस्पर्धा और पुरानी नाराजगी को लेकर विवाद चल रहा था। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच जारी है।
महाराष्ट्र में बुर्का पहनकर गोश्त फेंकने का आरोप
महाराष्ट्र के अहमदनगर में बकरीद के दौरान एक महिला पर बुर्का पहनकर एक इलाके में गोश्त फेंकने का आरोप लगा। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों की जांच के बाद संबंधित महिला को हिरासत में लिया।
जांच के बाद सामने आई अलग तस्वीर
इन मामलों में पुलिस का कहना है कि शुरुआती जानकारी और वायरल दावों के बजाय तथ्यों और सबूतों के आधार पर जांच की गई। कई मामलों में जांच के बाद घटनाओं की वास्तविक स्थिति सामने आई, जिसके बाद आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई।
सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील
स्थानीय लोगों और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी वायरल वीडियो या अफवाह पर तुरंत विश्वास न करें। किसी भी संवेदनशील मामले में आधिकारिक जांच पूरी होने तक संयम बनाए रखना और कानून व्यवस्था में सहयोग करना जरूरी है।