ISRO Bomb Threat : नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण संस्थानों और एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान को बम से उड़ाने की कथित फर्जी धमकी देने वाले ईमेल के मामले में गाजियाबाद के एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार, 29 जून को भेजे गए ईमेल में कई प्रमुख सरकारी संस्थानों और एक एयर इंडिया की उड़ान में बम होने का दावा किया गया था। सूचना मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल मानक सुरक्षा प्रक्रिया अपनाई। जांच के दौरान सभी धमकियां फर्जी पाई गईं और अब मामले की विस्तृत जांच जारी है।
इन संस्थानों और उड़ान को मिली थी धमकी
पुलिस के अनुसार, धमकी भरे ईमेल में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA), भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO), रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO), न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NPCIL) और नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) सहित कई संवेदनशील संस्थानों का उल्लेख किया गया था।
इसके अलावा नई दिल्ली से न्यूयॉर्क जाने वाली एयर इंडिया की एक उड़ान को भी निशाना बनाए जाने का दावा किया गया। ईमेल मिलते ही संबंधित एजेंसियों ने सुरक्षा जांच शुरू की और सभी आवश्यक एहतियाती कदम उठाए। जांच पूरी होने के बाद किसी भी स्थान या विमान में विस्फोटक सामग्री नहीं मिली।
तकनीकी जांच से संदिग्ध तक पहुंची पुलिस
दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच के दौरान धमकी वाले ईमेल से जुड़े दो ईमेल खातों का तकनीकी विश्लेषण किया। डिजिटल जांच और ईमेल रिकॉर्ड की पड़ताल के दौरान एक मोबाइल नंबर की जानकारी मिली, जिसके आधार पर पुलिस संदिग्ध तक पहुंची।
Datia By election : दतिया उपचुनाव के लिए 30 जुलाई को वोटिंग, 3 अगस्त को आएगा रिजल्ट
तकनीकी निगरानी के जरिए पुलिस ने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित संयोग नगर में एक व्यक्ति का पता लगाया और उसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान उसके घर से कोई विस्फोटक या संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं हुई है।
मानसिक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी आई सामने
पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह जानकारी सामने आई है कि हिरासत में लिया गया व्यक्ति वर्ष 2008 से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी उपचार ले रहा है। परिवार के सदस्यों ने भी उसके लंबे समय से इलाज चलने की जानकारी पुलिस को दी है।
हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है और ईमेल भेजे जाने के पीछे की मंशा का पता लगाया जा रहा है। किसी भी व्यक्ति की चिकित्सीय स्थिति और मामले में उसकी कानूनी जिम्मेदारी का अंतिम आकलन जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।
जांच के बाद होगी आगे की कानूनी कार्रवाई
दिल्ली पुलिस का कहना है कि फिलहाल मामले की सभी परिस्थितियों की जांच की जा रही है। डिजिटल साक्ष्यों, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और पूछताछ के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कथित ईमेल किस उद्देश्य से भेजे गए थे।
Update : भोपाल डबल मर्डर केस में बड़ा सुराग, ऑनलाइन पेमेंट से संदिग्ध की पहचान; अब जांच तेज
जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की फर्जी बम धमकी या अफवाह फैलाना गंभीर अपराध है और ऐसी घटनाएं सुरक्षा एजेंसियों के संसाधनों पर अनावश्यक दबाव डालती हैं।