Capgemini Daycare Video Viral : कर्नाटक। बेंगलुरु में एक आईटी कंपनी के कैंपस में संचालित डे-केयर सेंटर से जुड़े कथित दुर्व्यवहार के मामले ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए कुछ वीडियो के आधार पर आरोप लगाए गए हैं कि एक छोटे बच्चे के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। मामले की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने पांच महिला केयरगिवर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही कर्नाटक राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी इस मामले का संज्ञान लेते हुए रिपोर्ट तलब करने की बात कही है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और अधिकारियों द्वारा सभी तथ्यों की पुष्टि की जा रही है।
Datia By election : दतिया उपचुनाव के लिए 30 जुलाई को वोटिंग, 3 अगस्त को आएगा रिजल्ट
वायरल वीडियो के आधार पर दर्ज हुआ मामला
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में कथित तौर पर एक बच्चा रोता हुआ दिखाई दे रहा है और उसके साथ अनुचित व्यवहार किए जाने का आरोप लगाया गया है। वीडियो में दिखाई देने वाले दृश्य सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा का विषय बने हुए हैं।
पुलिस का कहना है कि वीडियो सामने आने के बाद डे-केयर सेंटर की पहचान की गई और प्रारंभिक जांच के आधार पर पांच महिला कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
अधिकारियों के अनुसार, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कितने बच्चे इस कथित दुर्व्यवहार से प्रभावित हुए हैं। मामले की विस्तृत जांच जारी है और सभी साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है।
पुलिस और बाल अधिकार आयोग कर रहे हैं जांच
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, डे-केयर सेंटर का उपयोग कंपनी परिसर में कार्यरत कर्मचारियों के छोटे बच्चों की देखभाल के लिए किया जाता था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि डे-केयर सेंटर का संचालन सीधे कंपनी द्वारा किया जा रहा था या किसी बाहरी एजेंसी को इसकी जिम्मेदारी दी गई थी।
पांचों महिला कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, कर्नाटक राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी पूरे मामले की स्वतंत्र जांच करने और संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट प्राप्त करने का निर्णय लिया है।
कंपनी ने सेंटर अस्थायी रूप से बंद किया
कंपनी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि कर्मचारियों और उनके परिवारों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। कंपनी ने जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करने की बात कही है।
एहतियात के तौर पर बेंगलुरु स्थित ऑन-कैंपस डे-केयर सेंटर को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। कंपनी का कहना है कि मामले की पूरी जांच होने तक आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय बनाए रखा जाएगा।
डे-केयर क्या होता है
डे-केयर सेंटर ऐसे स्थान होते हैं, जहां कामकाजी माता-पिता अपने छोटे बच्चों को कुछ समय के लिए सुरक्षित देखभाल, भोजन और शुरुआती सीखने की गतिविधियों के लिए छोड़ते हैं।
Viral Video : थाने जा रही भाभी को देवर ने बेरहमी से पीटा, वीडियो वायरल के बाद पुलिस ने किया गिरफ्तार
ऐसे में किसी भी डे-केयर का चयन करने से पहले उसका लाइसेंस, पंजीकरण, सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी, स्टाफ की ट्रेनिंग और स्वच्छता की जांच करना जरूरी है। अभिभावकों को समय-समय पर बिना पूर्व सूचना के डे-केयर का दौरा करना चाहिए और बच्चे के व्यवहार, स्वास्थ्य तथा मनोदशा में होने वाले बदलावों पर भी ध्यान देना चाहिए।
यदि बच्चे के साथ दुर्व्यवहार का संदेह हो तो क्या करें
यदि किसी अभिभावक को अपने बच्चे के साथ डे-केयर में दुर्व्यवहार का संदेह हो, तो सबसे पहले संबंधित पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इसके साथ ही स्थानीय बाल कल्याण समिति या बाल सुरक्षा अधिकारियों को भी सूचना देना आवश्यक है।
जरूरत पड़ने पर बच्चे का चिकित्सकीय परीक्षण कराया जा सकता है और कानूनी सलाह लेकर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अभिभावकों, डे-केयर प्रबंधन और संबंधित सरकारी एजेंसियों के बीच पारदर्शिता और नियमित निगरानी बेहद महत्वपूर्ण है।