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Viral Video : थाने जा रही भाभी को देवर ने बेरहमी से पीटा, वीडियो वायरल के बाद पुलिस ने किया गिरफ्तार

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Viral Video : उत्तर प्रदेश। कानपुर जिले के गुजैनी थाना क्षेत्र में एक महिला, उसके पति और पांच वर्षीय बेटी के साथ बीच सड़क मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि महिला अपने पति और बेटी के साथ मकान विवाद की शिकायत दर्ज कराने थाने जा रही थी। इसी दौरान रास्ते में कुछ लोगों ने उनका रास्ता रोक लिया और कथित तौर पर मारपीट की। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मकान विवाद के बीच रास्ते में रोका परिवार जानकारी के अनुसार, पीड़िता पूजा शर्मा अपने पति संदीप शर्मा और पांच वर्षीय बेटी के साथ बाइक से थाने जा रही थीं। आरोप है कि रास्ते में उनके रिश्तेदार हेमंत उर्फ हिमांशु शर्मा, उसके साथी संदीप सचान और एक अन्य व्यक्ति ने बाइक रोक ली। Pakistan Gurdwara Demolition : 125 साल पुराने गुरुद्वारे को तोड़ने पर भारत का कड़ा विरोध, कहा – पाक ने जानबूझकर की गई हरकत! इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। घटना सार्वजनिक सड़क पर हुई, जिससे वहां मौजूद लोगों की भीड़ जुट गई। इस दौरान किसी राहगीर ने पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वायरल वीडियो में मारपीट का दृश्य आया सामने सोशल मीडिया पर वायरल हुए करीब 25 सेकंड के वीडियो में कुछ लोग महिला और उसके परिवार के साथ मारपीट करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो के आधार पर दावा किया जा रहा है कि हमलावरों ने महिला पर जूते-चप्पलों से कई बार हमला किया। घटना के दौरान बाइक पर बैठी पांच वर्षीय बच्ची भी बीच में मौजूद थी और उसे भी चोट लगने की बात सामने आई है। परिवार का आरोप है कि महिला के पति ने जब बीच-बचाव की कोशिश की तो उनके साथ भी मारपीट की गई। फिलहाल इन दावों की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। MP Religious Tourism : CM मोहन यादव आज करेंगे धार्मिक पर्यटन की मेगा समीक्षा, MP में विरासत संरक्षण को मिलेगा नया आयाम पुलिस ने दर्ज किया मामला घटना का वीडियो सामने आने के बाद गुजैनी थाना पुलिस ने तत्काल संज्ञान लिया। पुलिस पीड़ित महिला को मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल लेकर गई और उसकी शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मुख्य आरोपी हेमंत शर्मा और उसके साथी संदीप सचान को गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना में शामिल तीसरे आरोपी की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है और उसकी तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और वीडियो फुटेज के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सभी पहलुओं की हो रही पड़ताल पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और घटना से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि की जाएगी। वायरल वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम का परीक्षण किया जा रहा है। WhatsApp Username फीचर पर भारत में रोक! केंद्र ने भेजा Meta को नोटिस अधिकारियों ने कहा है कि यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस सभी पक्षों से पूछताछ कर मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है। यहां देखिये सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो

Bhopal E-Bus Service: भोपाल में 15 जुलाई से दौड़ेंगी 20 नई ई-बसें! सिर्फ 2 रुपये में सफर, इन 10 रूटों के यात्रियों को बड़ी राहत

Bhopal E-Bus Service: भोपाल और आसपास के इलाकों में सफर करने वाले लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। 15 जुलाई से शहर में 20 नई इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू होने जा रहा है। ये बसें 10 अलग-अलग रूटों पर चलेंगी और मंडीदीप, सीहोर व औबेदुल्लागंज तक जाएंगी। खास बात यह है कि यात्रियों को सिर्फ 2 रुपये से सफर की सुविधा मिलेगी। India-Japan Summit: गार्ड ऑफ ऑनर से हुआ स्वागत, PM मोदी-ताकाइची की बैठक में होंगे कई बड़े फैसले! 15 जुलाई से शुरू होगी नई सेवा भोपाल में 4 जुलाई तक सभी नई ई-बसें पहुंच जाएंगी, जिसके बाद 15 जुलाई से उनका संचालन शुरू कर दिया जाएगा। इन बसों के शुरू होने से रोजाना हजारों यात्रियों को बेहतर और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन मिलेगा। नगर निगम क्षेत्र के बाहर भी इनका संचालन किया जाएगा। Pakistan Gurdwara Demolition : 125 साल पुराने गुरुद्वारे को तोड़ने पर भारत का कड़ा विरोध, कहा – पाक ने जानबूझकर की गई हरकत! सिर्फ 2 रुपये से शुरू होगा किराया नई ई-बसों में 1.5 किलोमीटर तक का सफर केवल 2 रुपये में किया जा सकेगा। कम किराए के साथ यात्रियों को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बसों की सुविधा मिलेगी। सरकार का लक्ष्य इस साल के अंत तक 100 और अगले साल तक कुल 140 ई-बसों का बेड़ा तैयार करना है। ‘चलो’ ऐप से मिलेगी स्मार्ट सुविधा यात्री ‘चलो’ ऐप के जरिए टिकट बुक कर सकेंगे और बस की लाइव लोकेशन भी देख पाएंगे। इससे बस स्टॉप पर लंबे इंतजार से राहत मिलेगी और सफर पहले से ज्यादा आसान होगा। Seoni Dhan Mahotsav: खेत में उतरे CM मोहन यादव, किसानों संग की धान की रोपाई, फिर 494 करोड़ की सौगात और कई बड़े ऐलान! इन रूटों पर दौड़ेंगी नई ई-बसें नई बसें परवलिया सड़क-औबेदुल्लागंज, सीहोर-कटारा बायपास, अटल बिहारी हिंदी विश्वविद्यालय-बगरोदा, सूखी सेवनिया-भोजपुर, अचारपुरा-बिलकिसगंज, निशातपुरा कोच फैक्ट्री-औबेदुल्लागंज, फंदा-मंडीदीप और बिलखिरिया-सीहोर समेत कुल 10 रूटों पर चलाई जाएंगी। इससे शहर के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों के लोगों को भी सीधा लाभ मिलेगा। सबसे लंबे और छोटे रूट की भी होगी सुविधा सबसे लंबा रूट सीहोर से रातापानी तक करीब 68.5 किलोमीटर का होगा, जबकि सबसे छोटा रूट अचारपुरा इंडस्ट्रियल एरिया से बीडीए कॉलोनी तक करीब 32 किलोमीटर लंबा रहेगा। इन रूटों पर चलने वाली ई-बसें शहर और आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाएंगी।

Pakistan Gurdwara Demolition : 125 साल पुराने गुरुद्वारे को तोड़ने पर भारत का कड़ा विरोध, कहा – पाक ने जानबूझकर की गई हरकत!

Pakistan Gurdwara Demolition

Pakistan Gurdwara Demolition : नई दिल्ली। पाकिस्तान के फारूकाबाद में स्थित लगभग 125 वर्ष पुराने श्री गुरु सिंह सभा साहिब गुरुद्वारे को तोड़े जाने की घटना पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है। भारत सरकार ने इस घटना को बेहद दुखद, निंदनीय और धार्मिक आस्था पर चोट पहुंचाने वाला बताया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह केवल एक ऐतिहासिक धार्मिक स्थल का नुकसान नहीं है, बल्कि धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और उनके अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला भी है। भारत ने पाकिस्तान सरकार से तत्काल जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और गुरुद्वारे के क्षतिग्रस्त हिस्से का जल्द पुनर्निर्माण सुनिश्चित करने की मांग की है। Indus Waters Treaty : सिंधु जल संधि पर फिर गरमाई बयानबाजी, बिलावल भुट्टो ने भारत को फिर दी परमाणु की धमकी विदेश मंत्रालय ने घटना को बताया लक्षित तोड़फोड़ विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने इस ऐतिहासिक गुरुद्वारे के विध्वंस से जुड़ी रिपोर्टों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उनके अनुसार यह घटना सामान्य नहीं बल्कि एक लक्षित तोड़फोड़ का मामला प्रतीत होती है। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन और इवेक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ETPB) की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने की खबरें भी चिंताजनक हैं। भारत का कहना है कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई और जवाबदेही तय करना आवश्यक है, ताकि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर उठाए सवाल भारत ने अपने बयान में कहा कि यह कोई अकेली घटना नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों और उनके पूजा स्थलों पर हमलों की कई घटनाएं सामने आई हैं। भारत ने कहा कि ऐसे मामलों से वहां धार्मिक असहिष्णुता और सांप्रदायिक तनाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। Shoaib Akhtar Brother Funeral : पाक का ‘टेरर लव’ फिर एक्सपोज, शोएब अख्तर के भाई के जनाजे में आए लश्कर के आतंकी सरकार ने पाकिस्तान से अपील की है कि वह अपने यहां रहने वाले सभी अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करे और उनके धार्मिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए। पुनर्निर्माण और दोषियों पर कार्रवाई की मांग भारत ने पाकिस्तान सरकार से मांग की है कि गुरुद्वारे के क्षतिग्रस्त हिस्से का जल्द पुनर्निर्माण कराया जाए और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को कानून के तहत सख्त सजा दी जाए। विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा किसी भी देश की संवैधानिक और नैतिक जिम्मेदारी होती है। ऐसे मामलों में समयबद्ध जांच और पारदर्शी कार्रवाई से ही प्रभावित समुदाय का विश्वास कायम रखा जा सकता है। अंतरराष्ट्रीय दायित्वों की याद दिलाई भारत ने पाकिस्तान को यह भी याद दिलाया कि धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा करना उसकी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियों का हिस्सा है। सरकार ने कहा कि सांप्रदायिक हिंसा और धार्मिक असहिष्णुता के माहौल को समाप्त करने के लिए ठोस कदम उठाना जरूरी है। Indus Water Treaty Controversy : अगर पानी रुका तो होगा भारत से युद्ध … पाक रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की धमकी भारत का मानना है कि सभी समुदायों को अपने धार्मिक स्थलों पर सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण मिलना चाहिए। इसी उद्देश्य से भारत ने इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और धार्मिक स्थल के संरक्षण की मांग दोहराई है। यहां देखिये वीडियो…

India-Japan Summit: गार्ड ऑफ ऑनर से हुआ स्वागत, PM मोदी-ताकाइची की बैठक में होंगे कई बड़े फैसले!

India-Japan Summit: जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के भारत दौरे की औपचारिक शुरुआत गुरुवार को राष्ट्रपति भवन में गार्ड ऑफ ऑनर के साथ हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में उनका भव्य स्वागत किया गया। इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा, निवेश, तकनीक और रणनीतिक साझेदारी से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। Indian Sailor Case: वेनेजुएला से आया भारतीय नाविक का शव, परिवार का दावा- दिल, दिमाग, फेफड़े समेत कई अंग गायब ! राष्ट्रपति भवन में हुआ औपचारिक स्वागत नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची को फॉर्मल गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे का अभिवादन किया और भारत-जापान संबंधों को नई ऊंचाई देने की प्रतिबद्धता जताई। Amarnath Yatra 2026: अमरनाथ यात्रा में महिला सुरक्षा का मजबूत घेरा, नुनवान बेस कैंप पर तैनात हुईं CRPF की महिला जवान मोदी-ताकाइची के बीच होगी अहम बैठक गार्ड ऑफ ऑनर के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सनाए ताकाइची के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी। बैठक में व्यापार, रक्षा सहयोग, आधुनिक तकनीक, निवेश, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा और दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। भारत दौरे को जापान ने बताया अहम भारत पहुंचने के बाद जापान सरकार की ओर से भी इस यात्रा को बेहद महत्वपूर्ण बताया गया। जापान के कैबिनेट पब्लिक रिलेशंस ऑफिसर ने सोशल मीडिया पर भारत के गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभार जताते हुए कहा कि यह दौरा दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा देगा। WhatsApp Username फीचर पर भारत में रोक! केंद्र ने भेजा Meta को नोटिस पालम एयरपोर्ट पर हुआ स्वागत बुधवार को दिल्ली पहुंचने पर केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने पालम तकनीकी हवाई अड्डे पर जापानी प्रधानमंत्री का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह यात्रा भारत-जापान संबंधों को और मजबूत बनाने का महत्वपूर्ण अवसर है। वार्षिक शिखर सम्मेलन पर टिकी नजरें सनाए ताकाइची अपनी तीन दिवसीय भारत यात्रा के दौरान भारत-जापान वार्षिक शिखर बैठक में भी हिस्सा लेंगी। इस सम्मेलन में कई महत्वपूर्ण समझौतों और नई साझेदारियों पर सहमति बनने की उम्मीद है। MP Religious Tourism : CM मोहन यादव आज करेंगे धार्मिक पर्यटन की मेगा समीक्षा, MP में विरासत संरक्षण को मिलेगा नया आयाम निवेश और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जापान की कई बड़ी कंपनियां भारत में करीब 12.5 अरब डॉलर के निवेश की तैयारी कर रही हैं। वहीं भारत-जापान आर्थिक मंच में 150 से अधिक कंपनियां भाग ले रही हैं। माना जा रहा है कि इस दौरे से निवेश, उद्योग, तकनीक और रोजगार के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग और मजबूत होगा।

MP Religious Tourism : CM मोहन यादव आज करेंगे धार्मिक पर्यटन की मेगा समीक्षा, MP में विरासत संरक्षण को मिलेगा नया आयाम

CM Mohan Yadav on MP UCC

MP Religious Tourism : भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को संस्कृति एवं धर्मस्व विभाग की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक करेंगे। इस बैठक में प्रदेश की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाओं की प्रगति का विस्तृत आकलन किया जाएगा। बैठक का मुख्य उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना, विरासत स्थलों का संरक्षण करना और ऐतिहासिक धरोहरों को आधुनिक सुविधाओं के साथ विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना है। सरकार इन परियोजनाओं के माध्यम से पर्यटन, संस्कृति और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति देने की दिशा में आगे बढ़ रही है। ओरछा, मांडू और ग्वालियर किले की परियोजनाओं पर विशेष समीक्षा बैठक की शुरुआत ओरछा में चल रही विकास परियोजनाओं की समीक्षा से होगी। इसके बाद सिटी म्यूजियम की प्रगति रिपोर्ट पर चर्चा की जाएगी। सरकार मांडू को “ए मीडीवल वंडर” के रूप में विकसित करने की योजना पर भी विस्तार से विचार करेगी। इस परियोजना के तहत ऐतिहासिक स्मारकों का संरक्षण, नाइट टूरिज्म को बढ़ावा और डिजिटल तकनीक के माध्यम से पर्यटकों को नया अनुभव देने की तैयारी की जा रही है। WhatsApp Username फीचर पर भारत में रोक! केंद्र ने भेजा Meta को नोटिस वहीं ग्वालियर किले के संरक्षण और विकास को लेकर आगा खान ट्रस्ट और इंडिगो की ओर से प्रस्तुति भी दी जाएगी, जिसमें किले को आधुनिक सुविधाओं के साथ विरासत पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाने की योजना शामिल रहेगी। महेश्वर, राजवाड़ा और लालबाग पैलेस के विकास पर होगी चर्चा मुख्यमंत्री महेश्वर विकास परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा करेंगे। इस योजना के तहत नर्मदा घाटों, मंदिरों और ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण करते हुए धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है। इंदौर के ऐतिहासिक लालबाग पैलेस के भविष्य के संचालन और ‘एडॉप्टिव रीयूज’ मॉडल पर भी चर्चा होगी, ताकि इस धरोहर का उपयोग संग्रहालय, सांस्कृतिक केंद्र या सार्वजनिक गतिविधियों के लिए किया जा सके। इसके साथ ही राजवाड़ा में प्रस्तावित इमर्सिव एक्सपीरियंस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) पर भी विचार किया जाएगा, जिसमें आधुनिक डिजिटल तकनीक और 3D प्रोजेक्शन के जरिए होल्कर इतिहास को आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करने की योजना है। Seoni Dhan Mahotsav: खेत में उतरे CM मोहन यादव, किसानों संग की धान की रोपाई, फिर 494 करोड़ की सौगात और कई बड़े ऐलान! भोपाल, उज्जैन और चित्रकूट की परियोजनाओं को मिलेगा नया स्वरूप बैठक में भोपाल स्थित राज्य संग्रहालय में प्रस्तावित लाइट एंड साउंड शो की प्रगति की समीक्षा भी होगी। इसका उद्देश्य आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदेश के इतिहास और संस्कृति को नए अंदाज में प्रस्तुत करना है। उज्जैन स्थित वीर दुर्गादास राठौड़ की छत्री में डिजिटल इमर्सिव अनुभव विकसित करने की योजना पर भी चर्चा होगी। इसके अलावा चित्रकूट के परिक्रमा पथ, भारत घाट और तीर्थयात्रियों की सुविधाओं के विकास कार्यों की समीक्षा की जाएगी, ताकि धार्मिक यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। सरस्वती लोक, नर्मदा लोक और सांची संग्रहालय पर रहेगा विशेष ध्यान बैठक में धार में प्रस्तावित सरस्वती लोक परियोजना पर भी विस्तार से चर्चा होगी। यह परियोजना राजा भोज, भोजशाला और मां सरस्वती की विरासत पर आधारित एक आधुनिक ज्ञान एवं सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित की जाएगी। यहां डिजिटल संग्रहालय, शोध केंद्र और आधुनिक पर्यटन सुविधाएं विकसित करने की योजना है। Shipra Aarti Fight : शिप्रा आरती में मारपीट! दीपक बेचने को लेकर महिलाओं – पुजारियों में झगड़ा, वीडियो वायरल अमरकंटक में प्रस्तावित नर्मदा लोक परियोजना के तहत मां नर्मदा उद्गम स्थल का सौंदर्यीकरण, घाट विकास, लाइट एंड साउंड शो और पर्यटक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। वहीं सांची रिलिक्स म्यूजियम को विश्वस्तरीय डिजिटल संग्रहालय के रूप में विकसित करने की योजना है, जहां भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों का आधुनिक तकनीक के माध्यम से संरक्षण और प्रदर्शन किया जाएगा। राम पथ गमन और श्रीकृष्ण पथेय परियोजनाओं पर बनेगी रणनीति बैठक के अंतिम चरण में भगवान श्रीराम के राम पथ गमन और श्रीकृष्ण पथेय परियोजनाओं का कॉन्सेप्ट प्रेजेंटेशन मुख्यमंत्री के सामने रखा जाएगा। इन परियोजनाओं का उद्देश्य भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े प्रमुख धार्मिक स्थलों को एक पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करना है। Sagar Hospital Case Update : नोजल ड्रॉप से नहीं कुपोषण से गई बच्चे की आँखों की रोशनी… जांच रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा सरकार का मानना है कि इससे धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिलेगी, प्रदेश में पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी तैयार होंगे। इन सभी योजनाओं के माध्यम से मध्य प्रदेश को धार्मिक, सांस्कृतिक और विरासत पर्यटन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं।

WhatsApp Username फीचर पर भारत में रोक! केंद्र ने भेजा Meta को नोटिस

WhatsApp Username Feature

WhatsApp Username Feature : व्हाट्सएप का नया यूजरनेम फीचर लॉन्च होने से पहले ही विवादों में आ गया है। भारत सरकार ने इस फीचर को लेकर Meta को नोटिस जारी किया है और तीन दिनों के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए हैं। सरकार का कहना है कि जब तक इस फीचर को लेकर पूरी चर्चा और परामर्श प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक इसे भारत में लॉन्च नहीं किया जाना चाहिए। सरकार को आशंका है कि इस फीचर का गलत इस्तेमाल करके साइबर अपराध और पहचान की चोरी जैसे मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है। इसी वजह से इस पूरे मामले पर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सरकार ने क्यों भेजा Meta को नोटिस? केंद्र सरकार ने बुधवार को Meta को आधिकारिक नोटिस जारी किया। सरकार ने स्पष्ट किया कि WhatsApp का Username Feature अभी भारत में लागू नहीं किया जाना चाहिए। सरकार का मानना है कि यदि यह फीचर बिना पर्याप्त सुरक्षा उपायों के लॉन्च होता है, तो साइबर अपराधियों को लोगों को धोखा देने का नया माध्यम मिल सकता है। सरकार ने कंपनी से कहा है कि पहले इस विषय पर विस्तृत चर्चा की जाए और उसके बाद ही आगे का फैसला लिया जाएगा। Meta को तीन दिनों के भीतर अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है। Seoni Dhan Mahotsav: खेत में उतरे CM मोहन यादव, किसानों संग की धान की रोपाई, फिर 494 करोड़ की सौगात और कई बड़े ऐलान! सरकार ने किन खतरों की जताई आशंका? सरकार का कहना है कि Username आधारित पहचान से लोगों की वास्तविक पहचान छिप सकती है। इससे फर्जी अकाउंट बनाना आसान हो सकता है। साइबर अपराधी किसी बैंक, सरकारी संस्था, बड़ी कंपनी या प्रसिद्ध व्यक्ति से मिलता-जुलता यूजरनेम बनाकर लोगों को भ्रमित कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में ऑनलाइन ठगी, फिशिंग और पहचान की चोरी जैसे मामलों में बढ़ोतरी होने की संभावना है। यही कारण है कि सरकार इस फीचर को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरत रही है। आईटी नियमों का पालन करने के निर्देश सरकार ने Meta को याद दिलाया है कि WhatsApp भारत में एक Significant Social Media Intermediary (SSMI) है। इसलिए कंपनी पर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और आईटी नियमों के तहत तय सभी जिम्मेदारियां लागू होती हैं। सरकार का कहना है कि यूजर्स की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी नए फीचर को लागू करने से पहले उसके संभावित प्रभावों का आकलन जरूरी है। MP Teacher Shortage : मप्र सरकारी स्कूलों की व्यवस्था पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब, 17 अगस्त तक रखें अपना पक्ष WhatsApp ने क्या दिया जवाब? WhatsApp के प्रवक्ता ने कहा है कि Username Feature अभी तक लाइव नहीं किया गया है। कंपनी की योजना इसे इस वर्ष के अंत तक जारी करने की है। Meta के अनुसार, फर्जी पहचान रोकने के लिए सरकारी संस्थानों, सार्वजनिक हस्तियों, प्रसिद्ध हस्तियों और Meta Verified अकाउंट्स से जुड़े कई यूजरनेम पहले से सुरक्षित रखे गए हैं। इसके अलावा उनसे मिलते-जुलते कई अन्य नाम भी रिजर्व किए गए हैं ताकि कोई उनका गलत इस्तेमाल न कर सके। Username Feature से बढ़ सकती हैं ये समस्याएं विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं रही तो साइबर ठग मोबाइल नंबर छिपाकर लोगों से संपर्क कर सकते हैं। इससे निवेश घोटाले, नौकरी के नाम पर ठगी और फिशिंग जैसे अपराध बढ़ सकते हैं। वर्तमान में मोबाइल नंबर देखकर किसी व्यक्ति की पहचान का अंदाजा लगाया जा सकता है, लेकिन Username आने के बाद वास्तविक पहचान करना अधिक कठिन हो सकता है। इससे आम लोगों के लिए असली और नकली अकाउंट में अंतर करना चुनौतीपूर्ण बन सकता है। MP Congress Infighting : निधि चतुर्वेदी का दिग्विजय सिंह पर बड़ा हमला! पुत्र मोह में डूबे पूर्व CM, बीजेपी को दे रहे ऑक्सीजन जांच एजेंसियों और कारोबार पर भी पड़ सकता है असर यदि अपराधी Username का इस्तेमाल करके धोखाधड़ी करते हैं तो जांच एजेंसियों के लिए शुरुआती स्तर पर संदिग्ध व्यक्ति तक पहुंचना पहले की तुलना में अधिक जटिल हो सकता है। वहीं, बड़े ब्रांड और कंपनियों के नाम से मिलते-जुलते यूजरनेम बनाकर ग्राहकों को धोखा देने की कोशिश भी बढ़ सकती है। इससे कंपनियों की साख और ग्राहकों दोनों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसलिए सरकार इस फीचर के हर पहलू की गहराई से समीक्षा कर रही है।