Bhopal Double Murder Update : मध्य प्रदेश। भोपाल के ऐशबाग थाना क्षेत्र स्थित सुदामा नगर की आंबेडकर कॉलोनी में बुजुर्ग दंपती हेमंत फिलेमोन और उनकी पत्नी शकुंतला बारीक की हत्या के मामले में पुलिस की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। इस सनसनीखेज वारदात के बाद गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर हर पहलू की जांच कर रहा है। शुरुआती जांच में पुलिस का फोकस प्रॉपर्टी विवाद और सुपारी देकर हत्या कराए जाने की आशंका पर है। अधिकारियों का कहना है कि कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं और जल्द ही मामले का खुलासा किया जा सकता है।
मोबाइल डेटा की हो रही जांच
जांच के दौरान पुलिस ने शकुंतला बारीक के भाई विनोद बारीक, उनके समधी मोरिस सोलोमन और मोरिस के बेटे से करीब 12 घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान तीनों के मोबाइल फोन जब्त कर कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल गतिविधियों का विश्लेषण किया गया।
पूछताछ पूरी होने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया, लेकिन पुलिस ने अभी किसी को पूरी तरह संदेह से बाहर नहीं माना है। अधिकारियों के अनुसार, मोबाइल डेटा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच अभी जारी है और इन्हीं के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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किराएदार के अचानक गायब होने से जांच में नया मोड़
पुलिस जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि दंपती के मकान में रहने वाला एक किराएदार घटना से करीब चार दिन पहले अचानक लापता हो गया था। उसका सामान अभी भी मकान में रखा हुआ है, जिससे पुलिस इस पहलू को भी गंभीरता से देख रही है।
जांच एजेंसियों का मानना है कि किराएदार से पूछताछ होने पर मामले से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल उसकी तलाश की जा रही है और उसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
CCTV फुटेज और डिजिटल ट्रांजेक्शन बने अहम सुराग
घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में दो संदिग्ध युवक रेनकोट और ग्लव्स पहने हुए दिखाई दिए हैं। पुलिस ने इलाके के अन्य कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाली। इसी दौरान एक शराब दुकान की फुटेज सामने आई, जिसमें संदिग्ध हुलिए का एक युवक खरीदारी करता दिखाई दिया।
पुलिस के अनुसार, उसने भुगतान ऑनलाइन किया था। इसी डिजिटल लेनदेन के आधार पर एक संदिग्ध की पहचान की गई है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है और उम्मीद जताई जा रही है कि इससे जांच को महत्वपूर्ण दिशा मिल सकती है।
12 सदस्यीय SIT कर रही बहुस्तरीय जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नरेट ने एडिशनल डीसीपी रश्मि अग्रवाल के नेतृत्व में 12 सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। इस टीम में दो एसीपी के अलावा क्राइम ब्रांच और स्थानीय थाना पुलिस के अधिकारी शामिल हैं।
एसआईटी सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, डिजिटल ट्रांजेक्शन, तकनीकी साक्ष्य और संबंधित लोगों के बयानों का मिलान कर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच प्रॉपर्टी विवाद, सुपारी किलिंग और अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखकर की जा रही है।
पुलिस का दावा – जल्द होगा मामले का खुलासा
एडिशनल पुलिस कमिश्नर शैलेंद्र सिंह चौहान के अनुसार, जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। पुलिस सभी संभावित पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है और तकनीकी साक्ष्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।
उनका कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास तेजी से जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही संदिग्धों की गिरफ्तारी होगी और इस चर्चित हत्याकांड का पूरा खुलासा किया जाएगा।