Gold-Silver-Stock Market Today : मुंबई। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक बाजारों पर साफ नजर आने लगा है। एक तरफ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हालात बिगड़ने से कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है, वहीं दूसरी ओर सोना-चांदी और शेयर बाजार दबाव में नजर आए। निवेशकों में अनिश्चितता बढ़ने से अलग-अलग सेक्टर में अलग-अलग रुझान देखने को मिल रहे हैं।
तेल बाजार में उछाल, सप्लाई की चिंता बढ़ी
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट के लगभग बंद होने की खबर से ग्लोबल ऑयल मार्केट में तेज हलचल देखने को मिली। सप्लाई बाधित होने की आशंका के चलते अमेरिकी बेंचमार्क WTI क्रूड 7.5 प्रतिशत बढ़कर 90.17 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। वहीं, ब्रेंट क्रूड भी 6.5 प्रतिशत चढ़कर 96.27 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया।
सैन्य तनाव ने बढ़ाई अनिश्चितता
ईरान ने अमेरिका पर सीजफायर उल्लंघन का आरोप लगाया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, गल्फ ऑफ ओमान में अमेरिकी युद्धपोत द्वारा ईरानी जहाज पर कार्रवाई के बाद तनाव और बढ़ गया है। इसके जवाब में ईरान ने भी कड़ी चेतावनी दी है, जिससे क्षेत्र में अस्थिरता और गहराती जा रही है।
सोने में गिरावट, लेकिन निचले स्तर पर खरीदारी
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच सोमवार को सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सुबह 9:50 बजे 5 जून 2026 का गोल्ड कॉन्ट्रैक्ट 1.06 प्रतिशत या 1,641 रुपए गिरकर 1,52,968 रुपए पर आ गया। कारोबार के दौरान सोने ने 1,52,829 रुपए का न्यूनतम और 1,53,251 रुपए का उच्चतम स्तर छुआ। विशेषज्ञों के अनुसार, निचले स्तरों पर खरीदारी की दिलचस्पी बनी हुई है।
गोल्ड के लिए अहम स्तर क्या हैं
विश्लेषकों का मानना है कि यदि सोना 1,55,000 रुपए के स्तर को पार करता है, तो यह 1,57,000 से 1,58,000 रुपए तक जा सकता है। वहीं, अगर यह 1,52,500 रुपए से नीचे टूटता है, तो कीमत 1,51,000 से 1,50,000 और आगे 1,48,000 रुपए तक गिर सकती है।
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चांदी में भी करीब 2% की गिरावट
चांदी की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई। MCX पर 5 मई 2026 का कॉन्ट्रैक्ट 1.96 प्रतिशत या 5,045 रुपए गिरकर 2,52,100 रुपए पर आ गया। कारोबार के दौरान चांदी ने 2,52,016 रुपए का न्यूनतम और 2,54,089 रुपए का उच्चतम स्तर छुआ।
चांदी के लिए सपोर्ट और रेजिस्टेंस
विश्लेषकों के अनुसार, चांदी 2,52,000 रुपए के आसपास बनी हुई है। इसके लिए रुकावट का स्तर 2,55,000 से 2,60,000 रुपए है। अगर यह स्तर टूटता है, तो कीमत 2,68,000 से 2,70,000 रुपए तक जा सकती है। वहीं, 2,48,000 रुपए से नीचे गिरने पर यह 2,44,000 से 2,40,000 रुपए तक आ सकती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी दबाव
वैश्विक स्तर पर भी सोना और चांदी दबाव में रहे। कॉमेक्स पर सोना 1.34 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 4,814 डॉलर प्रति औंस और चांदी 2.25 प्रतिशत गिरकर 80 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।
शेयर बाजार की सपाट शुरुआत
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सोमवार को सपाट रही। सुबह 9:17 बजे सेंसेक्स 137.14 अंक की गिरावट के साथ 78,356.40 पर और निफ्टी 61.65 अंक गिरकर 24,291.50 पर था।
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किन सेक्टरों पर पड़ा ज्यादा असर
बाजार में गिरावट का नेतृत्व मेटल और रियल्टी शेयर कर रहे थे। निफ्टी मेटल और निफ्टी रियल्टी टॉप लूजर्स रहे। इसके अलावा डिफेंस, पीएसई, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, कमोडिटीज और ऑयल एंड गैस सेक्टर भी लाल निशान में थे। वहीं, पीएसयू बैंक, मीडिया और कंजप्शन सेक्टर में हल्की मजबूती देखी गई।
मिडकैप और स्मॉलकैप में तेजी
बड़े शेयरों में दबाव के बीच मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में तेजी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.51 प्रतिशत बढ़कर 60,201.90 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.22 प्रतिशत की बढ़त के साथ 17,604 पर पहुंच गया।
FII और DII का रुख
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने शुक्रवार को 683.20 करोड़ रुपए की खरीदारी की थी। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 4,721.48 करोड़ रुपए की बिकवाली की, जिससे बाजार पर दबाव बना रहा।
आगे भी बनी रह सकती है अस्थिरता
कुल मिलाकर, अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव का असर तेल, सोना-चांदी और शेयर बाजार सभी पर दिख रहा है। होर्मुज स्ट्रेट के बार-बार बंद होने से सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव और बढ़ सकता है।