Aayudh

Categories

DATIYA BYPOLL ELECTION: दतिया उपचुनाव में कांग्रेस का प्लान-B तैयार, मुख्य प्रत्याशी के साथ डमी उम्मीदवार भी भरेगा फॉर्म; जानिए कौन होगा कैंडिडेट?

DATIYA BY ELECTION

DATIYA BYPOLL ELECTION: मध्यप्रदेश। दतिया विधानसभा सीट के उपचुनाव को लेकर कांग्रेस की तैयारियां लगातार जारी है। इसी बिच पार्टी ने अब एक और नया फैसला लिया है, जिसके चलते मुख्य प्रत्याशी के साथ अब डमी उम्मीदवार भी फॉर्म भरेगा।

कांग्रेस पहले भी ऐसी गलतियों का नुकसान उठा चुकी है। राज्यसभा चुनाव और इंदौर लोकसभा चुनाव में डमी फॉर्म नहीं भरने की वजह से पार्टी को मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। इसी अनुभव को देखते हुए इस बार दतिया उपचुनाव में पहले से ही प्लान-B तैयार रखा गया है।

पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि मुख्य प्रत्याशी के साथ डमी उम्मीदवार का फॉर्म भी भरा जाएगा। अगर किसी कारणवश मुख्य उम्मीदवार चुनाव नहीं लड़ पाता या नामांकन में कोई दिक्कत आती है, तो डमी उम्मीदवार को मैदान में उतारा जाएगा।

MP BJP ORCHHA MEETING: ओरछा में जुटेंगे भाजपा के दिग्गज, 18-19 जुलाई को प्रदेश कार्यसमिति की अहम बैठक

उम्मीदवारों के नाम पर जल्द फैसला

दतिया सीट पर मुकाबला मुख्य रूप से बीजेपी और कांग्रेस के बीच माना जा रहा है। वहीं, आजाद समाज पार्टी से दामोदर यादव भी चुनावी मैदान में हैं। बीजेपी और कांग्रेस दोनों में टिकट को लेकर मंथन जारी है। माना जा रहा है कि एक-दो दिन में दोनों दल अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर सकते हैं।

बीजेपी की ओर से पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का नाम सबसे मजबूत माना जा रहा है। वहीं कांग्रेस में राजेंद्र भारती की पत्नी, अवधेश नायक और घनश्याम सिंह प्रमुख दावेदार बताए जा रहे हैं।

Bhopal News: त्रिलंगा-शाहपुरा में ट्रैफिक पुलिस का एक्शन, 28 वाहनों के काटे चालान; मॉडिफाइड साइलेंसर वाली बुलेट भी जब्त

दिग्गज नेताओं ने संभाला मोर्चा

उपचुनाव को लेकर दोनों दलों के वरिष्ठ नेता भी दतिया पहुंचने लगे हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पहले ही चुनाव प्रचार की शुरुआत कर चुके हैं। वहीं बीजेपी ने अभी उम्मीदवार घोषित नहीं किया है, लेकिन नरोत्तम मिश्रा और उनके समर्थक क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। जिसके चलते यह कयास लगाए जा रहे हैं कि पार्टी की कमान उनके हाथों में सौंपी जा सकती है।

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि दतिया उपचुनाव अब दोनों प्रमुख दलों की प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है। इसलिए उम्मीदवारों के चयन से लेकर चुनाव प्रचार तक हर कदम बेहद सोच-समझकर उठाया जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *