Bhopal Fake Currency : भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में नकली नोटों के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। कोहेफिजा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 1 लाख 40 हजार रुपये के नकली नोटों के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान पश्चिम बंगाल निवासी सैम्युल उर्फ सैफुल के रूप में हुई है। पुलिस जांच में उसके विदेशी कनेक्शन, साइबर ठगी और फर्जी बैंक खातों से जुड़े कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
सेफिया कॉलेज के पास पुलिस ने पकड़ा आरोपी
कोहेफिजा पुलिस ने आरोपी को भोपाल के सेफिया कॉलेज इलाके से गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी लंबे समय से भोपाल में रह रहा था और करेंसी एक्सचेंज का काम भी करता था। शुरुआती जांच में पुलिस को शक है कि आरोपी अब तक बड़ी मात्रा में नकली नोट बाजार में खपा चुका है।
पश्चिम बंगाल से लाई गई थी नकली नोटों की खेप
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी नकली नोटों की खेप पश्चिम बंगाल से भोपाल लेकर आया था। पूछताछ में उसने कबूल किया कि उसे ये नकली नोट किसी अन्य व्यक्ति ने दिए थे। अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। इसके लिए भोपाल पुलिस की एक टीम जल्द पश्चिम बंगाल रवाना हो सकती है।
विदेशी ट्रांजेक्शन और अंतरराष्ट्रीय लिंक की जांच
जांच एजेंसियों को आरोपी के बैंक अकाउंट में विदेशी ट्रांजेक्शन मिलने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि किन-किन देशों से लेनदेन हुआ था। आरोपी के मोबाइल फोन से अमेरिका का ISD नंबर भी मिला है। इसके अलावा वह पहचान छिपाने के लिए यूके की सिम कार्ड का इस्तेमाल करता था।
व्हाट्सएप कॉल के जरिए होता था संपर्क
पुलिस के अनुसार, आरोपी ज्यादातर बातचीत व्हाट्सएप कॉल के जरिए करता था। विदेशी सिम कार्ड का उपयोग कर वह अपनी पहचान और लोकेशन छिपाने की कोशिश करता था। पुलिस को शक है कि उसका नेटवर्क देश के बाहर भी फैला हो सकता है।
पाकिस्तानी कागज पर छपे थे नकली नोट
पूछताछ में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। आरोपी ने बताया कि नकली नोट विशेष प्रकार के कागज पर छापे गए थे, जिसे पुलिस पाकिस्तानी कागज से जोड़कर जांच कर रही है। हालांकि इस संबंध में अभी आधिकारिक पुष्टि बाकी है। फॉरेंसिक जांच के लिए नोटों के सैंपल भेजे गए हैं।
साइबर ठगी से भी जुड़े मिले तार
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी केवल नकली नोटों का कारोबार ही नहीं करता था, बल्कि साइबर ठगी से जुड़े फर्जी बैंक खाते उपलब्ध कराने का काम भी करता था। पुलिस को शक है कि यह नेटवर्क ऑनलाइन फ्रॉड और हवाला जैसी गतिविधियों से भी जुड़ा हो सकता है।
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भोपाल में किराए के मकान से चला रहा था नेटवर्क
आरोपी भोपाल की गुलमोहर कॉलोनी में किराए के मकान में रह रहा था। बताया जा रहा है कि वह पिछले दो साल से राजधानी में सक्रिय था और यहीं से पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा था। पुलिस अब उसके संपर्कों और आर्थिक लेनदेन की गहराई से जांच कर रही है।
पुलिस जल्द कर सकती है बड़ा खुलासा
कोहेफिजा पुलिस का कहना है कि मामले की जांच तेजी से जारी है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने अब तक कितने नकली नोट बाजार में चलाए और किन लोगों तक यह नेटवर्क पहुंचा।