Ram Mandir CEO: राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO बने रि. एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा, ऑपरेशन सिंदूर में थी अहम भूमिका
Ram Mandir CEO: राम मंदिर ट्रस्ट के नए CEO का ऐलान कर दिया गया है। भारतीय वायुसेना के रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को ट्रस्ट के CEO की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

Ram Mandir CEO: राम मंदिर ट्रस्ट के नए CEO का ऐलान हो गया है। भारतीय वायुसेना के रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को यह जिम्मेदारी मिली है। एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वेस्टर्न कमांड की कमान संभाली थी।
कौन हैं एयर मार्शल जितेंद्र शर्मा?
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यपालक अधिकारी यानी सीईओ बनाया गया है। वह भारतीय वायुसेना के रिटायर्ड एयर मार्शल हैं। एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने वेस्टर्न एयर कमांड को संभाला है। एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा वर्ष 1986 में भारतीय वायु सेना में कमीशन हुए थे। एयर फोर्स में वे फाइटर पायलट और टेस्ट पायलट रहे। उनके पास 3000 घंटे से ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने 18 से ज्यादा तरह के फाइटर, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टर उड़ाए हैं।
39 साल का सेवाकाल
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने करीब 39 साल तक सैन्य सेवा की। वे नेशनल डिफेंस एकेडमी पुणे के पूर्व छात्र हैं। वे एयर फोर्स टेस्ट पायलट्स स्कूल, एयर कमांड एंड स्टाफ कॉलेज, मोंटगोमरी, अलबामा और रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज के भी पूर्व छात्र हैं। 30 अप्रैल 2026 को रिटायर हुए एयर मार्शल को सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा वे अति विशिष्ट सेवा मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल भी हासिल चुके हैं।
ऑपरेशन सिंदूर में संभाली थी कमान
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान आसमान में कमान संभाली थी। पुलवामा में निर्दोष भारतीयों पर आतंकी हमले के बाद बड़ा एक्शन हुआ था। ऑपरेशन सिंदूर में उनके बेहतरीन प्रदर्शन के उन्हें 'सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल' मिला। यह एक खास तरह का सम्मान है जो युद्ध का संचालन करने के लिए दिया जाता है। यह संघर्ष के दौरान बेहतरीन सेवा के लिए देश का सबसे बड़ा सम्मान है। इसका मानक इतना ऊंचा है कि 46 सालों में यह केवल दस बार ही दिया गया है।
कड़ी चयन प्रक्रिया के बाद हुआ अंतिम फैसला
राम मंदिर ट्रस्ट के पहले सीईओ की नियुक्ति के लिए एक उच्च स्तरीय चयन समिति बनाई गई थी। इसमें रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और विशेषज्ञ सदस्य सुरेश हावरे शामिल थे। चयन प्रक्रिया के दौरान शुरुआत में 16 योग्य आवेदकों को शॉर्टलिस्ट कर उनके इंटरव्यू लिए गए। इसके बाद पूर्व आईएएस अधिकारी दिनेश चंद्र और योगेश्वर मिश्रा समेत 6 प्रमुख नामों का पैनल तैयार कर ट्रस्ट को भेजा गया था। अंततः ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के आवास पर हुई अहम बैठक में सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के नाम पर अंतिम मुहर लगाई गई।
नए सीईओ के मुख्य दायित्व और प्रशासनिक काम
अयोध्या में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए सीईओ की जिम्मेदारी बेहद अहम होगी। नए कार्यपालक अधिकारी का मुख्य काम मंदिर का दैनिक प्रशासन संभालना, अलग-अलग विभागों के बीच आपसी समन्वय बनाना, कर्मचारियों के कामकाज पर नजर रखना और देश-दुनिया से आ रहे श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाना होगा। इसके साथ ही, ट्रस्ट अपने प्रशासनिक नियमों और डीड में कुछ जरूरी बदलाव भी कर रहा है। नए सीईओ इन व्यवस्थाओं को लागू करके संस्थागत रूप देने का काम करेंगे।