MP में लगा कचरे का ढेर, आज पानी सप्लाई भी बंद; सफाई कर्मचारी बोले- मांगे नहीं मानी तो काम पर नहीं लौटेंगे
भोपाल से प्रतिदिन करीब 850 टन कचरा निकलता है। शहर के 17 गार्बेज स्टेशनों से इसे कैप्सूल टैंकरों के जरिए आदमपुर छावनी भेजा जाता है। हड़ताल के कारण सड़कों, बाजारों और गली-मोहल्लों में कचरे के ढेर लगने लगे हैं।
MP News: मध्य प्रदेश में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का असर अब शहरों की सफाई व्यवस्था के साथ पेयजल सप्लाई पर भी पड़ने लगा है। वेतन बढ़ाने, नियमित करने और अनुकंपा नियुक्ति समेत चार मांगों को लेकर प्रदेशभर के एक लाख से ज्यादा कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। भोपाल में गुरुवार से शुरू हुई हड़ताल शुक्रवार को भी जारी है। शहर में लगातार दूसरे दिन कचरा नहीं उठा। वहीं, जलप्रदाय विभाग के कर्मचारियों के शामिल होने से पानी की सप्लाई प्रभावित होने लगी है।
मानदेय 25 हजार तक करने की मांग
अखिल भारतीय सफाई मजदूर ट्रेड यूनियन (7262) के प्रदेश अध्यक्ष मगनलाल झांझोट के मुताबिक, कर्मचारियों का वेतन 10,500 रुपए से बढ़ाकर 25 हजार रुपए किया जाए। इसके अलावा नियमित सरकारी कर्मचारी का दर्जा, ठेका प्रथा खत्म करने और अनुकंपा नियुक्ति की मांग भी शामिल है। कर्मचारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात के बाद ही हड़ताल खत्म करने पर फैसला लिया जाएगा।
400 से ज्यादा कचरा गाड़ियां खड़ी
भोपाल में करीब 7 हजार सफाईकर्मी और अन्य विभागों के हजारों कर्मचारी हड़ताल में शामिल हैं। शहर के 85 वार्ड और 21 जोन में काम प्रभावित है। घरों से कचरा उठाने वाली 400 से ज्यादा गाड़ियां गार्बेज स्टेशनों पर खड़ी हैं। सामान्य दिनों में ये गाड़ियां रोज दो से तीन चक्कर लगाती हैं।
भोपाल से प्रतिदिन करीब 850 टन कचरा निकलता है। शहर के 17 गार्बेज स्टेशनों से इसे कैप्सूल टैंकरों के जरिए आदमपुर छावनी भेजा जाता है। हड़ताल के कारण सड़कों, बाजारों और गली-मोहल्लों में कचरे के ढेर लगने लगे हैं।
नल सप्लाई और टैंकर परिवहन बंद
सफाईकर्मियों के समर्थन में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी भी उतर आए हैं। इनमें कंप्यूटर ऑपरेटर, बाबू, जलप्रदाय, फायर, विद्युत, उद्यान और अन्य विभागों के कर्मचारी शामिल हैं। शुक्रवार को कई इलाकों में नल नहीं खुले। टैंकर से पानी पहुंचाने का काम भी बंद रहा। इससे गरीब बस्तियों में पानी की परेशानी बढ़ गई है। भोपाल में 2.30 लाख से ज्यादा नल कनेक्शन हैं।
कर्मचारियों की हड़ताल से नगर निगम मुख्यालय अटल भवन में भी कामकाज ठप हो गया है। कर्मचारी नेता अशोक वर्मा ने गुरुवार को बिजली सप्लाई बंद कर भवन में ताला लगा दिया था।
सिरोंज में विधायक ने लगाई झाड़ू
हड़ताल का असर भोपाल के अलावा शिवपुरी, विदिशा समेत कई शहरों में भी दिखाई दे रहा है। शिवपुरी नगर पालिका के करीब 350 कर्मचारी हड़ताल पर हैं। विदिशा जिले के सिरोंज में विधायक उमाकांत शर्मा ने बुधवार रात करीब दो घंटे तक सड़क पर झाड़ू लगाकर सफाई की। वहीं, राजगढ़ के खिलचीपुर में दुकानदार दिनेश कुमार नामदेव ने बाजार की सफाई की।
शुक्रवार को सफाईकर्मियों की कमिश्नर के साथ बैठक प्रस्तावित है। इसमें मांगों पर चर्चा होगी। हालांकि, यूनियन ने साफ किया है कि मुख्यमंत्री से मुलाकात और मांगों पर ठोस फैसला होने तक आंदोलन जारी रहेगा।