Female Sleeper Cell Arrested Update : जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से कथित संपर्क के मामले में गिरफ्तार महिला से पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आने का दावा किया गया है। राजस्थान एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) और सेना की गुप्तचर शाखा ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 20 जून को महिला को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसियों का आरोप है कि महिला सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान स्थित आतंकी हैंडलरों के संपर्क में आई थी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और सभी तथ्यों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
ऑनलाइन संपर्क और निकाह की जांच
जांच एजेंसियों के अनुसार, पूछताछ में महिला ने स्वीकार किया कि वह सोशल मीडिया के जरिए कथित तौर पर जैश-ए-मोहम्मद के एक हैंडलर के संपर्क में आई थी। आरोप है कि उसने पाकिस्तान में मौजूद आतंकी संगठन से जुड़े बताए जा रहे अबू उबेदाह नामक व्यक्ति से ऑनलाइन निकाह किया था।
जांच में यह भी सामने आया है कि महिला ने कथित तौर पर ऑनलाइन धार्मिक शिक्षा प्राप्त की और बाद में अपना नाम बदलकर खदिजा रख लिया। हालांकि इन सभी तथ्यों की पुष्टि जांच एजेंसियां डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कर रही हैं।
पहलगाम हमले के बाद बढ़ा कथित संपर्क
एटीएस के अनुसार, पूछताछ में महिला ने बताया कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद उसने इंटरनेट पर पाकिस्तान और आतंकी संगठनों से जुड़ी सामग्री पढ़नी शुरू की। इसके बाद वह कथित रूप से जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े लोगों के संपर्क में आई।
जांच एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि क्या महिला भारत में अन्य लोगों को भी इस नेटवर्क से जोड़ने का प्रयास कर रही थी। फिलहाल इस संबंध में जांच जारी है और एजेंसियां डिजिटल साक्ष्य जुटा रही हैं।
पाकिस्तान जाने की कथित तैयारी
एफआईआर और जांच में शामिल अधिकारियों के अनुसार, महिला पाकिस्तान जाने की योजना बना रही थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि उसे सऊदी अरब या संयुक्त अरब अमीरात के रास्ते पाकिस्तान पहुंचने की कथित सलाह दी गई थी। इसी सिलसिले में वह पासपोर्ट बनवाने की कोशिश भी कर रही थी। जांच एजेंसियां इस पहलू की भी विस्तार से पड़ताल कर रही हैं।
मोबाइल फोन से मिले अहम सुराग
राजस्थान एटीएस के पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने बताया कि महिला मोबाइल फोन पर व्हाट्सएप और अन्य इंटरनेट प्लेटफॉर्म के माध्यम से कथित तौर पर आतंकी नेटवर्क से संपर्क में थी। महिला का मोबाइल फोन फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
शुरुआती जांच में कई संदिग्ध पाकिस्तानी मोबाइल नंबर मिलने की बात सामने आई है। अब जांच एजेंसियां चैट, कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल गतिविधियों की विस्तार से जांच कर रही हैं।
पुलिस रिमांड में जारी है पूछताछ
गिरफ्तार महिला फिलहाल पुलिस रिमांड पर है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां उसके संपर्कों, डिजिटल नेटवर्क और कथित गतिविधियों से जुड़े हर पहलू की जांच कर रही हैं।
अधिकारियों का कहना है कि मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और सभी साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल महिला के खिलाफ लगाए गए आरोपों की न्यायिक प्रक्रिया जारी है और दोष सिद्ध होने या न होने का फैसला अदालत करेगी।