West Bengal UCC : पश्चिम बंगाल में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर सियासी सरगर्मियां बढ़ गई हैं। राज्य सरकार के मंत्री शंकर घोष ने दावा किया है कि यूसीसी राज्य के सबसे अहम विधेयकों में शामिल है और इसे विधानसभा में पेश करने का फैसला लिया गया है। अगर यह कानून बनता है तो पश्चिम बंगाल भी यूसीसी लागू करने वाले राज्यों की सूची में शामिल हो सकता है।
यूसीसी पर सरकार ने बढ़ाए कदम
राज्य मंत्री शंकर घोष ने कहा कि यूनिफॉर्म सिविल कोड पश्चिम बंगाल के लिए एक ऐतिहासिक फैसला साबित हो सकता है। उन्होंने बताया कि सरकार राज्य में सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक कानून लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है और इस संबंध में विधेयक विधानसभा में लाने का निर्णय लिया गया है।
आखिर UCC है क्या?
यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी ऐसा कानून, जिसमें विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और संपत्ति जैसे नागरिक मामलों में सभी नागरिकों के लिए एक समान नियम लागू हों। अभी अलग-अलग धर्मों के लोगों पर अलग-अलग व्यक्तिगत कानून लागू होते हैं।
दूसरे राज्यों से क्या है स्थिति?
उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जहां यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू किया जा चुका है। इसके बाद गुजरात और असम की भाजपा सरकारों ने भी अपनी विधानसभाओं में यूसीसी से
जुड़े प्रावधानों वाले विधेयक पेश किए हैं। अब पश्चिम बंगाल भी इस दिशा में आगे बढ़ने की तैयारी में है।
अब सबकी नजर विधानसभा पर
अगर यह विधेयक विधानसभा से पास होकर कानून बन जाता है, तो पश्चिम बंगाल यूसीसी लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाने वाला चौथा भाजपा शासित राज्य होगा। फिलहाल इस प्रस्ताव को लेकर राजनीतिक और कानूनी हलकों में चर्चा तेज है और सभी की नजर सरकार के अगले कदम पर टिकी है।